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21-06-2020
डंकनी नदी के तेज बहाव में बही दो बहने, एक का शव बरामद, एक की खोज जारी

दंतेवाड़ा। दो सगी बहनें डंकनी नदी के तेज बहाव में बह गई। एक का शव बरामद किया जा चुका है जबकि दूसरे की तलाश जारी है। मिली जानकारी के अनुसार कटेकल्याण ब्लाक के मथाड़ी गांव की दो सगी बहने रिश्तेदार के घर अंतिम संस्कार में शामिल होने अपने गांव से निकली थी। मगर बीच रास्ते में कटेकल्याण से दंतेवाड़ा की तरफ बहने वाली डंकनी नदी को पार करते वक्त दोनों बहने पानी के तेज बहाव में बह गईं। दोनों में एक बहन का शव 10 किलोमीटर दूर कोड़ेनार थाना क्षेत्र के नाले में ग्रामीणों को मिला जिसकी सूचना ग्रामीणों ने थाने में दी। शव की शिनाख्त की गई तो महिला का नाम मुंगड़ी बताया गया। वहीं दूसरी बहन सुकड़ी की तलाश परिजनों द्वारा नदी किनारे की जा रही है। इधर, पुलिस ने शव का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया है।

11-06-2020
समाजसेवी संस्था ने किया निर्धन मृतिका का अंतिम संस्कार

अंबिकापुर। ग्राम पचपेड़ी में किराए के मकान में रहकर एवं होटल में कार्य कर अपना जीवनयापन करने वाले बबलू ठाकुर की पत्नी का गुरुवार को निधन हो गया। लॉक डाउन में होटल नहीं खुलने के कारण बबलू ठाकुर की स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार कर सके। जब इस बात का पता संस्था 'अनोखी सोच' की टीम को लगा तो तत्काल अपने सदस्यों के साथ ग्राम पचपेड़ी पहुंच कर बबलू ठाकुर की मदद की। टीम ने मृतिका की शव यात्रा निकालकर पूरे विधि विधान से अंतिम संस्कार स्थानीय गंगापुर स्थित मुक्तिधाम में किया।बबलू ठाकुर को आर्थिक मदद भी की। ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व ही एक असहाय मजदूर महिला के बच्चे का भी अंतिम संस्कार अनोखी सोच संस्था द्वारा किया गया था। अंतिम संस्कार में संस्था के अध्यक्ष सूर्यप्रकाश साहू के साथ अभय, सतीशचंद्र प्रताप, श्याम, सुनील,नीरज, बिट्टू, मिथलेश, बनाफर, अजय, विकास, देव, संतोष, मुकेश, अनिल, गोपी, सावन,गुड्डू, सत्यम, प्रकाश खैरवार, ओम प्रकाश, संदेश, पप्पू,भोला, अशोक आदि उपस्थित थे

 

10-06-2020
करोना से मृत का शासन की गाइडलाइन के अनुसार किया गया अंतिम संस्कार      

भिलाई। वैशाली नगर जोन 2 अंतर्गत कोरोना से मृत मरीज का अंतिम संस्कार शासन की गाइडलाइन के अनुसार किया गया। इसके अंतर्गत नगर निगम जोन 2 के जोन आयुक्त सुनील अग्रहरि, तहसीलदार योगेंद्र वर्मा छावनी पुलिस चौकी से विनय सिंह एवं जोन 2 के स्वास्थ्य और राजस्व के अमले द्वारा निर्धारित एसओपी का पालन करते हुए अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके परिवार के तीन सदस्य जिनमें उनका पुत्र भी शामिल है। अंतिम संस्कार में उपस्थित हुए। उनके द्वारा समाजिक रुप से धार्मिक सामग्री निगम प्रशासन को सौंपी गई। निगम के स्वास्थ्य विभाग ने एसओपी के मापदंडो का पालन करते हुए अंतिम संस्कार के कार्य को पुरा किया। इस दौरान जोन स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा जोन राजस्व अधिकारी संजय वर्मा उपस्थित थे।

30-05-2020
अजीत जोगी के अंतिम संस्कार में धरमलाल कौशिक सहित अन्य भाजपा नेता हुए शामिल

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। शनिवार को गौरेला में उनके अंतिम संस्कार में प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक भी शामिल हुए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद सरोज पांडे, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह, सांसद रामविचार नेताम, प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय, केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह, सहित अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

30-05-2020
ईसाई रीति रिवाज से अजीत जोगी का हुआ अंतिम संस्कार

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का शनिवार शाम गौरेला में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। ज्योतिपुर के ग्रेवयार्ड में ईसाई रीति रिवाज से अजीत जोगी का अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के कई मंत्री, विधायक सहित अन्य दलों के वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। अजीत जोगी का जन्म 29 अप्रैल 1946 हो हुआ था। 74 वर्ष की आयु में शुक्रवार 29 मई को उनका निधन हो गया।

 

29-05-2020
पिता के निधन पर बेटे का भावुक ट्वीट, केवल मैंने नहीं छत्तीसगढ़ ने खोया अपना पिता


रायपुर। अजीत जोगी के निधन की सूचना देते हुए उनके बेटे अमित जोगी ने ट्वीट किया है। अमित ने लिखा है कि 20 वर्षीय युवा छत्तीसगढ़ राज्य के सिर से आज उसके पिता का साया उठ गया। केवल मैंने ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ ने नेता नहीं,अपना पिता खोया है। अजीत जोगी ढाई करोड़ लोगों के अपने परिवार को छोड़ कर,ईश्वर के पास चले गए। गांव-गरीब का सहारा,छत्तीसगढ़ का दुलारा,हमसे बहुत दूर चला गया। वेदना की इस घड़ी में मैं निशब्द हूं। परमपिता परमेश्वर अजीत जोगी की आत्मा को शांति और हम सबको शक्ति दे। उनका अंतिम संस्कार उनकी जन्मभूमि गौरेला में 29 मई को होगा। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश प्रवक्ता भगवानू नायक ने बताया कि शनिवार को अजीत जोगी का पार्थिव शरीर सुबह 9 बजे सागौन बंगला रायपुर से बिलासपुर मरवाही सदन 11 बजे पहुंचेगा। यहां से कोटा रतनपुर केंदा मार्ग होते हुए उनके गृह ग्राम जोगिसार से गौरेला के पैतृक जोगी निवास पहुंचने के बाद सेनेटोरियम(मरवाही विधानसभा) में अंतिम संस्कार किया जाएगा। लॉक डॉउन के नियमों भी ध्यान रखा जाएगा।

 

29-05-2020
अजीत जोगी का 30 मई को गौरेला में राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार, 3 दिन का राजकीय शोक घोषित

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने अजीत जोगी के निधन पर राज्य में आज से तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी शासकीय समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे। स्व.जोगी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ कल 30 मई को गौरेला में होगा।मुख्यमंत्री बघेल ने अपने शोक संदेश में कहा है कि अजीत जोगी का निधन छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है। प्रदेश के विकास के लिए राज्य बनने के बाद अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ राज्य के तीव्र विकास की रूपरेखा तैयार की। एक कुशल राजनीतिज्ञ और प्रशासक के रूप में राज्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद अजीत जोगी के नेतृत्व में बनी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का मौका मिला। अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ राज्य में गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए काम करने की दिशा निर्धारित की।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्व.जोगी के परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। ज्ञातव्य है कि अजीत जोगी बीते 9 मई से उपचार के लिए चिकित्सालय में भर्ती थे। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राध्यापक के रूप कैरियर की शुरुआत की। पहले आईपीएस के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित हुए। अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान रायपुर सहित कई जिलों के कलेक्टर रहे। अजीत जोगी सांसद, विधायक भी रहे। एक नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य बना तो वे राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बने।

 

22-05-2020
शादी और अंतिम संस्कार के लिए तहसीलदार से मिलेगी अनुमति, कलेक्टर ने दिए निर्देश

रायपुर। लॉक डाउन की अवधि में रायपुर जिले में शादी और अंतिम संस्कार के लिए तहसीलदार से अनुमति लेनी होगी। कलेक्टर डॉ.एस.भारतीदासन ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने तहसीलदारों को उनके क्षेत्र के संबंधित व्यक्तियों के आवेदन के लिए अधिकृत किया है। कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि विवाह के लिए फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक समय में अधिकतम 10 व्यक्तियों को उपस्थित रहने की अनुमति दी जा सकती है। इसी तरह तहसीलदार अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए एक समय में अधिकतम 20 व्यक्तियों को अनुमति प्रदान कर सकते हैं।
कलेक्टर ने रायपुर तहसील के लिए अमित कुमार बेक, तिल्दा तहसील के लिए राकेश ध्रुव ,आरंग तहसील के लिए नरेंद्र कुमार बंजारा और अभनपुर तहसील के लिए शशिकांत कुर्रे को अधिकृत किया है।

 

18-05-2020
जानें लॉक डाउन 4.0 में शादी को लेकर क्या है सरकार का  आदेश, हो सकते हैं इतने लोग शामिल?

नई दिल्ली। देश में लॉक डाउन को 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। सोमवार से लॉक डाउन 4.0 देश भर में प्रभावी हो गया है। लॉक डाउन 3.0 की मियाद रविवार 17 मई को खत्म हो चुकी है। बता दें कि लॉक डाउन 4.0 को लेकर केंद्र सरकार ने गाइडलाइंस भी जारी कर दी है। लॉक डाउन 4.0 में आर्थिक गतिविधियों को लेकर कई तरह छूट भी दी गई है, लेकिन स्कूल, कॉलेज, सिनेमाघर, मेट्रो, हवाई सेवा आदि पर प्रतिबंध पहले की तरह जारी रखा गया है।

शादी के आयोजनों में 50 लोग हो सकते हैं शामिल :

सरकार की गाइडलाइंस में शादी को लेकर कहा गया है कि इस पर रोक नहीं है, लेकिन 50 से अधिक लोग शादी समारोह में शामिल नहीं हो सकते हैं। वहीं अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकते हैं। शादी और अंतिम संस्कार को लेकर लॉक डाउन 3 के नियम को ही जारी रखा गया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ”शादी से जुड़े समारोह का आयोजन सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करते हुए किया जा सकता है। लेकिन अधिकतम 50 मेहमानों को ही शामिल होने की अनुमति होगी।” अंतिम संस्कार को लेकर भी गृह मंत्रालय ने कहा है कि अंतिम संस्कार में भी सोशल डिस्टेंशिंग का पालन सुनिश्चत करते हुए अधिकतम 20 लोग ही शामिल हो सकते हैं।

बाहर निकलने से पहले मास्क कवर लगाना अनिवार्य है। बार-बार साबुन से हाथ धोने या सैनिटाइज करने के अलावा दो गज की दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा सभी तरह के सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक समारोह पर प्रतिबंध को जारी रखा गया है। मंदिर, मस्जिद, चर्च सहति सभी प्रार्थना स्थलों को भी बंद रखने का आदेश दिया गया है। आवश्यक सेवाओं के अलावा अन्य सभी लोगों के लिए शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे के बीच देश भर में घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी होगी। बता दें कि देश भर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 96,169 हो गई है, जिनमें 56,316 सक्रिय हैं, 36,824 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 3,029 लोगों की मौत हो चुकी है।

02-05-2020
रिश्तेदार और गांववाले जब काम न आए तब सामने आई महिला पुलिस अधिकारी और उनकी टीम, मदद की अंतिम संस्कार में

रायपुर/अम्बिकापुर। गरीबी जो न कराए कम है। इस दुनिया में सबसे बड़ा अभिशाप तो शायद गरीबी ही है। इसी गरीबी से त्रस्त एक युवक अपने चचेरे भाई का शव तक नहीं ले जा पा रहा था। उसके पास अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नहीं थे। भाई के शव को छोड़कर वापस जाता देख पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी निर्मला कश्यप ने उसकी समस्या पूछी और जब उसे उसकी बेबसी और लाचारी के पीछे रुपयों की कमी नजर आई तो बिना सोचे समझे निर्मला कश्यप ने जेब में हाथ डाला और जो कुछ था निकालकर उसके हाथ में रख दिया। अपने प्रभारी को इंसानियत का शानदार नमूना पेश करता देख कश्यप की टीम के सारे सिपाही भी सामने आए और उन्होंने भी अपनी जेब में जो कुछ था निकालकर उसके हाथ में रख दिया और एक लाचार बेबस भाई को अपने चचेरे भाई का शव लावारिस छोड़कर जाने के पाप से बचा लिया। पुलिस का यह एक शानदार चेहरा है,जो उसकी भ्रष्ट, बेईमान छवि को भुला देने के लिए काफी है। पुलिस ने शव को शहर सीमा से लगे ग्राम पंचायत डिगमा तक ले जाने के लिए मुक्तांजली वाहन दिलवाया, इसके बाद वे शव लेकर गृहग्राम के लिए रवाना हुए। दरअसल युवक के पास टीबी की बीमारी से मृत अपने भाई के अंतिम संस्कार करने के लिए पैसा नहीं था। उसकी पीड़ा सामने आने के बाद पुलिस सहायता केंद्र की प्रभारी और पुलिस आरक्षकों का भी दिल पसीज गया। गांव के सरपंच, उपसरपंच से भले ही मदद नहीं मिली लेकिन एएसआई निर्मला कश्यप व आरक्षकों ने रुपये देकर अंतिम संस्कार कराने का बंदोबस्त कराया।

30-04-2020
ऋषि कपूर के निधन पर बेटी रिद्धिमा ने शेयर किया इमोशनल पोस्ट, लिखी यह बात...  

मुंबई। सदाबहार अभिनेता ऋषि कपूर की मौत की खबर से पूरे देश में शोक की लहर है। गुरूवार को मुंबई में ऋषि कपूर ने आखिरी सांस ली। उनकी बेटी रिद्धिमा कपूर ने अपने दुख को सोशल मीडिया पर जाहिर किया है। रिद्धिमा ने पिता के साथ की एक बहुत ही प्यारी फोटो शेयर की है साथ ही एक इमोशनल पोस्ट लिखा है। रिद्धिमा ने इंस्टाग्राम पर लिखा है कि 'पापा तुमसे प्यार करूंगी- मेरे सबसे मजबूत योद्धा मैं आपको हर रोज याद करूंगी। मैं आपकी फेसटाइम कॉल हर रोज याद करूंगी! जब तक कि हम फिर से मिलेंगे पापा आई लव यू-आपकी मुश्क हमेशा के लिए।

अंतिम दर्शन की मिली इजाजत :

लॉक डाउन के कारण रिद्धिमा कपूर ने सरकार से दिल्ली से मुंबई तक की यात्रा की इजाजत मांगी थी। अब दिल्ली पुलिस द्वारा उनको पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुंबई की यात्रा करने की अनुमति दी गई है। दरअसल रिद्धिमा इन दिनों दिल्ली में अपने घर पर हैं। खबर के अनुसार उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को इस संबंध में एक अर्जी देते हुए कहा है कि चूंकि उनके पिता की तबीयत ठीक नहीं है, ऐसे में वह उनसे मिलने के लिए दिल्ली से मुंबई तक की यात्रा करना चाहती हैं। 

 

25-04-2020
कोरोना संक्रमित पति की मौत के बाद पत्नी ने किया अंतिम संस्कार, लॉक डाउन के कारण नहीं पहुंच सके रिश्तेदार

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में कोरोना संक्रमित पति की मौत के बाद उसकी पत्नी ने ही उसे मुखाग्नि देने का फैसला किया। लॉक डाउन के कारण कोई भी रिश्तेदार मौक पर नहीं पहुंच पाया। इसके बाद पत्नी पति के शव को लेकर विश्राम घाट पहुंची और मुखाग्नि दी। कोरोना संदिग्ध अमित अग्रवाल की शुक्रवार को भोपाल के हमीदिया के अस्पताल में मौत हो गई। वह अपने पिता के साथ रायसेन में टिफिन सेंटर चलाते थे। बुधवार को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतक की पत्नी वर्षा सहकारी बैंक में कार्यरत हैं। पति की मौत की सूचना मिलने के बाद उसने खुद ही पति का अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। अमित के भाई को भी कोरोना संदिग्ध होने के कारण हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, उसके दोनों बच्चे राजधानी भोपाल में है। वर्षा ने शव को घर ले जाने की इजाजत मांगी, लेकिन अस्पताल ने कोरोना जांच पूरी नहीं होने के कारण अनुमति देने से मना कर दिया। इसके बाद वर्षा अपनी सहेली और उसके पिता के साथ मिलकर शव को विश्राम घाट ले गई। जहां वर्षा ने अपने पति को मुखाग्नि दी।

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