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23-06-2021
यहां कोई स्मार्ट सिटी नहीं, पूरा राज्य गोबर राज्य है : हाईकोर्ट

बिलासपुर/रायपुर। न्यायधानी स्थित हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए छत्तीसगढ़ को गोबर राज्य कह डाला। मामला एमएमपी वाटर स्पोर्ट्स बनाम छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की याचिका में सुनवाई का था। सुनवाई के दौरान जस्टिस मिश्रा ने यह कड़ी टिप्पणी की। दरअसल स्वामी विवेकानंद सरोवर बूढ़ा तालाब रायपुर में वाटर स्पोर्ट्स के दोबारा टेंडर करने को लेकर एमएमपी वाटर स्पोर्ट्स की ओर से बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। याचिका में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अलावा रायपुर नगर निगम और रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड को भी पक्षकार बनाया गया था। बूढ़ा तालाब रायपुर में वाटर स्पोर्ट्स का टेंडर पूर्व में एमएमपी वाटर स्पोर्टस् को दिया गया था, लेकिन कतिपय आधारों पर बाद में इसका दोबारा टेंडर निकाले जाने पर एमएमपी वाटर स्पोर्ट्स ने हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका लगाई गई थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। मामले में स्मार्ट सिटी रायपुर, नगर निगम रायपुर और वाटर स्पोर्ट्स से जुड़े तथ्यों पर बहस के दौरान जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने यह टिप्पणी कर दी कि यहां कोई स्मार्ट सिटी नहीं है, पूरा राज्य गोबर राज्य है।

31-05-2021
5जी प्रौद्योगिकी के खिलाफ जूही चावला ने उच्च न्यायालय में दायर की याचिका

नई दिल्ली। अभिनेत्री जूही चावला ने देश में 5जी वायरलेस नेटवर्क स्थापित करने के खिलाफ सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया। उन्होंने नागरिकों, जानवरों, वनस्पतियों और जीवों पर विकिरण के प्रभाव से संबंधित मुद्दों को उठाया। मामला सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति सी.हरिशंकर के पास आया, जिन्होंने मामले को दो जून को सुनवाई के लिए इसे दूसरी पीठ के समक्ष स्थानांतरित कर दिया। जूही चावला ने कहा कि यदि दूरसंचार उद्योग की योजनाएं पूरी होती हैं तो पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति, कोई जानवर, कोई पक्षी, कोई कीट और कोई भी पौधा इसके प्रभाव से नहीं बच सकेगा। उन्होंने कहा कि इन 5जी योजनाओं से मनुष्यों पर गंभीर, अपरिवर्तनीय प्रभाव और पृथ्वी के सभी पारिस्थितिक तंत्रों को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा है। अधिवक्ता दीपक खोसला के माध्यम से दायर याचिका में अधिकारियों को यह स्पष्ट करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि 5जी प्रौद्योगिकी मानव जाति, पुरुष, महिला, वयस्क, बच्चे, शिशु, जानवरों और हर प्रकार के जीवों, वनस्पतियों के लिए सुरक्षित है।

08-04-2021
पूर्व गृहमंत्री की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज,अदालत ने कहा- दुश्मन ने नहीं राइटहैंड ने लगाया आरोप

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख द्वारा मुंबई हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। बता दें कि हाईकोर्ट ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार के उच्च अधिकारी मामले में शामिल हैं, इसलिए मामला गंभीर हो जाता है। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस कौल ने अनिल देशमुख की मांग को खारिज करते हुए कहा कि आपके ऊपर आरोप किसी दुश्मन ने नहीं लगाया है। अदालत ने कहा कि आपके ऊपर आरोप एक ऐसे शख्स ने लगाया है, जो आपका 'राइटहैंड' था। इसके साथ ही अदालत ने अनिल देशमुख के साथ ही मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के खिलाफ भी जांच किए जाने की जरूरत बताई।
आरोप गंभीर हैं, गृहमंत्री और पुलिस आयुक्त शामिल हैं। वे एक साथ काम कर रहे हैं जब तक कि वे अलग नहीं हो जाते, दोनों एक विशेष स्थिति में रहते हैं। क्या सीबीआई जांच नहीं होनी चाहिए? आरोप और इसमें शामलि व्यक्तियों को देखते हुए इसकी स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है। अदालत में सुनवाई के दौरान अनिल देशमुख के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि परमबीर सिंह एक पुलिस अधिकारी हैं, इसलिए उनकी कही बात को सबूत नहीं माना जा सकता। उनके पुलिस अधिकारी होने की वजह से उनके शब्द सबूत नहीं बन जाते। बता दें कि सीएम उद्धव ठाकरे को लिखी चिट्ठी में मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर ने अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये उगाही कराने का आरोप लगाया था। इसी मामले में पिछले दिनों बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई को प्रारंभिक जांच के आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद ही अनिल देशमुख ने गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।

09-02-2021
भिलाई नगर निगम के वार्ड परिसीमन के  विरोध में लगाई गई याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज

भिलाई। भिलाई नगर निगम के परिसीमन के पश्चात उसके आपत्ति को लेकर लगाई गई याचिका मंगलवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में खारिज कर दी। देर शाम आए इस फैसले के बाद जिला प्रशासन द्वारा मतदाता सूची बनाने के कार्य के आदेश जारी कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि विगत 20 जनवरी को भिलाई नगर निगम का कार्यकाल समाप्त हो गया था। उसके पश्चात कलेक्टर को प्रशासक बना कर वहां बैठाया गया है और परिसीमन विवाद के चलते वहां की वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया तथा चुनाव प्रक्रिया रुकी हुई थी। आपत्ति करने वालों में मुख्य रूप से पूर्व पार्षद जयप्रकाश यादव, वशिष्ठ नारायण मिश्रा, पीयूष मिश्रा व पूर्व नेता प्रतिपक्ष संजय दानी थे। इन्होंने के प्रकाशन के बाद राजपत्र में प्रकाशन पश्चात बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

इसमें उनके द्वारा कहा गया था कि पहले जो राजपत्र में बताया गया था। 4  जनगणना वार्ड गायब होने के आरोप थे। वही प्रारंभिक प्रकाशन के वक्त वार्डाे की स्थिति कुछ और थी और अंतिम प्रकाशन के बाद पूरा वस्तु स्थिति बदल दी गई है। इन सब बातों को लेकर पांचो याचिकाकर्ता कोर्ट के समक्ष याचिका दायर की थी,जिसे आज हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। नगर निगम के पक्ष में फैसला सुनाया है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार  इस मामले में भिलाई नगर निगम द्वारा कैविएट दायर करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

 

02-02-2021
विवाह की उम्र एक समान करने की मांग वाली याचिका पर सुको ने केंद्र से मांगा जवाब

रायपुर/नई दिल्ली। विवाह के लिए पुरुषों और महिलाओं की न्यूनतम उम्र एक समान करने संबंधी राजस्थान व दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिकाओं को हाई कोर्ट में स्थानांतरित किए जाने की मांग पर मंगलवार को केंद्र से जवाब तलब किया गया। यह याचिकाएं इसलिए दायर की गई हैं कि मुकदमेबाजी और परस्पर विरोधी विचारों से बचा जा सके। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने वरिष्ठ वकील गीता लुथरा के प्रतिवेदन पर संज्ञान लिया, जिसमें कहा गया था कि इसी तरह की दो याचिकाएं हाई कोर्ट में लंबित हैं। उन्हें इस मुद्दे पर एक आधिकारिक आदेश के लिए शीर्ष अदालत में स्थानांतरित किया जा सकता है। गीता लूथरा यहां वकील और भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय की ओर से पेश हुईं। उच्चतम न्यायालय की पीठ ने कहा कि इस पर नोटिस जारी करें। न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम भी पीठ का हिस्सा थे।

लड़की की विवाह की न्यूनतम उम्र 21 साल करने की मांग : भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर याचिका में लड़के और लड़की की विवाह की न्यूनतम उम्र 21 साल करने की मांग की गई है। इससे पहले भी हाई कोर्ट ने शादी के लिए पुरुष और महिला की उम्र समान करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। फिलहाल पुरुषों के लिए शादी की उम्र 21 साल और महिलाओं के लिए 18 साल है। जनहित याचिका में कहा गया है कि देश में शादी के लिए विभिन्न आयु का निर्धारण किया गया है। यह व्यवस्था संविधान में दिए गए समानता के अधिकार और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है, इसलिए इस व्यवस्था को समाप्त कर विवाह की आयु समान की जाए।

07-12-2020
अर्नब को नहीं मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, FIR रद्द करने और जांच CBI को सौंपने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार

नई दिल्ली|  रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है| रिपब्लिक टीवी के खिलाफ सभी एफआईआर को रद्द करने और जांच को सीबीआई को ट्रांसफर करने की याचिका पर सुनवाई से सोमवार को इनकार कर दिया|  जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि यह याचिका प्रकृति में महत्वाकांक्षी है| याचिका में कहा गया था कि सभी एफआईआर रद्द की जाएं और सभी मामलों को जांच के लिए सीबीआई को सौंपा जाए|  इसके अलावा, कोई संपादकीय और अन्य कर्मचारी महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं किए जाएं| कोर्ट ने कहा कि आप चाहते हैं कि महाराष्ट्र पुलिस किसी भी कर्मचारी को गिरफ्तार न करे और केस को सीबीआई को हस्तांतरित कर दे|  बेहतर है कि आप इसे वापस ले लें|  याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली है|

26-10-2020
नीरव मोदी की जमानत याचिका ब्रिटेन की अदालत ने की सातवीं बार खारिज

नई दिल्ली। ब्रिटेन की एक अदालत ने भगोड़े नीरव मोदी की जमानत याचिका सातवीं बार खारिज कर दी है। बता दें कि नीरव मोदी भारत में पंजाब नेशनल बैंक से 14 हजार करोड़ रुपए से अधिक के लोन की धोखाधड़ी और मनी-लॉन्ड्रिंग के मामले का आरोपी है और उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। वहीं इससे पहले इस महीने की शुरुआत में ब्रिटेन की अदालत ने चल रही प्रत्यर्पण की सुनवाई को तीन नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया था, लेकिन नीरव मोदी बार-बार जमानत पाने के लिए याचिका लगा रहा है। हालांकि उसे इस बार भी सफलता नहीं मिल सकी। गौरतलब है कि लंदन की पुलिस ने 19 मार्च को नीरव मोदी को गिरफ्तार किया था और उसके बाद से वह लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। वहीं वर्ष 2018 में पीएनबी घोटाले में नाम सामने आने से कुछ महीने पहले ही वह भारत से फरार हो गया था। भारत सरकार द्वारा नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की हरसंभव कोशिश की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द उसे भारत लाया जा सके।

 

 

14-10-2020
प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ रजनीकांत ने दर्ज की थी याचिका, मद्रास हाईकोर्ट ने अभिनेता को दी चेतावनी

चैन्नई। साउथ सुपरस्टार रजनीकांत को बुधवार को उनेक प्रॉपर्टी टैक्स केस को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने कड़े शब्दों में फटकार लगाईं है। एक्टर के राघवेंद्र कल्याण मंडपम मैरिज हॉल पर ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने 6.5 लाख का संपत्ति कर जोड़ा था,जिसे लेकर वो नाराज थे। इस बात को लेकर उन्होंने मद्रास उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। आज इस मामले पर सुनवाई के दौरान मद्रास उच्च न्यायालय की जस्टिस अनीता सुमंत ने रजनीकांत को चेतावनी देते हुए कहा कि टैक्स की मांग को लेकर आनन-फानन में अदालत दौड़ने के लिए उनपर अतिरिक्त खर्च लागू की जा सकती है। इस मामले में उनके वकील ने अदालत को जवाब देते हुए कहा कि इस केस को वापस लेने के लिए उन्हें समय चाहिए। बताया जा रहा है कि रजनीकांत का ये मैरिज हॉल तमिलनाडू के चेन्नई स्थित कोडमबक्कम में है,जिसपर 6.5 लाख का प्रॉपर्टी टैक्स लागू किया गया है। इस बात को लेकर नाराज रजनीकांत ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। एक्टर का कहना है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के कारण 24 मार्च, 2020 से ही उनका ये हॉल बंद पड़ा है। इसी के चलते वें इससे किसी भी तरह की कमाई नहीं कर पाए हैं। इसलिए उनकी इस संपत्ति पर लगाए गए इस टैक्स को खारिज करना चाहिए।

 

 

12-10-2020
फिल्म इंडस्ट्री की छवि धूमिल करने से नाराज सिनेमा जगत ने दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की याचिका

मुंबई। फिल्म कंपनियों और संस्थाओं ने दिल्ली हाई कोर्ट में सोमवार को फिल्म इंडस्ट्री की छवि बिगाड़ने को लेकर याचिका दायर की है। दरअसल यह याचिका बॉलीवुड के खिलाफ गैर जिम्मेदाराना और अपमानजनक टिप्पणी करने से रोकने के लिए की गई है। याचिका दायर करने वालों में शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान, आदित्य चोपड़ा, फरहान अख्तर और अजय देवगन की कम्पनियों समेत कई बड़े प्रोडक्शन हाउसेज शामिल हैं। याचिका में ना सिर्फ मीडिया ट्रायल को रोकने बल्कि न्यूज़ चैनल्स से प्रोग्राम कोड का पालन करते हुए छवि ख़राब करने वाले कंटेंट को हटाने की भी मांग की गई है। आरोप है कि चैनलों ने बॉलीवुड को लेकर भद्दी भाषा इस्तेमाल करते हुए छवि बिगाड़ने की कोशिश की है। याचिका के लिए 34 बड़े प्रोडक्शन हाउस और 4 फ़िल्म संस्थाएं एक साथ आई हैं। याचिका दायर करने वालों में मैकगफिन पिक्चर्स, नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट, कबीर खान फिल्म्स, लव फिल्म्स,राकेश ओमप्रकाश मेहरा पिक्चर्स, रेड चिलीज एंटरटेनमेंट, रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट, रील लाइफ प्रोडक्शंस, रोहित शेट्टी पिक्चर्स, रॉय कपूर प्रोडक्शंस, सलमान खान वेंचर्स, सोहेल खान प्रोडक्शंस, वन इंडिया स्टोरीज, द प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, द सिने ऐंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन, द फिल्म ऐंड टीवी प्रोड्यूसर्स काउंसिल स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन शामिल हैं। इसके साथ ही आमिर खान प्रोडक्शंस, ऐड-लैब फिल्म्स, अजय देवगन फिल्म्स, आंदोलन फिल्म्स, अनिल कपूर फिल्म ऐंड कम्युनिकेशन नेटवर्क, अरबाज खान प्रोडक्शंस, आशुतोष गोवारिकर प्रोडक्शंस, बीएसके नेटवर्क ऐंड एंटरटेनमेंट, केप ऑफ गुड फिल्म्स, क्लीन स्लेट फिल्म्स, धर्मा प्रोडक्शंस, एमे एंटरटेनमेंट ऐंड मोशन पिक्चर्स, एक्सेल एंटरटेनमेंट, फिल्मक्राफ्ट प्रोडक्शंस, होम प्रोडक्शन,  सिख्या एंटरटेनमेंट, टाइगर बेबी डिजिटल, विनोद चोपड़ा फिल्म्स, विशाल भारद्वाज फिल्म और यशराज फिल्म्स शामिल है।

 

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