GLIBS
03-12-2019
तीन बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई, पकड़ी करोड़ों की टैक्स चोरी

रायपुर। प्रदेश की जीएसटी टीम ने मंगलवार को तीन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई कर करोड़ों रुपए  की टैक्स चोरी पकड़ी है। तीन जिलों में छापा मारकर तीनों संस्थानों से 8 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम रिटर्न फाइल  पूर्ण कराई है। इस कार्रवाई से छत्तीसगढ़ के व्यवसायियों में खौफ है। प्रदेश की टैक्स कमिश्नर रीना बाबासाहेब कंगाले के निर्देश पर प्रदेश के जीएसटी विभाग के संयुक्त आयुक्त गोपाल वर्मा के नेतृत्व में 15 सदस्यीय 3 समूहों द्वारा 3 डीलर्स मेसर्स सोमनाथ आयरन एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड रायपुर, मेसर्स एंड  सिनर्जी लिमिटेड रायगढ़ एवं मेसर्स ग्राण्ड कार्स प्राईवेट लिमिटेड कोरबा में दबिश देकर जांच की गई। जांच में 6 करोड़ का चेक एक करोड़ का कैश डिपाजिट और 1.4 करोड़ रुपए जमा कराकर रिटर्न फाइल जमा कराई। जानकारी के अनुसार मेसर्स सोमनाथ आयरन एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड रायपुर आयरन स्टील निर्माण एवं खरीदी-बिक्री करता है। वर्ष 2015-16 में व्यापारी द्वारा प्रवेशकर विवरणी अनुसार कुल क्रय 13.10.30,189.00 रुपए है तथा प्रस्तुत स्टॉक अनुसार कुल क्रय  4,59,73,692.00 रुपए है। यानी क्रय एवं प्रस्तुत स्टॉक के कुल क्रय में बड़ा अंतर है। साथ ही फर्म ने जून 2019 से अक्टूबर 2019 तक मासिक विवरणी प्रस्तुत नहीं किया था। व्यवसायी ने तत्काल 2 करोड़ का चेक प्रदान किया। इसी तरह मेसर्स इंड्स सिनर्जी लिमिटेड रायगढ़ आयरन ओर, कोल आदि का व्यवसाय करता है। वर्ष 2013-14 में व्यवसायी द्वारा प्रस्तुत की गई विवरणी अनुसार कुल टर्नओव्हर 2.79,54,825.00 रुपए है, जबकि स्टॉक सूची अनुसार कुल टर्नओव्हर 3,75,99,274.00 रुपए है। दोनों के बीच की राशि में भी काफी अंतर है। फर्म ने माह अक्टूबर 2019 का मासिक विवरणी भी प्रस्तुत नहीं की थी। यहां व्यवसायी ने तत्काल एक करोड़ रुपए कैश आनलाइन जमा किया। साथ ही 4 करोड़ का चेक प्रदान किया। इसी तरह कोरबा का फर्म मेसर्स ग्राण्ड कार्स प्रा.लि. चारपहिया वाहन एवं स्पेयर पाट्र्स का क्रय-विक्रय करता है। फर्म ने जुलाई 2017 से मई 2019 तक 8,80,76,660.00 रुपए की देयता दर्शाकर  9,00,56,441.00 रुपए का आईटीसी क्लेम किया है जबकि उक्त अवधि में नगद भुगतान शून्य है। साथ ही व्यवसायी ने जुलाई से अक्टूबर 2019 तक विवरणी प्रस्तुत नहीं की थी। व्यवसायी से तत्काल 1.04 करोड़ रुपए जमा कराकर रिटर्न फाइल कराया गया। जांच टीम तीनों फर्मों के जब्त दस्तावेजों का परीक्षण कर रही है।

 

03-12-2019
संयुक्त टीम ने साप्ताहिक बाजार में जब्त किए प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग

कांकेर। इन दिनों नगर पंचायत नरहरपुर की संयुक्त टीम साप्ताहिक बाजार में लगातार प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग जब्ती की कार्रवाई कर रही है। लगातार कार्रवाई से साप्ताहिक बाजार में मचा हड़कंप मचा है। साथ ही यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने सड़क पर दुकान लगाने वाले के ऊपर भी चालानी कार्रवाई की गई एवं सड़क पर दुकान नहीं लगाने ही हिदायत दी गई। ज्ञात हो कि आज नगर का सबसे बड़ा साप्ताहिक बाजार लगता है जिसमें आसपास क्षेत्र के लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं। आज फिर नगर पंचायत नरहरपुर की संयुक्त टीम द्वारा बाजार में प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग जब्त करने पहुंची। टीम ने  दुकानों से लगभग 4000 रुपए जुर्माना एवं 3 किलो  प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग जब्त किया।  कार्रवाई के दौरान सीएमओ श्यामलाल पाण्डेल, उपअभियंता गोविंदा देवांगन , लेखापाल ऋषभ सिंह, सहायक ग्रेड 03 पार्वती साहू, पीआईयू गिरीश श्रीवास, प्रभारी सफाई दरोगा अजय जायसवाल, लिपिक उत्तम सिन्हा, दुर्गेश ठाकुर, वाहन चालक धर्मेंद्र साहू, सुखऊ राम निषाद, चमर सिंह यादव, शिव कल्लो, पंकज कल्लो, नेहरू कावड़े मौजूद थे। इस संबंध में नगर पंचायत नरहरपुर के सीएमओ श्यामलाल पाण्डे ने कहा कि पिछले सप्ताह की तुलना में इस बार सभी दुकानदारों में जागरुकता आई है। धीरे-धीरे सभी दुकानदार जागरूक हो जाएंगे। समझाइश के बाद भी यदि प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग करते पाए गए तो उसके ऊपर चालानी कार्रवाई की जाएगी।


     

03-12-2019
सारकेगुड़ा मामले में राज्यपाल से मिले कांग्रेस के आदिवासी नेता, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम एवं मंत्री कवासी लखमा के नेतृत्व में आदिवासी नेताओं का प्रतिनिधिमंडले सारकेगुड़ा के गुनाहगारों और उनको संरक्षण देने वालों पर कड़ी कार्यवाही की मांग को लेकर राज्यपाल अनुसूइया उईके से मिला। प्रतिनिधिमंडल में बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, दंतेवाड़ा विधायक देवती कर्मा, नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, अंतागढ़ विधायक अनुपनाग, कांकेर विधायक शिशुपाल सोरी, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह, सिहावा विधायक लक्ष्मी धु्रव शामिल थे। राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पूर्ववर्ती सरकार की गलत नीतियों के कारण बेकाबू हो गया है। इसमें लगाम लगाने की कोई ठोस नीति तैयार नहीं की गई, बल्कि सीधे-सीधे ग्रामीण आदिवासियों को निशाना बनाया गया, जिसका स्पष्ट उदाहरण है सारकेगुड़ा फर्जी मुठभेड़ की न्यायिक जांच रिपोर्ट। सारकेगुड़ा न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट में हुए खुलासे से स्पष्ट हो गया है कि 28-29 जून 2012 की रात निर्दोष आदिवासियों की नृशंस हत्याएं हुई। कांग्रेस पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि 28-29 जून 2012 की रात बासागुड़ा थाना अंतर्गत सारकेगुड़ा, बीजपण्डुम में बैठक कर रहे महिलाओं, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का मार डाला गया था। इस दौरान 16 लोगों को रात में ही और 1 की सुबह हत्या कर दी गई थी। कांग्रेस ने लगातार राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मामले उठाते हुये निर्दोष आदिवासियों को न्याय दिलाने की मांग करते आ रही है और इस न्यायिक जांच रिपोर्ट से कांग्रेस पार्टी का आरोप सही साबित हुआ है। अत: कांग्रेस पार्टी इस ज्ञापन के माध्यम से आदिवासियों के हत्यारों एवं उनको सरंक्षण देने वालों पर कड़ी कार्यवाही की मांग करती है। 

राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के साथ आदिवासी विधायकों के जनप्रतिनिधि मंडल ने आज मंगलवार को दोपहर 12:00 बजे राज्यपाल अनुसुईया उइके से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल से सारकेगुड़ा मामले में जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग की। राज्यपाल से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि सारकेगुड़ा नरसंहार मामले में जांच आयोग की रिपोर्ट आने के बाद आज राज्यपाल से मुलाकात कर इस मामले में दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही पीड़ित परिवार के परिजनों को 20-20 लख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने सहित परिवार के एक -एक व्यक्ति को शासकीय नौकरी देने की मांग की गई है।  पिछली सरकार ने इस मामले में किसी भी प्रकार की कार्रवाही नहीं की, आज जांच आयोग की रिपोर्ट आने के बाद मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिये कांग्रेस पार्टी मांग करते आ रही है। राज्यपाल ने मामले में पीड़ित परिवार के साथ न्याय का आश्वासन दिया है। मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 2012 से अब तक इस मामले में लड़ाई लड़ी। मैं स्वयं इस मामले की जांच कमेटी का प्रमुख रहा और तीन बार सारकेगुड़ा गया। हमारे निर्दोश आदिवासी हमारी परंपरा और त्यौहार मनाने बैठे थे, इस दौरान निर्दोष आदिवासियों को गोलियों से भूना गया। इस मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग राज्यपाल से की गई। तत्कालीन सरकार के मुखिया और अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है। बस्तर में ऐसे कई मामले हुए हैं, बस्तर से आदिवासियों ने पलायन किया है, इसकी रिपोर्ट भी तैयार कर राज्यपाल को सौंपी जाएगी। 

01-12-2019
आठवीं की अंग्रेजी की किताब नहीं पढ़ पाईं शिक्षिकाएं, हुई यह कार्रवाई

उन्नाव। उन्नाव जिले में कलेक्टर के सामने कक्षा आठ की अंग्रेजी की किताब न पढ़ पाने वाली दोनों शिक्षिकाओं को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। सिकंदरपुर सरोसी ब्लाक के गांव चौरा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय का कलेक्टर देवेंद्र कुमार पांडेय व बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने औचक निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने कक्षा 6 की छात्राओं से हिंदी की किताब पढऩे को कहा, लेकिन चार में से केवल एक ही छात्रा आसानी से पढ़ पाई। वहीं कक्षा आठ की छात्राएं अंग्रेजी की किताब खोले बैठी थीं। कलेक्टर ने छात्राओं से किताब पढ़ाई लेकिन वे नहीं पढ़ पाईं। बाद में सहायक शिक्षिका राजकुमारी व प्रधान शिक्षिका सुशीला भारती को किताब पढऩे  कहा तो वे भी नहीं पढ़ पाईं थीं। शिक्षा की गुणवत्ता खराब देख नाराज हुए डीएम ने बीएसए को दोनों शिक्षिकाओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए। बीएसए ने बताया कि डीएम के निर्देश पर दोनों शिक्षिकाओं का निलंबन कर दिया गया है। विद्यालय में और शिक्षक न होने से उन्हें उसी स्कूल में ही अटैच किया गया है।

01-12-2019
कॉलोनीवासियों ने नेताओं को घुसने तक नहीं दिया, कहा  दिलासा नहीं एक्शन चाहिए

हैदराबाद। महिला वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप के बाद हत्या और फिर लाश को जला देने के घटना के बाद लोगों का गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा है। पीडि़त परिवार की कॉलोनी में लोग लगातार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। रविवार को कई नेता पीडि़ता के परिवार से मिल कर दिलासा देना चाह रहे थे, लेकिन कॉलोनी के लोगों ने मेन गेट को ही बंद कर दिया। लोगों के हाथों में तख्तियां थी जिस पर लिखा था- नो मीडिया, नो पुलिस, नो आउटसाइडर्स, नो सिमपैथी, ओनली एक्शन, जस्टिस। यहां के लोग नहीं चाहते हैं कि बाहरी लोग इनकी कॉलोनी में आए। ये लोग परिवारवालों के लिए सिर्फ और सिर्फ न्याय की मांग कर रहे हैं। यहां मीडिया की एंट्री पर भी रोक लगा दी गई है।लोग इस बात से नाराज हैं कि वहां के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने अभी तक इतनी बड़ी घटना पर क्यों नहीं कुछ कहा है। कॉलोनी की एक महिला ने कहा कि पुलिस ने चार अपराधियों को पकड़ा है और उन्होंने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है। मंत्रियों को तुरंत न्याय दिलाना चाहिए। सीपीआई(एम) के पूर्व एमलए जे रंगा रेड्डी और उनके समर्थक भी परिवार से मिलने गए थे। लेकिन उन्हें मेन गेट से ही वापस भेज दिया गया। उन्होंने भी मांग की है कि मुख्यमंत्री को इस केस में तुरंत एक्शन लेना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए पुलिस की त्वरित कार्रवाई को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं। गौरतलब है कि सरकारी अस्पताल में काम करने वाली वेटनरी डॉक्टर से गुरुवार रात शहर के बाहरी इलाके में चार लोगों ने बलात्कार करके उसकी हत्या कर दी थी। बाद में 25 वर्षीया इस महिला का झुलसा हुआ शव बरामद हुआ था। मामले के चार आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया।  

30-11-2019
प्रशासनिक अधिकारियों से दबंगई कर रहा बिचौलिया गया जेल

रामानुजगंज\बलरामपुर। जिले के झारा चेक पोस्ट पर बिचौलिए को प्रशासन के अधिकारियों के साथ दबंगई करना भारी पड़ गया। एसडीएम ने बिचौलिए को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रशासन की टीम अवैध धान के परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने के मूड में दिख रही है। शनिवार को  छत्तीसगढ़-उत्तरप्रदेश की सीमा से सटे झारा चेक पोस्ट बेरियर पर दबंगई कर रहे पुस्कर निवासी ओमप्रकाश यादव को एसडीएम रामानुजगंज ने धारा 151 के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेजा। चेक पोस्ट बेरियर में तैनात वनपाल से बिचौलिए ने बहस करते हुए उत्तर प्रदेश का अवैध धान छत्तीसगढ़ में परिवहन करने के लिए दबाव बना रहा था। इसकी शिकायत वनपाल ने एसडीएम अजय लकड़ा से की थी और एसडीएम ने सनावल थाने में बिचौलिए के खिलाफ धारा 151 के तहत प्रकरण दर्ज करने का आदेश पुलिस को दिया था। वही पुलिस ने बिचौलिए के खिलाफ धारा 151 के तहत मामला दर्ज कर एसडीएम न्यायालय में प्रकरण पेश किया था। यहां से बिचौलिए को जेल भेज दिया गया।

 

30-11-2019
आखिर दो छात्रों की मौत का जिम्मेदार कौन ? क्या इस प्रकरण में जुर्म दर्ज नहीं होना चाहिए? या फिर लीपापोती होगी?

रायपुर/महासमुंद/ सिरपुर। महानदी के आगोश में आज रायपुर के दो मासूम छात्र समा गए। दोनों की गलती सिर्फ इतनी के वे अपने दोस्तों के साथ आज के दिन को यादगार मनाने गए थे, जो उनके परिजनों के लिए सबसे दुःखद दिन साबित हुआ। माँ बाप ने हंसते हंसते अपने जिगर के टुकड़े को रवाना किया था, जिन्हें नहीं मालूम था कि वे अपने बच्चों को सजा धजा कर भेज तो रहे है पर वे कभी वापस नहीं लौटेंगे? बच्चों को भी क्या पता जिस दिन को खुशियों से सराबोर करने के लिए वे कई दिनों से तैयारी कर रहे थे, मौज मस्ती की प्लानिंग कर रहे हैं वो उनकी ज़िंदगी का आखिरी दिन होगा। पिकनिक मनाना इतना महंगा पड़ेगा न उन मासूम छात्रों को पता था न उनके पालकों को, वरना शायद वे अपने आंखों के तारो को यूं बुझने नहीं भेजते। अब सवाल ये उठता है कि क्या उन बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन है? क्या वो नदी है? जिसने उन बच्चो को निगल लिया? या फिर वे बच्चे हैं, जो नदी में उतरे है? या फिर वे ज़िम्मेदार लोग जो बच्चो को मौत के घाट पर उतार आये?

पिकनिक फ्री में तो ले जाते नहीं है स्कूल वाले, उसके लिए मोटी रकम भी वसूली जाती है। तो फिर 170 बच्चों को नदी के किनारे ले जाने और उन्हें उनके हाल पर छोड़कर खुद पिकनिक मनाने में इतना मशगूल हो जाना कि दो बच्चों की मौत से ही उसके खुमारी टूटे। क्या बच्चों को स्कूल परिसर से बाहर ले जाने के बाद सुरक्षित वापस लौटने की ज़िम्मेदारी उन्हें साथ ले जाने वाले स्टाफ की नहीं थी? क्या स्कूल प्रबंधन इस दुर्घटना के लिए ज़िम्मेदार नहीं है? क्या फिर हम इस कलेजे को चीर कर रख देने वाली लापरवाही को महज दुर्घटना कह कर लीपापोती कर देंगे? क्या फिर हम इसी तरह की दुर्घटना होने के बाद फिर इसी तरह रोयेंगे? और सबसे बड़ी बात क्या सारी औपचारिकताएं उन बच्चों के माता पिता, भाई बहनों, परिजनों के ज़ख्मों पर मरहम लगा पायेगा? क्या रोज़ शाम को उन बच्चों की स्कूल से वापसी पर माँ आंखों में आने वाली चमक दोबारा लौटेगी? क्या अड़ोस पड़ोस के बच्चों को लेने आने वाली स्कूल बस का हर सुबह शाम उन्हें नहीं रुलाएगा? क्या नही रुलाएगा उन दो छात्रों के माता पिता को समझ से परे है। ये दुर्घटना तो सरासर नहीं है? और लापरवाही तो कतई नहीं। ये सरासर जुर्म है और इस पर कठोर कार्रवाई होनी ही चाहिए।

 

29-11-2019
मजिस्ट्रेट जांच में 96 लोगों पर कार्रवाई, 35200 का वसूला जुर्माना

रायपुर। रेलवे स्टेशन परिसर और परिक्षेत्र में  शुक्रवार को विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट विजेंद्र सोनवानी के नेतृत्व में सघन जांच की गई। जांच के दौरान रेलवे परिसर में गंदगी फैलाने वाले 14 व्यक्तियों को रेलवे अधिनियम की धारा 145 के तहत, नो पार्किंग परिक्षेत्र में गाड़ी खड़े करने वाले (चारपहिया 15, दोपहिया 38 और ऑटो 10) 63 लोगों को धारा 159 के तहत,  महिला बोगी में सफर करने वाले 7 व्यक्तियों को धारा 162 के तहत और विकलांग बोगी में सफर करने वाले 11 के विरुद्ध धारा 155 के तहत कार्रवाई कर दंडित किया गया।  रायपुर पोस्ट में कुल 96 प्रकरण दर्ज हुए एवं इस कार्रवाई में जुर्माने के रूप में 35200 रुपए वसूल किए गए। इस दौरान रायपुर पोस्ट के प्रभारी निरीक्षक दिवाकर मिश्रा,  उप निरीक्षक एसके शुक्ला, सउपनी एएस टिंगम एवं 5 बल सदस्यों की अहम भूमिका रही। चारपहिया वाहन में कार्रवाई के लिए जैमर का उपयोग किया जा रहा है ।

 

29-11-2019
सुविधाओं से वंचित कालोनीवासी करेंगे पालिका चुनाव का बहिष्कार!

मुंगेली। मुंगेली नगर में कुछ ऐसी भी कालोनियां है जो मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। प्रशासन द्वारा ऐसी कालोनियां जो निर्धारित मापदंड को पूरा नही करतीं, ऐसी लगभग 19 कालोनियों को अवैध करार दिया है और उनको नोटिस भी जारी किया है। इन कालोनीवासियों ने पालिका चुनाव का बहिष्कार करने का मन बना लिया है। इन्हीं कालोनियों में से एक नगर के साचीपुरम कालोनी के निवासियों ने बताया कि यहां कम से कम 100 मकान हैं जिनको मूलभूत सुविधाएं अभी तक नहीं मिल पाई हैं और न ही उन कालोनाइजरों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है।  हमें जो सुविधाएं मिलनी चाहिए थी वो भी नहीं मिली हैं। दस वर्षों से हम कालोनीवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। चुनाव के समय सिर्फ आश्वासन देकर वोट मांगा जाता है और जीतने के बाद हमारी ओर पलटकर भी नहीं देखते। इसीलिए वार्डवासियों ने चुनाव बहिष्कार करने का मन बना लिया है। इस संबंध में जब संबंधित अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अगर रजिस्ट्री के समय ही नगरपालिका द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करना अनिवार्य कर दिया जाए तो ऐसे कालोनाइजरों पर पकड़ बनाई जा सकती है।

 

29-11-2019
कार्रवाई का खौफ दिखाकर पीयूसी बनाने किया जा रहा मजबूर  

रायगढ़। रायगढ़ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इन दिनों चलित पीयूसी वैन से परेशान हैं। चलित पीयूसी वैन द्वारा पूरे जिले में प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र जारी किया जाता है जिसकी मानीटरिंग परिवहन विभाग द्वारा की जाती है। रायगढ़ में भी स्थाई प्रदूषण जांच केंद्र के साथ ही चलित वैन के माध्यम से पीयूसी बनाए जाते हैं लेकिन इन दिनों पीयूसी चलित वाहन द्वारा सड़क पर लोगों को रोका जा रहा है और उन्हें कार्रवाई का भय दिखाकर पीयूसी बनाने मजबूर किया जा रहा है। जिला परिवहन अधिकारी का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को रोककर उसे पीयूसी बनाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। हां व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह वाहन के साथ समस्त जरूरी दस्तावेज रखे। ऐसा नहीं होने पर सम्बन्धित विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती है। किसी को कार्रवाई का भय दिखाना उचित नही है। जब उन्हें बताया गया कि सड़क पर अचानक वाहन रुकवाकर चलित पीयूसी वैन द्वारा पीयूसी  बनवाने कहा जा रहा है तो उन्होंने इसकी जांच व उचित कार्रवाई करने की बात कही। जिला परिवहन अधिकारी ने जिले के ग्रामीणों से अपील की है कि इस तरह से यदि उन्हें किसी चलित पीयूसी वैन द्वारा परेशान किया जाता है तो वे इसकी शिकायत जिला परिवहन कार्यालय में आकर कर सकते हैं।  

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804