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20-05-2019
फिल्म अभिनेता जितेंद्र को राहत, यौन उत्पीडऩ मामले की याचिका रद्द 

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता रवि कपूर उर्फ  जितेंद्र के खिलाफ  दर्ज यौन उत्पीडऩ के मामले को लेकर प्राथमिकी को रद्द कर दिया है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने अभिनेता जितेंद्र की ओर से दायर याचिका के तथ्यों व इस मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद यह फैसला सुनाया। याचिका में दिए गए तथ्यों के अनुसार गत 16 फरवरी को महिला पुलिस थाना शिमला के समक्ष भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत प्रार्थी अभिनेता के खिलाफ  प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एफआईआर में प्रार्थी अभिनेता की चचेरी बहन ने 47 साल पहले घटी घटना को लेकर यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाए थे। प्रार्थी ने हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर कर इस प्राथमिकी को रद्द करने की गुहार लगाई  थी। प्रार्थी की ओर से यह दलील दी गई थी कि यह प्राथमिकी उसे ब्लैकमेल करने के इरादे से दर्ज की गई है। कथित घटना के 47 वर्ष बाद दर्ज इस प्राथमिकी में देरी के कारणों का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। प्रार्थी ने कहा था कि एफआईआर में न तो शिमला में की गई फिल्म की शूटिंग के नाम का व होटल का उल्लेख किया गया है। दो सह अभिनेताओं के नाम भी प्राथमिकी में नहीं लिखे गए हैं। प्रार्थी के अनुसार उसके खिलाफ  झूठे आरोप लगाए गए हैं। इस कारण प्रार्थी ने यह एफआईआर रद्द करने की गुहार लगाई थी। न्यायालय ने प्रार्थी की दलीलों को कानूनन न्यायसंगत पाते हुए उपरोक्त फैसला सुनाया।

07-05-2019
न्यू स्वागत विहार मामले में हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर की सुनवाई

रायपुर। न्यू स्वागत विहार मामले में मंगलवार को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर हाईकोर्ट ने पीडि़तों द्वारा दायर की गई अवमानना याचिका पर सुनवाई की है और बिल्डर को निवेशकों से बैठक कर सहमति बनाने का निर्देश दिया है। 

न्यू स्वागत विहार भू-स्वामी कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल राव ने बताया कि न्यू स्वागत विहार डूंडा में 3 हजार निवेशकों ने जमीन खरीदी थी। इसमें पीडि़तों ने बिल्डर के विरूद्ध अवमानना याचिका हाईकोर्ट में लगाई थी। इसमें हाईकोर्ट ने पहले भी पीडि़तों के पक्ष में सुनवाई की थी और आज भी हाईकोर्ट ने पीडि़तों के पक्ष में सुनवाई करते हुए बिल्डर को 6 हफ्तें का समय दिया है। वहीं बिल्डर द्वारा जमीन को लेकर जो नक्शा बनाया गया था उसमें कुछ निवेशकों की जमीन छोटी पड़ रही है, तो उससे चर्चा कर आवेदक से सहमति बनाने के लिए कहा गया है। 6 सप्ताह में मामले का निराकरण करने को कहा है।

07-05-2019
10 मई को डॉ.पुनीत गुप्ता की अग्रिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

रायपुर। डॉ. पुनीत गुप्ता की अग्रिम जमानत को खारिज करने के लिए रायपुर पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें रोस्टर की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई तारीख आगे बढ़ा दी। अब इस मामले की सुनवाई 10 मई को होगी। 
बता दें कि तीन दिन पहले ही एडिशनल एसपी प्रफुल्ल ठाकुर की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसमें पुनीत गुप्ता के खिलाफ गंभीर अपराध और पर्याप्त सबूत के आधार पर अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज करने की बात कही गई है। लेकिन रोस्टर की वजह से सुनवाई की तारीख टल गई। मामले की सुनवाई अब सुप्रीम कोर्ट में 10 मई को होगी। वहीं डॉ. पुनीत गुप्ता को एक और नोटिस जारी कर उन्हें तलब किया जा रहा है, जिससे सभी सवालों का जवाब लिया जा सके।

02-05-2019
बिलासपुर हाईकोर्ट ने खारिज की अजीत जोगी की याचिका, कारण जानने पढ़ें पूरी खबर

बिलासपुर। प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी द्वारा जाति छानबीन समिति की जांच पर रोक लगाने के लिए पेश की गई उनकी याचिका को बिलासपुर हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। बता दें कि सरकार ने हाईकोर्ट के निर्देश पर उच्चस्तरीय जाति छानबीन समिति का गठन किया है। इस याचिका की सुनवाई जस्टिस गौतम भादुड़ी की कोर्ट में हुई। इस मामले में हाईपावर कमेटी ने अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय के आवेदन पर नोटिस भेजा था, जिसे अजीत जोगी ने चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। गौरतलब है कि इससे पहले भी हाईपावर कमेटी ने अजीत जोगी की जाति के खिलाफ  फैसला सुनाया था, इस संबंध में भी जोगी ने उच्च न्यायालय में दरकार लगाई थी। तब हाईकोर्ट ने अजीत के पक्ष फैसला सुनाया था कि हाईपावर कमेटी का गठन वैधानिक तरीके से नहीं किया गया था। 

 

16-04-2019
Supreme Court : सुप्रीमकोर्ट ने की मायावती की याचिका खारिज, बैन के खिलाफ जल्द सुनवाई से किया इनकार

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती की दायर याचि​का को खारिज कर दिया है। सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार याचिका पर जल्द सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग के प्रचार पर रोक लगाने के फैसले को चुनौती दी थी। इस मामले को ऐडवोकेट दुष्यंत दवे ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया था, लेकिन अदालत ने मायावती को फौरी तौर पर राहत देने से इनकार कर दिया। मायावती के चुनाव प्रचार करने पर आयोग ने 48 घंटे की रोक लगाई हुई है।
चुनाव आयोग ने अलग-अलग आदेश जारी कर कहा था कि दोनों को चुनाव प्रचार करने से ‘रोका गया है।’ मायावती ने देवबंद में मुस्लिमों से अपील की थी कि एक पार्टी विशेष को वोट नहीं दें। इसे लेकर उन्हें नोटिस जारी किया गया था। चुनाव आयोग ने कहा कि बसपा प्रमुख ने प्रथमदृष्ट्या आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
आदित्यनाथ ने मेरठ में एक रैली को संबोधित करते हुए ‘अली’ और ‘‘बजरंग बली’ की टिप्पणी की थी जिसपर उन्हें नोटिस जारी किया गया था। 

10-04-2019
प्रवीण कक्कड़ की याचिका पर बहस करने इंदौर पहुंचे कपिल सिब्बल

इंदौर।  मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ की याचिका पर बहस के लिए सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल बुधवार को इंदौर पहुंचे। बता दें कि विगत दिनों आयकर विभाग दिल्ली की टीम ने दिल्ली, भोपाल, इंदौर  व गोवा में छापा मारकर कार्रवाई की थी। इसी में मुख्यमंत्री के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के इंदौर स्थित निवास पर भी छापा पड़ा था। इसे लेकर कक्कड़ द्वारा इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है जिसमें आयकर विभाग द्वारा की गई कार्रवाई चुनौती दी गई है। सीनियर एडवोकेट सिब्बल इस मामले में कक्कड़ की ओर से  11 अप्रैल को होने वाली सुनवाई में बहस करेंगे।

18-02-2019
पूर्व मंत्री राजेश मूणत की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

रायपुर। अंतागढ़ टेपकांड मामले में सोमवार को पूर्व मंत्री राजेश मूणत की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है। इसके पहले कोर्ट में इसी मामले में पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह के दामाद पुनीत गुपता और मंतूराम की भी अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी थी। बता दे कि पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी। मामले में आज मजिस्ट्रेट विवेक कुमार वर्मा की न्यायालय में सुनवाई हुई। राजेश मूणत की ओर से पूर्व उप महाअधिवक्ता रमाकांत मिश्रा ने पैरवी की, उन्होंने मामले में दलील दी कि राजेश मूणत पर कोई अपराध नहीं बनता है। यह 2014 का मामला है और इसमें देर से एफआईआर की गई है, जिससे इसमें भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 9, 13 के तहत अपराध नहीं बनता है। राजेश मूणत के वकील ने कहा कि आॅडियो टेप में राजेश मूणत की कोई आवाज नहीं है, उन्हें राजनीतिक दुर्भावना के तहत फंसाया जा रहा है। वहीं शासन की ओर से पैरवी कर रहे सतीश चंद्र वर्मा ने अपनी दलील में कहा कि पूरे मामले के साजिशकर्ता राजेश मूणत ही थे। कोर्ट में डेढ़ घंटा के बहस चलने के बाद न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए पूर्वमंत्री की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि अग्रिम जमानत दिए जाने की असमान्य स्थिति अभी नहीं दिखती है, प्रकरण विचाराधीन है।

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