GLIBS
17-11-2020
लाला लाजपत राय के अमूल्य बलिदान और योगदान के लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की पुण्यतिथि 17 नवम्बर पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि लाला लाजपत राय स्वाधीनता आंदोलन के तीन प्रमुख नेताओं लाल-बाल-पाल में से एक थे। लाला लाजपत राय के अमूल्य बलिदान और योगदान के लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।

31-10-2020
सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती और इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर सत्याग्रह करेगी किसान कांग्रेस

रायपुर। सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती और इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर छत्तीसगढ़ किसान कांग्रेस अधिकार दिवस के रूप में मनाएगी। केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ शनिवार को सत्याग्रह करेगी। आज कांग्रेस किसान अधिकार दिवस के रूप में दोपहर 12 बजे से रायपुर घड़ी चौक स्थित अंबेडकर मूर्ति के नीचे बैठकर केंद्र के कृषि सुधार कानून के विरोध में सत्याग्रह करेगी।

31-10-2020
देश की इकलौती महिला प्रधानमंत्री रही प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी का पुण्य स्मरण कर रहा सारा देश

रायपुर। देश की इकलौती महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि शनिवार को है। इंदिरा का जन्म 19 नवंबर, 1917 को हुआ और आज ही के दिन 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी। इंदिरा गांधी ने 1966 से 1977 के बीच लगातार 3 बार देश की बागडोर संभाली और उसके बाद 1980 में दोबारा इस पद पर पहुंची और 31 अक्टूबर 1984 को पद पर रहते हुए ही उनकी हत्या कर दी गई। आयरन लेडी के नाम से मशहूर भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने राजनैतिक जीवन में कई बड़े फैसले लिए जिनमें से कुछ बहुत सफल हुए और कुछ का बहुत विरोध हुआ। इंदिरा का जन्म 19 नवंबर 1917 को इलाहाबाद में हुआ था, जिनके बचपन का नाम प्रियदर्शिनी था। वह प्रभावी व्यक्तित्व वाली मृदुभाषी महिला थीं और अपने कड़े से कड़े फैसलों को पूरी निर्भयता से लागू करने का हुनर जानती थी। इंदिरा ने अपने आखिरी भाषण में कहा था कि उनके खून का एक-एक कतरा भारत को मजबूत करने में लगेगा। 

राजनीतिक जीवन
बचपन से ही इंदिरा गांधी स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ चुकी थी। उन्होंने 'बाल चरखा संघ' की स्थापना की थी और 1930 में असहयोग आंदोलन के समय बच्चों की मदद से 'वानर सेना' बनाया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इंदिरा जेल भी गई। सन् 1955 में इंदिरा कांग्रेस कार्य समिति और केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य बानी। 1956 में अखिल भारतीय युवा कांग्रेस और एआईसीसी महिला विभाग की अध्यक्ष बनीं और 1959-1960 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष रही। इसके बाद इंदिरा गांधी 1966 से 1977 तक लगातार तीन बार भारत की प्रधानमंत्री बनी रही।

20-10-2020
डॉ. महंत ने कहा- ठाकुर प्यारेलाल सिंह के विचार सदैव जीवंत रहेंगे

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने ठाकुर प्यारेलाल सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया है। डॉ. महंत ने कहा है कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह छत्तीसगढ़ में श्रमिक आंदोलन के सूत्रधार और सहकारिता आंदोलन के प्रणेता थे। स्थानीय आंदोलनों और राष्ट्रीय आंदोलन के लिए जन-सामान्य को जागृत किया। वर्ष 1945 में छत्तीसगढ़ के बुनकरों को संगठित करने के लिए उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बुनकर सहकारी संघ की स्थापना हुई। प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को शोषण और अत्याचार से मुक्त कराने की दिशा में भी सक्रिय रहे। उनका प्रेरणादायी जीवन हम सभी के लिए मिल का पत्थर साबित हुआ है। उनके जनमानस के लिए विचार सदैव जीवंत रहेंगे।

01-10-2020
Video: मोदी आर्मी ने किया बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण

दुर्ग। मोदी आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष वरुण जोशी ने कहा कि हमारे शहर का दुर्भाग्य है कि लाखों की प्रतिमाएं तो बना दी गई मगर सुध कभी नहीं ली जाती। इन्हें सिर्फ जयंती और पुण्यतिथि पर ही याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसलिए हमने गुरुवार को बापू की प्रतिमा की साफ सफाई की और माल्यार्पण करते हुए उन्हें नमन किया। इस दौरान मोदी आर्मी के एनेंद्र ताम्रकार,यश कसार,शुभम यादव,उमेश शाश्वत,दुर्गेश रामटेके,प्रिंस कसेर,शिवम्,संजय राव,सागर, मोनू,सूरज तिवारी,राहिल,सूरज साहू आदि उपस्थित थे।

 

 

 

25-09-2020
पुण्यतिथि : मींधु कुम्हार ने तोड़ा था अंग्रेजों का जंगल कानून

धमतरी। रुद्री नवागांव का जंगल सत्याग्रह आजादी के आंदोलन के दौरान अंग्रेजों का कानून तोड़ने वाले आंदोलनों में से प्रमुख है। इस आंदोलन में अंग्रेजों ने गोली चलाई थी। इसमें धमतरी के डूबान क्षेत्र के ग्राम लमकेनी निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी युवक मींधु कुम्हार गोली लगने से घायल हो गए थे। 25 सितंबर 1930 को सेंट्रल जेल रायपुर में ही इलाज के दौरान 25 सितंबर 1930 को मींधु कुम्हार ने दम तोड़ दिया। इतिहासकारों के मुताबिक पुराने धमतरी तहसील के गट्टासिल्ली का जंगल सत्याग्रह 22 अगस्त 1930 को समाप्त हुआ। इसके बाद धमतरी से लगे ग्राम नवागांव(बेन्द्रानवागांव) में उस समय के जागरूक लोगों ने जंगल सत्याग्रह किया। तब अंग्रेजों ने जंगल को आरक्षित कर लोगों के घुसने पर पाबंदी लगा दी थी। लोग अपनी जरूरत के लिए लकड़ी, फल, वनोपज तो क्या घास भी नहीं काट सकते। नवागांव सत्याग्रह उस समय के धमतरी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नारायण राव मेघावाले व नत्थुजी जगताप के नेतृत्व में शुरू किया गया था। लेकिन उन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। अंग्रेजों ने धारा 144 लागू कर दी। इसके बाद आंदोलन की कमांड डॉ. शोभाराम देवांगन ने संभाल ली।

योजना के मुताबिक जंगल में घुसकर घास काटने के लिए 5-5 लोगों का ग्रुप बनाया गया था। बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव भी इस आंदोलन से जुड़े थे। अपने क्षेत्र के युवाओं को लेकर मींधुकुम्हार भी आंदोलन में भाग लेने पहुंचे थे। 16 सितंबर 1930 को धारा 144 तोड़कर भीड़ की शक्ल में लोग रुद्री नवागांव पहुंचे। उस समय के अंग्रेज तहसीलदार एसवी बरेट भी भारी संख्या में पुलिस बल के साथ वहां मौजूद थे। अंग्रेज पुलिस और लोगों के बीच झूमाझटकी होने लगी। इसी दौरान एक पुलिस कांस्टेबल पत्थर में फिसलने से चोट लग गई। जिसे आधार बनाकर पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। देखते ही देखते गोली भी चलने लगी। गोली लगने से मींधु कुम्हार घायल हो गए। एक गोली उनके सीने में तथा दूसरी गोली पैर में लगी थी। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और सेंट्रल जेल रायपुर भेज दिया। सेंट्रल जेल रायपुर में ही इलाज के दौरान 25 सितंबर 1930 को मींधु कुम्हार ने दम तोड़ दिया। शहीद मींधु कुम्हार की पुण्यतिथि के अवसर पर ग्राम बेन्द्रानवागाँव में ग्राम पंचायत सरपंच पंच एवं भारतीय जनता पार्टी के ऋषभ देवांगन (गंगरेल मण्डल अध्यक्ष), तामेश्वर साहु( गंगरेल मण्डल कोषाध्यक्ष), नोकेश्वर साहु(ग्रामीण बी.जे.पी. अध्यक्ष), नरेश पाल,खुमेश साहु, वेद साहु, खिलेन्द्र ध्रुव,गजेन्द्र, युवा मंच के सह संरक्षक श्यामलाल ध्रुव एवं समस्त युवा मंच परिवार एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

 

23-09-2020
डॉ. प्रभु दत्त खेरा की पुण्यतिथि आज

रायपुर/बिलासपुर। बरसों तक अचानकमार के वनग्राम लमनी में रह कर बैगा आदिवासियों पर शोध करने वाले, आसपास के सभी ग्रामवासियों के उत्थान के प्रति आजीवन समर्पित रहे, दिल्ली वाले साब, स्व. डॉ प्रभु दत्त खेरा की 23 सितंबर को प्रथम पुण्यतिथि है। उनकी पुण्यतिथि पर अंतिम समय तक उनकी सेवा करते रहे सुनील, स्व खेरा सर के नाम पर कल ग्राम लमनी में पूजा पाठ करेंगे।

18-09-2020
Video: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बैरिस्टर छेदीलाल को उनकी 64वीं पुण्यतिथि पर किया नमन

जांजगीर-चाम्पा। जांजगीर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल को उनकी 64वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान जिला न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव, कलेक्टर यशवन्त कुमार और नपा अध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल ने बैरिस्टर स्टेच्यू के पास उन्हें नमन किया। बता दें कि पिछले कई सालों से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर छेदीलाल की स्मृति में संस्कृति विभाग द्वारा 3 दिनों तक कार्यक्रम आयोजन किया जाता रहा है। इस साल कोविड संक्रमण के कारण यह कार्यक्रम नहीं हो सका।

 

18-09-2020
सिर्फ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ही नहीं सिद्धहस्त लेखक पत्रकार संगीतज्ञ और कर्मठ नेता भी थे बैरिस्टर छेदीलाल: भूपेश

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर बघेल ने कहा कि बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे सिद्धहस्त लेखक, पत्रकार, संगीतज्ञ, कर्मठ नेता और स्वाधीनता संग्राम के सच्चे सेनानी थे। बघेल ने बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल के योगदान को याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वाधीनता आंदोलन छत्तीसगढ़ में स्वाधीनता आंदोलन के समय बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल ने ’सेवा समिति’ के माध्यम से युवकों को संगठित किया।

युवाओं में राष्ट्रीयता की भावना जागृत कर स्वतंत्रता आंदोलनों से जोड़ने में बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कानून की उच्च शिक्षा प्राप्त की लेकिन महात्मा गांधी के आह्वान पर वकालत छोड़कर असहयोग आंदोलन को मजबूत करने में लग गए। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल ने सविनय अवज्ञा आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और संविधान सभा के सदस्य भी रहे।

17-09-2020
मुख्यमंत्री ने कहा-बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल की 18 सितंबर को पुण्यतिथि पर नमन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे सिद्धहस्त लेखक,पत्रकार,संगीतज्ञ,कर्मठ नेता और स्वाधीनता संग्राम के सच्चे सेनानी थे। छत्तीसगढ़ में स्वाधीनता आंदोलन के समय बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल ने सेवासमिति के माध्यम से युवकों को संगठित किया। युवाओं में राष्ट्रीयता की भावना जागृत कर स्वतंत्रता आंदोलनों से जोड़ने में बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कानून की उच्च शिक्षा प्राप्त की लेकिन महात्मा गांधी के आह्वान पर वकालत छोड़कर असहयोग आंदोलन को मजबूत करने में लग गए थे। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल ने सविनय अवज्ञा आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और संविधान सभा के सदस्य भी रहे।

 

 

08-09-2020
छत्तीसगढ़ी साहित्यकार आचार्य नरेंद्र देव वर्मा की 41 वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई 

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के कुल गीत अरपा पैरी के धार महानदी है अपार के रचयिता आचार्य नरेंद्र देव वर्मा की 41 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आज शहर के प्रतिष्ठित साहित्यकारों डॉ. सुशील त्रिवेदी, गिरीश पंकज, जयप्रकाश मानस, कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश नीतिन त्रिवेदी एवं जनसंपर्क आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें स्मरण किया। ज्ञातव्य है कि आचार्य नरेंद्र ने प्रसिद्ध उपन्यास सुबह की तलाश में छत्तीसगढ़ की जनजीवन की जीती जाागती तस्वीर को उभेरा है।

उक्त उपन्यास वर्षों पहले पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के हिंदी पाठ्यक्रम में स्नातक स्तर में शामिल किया गया था। इसके अलावा आचार्य नरेंद्र ने अनेक छत्तीसगढ़ी गीतों के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति को देश विदेश की पहचान बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई थी। विदित हो कि आचार्य नरेंद्रदेव वर्मा स्वामी विवेकानंद आश्रम के मुख्य प्रवचनकार स्व.स्वामी आत्मानंद के अनुज थे।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804