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14-05-2020
ऋण पुस्तिका दुरूस्त कराने पहुंचा तो पटवारी ने मांगे 4 हजार, एसीबी ने पटवारी को किया गिरफ्तार

रायपुर/रायगढ़। खरसिया में ऋण पुस्तिका दुरुस्त करने के लिए 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एसीबी की टीम ने पटवारी को गिरफ्तार किया है। बता दे कि संजय साहू पिता लखन साहू ने 3 मार्च को लिखित शिकायत उप पुलिस अधीक्षक एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर को सौंपी थी। शिकायत में स्वयं और दो नाबालिग भाइयों के नाम पर गांव में जमीन खरीदना व ऋण पुस्तिका होना बताया था। अब तीनों भाइयों बालिग हो जाने पर ऋण पुस्तिका को दुरूस्त करने के लिए गांव की पटवारी हल्का नंबर 16 ग्राम बरेली से संपर्क करने पर ऋण पुस्तिका को दुरुस्त करने के लिए 4 हजार रुपयों की मांग की थी। इसकी शिकायत पत्र के साथ वॉइस रिकॉर्डर देकर सत्यापन कराने पर जांच में शिकायत सहीं पाई गई। आज पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवाराण अधिनियम के अंतर्गत विधिवत कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार किया गया। यह ​कार्यवाही बिलासपुर की टीम ने अंजाम दिया है।

07-05-2020
पेपर मिल गैस दुर्घटना में घायल मजदूरों से मिले कलेक्टर-एसपी, संचालक-पटवारी के साथ किया रायपुर रेफर

रायपुर/रायगढ़। रायगढ़ जिले के तेतला स्थित शक्ति पेपर मिल में गुरुवार को हानिकारक गैस के संपर्क में आकर बीमार हुए मजदूरों से मिलने कलेक्टर और एसपी अस्पताल पहुंचे। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के साथ पहुंचे कलेक्टर यशवंत कुमार ने संजीवनी अस्पताल में भर्ती मजदूरों का चिकित्सकों से हाल जाना। कलेक्टर ने मजदूरों के परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से चर्चा कर 3 लोगों को को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर करने की व्यवस्था करवाई। उन्होंने मिल संचालक को स्पष्ट निर्देश दिया कि वह घायलों के साथ रायपुर जाकर उनका पूरा इलाज करवाए।कलेक्टर ने रेडक्रॉस और प्रशासन की ओर से एक पटवारी को भी मजदूरों के साथ रायपुर जाने के लिए निर्देश दिए। कलेक्टर ने मजदूरों के परिजनों से कहा कि घायलों का अच्छे से इलाज करवाया जाएगा। इस दौरान एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा,एसडीएम रायगढ़ युगल किशोर उर्वशा,मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एसएन केशरी भी मौजूद थे।


बता दें कि पुसौर के तेतला में शक्ति पेपर मिल में पेपर को रिसाइकिल करने का कार्य किया जाता है। लॉक डाउन के दौरान बंद इस मिल को पुन: प्रारंभ करने से पूर्व मजदूर रिसाइकिल चैंबर की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान हानिकारक गैस के संपर्क में आने पर मजदूरों की तबियत बिगड़ी। गैस की चपेट में आए मजदूरों को इलाज के लिए रायगढ़ के संजीवनी चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। भर्ती करवाए गए कुल 7 मजदूरों में 3 मजदूरों डोलामणि सिदार (35), सुरेंद्र गुप्ता (28), अपधर मालाकार (40) को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए प्रशासन ने एम्बुलेंस और अन्य व्यवस्थाएं करवाई। शेष 4 मजदूर पुरन्धन कुमार (21), अनिल कुमार (22),निमाणी भोय (40), रंजीत सिंह (34) का इलाज संजीवनी में ही जारी रहेगा। इसके लिए संजीवनी अस्पताल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

 

25-04-2020
मुख्यालय में पटवारी के अनुपस्थित होने पर कलेक्टर ने किया ट्रांसफर

कोण्डागांव। जिले में विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेने कलेक्टर नीलकंठ टीकाम स्वयं पूरे जिले में दौरा कर रहे हैं। इसी क्रम में कलेक्टर विकासखण्ड बड़ेराजपुर के एफआरए क्लस्टर ग्राम गम्हरी पहुंचे। जहां उन्होंने क्लस्टर गम्हरी के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया साथ ही यहां मनरेगा के अंतर्गत कार्यों की समीक्षा की और कार्य में लगे श्रमिकों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि लाॅक डाउन में दी गई।कलेक्टर ने दौरे के दौरान मुख्यालय में पटवारी के अनुपस्थित पाए जाने पर कलेक्टर ने ग्राम गम्हरी में कार्यरत पटवारी के स्थानांतरण के निर्देश दिए। साथ ही तहसीलदार द्वारा जल्द से जल्द नए पटवारी की गम्हरी में पदस्थ किए जाने के आदेश दिए।इस दौरान उन्होंने माकड़ी एवं विश्रामपुरी के मध्य बन रही सड़कों का सर्वे किया साथ ही इस मार्ग पर बन रहे नालो एवं पुलों का निरीक्षण किया तथा निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, तत्पश्चात कलेक्टर कांकेर एवं कोण्डागांव की सीमा पर बसे ग्रामों में निर्माणाधीन गौठानो का जायजा लिया एवं विश्रामपुरी में बन रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं शाला भवन का भी निरीक्षण किया।

 

25-04-2020
कार्य के प्रति लापरवाह बरतने पर पटवारी निलंबित, ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर ने की कार्यवाही

रायपुर/जगदलपुर। कलेक्टर डॉ.अय्याज तम्बोली के निर्देश पर कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर तहसील बकावण्ड के तोंगकोंगेरा के पटवारी को निलंबित कर दिया है। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी लॉक डाउन के दौरान ग्रामीणों को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का जायजा लेने के लिए तोंग कोंगरा पहुंचे। बस्तर कलेक्टर के सामने ग्रामीणों ने बताया कि हल्का पटवारी चित्त विनोद पांडेय लंबे समय से क्षेत्र भ्रमण पर नहीं आ रहे हैं। पटवारी के कार्य के प्रति लापरवाही के कारण ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।

ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर ने हल्का पटवारी को तत्काल निलम्बित करने के निर्देश दिया। कलेक्टर के निर्देश पर बस्तर के अनुविभागीय अधिकारी (रा.) गोकुल रावटे ने पटवारी पांडेय को निलंबित कर दिया। निलम्बन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बस्तर निर्धारित किया गया है और उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता दी गई है।

17-04-2020
धारा 144 का उल्लंघन : सूचना नहीं देने पर पटवारी, कोटवार, सचिव हुए निलंबित, ग्राम पटेल बर्खास्त

रायपुर। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए देशभर में लॉकडाउन की स्थिति है। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग टूटने से कोरोना का खतरा बढ़ सकता है इसलिए किसी भी प्रकार के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रतिबंध के आदेश के बावजूद कोंडागांव के विकासखंड माकड़ी के ग्राम केरावाही में 15 अप्रैल को बीच बाजार वार्षिक मेला लगाया गया। वहीं इस आयोजन की जानकारी पटवारी, ग्राम कोटवार, ग्राम सचिव और ग्राम पटेल की ओर से तहसील या जिला मुख्यालय को नहीं दी गई। जबकि इन्हें निर्देश है कि इस प्रकार के किसी भी आयोजन की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों तक जरूर पहुंचाएं। ऐसा नहीं करने पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की ओर से ग्राम कोटवार धुमादास को भू-राजस्व संहिता की धारा-230 और हल्का पटवारी शत्रुघ्न सिंह चौहान (पटवारी हल्का नंबर-08), ग्राम सचिव सविता पोयाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं ग्राम पटेल बामन राम नेताम को भू-राजस्व संहिता की धारा-222 के तहत पद से बर्खास्त कर दिया गया है।
बता दें कि महामारी नोवेल कोरोना (कोविड-19) के संक्रमण नियंत्रण के रोकथाम को देखते हुए शासन एवं जिला स्तर पर संपूर्ण लॉक डाउन करने के साथ-साथ धारा-144 प्रभावशील की गई है। जिसके अंतर्गत जिले में कहीं भी किसी भी प्रकार के सभा, धरना, रैली, जुलूस, धार्मिक-सांस्कृतिक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक लगाई गई है।  उल्लेखनीय है कि वर्तमान आपदा स्थिति को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की गतिविधि के लिए सूचना तंत्र के लिए मैदानी कर्मचारियों का यह दायित्व है कि वे अपने प्रभार क्षेत्र के ग्राम गतिविधियों के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल जानकारी दें। ऐसे में उक्त जमीनी कर्मचारियों की ओर से अपने पदीय दायित्व का निर्वहन न करना घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है। जिसके मद्देनजर कड़ी कार्यवाही की गई।

23-03-2020
एसडीएम ने की ठेकेदार पर 188 के तहत की कार्यवाही, मौके पर तहसीलदार ने दी दबिश

कटघोरा। शासन की ओर से दिए गए निर्देशों की अवहेलना करना कटघोरा थाना अंतर्गत एक ठेकेदार को महंगा पड़ गया। ठेकेदार आधा दर्जन मजदूरों को लेकर बॉन्ड्रीवाल का निर्माण करवा रहा था। इसकी जानकारी कटघोरा तहसीलदार रोहित सिंह को हुई वे तत्काल अपने मातहत नायब तहसीलदार, क्षेत्र के पटवारी व अन्य कर्मचारियों को लेकर मौके पर पहुँचे। प्रशासनिक अमले की खबर मिलते ही मजदूर अपने औजारों को लेकर रफूचक्कर हो गए। अमले को मौके पर ठेकेदार ही हाथ लगा। तहसीलदार के पूछने पर ठेकेदार ने गोलमोल जवाब दिया,जिस पर तहसीलदार ने साजो सामान जब्त कर ठेकेदार को कटघोरा थाने के हवाले कर दिया। तहसीलदार की रिपोर्ट पर कटघोरा अनुविभागीय अधिकारी सूर्यकिरण तिवारी ने इसे धारा 144 का सीधा उल्लंघन माना और ठेकेदार पर भादवि के 1860 की धारा 188 के तहत कार्यवाही करने का निर्देश कटघोरा पुलिस को दिए है। एसडीएम ने बताया कि इसकी पूरी रिपोर्ट जिला कलेक्टर को भेजी जा चुकी है। एसडीएम ने यह भी साफ कहा है कि जिलाधीश के निर्देशों की अवहेलना करने पर और कोरोना वायरस के फैलाव के लिए अनुकूल वातावरण बनाने वालों पर पुलिस व प्रशासन सख्ती से निपटेगा। उन्होंने यह भी बताया कि सभी नगरवासियों को घर मे ही रहना है। फिजूल में इधर उधर भटकने वालो पर कार्यवाही की जा सकती है। इसलिए सभी से अपील है कि शासन के निर्देशों का पालन करें।

 

19-02-2020
लापरवाह पटवारी को कलेक्टर ने किया निलंबित

कोरिया। कोरिया पटना में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 के लिए धान खरीदी में रकबा सत्यापन चल रहा है। इस शासकीय कार्य में जिले के विकासखंड बैकुण्ठपुर के राजस्व निरीक्षक मण्डल पटना के पटवारी पुष्पराज चैहान ​की ओर से घोर लापरवाही बरतने एवं उच्च अधिकारियों की ओर से दिए गए निर्देशों की अवहेलना किए जाने की खबर सामने आई है। इस कारण उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 में उल्लेखित संवैधानिक नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बैकुण्ठपुर नियत किया गया है। पुष्पराज के स्थान पर पटवारी सेवक राम मरावी को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
 

08-01-2020
जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग, ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार करने की धमकी

कोरबा। रजगामार पंचायत के सरकारी जमीन को अगर अतिक्रमण से मुक्त नहीं कराया गया तो क्षेत्र के ग्रामीणों ने चुनाव का बहीष्कार करने की घोषणा कर दी है। पटवारी से मिलकर जमीन दलाल द्वारा ग्रामीणों की निस्तारी की जमीन को अवैध तरीके से बेचा जा रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी जब बात नहीं बनी तब वे कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों को इस मामले से अवगत कराया। ग्राम पंचायत रजगामार के ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्रशासन ने जल्द नहीं किया तो आने वाले समय में उनकी परेशानियां बढ़ सकती है। गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन को चुनाव बहीष्कार का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी निस्तारी की जमीन को बचाने प्रशासन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिस जमीन के सहारे उनकी निस्तारी की समस्या का समाधान हो रहा है उस जमीन को एक जमीन दलाल पटवारी के साथ मिलकर कई टुकड़े कर बेच रहा है। 26 दिसंबर को इस संबंध में शिकायत की गई थी बावजूद इसके उनकी नहीं सुनी गई। यही वजह है,कि मंगलवार को एक बार फिर से ग्रामीणों की भीड़ कलेक्टर के पास पहुंची और जमीन को मुक्त कराने की मांग रखी गई । अगर उनकी जमीन को मुक्त नहीं कराया गया तो वे पंचायत चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। ग्रामीणों की चेतावनी से प्रशासन के अधिकारी सकते में आ गए है। ग्रामीणों की धमकी सुनकर मामले की जांच शुरु कर दी गई है।

03-01-2020
34 लाख का फर्जीवाड़ा, मामला दर्ज

रायपुर। रायपुर के सिविल लाइन थाना पुलिस ने 34 लाख की धोखाधड़ी करने के मामले में नरेंद्र गिरिपुंजे के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है । मिली जानकारी के अनुसार, खम्हारडीह निवासी आरोपी नरेंद्र गिरिपुंजे ने अनिल कुमार गेही से अमलेश्वर(पाटन)स्थित जमीन खसरा नं. 630/353 रकबा 0.036 का सौदा 35 लाख रुपयों में तय कर 34 लाख रुपये नगद ले लिए थे। पीड़ित ने बताया कि 06.03.2016 को नरेंद्र ने 34 लाख रूपये नगद लेकर लिखित इकरारनामा किया था। इसके बाद उसने आज दिनांक तक उसके नाम पर जमीन की रजिस्ट्री नहीं की है। अनिल गेही को जब पता चला कि आरोपी ने उसकी इकरारशुदा जमीन का सौदा किसी रामेश्वर से कर उसके नाम पर रजिस्ट्री कर दी है। तब वह सिविल लाइन थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी द्वारा करारशुदा जमीन के समस्त मूल दस्तावेज रजिस्ट्री, ऋणपुस्तिका, बी-1 आदि दस्तावेज इकरारनामा के बाद पीड़ित को दिया गया था,जो आज भी पीड़ित के पास मौजूद है। करारनामा की शर्त के अनुसार नरेन्द्र गिरेपुंजे को सौदाशुदा जमीन का पटवारी नाप (सीमाकंन) कराकर शिकायतकर्ता को देने के बाद बैनामा कराया जाना तय हुआ था। पर ना ही आरोपी ने ज़मीन का सीमांकन करवाया और ना ही बैनामा पंजीयन,जिसके बाद शक होने पर पीड़ित ने रजिस्ट्री कार्यालय से सत्यापित प्रति निकाला और तब जानकारी सामने आई कि नरेन्द्र गिरेपुंजे द्वारा किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज ऋण पुस्तिका क्रं. 2773872 में कूटरचना कर काटछांट करते हुये फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैनामा रामेश्वर देवागंन के नाम पर निष्पादित किया गया है। पुलिस द्वारा ने आइपीसी की धारा 420 के तहत आरोपी नरेंद्र गिरिपुंजे के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर मामले की पूरी जांच में जुट गई है।

22-12-2019
पंचायत पर भारी अफसरशाही, ग्रामीण सीधी कार्यवाही की तैयारी में

रायपुर। ढिंढोरा तो पंचायती राज का पीटा जाता है पर हकीकत में पँचायत में अफसरशाही हावी रहती है। आरंग ब्लॉक के ग्राम टेकारी में एक अवैध कब्जे को हटाने के मामले मे प्रशासनिक अधिकारियों के कथित रवैया से ग्रामीणों को कुछ ऐसा ही महसूस हो रहा है। पंचायत के संकल्प की जानकारी के एक माह के भीतर अवैध कब्जे को हटाने के कानूनी प्रावधान के बाद भी  संबंधित तहसीलदार द्वारा जानकारी के  ढाई माह से अधिक बीत जाने पर भी अवैध कब्जा न हटवाने व बेजा कब्जाधारी द्वारा पुनः रुके काम को शुरू करने की सुगबुगाहट से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो चला है और वे अब सीधी कार्यवाही करने की मानसिकता में हैं। इसके पूर्व वे अंतिम बार प्रशासनिक अधिकारियों का आज ध्यानाकृष्ट कराने की तैयारी में हैं।
ज्ञातव्य हो कि  ग्राम के एक महिला द्वारा अपने पिता द्वारा किए गए अवैध कब्जे की भूमि पर पंचायत को धोखे में रख अपने पिता के मिलीभगत से जियोटेक करा प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करा लिया। नीँव खुदाई के समय इसकी जानकारी मिलने पर पंचायत सहित ग्रामीणों ने जा काम रूकवा दिया था व बाहर से काम करने आए मजदूरों को समझाईश दे पंचायत व ग्रामीणों की अनुमति के बिना काम न करने के लिये आगाह किया था व स्वीकृत आवास को निरस्त करने जिला व जनपद पंचायत सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठों को ज्ञापन सौंपा था। इस बीच बाहर को टीन से ढक अंदर गुपचुप तरीके से काम किए जाने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने पुनः जा काम रूकवाया था। इस महिला व इसके कतिपय रिश्तेदारों द्वारा ग्रामीणों को चुनौती दिए जाने व कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका को ले ग्रामीणों ने पंचायत प्रस्ताव पारित करवा मंदिरहसौद तहसीलदार को बेजा कब्जा हटवाने आवेदन दिया था। तहसीलदार के आदेश पर अवैध कब्जा नापने पहुंचे पटवारी के काम करने के दौरान इस महिला द्वारा सरपंच को जातिसूचक गालीगलौज कर मारने के प्रयास व पटवारी के शासकीय कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट भी अजाक्स थाना मे की गई,जिस पर की गई कार्यवाही की जानकारी ग्रामीणों को नहीं मिल पाई है। इधर बीते दिनों आयोजित शासकीय ग्रामसभा मे ग्रामीणों ने  कानूनन निर्धारित समयसीमा मे प्रशासन द्वारा अवैध कब्जा न हटवाये जाने पर स्वयं पहल कर इस बेजा कब्जा को हटवाने व इस दौरान उत्पन्न होने वाले किसी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होने सँबँधी प्रस्ताव पारित किया था। अभी तक प्रशासन द्वारा बेजा कब्जा न हटवाने व पुनः काम शुरू किए जाने की कथित तैयारी की जानकारी के चलते बीते शनिवार को आयोजित ग्रामीणों की बैठक मे अँतिम बार प्रशासन का ध्यानाकृष्ट करा वैधानिक दायित्व का तत्काल पालन कराने का आग्रह करने और इसमे प्रशासनिक विफलता की स्थिति में ग्रामीणों द्वारा बेजा कब्जा हटवाने का निर्णय लिया गया।

05-12-2019
लैम्प्स प्रबंधक निलंबित, कृषि विस्तार अधिकारी को कारण बताओ नोटिस

धमतरी। कलेक्टर रजत बंसल ने आज बोड़रा स्थित लैम्प्स में समर्थन मूल्य पर किये जा रहे धान खरीदी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बोड़रापुरी के किसान भगत द्वारा बेचने के लिए अमानक धान लाकर फड़ में रखा गया था। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और लैम्प्स प्रबंधक अमरनाथ साहू को निलंबित करने एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मनीष मोहन को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी खरीदी केंद्र में अमानक धान की खरीदी ना की जाए, इस पर संबंधित अधिकारी सतत निगाह रखे। उन्होंने साथ ही पटवारी, सचिव एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को प्रतिदिन निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। मौके पर एसडीएम धमतरी मनीष मिश्र भी उपस्थित रहे।

 

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