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27-01-2021
कमला हैरिस ने अपनी पहली नौकरी का किया खुलासा, कहा- करती थीं लैब में कांच के पिपेट साफ

नई दिल्ली। अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने अपनी पहली नौकरी को लेकर खुलासा किया है। कमला हैरिस ने कहा कि ‘मेरी पहली नौकरी मां की प्रयोगशाला में इस्तेमाल होने वाली कांच के पिपेट साफ करने की थी। हैरिस की मां श्यामला गोपालन मूल रूप से चेन्नई की थीं और पेशे से स्तन कैंसर अनुसंधानकर्ता थीं। उनकी मौत वर्ष 2009 में कैंसर से हो गई। हैरिस के पिता जमैकाई मूल के थे। पेशे से अर्थशास्त्र के प्रोफेसर थे। कमला हैरिस ने कहा, ‘‘बचपन में हम हमेशा जानते थे कि मां इस स्थान पर जा रही हैं, जिसे बेथेसडा कहते है। मां बेथसेडा जाती थीं और निश्चित रूप से वह यहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान आती थी। वह जैव रसायन अंतरू स्राविका विभाग में काम करती थी। अपनी मां की प्रयोगशाला में बिताए गए पलों को याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘ वह ‘पीयर रिव्युवर’ थी। मेरी मां के लिए उनके जीवन के दो लक्ष्य थे. पहला दोनों बेटियों को पालना और दूसरा स्तन कैंसर खत्म करना। यह कम ही लोग जानते है कि मेरी पहली नौकरी मां की प्रयोगशाला में कांच के पिपेट साफ करने की थी। वह हमें स्कूल खत्म होने के बाद और सप्ताहांत वहां लेकर जाती थीं।

04-01-2021
लिंगभेद के कारण नौकरी से वंचित 71 बेटियों के प्रकरण पर महिला आयोग ने शुरू की सुनवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने लिंगभेद के कारण नौकरी से वंचित 71 बेटियों के प्रकरण पर सुनवाई शुरू कर दी है। महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई के निर्देश भी आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने सुनवाई के दौरान दिए। सोमवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में सुनवाई की गई। महिला उत्पीड़न और महिलाओं के साथ भेदभाव संबंधी 88 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए थे।
बडांजी थाना में बैंक प्रबंधक के विरुद्ध की गई शिकायत और करपावंड में महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों पर मामला दर्ज नहीं किए जाने पर डॉ. नायक ने नाराजगी जाहिर की। एनएमडीसी के नगरनार संयंत्र में भू-विस्थापित महिलाओं को नौकरी दिए जाने के मामले में 18 जनवरी को फिर से सुनवाई होगी। एनएमडीसी के नगरनार इस्पात संयंत्र में भू-विस्थापित महिलाओं को नौकरी दिए जाने के 71 मामलों की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान आवेदक महिलाएं और अनावेदक के तौर पर इस्पात संयंत्र के निदेशकों से उनका पक्ष लिया गया। सुनवाई के दौरान आवेदक महिलाओं ने बताया कि इस्पात संयंत्र की स्थापना के लिए 2001 में और 2010 में बड़ी मात्रा में भू-अर्जन किया गया था। 2001 में किए गए भू-अर्जन के बाद जहां सभी खातेदारों के परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी और मुआवजा दिया गया वहीं 2010 में किए गए भू-अर्जन के बाद छत्तीसगढ़ शासन के भू-अर्जन नीति 2007 का हवाला देकर मात्र परिवार के पुरुष सदस्यों को ही नौकरी दी गई। जबकि बेटियों को नौकरी नहीं दी गई, जिसके खिलाफ 71 बेटियों ने महिला आयोग में आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदकों ने इसे संविधान की ओर से दिए गए समानता के अधिकार का उल्लंघन बताया। सुनवाई के दौरान इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने पुनर्वास नीति में उल्लेखित नियम के अनुसार ही पात्र भू-विस्थापितों को नौकरी देने की बात कहते हुए बेटियों को नौकरी दिए जाने के लिए उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त करने की बात कही। इस मामले की सुनवाई करते हुए आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति संविधान की ओर से दिए गए समानता के अधिकार के ऊपर नहीं हो सकती। भारतीय संविधान लिंगभेद की अनुमति प्रदान नहीं करता है। किसी भी कानून में लिंगभेद को न तो मान्यता दी गई है न ही बेटे या बेटी में फर्क किया गया है। उन्होंने एनएमडीसी के अधिकारियों से कहा कि वे लिंगभेद का समर्थन करने वाले किसी निर्णय से परिचित हों तो वे आगामी सुनवाई को प्रस्तुत करें। बेटियों को नौकरी नहीं देने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति में उल्लेखित बिंदुओं को सामने रखें कि इस नीति में कहां लिखा है कि बेटियों को नौकरी नहीं दी जा सकती। इस एक बिंदु पर इस्पात संयंत्र प्रबंधन आगामी सुनवाई में अपना उत्तर अवश्य प्रस्तुत करें। एनएमडीसी इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने नौकरी देने के लिए नीतिगत बदलाव के लिए स्वयं सक्षम नहीं होने व उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए समय मांगा। इस पर आयोग ने  आगामी 18 जनवरी को जगदलपुर में ही सुनवाई की तिथि निर्धारित की।

23-12-2020
नितिन पोटाई ने कहा, फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी करने वालों पर होगी कार्यवाही

गरियाबंद। राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य नितिन पोटाई बुधवार को गरियाबंद पहुंचे। उन्होंने अनुसूचित जाति जनजाति के सदस्यों से समस्याओं पर चर्चा कर उनके निदान का आश्वासन दिया। वहीं इस अवसर पर  जिला एवं ब्लॉक के विभिन्न अधिकारियों को बैठक लेकर अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों को हो रही दिक्कत व परेशानियों पर व्यापक चर्चा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य शासन के नियमानुसार अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों को राहत देना है। इसमें किसी भी किस्म की कोताही न बरती जाए अगर इसमें कोताही बरती गई तो वे इसके लिए कड़ाई से निर्णय लेंगे। इस अवसर पर उन्होंने धारा 170 ख के तहत आदिवासियों को जमीन वापस करने, फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी प्राप्त करने वालों पर कार्यवाही करने का निर्देश दिया। उन्होंने चर्चा करते हुए कहा अनुसूचित जाति- जनजाति के लोग प्रारंभ से ही पीडि़त हैं। उन्हें राहत देने के लिए राज्य शासन ने उन्हें आयोग में पदस्थ किया है,जिसके चलते उनका दायित्व है की समाज के लोगों को राहत प्रदान करें।

उन्होंने इस अवसर पर अनुसूचित जाति जनजाति के बालक बालिकाओं के छात्रवृत्ति पंचायतों के सरपंचों को होने वाले भुगतान में दिक्कतों के साथ ही आदिवासी अनुसूचित जाति जनजाति के साथ हुए अपराधिक प्रकरण पर तत्काल कार्यवाही करने को कहा।  वही फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी करने वालों पर कार्यवाही का निर्देश दिया। इस अवसर पर विशेष रूप से जिला पंचायत के उपाध्यक्ष संजय नेताम, आदिवासी समाज के प्रमुख भरत दीवान,नरेंद्र धुरु,मनीष कुमार ठाकुर,देवा मरकाम,कौशल ठाकुर, शीतल ध्रुव, वीरेंद्र ठाकुर,दिनेश ध्रुव,भाग सिंह ठाकुर, भूपेंद्र ध्रुव,पीएम कश्यप, सुरेखा,नागेश, देवा मरकाम,सुरेश मानिकपुरी के साथ ही अनेक लोग उपस्थित थे।

28-10-2020
पीएचई विभाग के एसडीओ पर दुष्कर्म का आरोप 

रायपुर/अंबिकापुर। शहर के पीएचई विभाग के एसडीओ पर एक युवती ने पढ़ाने लिखाने के नाम पर एक साल तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। युवती ने मामले की शिकायत अजाक थाने में दर्ज करवाई है। इधर शिकायत के बाद एसडीओ फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार एक युवती ने अजाक थाने में पीएचई विभाग के एसडीओ एनआर कुरैशी के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई है। युवती के अनुसार एसडीओ कुरैशी ने वर्ष 2016 में उसे पढ़ाने लिखाने के नाम पर अपने घर में रखा था। इस दौरान एसडीओ ने युवती को नौकरी लगाने का झांसा दिया और उसके साथ दुष्कर्म करने लगा। बताया जा रहा है कि एसडीओ कुरैशी मध्यप्रदेश का रहने वाला है तथा अंबिकापुर पीएचई विभाग में एसडीओ के पद पर पदस्थ है। फिलहाल मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच में ले लिया है। वहीं फरार एसडीओ की तलाश कर रही है।

24-10-2020
करोड़ों की ठगी के मामले में एक एएसआई निलंबित

रायपुर/जगदलपुर। जिले में निर्माणाधीन एनएमडीसी नगरनार स्टील प्लांट में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने बचेली निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं इस मामले में बस्तर जिले के एसपी दीपक झा ने एक एएसआई यतेंद्र देवांगन को निलंबित कर दिया है।
उल्लेखनिय है कि वर्ष 2017 में स्थानीय बेरोजगारों को एनएमडीसी में नौकरी दिलाने के नाम पर बचेली निवासी नवीन चौधरी, संजय डोनाल्ड दयाल, नरेंद्र चौधरी और चन्द्रकिरण ओगर द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के लगभग 119 लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने के बाद फरार हो गए थे। इसके बाद पीड़ित यास्मीन अंसारी निवासी भानपुरी तथा सुनील देवांगन ने ठगी के मामले को लेकर कोतवाली थाने में आरोपियों के विरूद्ध मामला दर्ज कराया था। पुलिस को बीते 19 अक्टूबर को बचेली निवासी दो आरोपी नरेंद्र चौधरी और संजय डोनाल्ड दयाल को पड़ने में सफलता मिली थी। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस के सामने कई खुलासे किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 120 (बी), 467, 468, 471 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जेल भेज दिया है। इसके साथ ही पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

17-10-2020
50 लाख की ठगी करने वालों में से दो आरोपी अब भी फरार

रायपुर/जगदलपुर। जिले में स्थापित नगरनार स्टील प्लांट में नौकरी लगाने के नाम पर 50 लाख की ठगी करने के आरोप में कोतवाली पुलिस में विभिन्न धाराओं के तहत धरमपुरा निवासी महिला  सहित बचेली निवासी नरेंद्र चौधरी और संजय दयाल के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध किया था। इसके बाद पुलिस टीम ने नरेंद्र चौधरी को गिरफ्तार किया था, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी कोतवाली पुलिस अब तक बाकी दो आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। इसकी पुष्टि कोतवाली थाना प्रभारी एमन साहू ने किया है। मिली जानकारी के अनुसार ठगी का मामला तकरीबन एक करोड़ से ऊपर के धोखाधड़ी का है, जिसमें शहर के और कई नामचीन चेहरे उजागर हो सकते हैं। आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर के बाद यह बात भी चर्चा में थी कि बैंक के माध्यम से भी कई लोगों के पैसों की लेनदेन हुई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही मामले उजागर होंगे।

16-10-2020
अनिश्चितकालीन धरना 16 दिनों से है जारी, बेरोजगारों को रोजगार दिए जाने की मांग

रायपुर/सुकमा। जिला मुख्यालय में ऑल इंडिया स्टूडेन्टस् फेडरेशन/ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन विगत 29 सितम्बर से नागरिक आपूर्ति निगम विभाग में लेखापाल पद पर कार्यरत तुलाराम नाग को बिना किसी कारण व सूचना के नौकरी से हटा दिए। इसके विरोध में तुलाराम नाग को पुन: नियुक्त करने, स्थानीय बेरोजगारों रोजगार दिया जाने की की मांग को लेकर विगत 16 दिनों से धरने में बैठे हैं। इसके समर्थन में कोन्टा ब्लाक के महिला फेडरेशन पहुंचकर तुलाराम नाग को पुन: नियुक्ति करने की मांग की। महिला फेडरेशन ने कहा मांग व धरना के साथ है और साथ रहेंगे हम सब अपने हक अधिकार कि लड़ाई तेज करने की बात कही है। इस दौरान अखिल भारतीय महिला फेडरेशन के ब्लाक उपाध्यक्ष ललिता सरियम, सचिव ओयाम गंगोत्री, कोषाध्यक्ष लीना ओयाम अनिश्चित कालीन धरना की समर्थन में बैठे रहे। इस दौरान एआईएसएफ/एआईवायएफ के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

11-10-2020
नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले को पुलिस ने किया गिरफ्तार

बालोद। युवती को नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थाना बालोद में हीरापुर निवासी 34 वर्ष युवती लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी सुरेश भारती, निवासी धनगांव थाना अर्जुन्दा जिला बालोद ने कलेक्टर कार्यालय में नौकरी लगाने के नाम पर 8.75 लाख रुपए लेकर धोखाधड़ी की। इसी दौरान प्रार्थियां का दैहिक शोषण भी किया। बालोद पुलिस ने मामले में आरोपी सुरेश भारती के विरुद्ध अपराध क्रमांक 325/20 धारा 420, 376(2)(ठ) भादवि. पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। आरोपी की पतासाजी कर पुलिस ने गिरफ्तार किया। प्रार्थी और गवाहों के बयान एवं संलग्न दस्तावेज से आरोपी के विरुद्ध उपरोक्त धारा का अपराध घटित करना पाये जाने पर रविवार को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमाण्ड पर लिया।

शब्बीर रिजवी की रिपोर्ट

09-10-2020
नौकरी लगाने के नाम पर 3 लाख 50 हजार की ठगी,जुर्म दर्ज

रायपुर। शिक्षाकर्मी के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है।शिक्षाकर्मी वर्ग 3 में नौकरी लगाने के नाम पर 3 लाख 50 हजार रुपए की ठगी की गई। फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी करने की रिपोर्ट पर पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ जुर्म दर्ज किया  है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गरियाबंद निवासी थानूराम साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि प्रार्थी को सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर भेखलाल साहू और खेमलाल साहू ने 2008 में 3 लाख 50 हजार रुपए ले लिए। कई साल बीत जाने के बाद भी नौकरी नहीं लगाई और रुपए भी वापस नहीं किए। दोनों भाई फर्जी प्रमाण पत्र अंकसूची पेश कर पिछले 12 वर्षों से जनपद पंचायत आरंग में शिक्षाकर्मी वर्ग 3 में नौकरी कर वेतन का लाभ ले रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य मामलों में जुर्म दर्ज किया है।

09-10-2020
नौकरी लगाने और फीस की राशि में हेर-फेर के दो मामलों में जुर्म दर्ज

रायपुर। शहर में ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। पहला केस भनपुरी के एक विद्यालय का है। जहां महिला कर्मचारी पर 14 लाख 41 हजार रुपए की ठगी का आरोप है। महिला कर्मचारी पर फीस की राशि में हेर-फेर करने का आरोप है। वहीं दूसरा मामला नौकरी लगाने के नाम पर 23 लाख रुपए की ठगी का है। जहां हॉस्टल अधीक्षक और पटवारी के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर मनीष सोनी ने ठगी की है। पुलिस ने मनीष सोनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।

27-09-2020
रेलवे स्टेशन के वीआईपी रेस्ट हाउस में युवती से बलात्कार मामले में 2 इंजीनियर सस्पेंड

भोपाल। रेलवे स्टेशन के वीआईपी विश्राम कक्ष में 22 वर्षीय एक युवती से कथित रूप से सामूहिक बलात्कार के एक दिन बाद आरोपी दो इंजीनियरों को रेलवे ने निलंबित कर दिया है। पश्चिम मध्य रेल, भोपाल मण्डल द्वारा रविवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘शनिवार को भोपाल स्टेशन परिसर में हुई सामूहिक बलात्कार की शिकायत संज्ञान में आने पर जीआरपी द्वारा राजेश तिवारी (जूनियर इंजीनियर,कैरिज वैगन) तथा आलोक मालवीय (सीनियर सेक्शन इंजीनियर/विद्युत)भोपाल के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया। तिवारी फिलहाल भोपाल के वरिष्ठ मण्डल संरक्षा अधिकारी के अधीन सेफ्टी काउंसलर है। विज्ञप्ति के अनुसार मामला संज्ञान में आते ही मण्डल रेल प्रशासन ने तिवारी एवं मालवीय को देर रात ही तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसमें कहा गया है कि भोपाल मण्डल रेल प्रबंधक ने इस पूरे मामले की विभागीय कार्रवाई के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं तथा त्वरित रिपोर्ट मांगी है।

जीआरपी थाना भोपाल के प्रभारी आर एम रावत ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर इन दोनों आरोपियों पर भादंवि की धारा 376 डी (सामूहिक बलात्कार) और अन्य संबद्ध धाराओं में मामला दर्ज कर शनिवार को ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। भोपाल में रेलवे पुलिस के अधीक्षक हितेश चौधरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के महोबा की रहने वाली 22 वर्षीय पीड़िता की तिवारी से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। तिवारी ने उसे नौकरी दिलाने के बहाने भोपाल बुलाया था। युवती शनिवार सुबह जब भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंची तो तिवारी ने उसे स्टेशन पर बने रेलवे के वीआईपी विश्राम कक्ष में ठहराया। चौधरी ने बताया कि शनिवार दोपहर को तिवारी अपने सहकर्मी मालवीय के साथ युवती से मिलने आया और युवती को पीने के लिए कोई चीज दी,जिसमें कथित रूप से नशीला पदार्थ मिला हुआ था। इसके बाद युवती को हल्की बेहोशी आने लगी। फिर दोनों ने युवती से कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया। उन्होंने बताया कि युवती ने होश आने पर शनिवार शाम को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 

 

 

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