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26-10-2019
Breaking : फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी करने वालों की सेवाएं होगी समाप्त

रायपुर। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के झूठे (फर्जी/गलत) प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने वाले शासकीय सेवकों की सेवाएं समाप्त करने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने शासन के समस्त विभाग, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजस्व मंडल बिलासपुर, समस्त संभागीय आयुक्त, समस्त विभाग अध्यक्ष, समस्त करेक्टर्स और समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत छत्तीसगढ़ को पत्र भेजा है।

 

07-10-2019
गहराया आर्थिक मंदी का संकट , ये बैंक कर रहा कर्मचारियों की छंटनी...

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाई आर्थिक सुस्ती का असर अब रोजगार पर भी दिखने लगा है। दिग्गज अंतरराष्ट्रीय बैंक एचएसबीसी 10 हजार और लोगों की छंटनी करने जा रहा है। कुछ ही सप्ताह पहले ही बैंक ने कमजोर वैश्विक आउटलुक का हवाला देते हुए 4 हजार लोगों को नौकरी से निकालने की घोषणा की थी। बैंक के सीईओ ने भी पद छोड़ दिया था। नौकरी से निकाले जाने वालों में अधिकतर मोटी तनख्वाह पाने वाले कर्मचारी हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक बैंक को घटती ब्याज दर, ब्रेक्जिट और लंबा खिंच रहे ट्रेड वार से निपटने में मु्श्किल हो रही है। बैंक के नए प्रमुख नोएल क्विन खर्च घटाने के लिए नई मुहिम चला रहे हैं। इसी मुहिम के तहत 10 हजार और लोगों को नौकरी से निकाला जाएगा। नौकरी से निकाले जाने वालों में अधिकतर मौटी तनख्वाह पाने वाले कर्मचारी हैं। बैंक का मुख्यालय लंदन में है। एक सूत्र ने कहा कि हम कई साल से यह जानते हैं कि हमें खर्च के मोर्चे पर कुछ करने की जरूरत है और कर्मचारियों का वेतन खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा है। अब हम इस कठिन फैसले को ले रहे हैं। सवाल यह है कि जब एशिया के कुछ हिस्सों में दहाई अंकों में विकास दर्ज की जा रही है, तो यूरोप में इतने अधिक लोग क्यों काम कर रहे हैं। बैंक ने पिछले महीने सीईओ जॉन फ्लिंट के पद छोड़ने की घोषणा की थी। फ्लिंट 18 महीने ही पद पर रहे। बैंक ने हालांकि उनके पद छोड़ने के फैसले का कारण नहीं बताया। उसी समय बैंक ने कहा था कि वह अंतरराष्ट्रीय श्रम बल में से दो फीसदी यानी 4,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालेगा, जिनमें अधिकतर प्रबंधन से जुड़े थे। पहली छमाही में बैंक ने शुद्ध लाभ में 18.6 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की है। तीसरी तिमाही के नतीजे बैंक इसी महीने घोषित करने वाला है।

02-10-2019
नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर चाँपा। जिले के शिवरीनारायण थाना पुलिस को लंबे समय से फरार चल रहे ढाई लाख की ठगी करने वाले आरोपी मोहन श्रीवास को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। मोहन श्रीवास लगभग दो वर्षों से फरार चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर बीती रात कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ के घोंघापाली से गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला शिवरीनारायण का है, जहां प्रार्थी विजय सिंह ने 27 जुलाई 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मोहन श्रीवास के द्वारा जेल पहरी की नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर ढाई लाख रुपए की ठगी की गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही आरोपी मोहन श्रीवास लगभग दो साल से फरार चल रहा था। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ से घोंघापाली गाँव से उसे गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ धारा 420 के तहत कार्यवाही कर आरोपी को रिमांड पर भेज दिया गया है।

23-09-2019
चालीस मृतकों के आश्रितों को अभी भी न्याय की प्रतीक्षा, एक को भी नहीं मिली नौकरी

कोरबा। संयुक्त क्षेत्र के उद्यम भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) में 23 सितंबर 2009 को हुए चिमनी हादसा के चालीस मृतकों के आश्रितों को अभी भी न्याय की प्रतीक्षा है। दस साल बाद भी न तो हादसा के लिए जिम्मेदार लोगों पर दोष सिद्ध हो पाया है और न ही राज्य सरकार की ओर से कराई गई न्यायिक जांच पर कोई कार्रवाई हो सकी है। सबसे त्रासदी पूर्ण स्थिति यह है कि बालको प्रबंधन ने सभी मृतकों के एक-एक आश्रितों को नौकरी देने की घोषणा के बावजूद अब तक एक भी व्यक्ति को नौकरी नहीं दी है। हादसे में मृत बालको नगर के एकमात्र कामगार भोलासिंह की पत्नी ने बालको प्रबंधन से नौकरी मांगी तो उसे ठेका मजदूरी के लिए ठेकेदार के पास भेज दिया गया। उसे अभी भी बालको में नियोजित नहीं किया गया है। बता दें कि तत्कालीन केन्द्र सरकार के नौ-रत्नों में शामिल भारत एल्युमिनियम कंपनी (बालको) का तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी सरकार ने सन 2001 में विनिवेश किया था। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज ने 551 करोड़ रुपए में बालको का 51 प्रतिशत शेयर हस्तगत कर प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया था। तब विनिवेश के खिलाफ श्रमिक संघों ने देश के इतिहास में सबसे लम्बा और सबसे बड़ा 67 दिन का कामबंद आन्दोलन किया था। बहरहाल आन्दोलन समाप्त होने के बाद बालको के स्टरलाईट इण्डस्ट्रीज नियंत्रित प्रबंधन ने बालको संयंत्र का आधुनिकीकरण और विस्तार प्रारंभ किया। इसी योजना के तहत बालको में एक हजार दो सौ (1200) मेगावाट क्षमतायुक्त ताप विद्युत संयंत्र का निर्माण किया जा रहा था। 23 सितंबर 2009 की शाम विद्युत संयंत्र की 240 मीटर ऊंची चिमनी सहसा ही ताश के पत्तों की तरह ढह गयी। इस हादसे में मौके पर मौजूद चालीस कामगारों की मौत हो गयी थी। चिमनी हादसा के बाद प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह की सरकार ने दुर्घटना की जांच के लिए न्यायाधीश संदीप बख्शी जांच आयोग का गठन किया। दो वर्ष से अधिक समय तक चली न्यायिक जांच की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी गयी है। इस बीच बालको नगर पुलिस ने हादसा को लेकर अपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया। जांच के बाद प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। चिमनी हादसा के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ  न तो न्यायिक जांच की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई हो सकी है और न ही न्यायालय में प्रस्तुत आपराधिक प्रकरण में कोई निर्णय हुआ है। मृतकों के परिजन अभी भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। न्यायालयीन सूत्रों के अनुसार इस मामले में पिछले 4 वर्षों से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से स्टे लगा हुआ है, जिसके कारण प्रकरण में सुनवाई ठप पड़ी हुई है। न तो छत्तीसगढ़ की भाजपानीत पूर्व सरकार ने मामले को आगे बढ़ाने में 3 सालों में कोई रुचि दिखाई और न ही वर्तमान कांग्रेस सरकार इस मामले में रुचि लेकर प्रकरण के निराकरण की दिशा में कोई कार्रवाई कर रही है। हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और मामले में एक पक्षकार के वकील अशोक तिवारी ने बताया कि पिछले 4 वर्षों से मामले की सुनवाई हाईकोर्ट से स्टे के कारण रुकी हुई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोरबा के न्यायालय में यह प्रकरण लंबित है। बालको प्रबंधन ने हाईकोर्ट से यह स्टे लिया है।

 

08-09-2019
तकनीक में सुधार से गयी जोमैटो के 540 कर्मचारियों की नौकरी

नई दिल्ली। ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने अपने 540 कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया है। ये छंटनी गुडगांव स्थित कंपनी के दफ्तर में हुई है, जिनमें मुख्य रूप से कस्टमर सपोर्ट और डिलीवरी पार्टनर के कर्मचारी शामिल हैं। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हमने 541 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है जो कि जोमैटो के कुल कर्मचारियों का 10 प्रतिशत है। छंटनी के बाद कंपनी के कर्मचारियों की कुल संख्या 5,000 रह गई है। हालांकि कंपनी ने कहा है कि जिन कर्मचारियों को निकाला गया है उन्हें दो से चार महीने का भुगतान किया जा रहा है। कंपनी की तकनीक में हुए सुधार के बाद ये नौकरियां खत्म हुई हैं।

जोमैटो का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में हमने देखा है कि हमारे टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट और प्लेटफॉर्म बेहतर हुए हैं। हमने शिकायत सुलझाने की स्पीड बेहतर कर ली है और अब हमारे सिर्फ 7.5 फीसदी ऑर्डर के लिए सहयोग की आवश्यकता होती है। कंपनी ने इससे पहले 60 कर्मचारियों को यह कहकर निकाल दिया था कि वो अपनी सेवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए ऐसा कर रही है। इससे पहले 2015 में कंपनी ने खर्चे में कटौती के नाम पर 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। मालूम हो कि जोमैटो कंपनी भारत में हर माह चार करोड़ ऑर्डर डिलीवरी करने का दावा करती है। 

01-09-2019
बैंको के विलय के बाद नहीं जाएगी किसी भी कर्मचारी की नौकरी : निर्मला सीतारमण 

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रस्तावि विलय से कर्मचारियों की नौकरी जाने के खतरे की चिंता को खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि विलय के इन निर्णयों से किसी एक कर्मचारी की भी नौकरी नहीं जाएगी। सीतारमण ने नौकरी जाने के बारे में बैंक यूनियनों की चिंताओं के बारे में संवाददाताओं से कहा कि यह बिल्कुल तथ्यहीन बात है। मैं इनमें से हर बैंक की सभी यूनियनों एवं लोगों को यह आश्वस्त करना चाहती हूं कि वे शुक्रवार को कही गयी मेरी बात को याद करें। जब हमने बैंकों के विलय की बात की तो मैंने स्पष्ट तौर पर कहा था कि किसी भी कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा।  निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को दस सरकारी बैंकों का विलय कर चार बैंक बनाने की घोषणा की थी। यह निर्णय देश में मजबूत और वैश्विक पैमाने के बड़े बैंक गठित करने के लक्ष्य से किया गया है। सरकार ने शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के दस बड़े बैंकों का विलय कर चार बैंक बनाने की घोषणा की। इसके मुताबिक पीएनबी में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का, केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का एवं इंडियन बैंक में इलाहाबाद बैंक का विलय किया जाना है। विलय के बाद कुल सरकारी बैंकों की संख्या 12 रह जाएगी।

29-08-2019
हीरा कारोबार पर हावी हुई मंदी, 60 हजार लोगों की गयी नौकरी 

नई दिल्ली।देश के हीरा कारोबार के गढ़ गुजरात में मंदी का असर दिखने लगा है। पिछले कुछ महीनों में 60 हजार लोगों के पास नौकरी नहीं है। 40 फीसदी फैक्ट्रियों ने अपने शटर गिरा दियें है, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। फिलहाल 15 फीसदी लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। 

इन तीन कारणों से पड़ा असर
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सूरत को गुजरात में हीरा कारोबार का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है। यहां के कारोबारियों के मुताबिक नवंबर 2016 के बाद से स्थितियां काफी मुश्किल होना शुरू हो गई थीं। नवंबर 2016 में नोटबंदी, उसके बाद जुलाई 2017 में जीएसटी और फरवरी 2018 में नीरव मोदी, मेहुल चौकसी द्वारा किए गए पीएनबी घोटाले ने कारोबार की कमर पूरी तरह से तोड़ दी है। सूरत के अलावा अमरेली और भावनगर में भी हीरे की कटिंग और पॉलिशिंग का कारोबार होता है। 

विश्व में घटी मांग
भारतीय हीरे की मांग पूरे विश्व में कम होती जा रही है। चीन में 20 फीसदी, खाड़ी देशों और यूरोप व अमेरिका में भी भारतीय हीरों की मांग में कमी देखने को मिली है। कट पोलिश हीरे का निर्यात जुलाई में 18.15 फीसदी घट गया है। वहीं पिछले साल के मुकाबले वित्त वर्ष की शुरुआत के चार महीनों में 15.11 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
 
20 लाख लोग करते हैं नौकरी
हीरे के कारोबार से गुजरात में 20 लाख लोग जुड़े हुए हैं, जिसमें से आठ लाख लोग केवल हीरे की कटिंग और पॉलिशिंग करते हैं। कई कंपनियां अब केवल एक पाली में काम करा रही हैं। जबकि पहले तीन पालियों में काम होता था। हालांकि इस दौरान हीरे की कीमतों में भी छह से 10 फीसदी की कमी हुई है। जुलाई में केवल 18,633.10 करोड़ रुपये के हीरे का निर्यात हुआ था। यह पिछले साल के मुकाबले 11.08 फीसदी की कमी है। पिछले साल इसी महीने 84,272.30 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया था। भारत दुनिया में रफ डायमंड की कटिंग और पॉलिशिंग का सबसे बड़ा केंद्र है। ऐसा भी कहा जाता है कि दुनिया के 15 में से 14 रफ डायमंड की पॉलिशिंग यहीं होती है। 

 

28-08-2019
फर्जी अंकसूची बनवाकर नौकरी करने वाले शिक्षाकर्मी को पुलिस ने किया गिरफ्तार 

कवर्धा। पुलिस ने फर्जी शिक्षाकर्मी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि वह फर्जी अंकसूची बनवाकर शिक्षाकर्मी की नौकरी करता था। आरोपी शिक्षक का नाम मदनलाल धरमगढ़े बताया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में अंकसूची बनावाने वाले मास्टर माइंड युवक सुमन लाल बघेल को भी गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक आरोपी ने 2005 से लेकर अब तक लगभग 19 वर्षों तक नौकरी की है। रेंगाखार पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इस मामले की शिकायत  शिकायत लगातार पुलिस को मिल रही थी। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया है। वहीं जिले में अब भी फर्जी शिक्षाकर्मी नौकरी कर रहे है। इस मामले की भी शिकायत पुलिस से की जा चुकी है l


 

25-08-2019
10वीं पास से लेकर ग्रेजुएट युवाओं के लिए एसएससी में निकली नौकरियां, जाने कैसे करें आवेदन

नई दिल्ली। स्टाफ सिलेक्शन कमीश्न (एसएससी) ने विभिन्न पदों पर भर्तियों लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। एसएससी कई पदों पर भर्तियां करने जा रहा है। इच्छुक अभ्यर्थी 31 अगस्त 2019 तक आवेदन कर सकते हैं। अगर आप आवेदन करना चाहते हैं तो नीचे दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें।.........

पद का नाम आयु सीमा कुल पद शैक्षणिक योग्यता

सीनियर तकनीकी सहायक

18-30 4 ग्रेजुएट

सीनियर कंजर्वेशन असिस्टेंट

18-27 9 12वीं पास

लोहार

18-27 7 10वीं पास
प्रूफ रीडर 18-25 1 ग्रेजुएट

वैज्ञानिक सहायक

18-30 64 ग्रेजुएट

जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रॉनिक्स)

18-30 1 ग्रेजुएट
स्टाफ कार चालक 18-25 2 10वीं पास

टेक्सटाइल डिजाइनर

18-30 1 ग्रेजुएट

प्रोयगशाला परिचर

18-25 3 12वीं पास

जूनियर टेक असिस्टेंट

18-30 11 ग्रेजुएट

जेनरेटर ऑपरेटर

18-25 1 10वीं पास

अनुसंधान सहायक

18-30 2 ग्रेजुएट

जूनियर भौगोलिक सहायक

18-25 1 ग्रेजुएट
जूनियर इंजीनियर 18-30 6 ग्रेजुएट

जूनियर जूलॉजिकल असिस्ट

18-27 1 ग्रेजुएट

प्राथमिक टीचर

18-30 2 12वीं पास


प्रयोगशाला तकनीशियन

18-27 2 10वीं पास

पुस्तकालय सूचना सहायक

18-30 1 ग्रेजुएट

इंस्पेक्टर (गैर-तकनीकी)

18-30 1 ग्रेजुएट

जूनियर वैज्ञानिक सहायक

18-30 5 ग्रेजुएट

वरिष्ठ प्रशिक्षक

18-30 2 ग्रेजुएट

परिरक्षण सहायक

18-27 6 ग्रेजुएट

गार्डन ओवर्सर


 

18-27 7 ग्रेजुएट

अकाउंटेंट

18-27 1 ग्रेजुएट

तकनीकी ऑपरेटर

18-27 7 10वीं पास

मैकेनिक

18-27 28 10वीं पास

डाटा एंट्री ऑपरेटर

18-26 2 ग्रेजुएट

चिकित्सा परिचारक

18-25 12 10वीं पास

महत्वपूर्ण तिथियां :

- आवेदन करने की अंतिम तिथि - 31 अगस्त 2019

- ऑनलाइन एग्जाम - 14 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2019

कैसें करें आवेदन :

- इच्छुक उम्मीदवार https://ssc.nic.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 

21-08-2019
पाकिस्तान में छायी मंदी, डेढ़ लाख लोगों की छिन गई नौकरी

इस्लामाबाद। दुनिया की सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं मंदी के हालातों से गुजर रही हैं। दुनिया की बड़ी रेटिंग एजेंसियों ने पिछले दिनों अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर हालत नहीं सुधरे तो आने वाले तीन साल काफी मुश्किल साबित हो सकते हैं। पहले ही कर्ज में डूबे पाकिस्तान के लिए भी मंदी के ये हालात बुरी खबर लेकर आए हैं। पाकिस्तान के ऑटो सेक्टर में इस मंदी से काफी बुरा असर पड़ा है और लगातार शोरूम बंद हो रहे हैं और लोगों को नौकरी से निकाला जा रहा है। पाकिस्तान में कारों की बिक्री में 40 से 60 फीसदी तक की कमी आई है। पाकिस्तान में कार इंडस्ट्री में संकट की वजह से करीब डेढ़ लाख लोगों को अपनी नौकरियां खोनी पड़ी हैं। पाकिस्तान के ऑटो मोबाइल सेक्टर ने 2021 तक 3 लाख कारें बेचने का लक्ष्य रखा था। कार बनाने वाली कंपनियों को उम्मीद थी कि वो 2022 तक कम से कम 5 लाख कारें बेच पाएंगी। लेकिन ऑटो मोबाइल सेक्टर की पॉलिसी में आए बदलाव, टैक्स की दरों में फेरबदल और कार प्रोडक्शन में आने वाली लागत में बढ़ोतरी की वजह से कारों के दाम बढ़ाने पड़े। इसकी वजह से कारों की बिक्री में गिरावट आ गई।

 

 

22-07-2019
हॉस्पिटल में नौकरी देने के नाम पर युवाओं से लाखों की ठगी

कोरबा। वल्र्ड वेलफेयर एंड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन द्वारा संचालित श्री हॉस्पिटल नर्सिंग होम एंड पैरामेडिकल कॉलेज उरगा में नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। पीडि़तों ने बताया कि उनके साथ नौकरी के नाम पर ठगी की गई है, फर्जी नियुक्ति पत्र व नौकरी लगाने के लिए लाखों रुपए लिए गए हंै। आवेदनकर्ताओं ने कॉलेज प्रबंधन से एक माह के अंदर नौकरी देने की मांग की है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने डीडी के द्वारा रुपए लिए हैं, जबकि आवेदनकर्ताओं का सीधा आरोप है कि प्रबंधन ने नौकरी के नाम पर, अवैध रुपए वसूल किए हैं जो जांच का विषय है। 

 

 

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