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21-08-2020
चुनाव आयोग ने जारी की गाइडलाइन,मतदाताओं को मिलेंगे दस्ताने,केंद्रों पर होंगे थर्मल स्कैनर

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के दौरान चुनाव कराने को लेकर शुक्रवार को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी व्यापक दिशानिर्देशों के अनुसार ईवीएम का बटन दबाने के लिये मतदाताओं को दस्ताने दिये जाएंगे और पृथकवास केंद्रों में रह रहे कोविड-19 मरीजों को मतदान के दिन आखिरी घंटों में मतदान करने दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने कहा कि “निषिद्ध क्षेत्र” के तौर पर अधिसूचित इलाकों में रह रहे मतदाताओं के लिये अलग दिशानिर्देश जारी किये जाएंगे। आयोग ने मतदान केंद्रों के अनिवार्य सेनिटाइजेशन की अनुशंसा की है। बेहतर होगा कि यह चुनाव से एक दिन पहले हो। आयोग ने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्कैनर रखे जाएंगे। निर्वाचनकर्मी या पराचिकित्सा कर्मी मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार पर मतदाताओं के तापमान की जांच करेंगे। दिशानिर्देश में कहा गया,प्रत्येक मतदान पर 1500 मतदाताओं के बजाए अब अधिकतम 1000 मतदाता ही होंगे।” घर-घर जाकर प्रचार करने के लिये उम्मीदवार समेत पांच लोगों के समूह को ही इजाजत होगी। इस समूह में सुरक्षाकर्मियों शामिल नहीं होंगे। आयोग ने कहा कि रोड शो के लिये प्रत्येक पांच वाहनों के बाद काफिले को विराम दिया जाएगा पहले यह संख्या 10 वाहनों की थी (सुरक्षाकर्मियों के वाहनों को छोड़कर)। कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए जनसभा और रैलियां की जा सकती हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी को पहले ही जनसभाओं के लिये निर्दिष्ट मैदान की पहचान करनी चाहिए जहां प्रवेश और निकास स्थल स्पष्ट हों। ऐसे सभी तयशुदा मैदानों में जिला निर्वाचन अधिकारी को सामाजिक दूरी के नियमों का पालन कराने के लिये पहले ही निशान लगवाने चाहिए जिसका सभा में शामिल होग पालन करें। आयोग ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी और जिले के पुलिस अधीक्षक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभा में शामिल लोगों की संख्या राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा ऐसी जनसभाओं के लिये तय लोगों की संख्या से ज्यादा न हो। बिहार पहला राज्य होगा जहां महामारी के बीच विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव अक्टूबर-नवंबर में किसी समय होंगे। 

 

 

24-02-2020
छत्तीसगढ़ विधानसभा आदर्श परंपराओं और अनुपम कार्यप्रणाली का गढ़ : राज्यपाल अनुसुईया उइके

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके के अभिभाषण के साथ आज सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ। छत्तीसगढ़ राज्य की पांचवीं विधानसभा के सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। आप लोगों ने छत्तीसगढ़ विधानसभा को आदर्श परंपराओं और अनुपम कार्यप्रणाली का गढ़ बनाया है, इसके लिए मैं आप सभी को साधुवाद देती हूं। मुझे आशा ही नहीं बल्कि विश्वास है कि नये वर्ष 2020 में भी आप लोग जनता के नुमाइंदे के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह पूरी लगन और निष्ठा से करते हुए जनता के सपनों को पूरा करेंगे।
 

सरकार ने संस्कृति,धरोहर और विभूतियों के सम्मान की परिपाटी को आगे बढ़ाया

राज्यपाल ने कहा कि यह बड़े ही गौरव का विषय है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर वर्षभर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2019 को विशेष सत्र के आयोजन के साथ हुई। देश में अपनी तरह की इस नई पहल से प्रदेश की छवि उज्जवल हुई। अपनी संस्कृति, धरोहर और विभूतियों के सम्मान की परिपाटी को आगे बढ़ाते हुए मेरी सरकार ने रायपुर में स्वामी विवेकानंद स्मारक, भगवान राम वनगमन परिपथ के विकास की दिशा में कार्य शुरू करके बहुत ही सकारात्मक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को आगामी 10 वर्षों के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव पारित करने में आप लोगों का योगदान दर्ज होना निश्चय ही सौभाग्य का विषय है। मेरी सरकार ने त्वरित निर्णयों और विभिन्न कार्यों से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक वर्ग, पिछड़े तबकों सहित सभी वर्गों में नई उम्मीद जगाई है। प्रदेश में नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता से संपन्न हुए।  इससे निचले स्तर पर लोकतंत्र को मजबूती मिली। इस महती जिम्मेदारी को पूरा करने में सहयोगी अमले और मतदाताओं को बधाई प्रेषित करती हूं।

निर्दोष आदिवासियों को प्रकरणों से मुक्ति का मार्ग हुआ प्रशस्त

राज्यपाल ने कहा कि एक साल पहले बस्तर के बहुत से आदिवासी परिवारों की जिंदगी आपराधिक प्रकरणों के कारण बेहद कष्ट में थी। मेरी सरकार ने इसके लिए जस्टिस एके पटनायक की अध्यक्षता में एक समिति गठित की, जिसकी सिफारिश पर निर्दोष आदिवासियों को प्रकरण से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जो उनके लिए बहुत बड़ी आर्थिक और सामाजिक राहत भी है। बस्तर में लोहण्डीगुड़ा, आदिवासियों को न्याय दिलाने का प्रतीक बन गया है। इससे जल-जंगल-जमीन पर उनके अधिकार को रेखांकित करने में मेरी सरकार सफल हुई है। प्रसन्नता का विषय है कि सरकार गठन के मात्र एक माह की अल्प अवधि में ही  जमीन वापसी की सारी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई, और यह संदेश भी प्रखरता के साथ गया कि मेरी सरकार आदर्श पुनर्वास कानून का पालन कराने के प्रति गंभीर है।

अनुसूचित जनजाति और वन निवासियों को मिला लाभ

उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने अनुसूचित जनजाति की वनों पर निर्भरता, वनों पर निर्भर आजीविका के विषयों को काफी गंभीरता से लेते हुए अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम-2006 के विभिन्न प्रावधानों का उचित पालन करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ दिलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत जहां एक तरफ पूर्व में निरस्त दावों की पुन: समीक्षा की जा रही है। सामुदायिक वन अधिकारों के तहत बड़े पैमाने पर ग्रामीणों को जमीन के अधिकार पत्र देने के लिए भी बड़े कदम उठाये जा रहे हैं। मेरी सरकार ने दशकों से उपेक्षित रहे बस्तर के अबुझमाड़ क्षेत्र की विशेष चिन्ता की गई है और वहां के निवासियों को वन अधिकार पत्र देने की विशेष पहल की जा रही है।

लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए अनेक कदम

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधाएं देते हुए प्री-मेट्रिक छात्रावास एवं आवासीय विद्यालयों सहित आश्रमों में निवासरत विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति दर बढ़ाकर 1000 रुपए प्रतिमाह कर दी है। मेट्रिकोत्तर छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भोजन सहायता की राशि बढ़ाकर 700 रू. प्रतिमाह कर दी गई है। 17 नये एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शुरू किये गये हैं। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए मेरी सरकार  लगभग 15 हजार स्थाई शिक्षक-शिक्षिकाओं की भर्ती कर रही है जिससे 7 हजार से अधिक शिक्षक-शिक्षिकायें आदिवासी अंचलों की शालाओं को मिलेंगे। मेरी सरकार ने बस्तर व सरगुजा संभाग के साथ कोरबा जिले में अनुसूचित जनजाति युवाओं की बहुलता को देखते हुए जिला संवर्ग के तहत तृतीय, चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों में भर्ती की अवधि 31 दिसम्बर 2021 तक बढ़ा दी है। बस्तर और सरगुजा संभाग में स्थानीय लोगों की भर्ती में तेजी लाने के लिए विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड का गठन, कौशल उन्नयन और रोजगारपरक प्रशिक्षण के अनेक उपाय किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने प्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में अनेक नये कदम उठाये हैं। बस्तर, सरगुजा तथा मध्य क्षेत्र के लिए पृथक-पृथक आदिवासी विकास प्राधिकरण गठित किये गये हैं और मुख्यमंत्री के स्थान पर स्थानीय विधायकों को ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद पर पदस्थ किया गया है।

सरकार के काम-काज से किसानों का विश्वास मजबूत हुआ

राज्यपाल ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को विश्व के सामने प्रस्तुत करने के लिए मेरी सरकार ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया, जिसमें 24 प्रदेशों, 6 अन्य देशों के 1800 कलाकारों ने सीधी भागीदारी निभाई। वहीं, विभिन्न दलों के चयन के लिए ब्लॉक स्तर से शुरू हुई प्रतियोगिता में 15 हजार से अधिक आदिवासी कलाकार शामिल हुए। मेरी सरकार ने किसानों को प्रति क्विंटल धान के लिए 2500 रुपए देने, अल्पकालीन ऋण माफी के साथ ही मक्के की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने, उद्यानिकी फसलों का विस्तार करने जैसे अनेक किसान हितकारी कदम उठाये हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है। मेरी सरकार के काम-काज से किसानों का विश्वास सरकार तथा खेती किसानी के प्रति मजबूत हुआ है। यही वजह है कि एक साल में ब्याज मुक्त कृषि ऋण प्रदाय ने 4 हजार करोड़ रू. के आगे निकलने का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों में उत्पादित शक्कर को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लिया जा रहा है। कवर्धा स्थित शक्कर कारखाने में इथेनॉल प्लांट की स्थापना की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। पंडरिया और अंबिकापुर के सहकारी शक्कर कारखानों में भी इथेनॉल प्लांट लगाये जाएंगे। धान से इथेनॉल बनाने के लिए भी पुरजोर कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोंडागांव जिले के ग्राम कोकोड़ी में 136 करोड़ रुपए की लागत से मक्का प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है।  सुकमा से लेकर सरगुजा तक प्रदेश में अनेक स्थानों पर फूड पार्क, कृषि तथा वनोपज प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की दिशा में ठोस प्रगति की जा रही है।

ग्रामीण संस्कृति के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को मिली नई दिशा

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार की अभिनव पहल नरवा, गरवा, घुरवा, बारी से ग्रामीण संस्कृति के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को नई दिशा मिली है। जिसके अंतर्गत 1000 से अधिक जलाशयों के वैज्ञानिक ढंग से विकास के कदम उठाए जा रहे हैं। 4000 से अधिक ग्राम पंचायतों में गौठानों का विकास किया जा रहा है जिसमें से प्रत्येक विकासखंड में एक ह्यमॉडल गौठानह्ण बनाया जा रहा है। घुरवा कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 3 लाख 14 हजार मीट्रिक टन जैविक खाद का निर्माण और उपयोग किया गया है। अब इस कार्यक्रम का समुचित विस्तार हो रहा है। मेरी सरकार जल संसाधन विकास के सारे विकल्पों पर भी गंभीरता से कार्य कर रही है। समग्र और समन्वित प्रयासों के लिए जल संसाधन नीति तैयार की जा रही है। सिंचाई विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। वर्तमान में निर्मित योजनाओं से लगभग 13 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में वास्तविक सिंचाई हो पाती है। इसे बढ़ाकर 5 वर्षों में दोगुना करने के लिए 55 सूक्ष्म सिंचाई 2,292 लघु 80 उद्वहन सिंचाई योजनाएं तथा 689 एनीकट,स्टापडेम का का कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए बहु-आयामी प्रयासों पर बल

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में श्रमिकों को सम्मान-सुरक्षा और सुविधा का जीवन मुहैया कराने के लिए अनेक प्रयास किये गए हैं। औद्योगिक स्थापनाओं में सेवारत कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी गई है। असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु समग्र नीति का निर्माण किया जा रहा है। संगठित श्रमिकों तथा निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु नए कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा दुकान एवं स्थापना अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत संस्थानों को वार्षिक नवीनीकरण से छूट दी गई है। 10 से कम श्रमिकों वाले संस्थानों, संविदा श्रम अधिनियम में नवीनीकरण की छूट जैसी अनेक रियायतों से राहत का दायरा बढ़ा है। मेरी सरकार ने युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए बहु-आयामी प्रयासों पर बल दिया है, जिसके तहत् प्रदेश में 10 आदर्श महाविद्यालयों की स्थापना, 54 महाविद्यालयों में अधोसंरचना विकास हेतु आर्थिक सहायता दी गई है, वहीं दूसरी ओर सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारी के लगभग एक हजार 500 पदों पर भर्ती की जा रही है। 34 सरकारी कॉलेजों में लगभग 4 हजार तथा 56 अशासकीय कॉलेजों में 6 हजार सीटें बढ़ाई गई हैं। हर जिले में कन्या छात्रावास की उपलब्धता को अनिवार्य बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने युवाओं के कैरियर के अवसरों को बढ़ाने के लिए पढ़ाई के साथ खेल और अन्य विधाओं पर भी ध्यान दिया है। छत्तीसगढ़ खेल प्राधिकरण का गठन, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को मिलने वाली पुरस्कार राशि में वृद्धि और राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन इसी दिशा में किए गए प्रयास हैं। जिसका असर युवाओं के उत्साह और उनकी रचनात्मक सोच में वृद्धि के रूप में दिखाई पड़ रहा है। स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित युवा महोत्सव में प्रदेश के 7 हजार से अधिक युवाओं ने रायपुर आकर 37 विधाओं में 821 प्रस्तुतियां दी, इस प्रकार युवाओं में उमंग, भाई-चारे और समन्वय को नई दिशा मिली।

आवासीय और निर्माण संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने समाज के कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों की आर्थिक समस्याओं को हल करने का वायदा भी पूरी शिद्दत से निभाया है। छोटे भूखण्डों की खरीदी-बिक्री पर लगी रोक हटाने, गाइड लाइन दरों में 30 प्रतिशत की कमी, पंजीयन शुल्क में 2 प्रतिशत की कमी जैसे जमीनी फैसलों से लाखों लोगों को राहत मिली। लगभग एक लाख छोटे भूखण्डों का सौदा हुआ और इससे कई परिवारों में शादी, शिक्षा और कई जरूरतों के लिए पैसे का इंतजाम हुआ। नगरीय क्षेत्रों में 7500 वर्गफीट तक की सरकारी जमीन के 30वर्षीय पट्टे, फ्री-होल्ड अधिकार, भू-भाटक से छूट, नामांतरण-डायवर्सन में सरलता, भुइयां सॉफ्टवेयर से जन सुविधा जैसे अनेक फैसलों से जन-जीवन को इस बात का अहसास हुआ कि सरकार उनके साथ है। मेरी सरकार ने आवासीय तथा निर्माण संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी सार्थक कदम उठाये हैं। कॉलोनी-टाउनशिप के विकास हेतु अनापत्तियां-अनुमतियां सिंगल विंडो से देने की प्रणाली विकसित की गई है। आॅनलाइन भवन तथा विकास अनुज्ञा की व्यवस्था से पारदर्शिता और सुगमता बढ़ेगी। नदियों की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों और स्थानीय निकायों को समन्वय के साथ काम करने की प्रणाली विकसित की गई है तथा एक्शन प्लान बनाया गया है। बस्तर में ह्यइंद्रावती विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है।

सबकी सेहत के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने सबकी सेहत का ध्यान रखते हुए 2 महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। ह्यडॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्राथमिकता एवं अंत्योदय राशन कार्डधारी 56 लाख परिवारों को 5 लाख रुपए तक एवं शेष राशन कार्डधारी परिवारों को 50 हजार रुपए तक के उपचार की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत दुर्लभ व गंभीर बीमारियों के लिए 20 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य सहायता दी जाएगी। मेरी सरकार ने शहरों और गांवों में रहने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति परिवारों की सेहत संबंधी विशेष जरूरतों को काफी बारीकी से समझा है। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना आदिवासी अंचलों में ऐसे परिवारों के लिए जीवनदायिनी बन गई है, जो किसी भी कारण से अस्पताल नहीं पहुंच पाते थे। जनवरी 2020 तक 2 हजार 343 हाट बाजारों में 17 हजार 150 शिविर आयोजित किए गए, जिसका लाभ 10 लाख 3 हजार मरीजों को मिला। इसी प्रकार ह्यमुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 3 हजार 318 शिविर आयोजित किए गए, जिसका लाभ एक लाख 45 हजार से अधिक मरीजों को मिला। राज्य में मलेरिया उन्मूलन हेतु पहली बार बस्तर संभाग के मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों से मलेरिया परजीवी को समूल नष्ट करने हेतु ह्यमलेरिया मुक्त बस्तर अभियान चलाया जा रहा है। 15 जनवरी से 14 फरवरी 2020 तक बस्तर संभाग अंतर्गत उन सभी क्षेत्रों में जिनका वार्षिक परजीवी सूचकांक 10 से अधिक है, वहां घर-घर सघन जांच तथा पूर्ण उपचार किया गया। इस अभियान में दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा एवं नारायणपुर जिले के सभी विकासखण्ड तथा बस्तर, कांकेर व कोण्डागांव जिले के 3 विकासखण्ड के 39 उप स्वास्थ्य केन्द्र शामिल हैं।

विश्वास, विकास और सुरक्षा की त्रिवेणी से कानून और व्यवस्था को संवारा

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने विश्वास, विकास और सुरक्षा की त्रिवेणी से कानून और व्यवस्था को संवारा है। राज्य की नक्सल पुनर्वास कार्य-योजना को और अधिक आकर्षक बनाया गया है। प्रदेश में चिट्फण्ड, सायबर अपराध, मानव तस्करी रोकने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अंजोर रथ, जनमित्र, ग्राम रक्षा समितियाँ, सीनियर सिटिजन सेल, महिला हेल्प डेस्क आदि ने सामुदायिक पुलिसिंग के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने की दिशा में सप्ताहिक अवकाश से लेकर रिस्पांस भत्ता देने तक अनेक कदमों ने भूमिका निभाई है। सचेत पुलिस बल और न्याय दिलाने की स्वस्फूर्त पहल के कारण नक्सली हिंसा और अपराधों में कमी आई है। इस स्थिति को बनाए रखना और बेहतर बनाना अपने आप में एक चुनौती है। मेरी सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत् नशाबंदी के संबंध में अध्ययन हेतु राजनीतिक समिति, सामाजिक समिति, प्रशासनिक समिति गठित की है। वर्ष 2019-2020 में 50 मदिरा दुकानों को बंद किया गया है, वहीं एक अप्रैल 2020 से 49 बीयर बार बंद करने का भी निर्णय लिया गया है। शराब व्यसन मुक्ति अभियान के तहत नशामुक्ति अभियान दल का गठन प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में किया जा रहा है। मेरी सरकार के कामकाज के कारण छत्तीसगढ़ को देश के नए विश्वास के रूप में देखा जा रहा है। अपने संसाधनों का सम्मान, राज्य में वैल्यू एडीशन, नई औद्योगिक नीति से लेकर सामाजिक सद्भाव तक की इसमें बड़ी भूमिका है। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन ने अपनी सार्थकता साबित की है। विकास का नया-दौर, सबकी खुशहाली और सबकी भागीदारी का नया-दौर साबित हो, इसके लिए आप सबकी एकजुटता के साथ विकास की गति आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे ऐसा मेरा अटूट विश्वास है।

19-02-2020
आधार से लिंक होगा वोटर आईडी कार्ड, केंद्र ने चुनाव आयोग को दी हरी झंडी

नई दिल्ली। आधार कार्ड को मतदाता पहचान पत्र के साथ जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने चुनाव आयोग को आधार कार्ड और वोटर कार्ड को लिंक करने के लिए कानूनी शक्तियां देने का फैसला किया है। बता दें कि मंगलवार को चुनाव आयोग और केंद्रीय कानून मंत्रालय के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। मिली जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग के प्रस्ताव पर कानून मंत्रालय ने भी सहमति दे दी है। इसके लिए सरकार चुनाव आयोग को कानूनी शक्ति देगी। वोटर आईडी को आधार से लिंक करने पर फर्जी और डुप्लिकेट वोटरों को हटाया जा सकेगा। साथ ही प्रवासी मतदाताओं को रिमोट वोटिंग अधिकार देने में आसानी होगी।

आयोग ने मंगलवार को बैठक में पेड न्यूज और चुनावी हलफनामे में गलत सूचना देने को अपराध बनाने का भी प्रस्ताव दिया। कानून मंत्रालय चुनाव प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी में है। इससे मौजूदा तरीका भी बदल जाएगा, जिसमें प्रवासी उस क्षेत्र में तब ही वोट कर सकता है जब वह वहां हो। आयोग ने कानून मंत्रालय को जनप्रतिनिधि ऐक्ट में संशोधन का प्रस्ताव दिया था। इसके तहत वोटर आईडी कार्ड बनवाने और मतदाता सूची में पहले से शामिल लोगों से आधार नंबर मांगने का प्रावधान होगा। कानून मंत्रालय ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए डेटा को मल्टीपल स्तर पर सुरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय को अगस्त 2019 में वोटर आईडी कार्ड को आधार से लिंक करने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मान लिया था। चुनाव आयोग ने कहा था कि 12 नंबर वाले आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड को लिंक करने के लिए उसे कानूनी अधिकार चाहिए। चुनाव आयोग ने कहा था कि फर्जी वोटरों पर लगाम लगाने के लिए सभी पुराने और नए वोटर कार्ड धारकों को अपना आधार नंबर देना होगा। हालांकि अगर कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता है तो भी उसका नाम वोटर लिस्ट से हटाया नहीं जा सकता है और न ही उसे लिस्ट में शामिल होने से रोका जा सकता है। 

 

 

12-02-2020
अब तो कांग्रेसी पूछ रहे हैं कि क्या कांग्रेस की दुकान बंद कर देनी चाहिए: भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा है कि नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी की जीत पर कांग्रेस द्वारा भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप मढऩा समझ से परे हैं। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस को अपने राजनीतिक पराभव के इस निम्नतम स्तर तक पहुंचने के बाद भी इस बात का मलाल नहीं है कि वह लगातार दूसरी बार दिल्ली विधानसभा में शून्य पर टिकी है और 50 प्रतिशत तक मत लेकर 15 वर्षों तक दिल्ली में शासन करने वाली कांग्रेस आज अपने 63 उम्मीदवारों की जमानत जब्त होने और महज चार फीसदी वोट लेकर बेगानी शादी में दीवाने अब्दुल्ला की तरह बगलें बजाकर नाच रही है। पराजय से ज्यादा शर्मनाक राजनीतिक प्रदर्शन तो कांग्रेस अब कर रही है। उपासने  ने कहा कि भाजपा का मतदाता तो डटा रहा लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस के वोट आप को ट्रांसफर करवाएं। कांग्रेस शुरू से ही वहाँ आप की पिछलग्गू बनकर चुनाव मैदान में महज इसलिए मौजूद थी कि उसकी मौजूदगी से आप को फायदा पहुँचता। राजनीतिक विश्लेषक भी मान रहे हैं कि कांग्रेस यदि राजनीतिक ईमानदारी के साथ चुनाव लड़ती तो आप को नुकसान होता और भाजपा की सम्भावना बढऩे के साथ-साथ कांग्रेस भी राजनीति के मैदान में ताकत के साथ फिर खड़ी होती। लेकिन भाजपा को रोकने के लिये कांग्रेस ने अपने वर्षों के राजनीतिक प्रभुत्व को दाँव पर लगाकर आने वाले कई वर्षों तक के लिये अपनी सम्भावनाओं को खत्म कर दिया। 

 

08-02-2020
दिल्ली विधानसभा चुनाव : ईवीएम में खराबी, मतदाता हुए परेशान 

नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव को लेकर सुबह आठ बजे मतदाता मतदान करने पहुंच गए है। दिल्ली में सुबह से अलग-अलग बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइनें देखने को मिल रही है। मतदान के दौरान कई जगहों पर ईवीएम में गड़बड़ी देखने को मिल रहा है। सूत्रों के मुताबिक विधानसभा क्षेत्र के सरकार पटेल विद्यालय के बूथ नंबर 114 पर इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन काम नहीं कर रही है। तो कहीं यमुना विहार से भी कुछ ऐसी ही खबर आई है। यहां के सी-10 ब्लॉक में ईवीएम में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद चुनाव आयोग की टेक्निकल टीम मौके पर पहुंची। रोहताश नगर विधानसभा क्षेत्र के पंचशील पार्क निगम स्कूल में ईवीएम मशीन में तकनीकी खराबी के कारण वोटिंग करीब पौना घंटे की देरी से शुरू हुई। इस कारण मतदाताओं की लंबी कतारें लगी।

बता दें कि दिल्ली विधानसभा का चुनाव एक चरण में हो रहा है। दिल्ली में कुल 1.47 करोड़ मतदाता है। इन कुल मतदाता में से पुरुषों की संख्या 81.05 लाख है, वहीं महिला वोटरों की संख्या 66.80 लाख है। इनमें पहली बार वोट डालने वालों की संख्या 2.32 लाख है। 
 

08-02-2020
दिल्ली चुनाव 2020 : राजधानी में सबसे उम्रदराज मतदाता ने किया मतदान, किया सबको प्रेरित

नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव दिल्ली में शनिवार को सुबह से शुरू हो गयी है। सभी मतदाता अपने मतदान का प्रयोग कर रहे है। उसी बीच सबसे उम्रदराज मतदाता कालीतारा मंडल (110 वर्ष) भी वोट डालने के लिए पहुंची है। इस चुनाव में अपने वोट की ताकत से नई सरकार चुनने के लिए खासी उत्साहित हैं। कालीतारा कहती है कि जब से मुझे मतदाता पहचान पत्र मिला है, मैं तब से ही मतदान कर रही हूं। मुझे वोट देते समय खुशी होती है। यह मुझे ताकत देता है। मैं जब तक जिऊंगी, तब तक मतदान करती रहूंगी। मैं सभी नागरिकों से अपील करती हूं कि वे भी मतदान करें। कालीतारा अधिक उम्र हो जाने के कारण काफी कमजोर हो गई हैं, मगर लोकतंत्र को मजबूत करने का उनका जज्बा कम नहीं हुआ। 

आपको बता दें कि चितरंजन पार्क निवासी कालीतारा मंडल की कहानी आपको बहुत प्रेरित करेगी। कालीतारा मंडल की उम्र 110 साल है। वो अपने मताधिकार के प्रति आज भी जागरूक है। दिल्ली में 100 वर्ष से अधिक उम्र के 150 मतदाता हैं, कालीतारा सबसे बुजुर्ग हैं। साल 2019 में कालीतारा और उनका पोता मतदान केंद्र पहुंचे थे। मगर इस बार वो घर से ही पोस्टल बैलेट के जरिए मतदान करेंगी। इस बार 80 साल से अधिक बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए पहली बार पोस्टल बैलेट की सुविधा दी गई है।   

11 फरवरी को मतगणना होगी। दिल्ली में 1,47,86,382 मतदाता हैं। इस बार 672 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। चुनाव आयोग ने 70 विधानसभा सीटों पर 13750  मतदान केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों पर 20385 ईवीएम की मदद से मतदान होगा।  

07-02-2020
राजधानी का मतदाता शनिवार को दिखाएगा ताकत, सुबह 8 से 6 बजे तक होगा मतदान  

नई दिल्ली। दिल्ली के मतदाता शनिवार को अपने वोट की ताकत दिखाने के लिए सड़कों पर निकलेंगे। मतदाता ईवीएम का बटन दबाकर 5 साल के लिए नई सरकार चुनेंगे। इस दौरान मतदाताओं की नजर आम आदमी पार्टी (आप), भाजपा व कांग्रेस की ताकत और कमजोरी पर रहेगी। मतदान सुबह 8 से शाम 6 बजे तक 13750 केंद्रों पर होगा। मतदाता के मन पर छाने के लिए तीनों दलों ने बीते एक माह में चुनाव प्रचार के दौरान कई तरह के सियासी दांव चले। अपनी सियासी चालों से आप हैट्रिक लगाना चाह रही है, जबकि 21 साल से दिल्ली की सत्ता से बाहर रही भाजपा दिल्ली फतह करने की तैयारी में है। कांग्रेस भी सात साल बाद दोबारा सत्ता हासिल करने की होड़ में है।

कुल मतदाता: 1,47,86,382
पुरुष : 81,05,236
महिला: 66,80,277
थर्ड जेंडर: 869
अभी तक सबसे ज्यादा 2015 में 67 फीसदी मतदान


 

07-02-2020
दिल्ली विधानसभा चुनाव : थमा प्रचार-प्रसार का शोर, आज रहेगा सोशल मीडिया पर जोर

नई दिल्ली। विधानसभा का चुनावी शोर अब थमा गया है। इसके साथ ही सभी पार्टियां सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में रहेंगी। 672 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कल होगा। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर 8 फरवरी को मतदान होना है। 6 जनवरी को चुनाव की घोषणा होते ही दिल्ली में आदर्श आचार संहिता लगी हुई है। 14 से 21 जनवरी तक नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही प्रत्याशियों ने प्रचार शुरू कर दिया। भाजपा ने केन्द्रीय कैबिनेट से लेकर मुख्यमंत्री तक को मैदान में उतार दिया। नेताओं के सियासी बोल पर चुनाव आयोग को भी सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में भड़काऊ बयानबाजी के चलते सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई। भाजपा प्रत्याशी कपिल मिश्रा, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद प्रवेश वर्मा पर दो से चार दिन तक प्रतिबंध लगाया गया। आचार संहिता का उल्लंघन करने पर सबसे ज्यादा 31 एफआईआर आम आदमी पार्टी के खिलाफ दर्ज हुई हैं, जबकि नौ और छह एफआईआर क्रमश: भाजपा व कांग्रेस के खिलाफ दर्ज हुई। दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 11 जिलों में 21 स्ट्रांग रूम फाइनल कर लिए हैं। यहां मतदान के बाद ईवीएम रखी जाएगी। निष्पक्ष एवं भयमुक्त चुनाव के लिए 22 व्यय पर्यवेक्षक, 28 सामान्य पर्यवेक्षक और 11 पुलिस पर्यवेक्षकों को नियुक्त किए गए हैं। 516 इलाकों में 3841 संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों की पहचान हो चुकी है। यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। दिल्ली चुनाव कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहली बार दिल्ली के चुनाव में बूथ प्रबंधन के लिए बूथ एप की शुरूआत होगी। यह दिल्ली में 11 विधानसभाओं और विधानसभा संख्या 38 के कुछ मतदान बूथों पर कार्य करेगा।

03-02-2020
तीसरे और अंतिम चरण का मतदान जारी, बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे ग्रामीण

कोरबा। पंचायत चुनाव के तृतीय व अंतिम चरण का मतदान सोमवार सुबह 7:00 बजे प्रारंभ हो गया। तीसरे चरण में जिले के कटघोरा व पाली विकासखंड में मतदान जारी है, ग्राम सरकार चुनने के लिए मतदाताओं में काफी उत्साह देखा गया। लोग सुबह से ही मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मत का प्रयोग करने उत्सुक नजर आ रहे हैं। तीसरे चरण के चुनाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई थी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कटघोरा के 53 ग्राम पंचायतों में 148 पोलिंग बूथ के जरिए मतदाता अपने मत का प्रयोग कर रहे हैं। बढ़चढ़ कर हिस्सा लेकर लोकतंत्र में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे।

 

02-02-2020
पंचायत चुनाव: मनेन्द्रगढ़ एवं खड़गवां में चुनाव के लिए मतदान दल रवाना

कोरिया। त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2019-20 के तहत तृतीय चरण में विकासखंड मनेन्द्रगढ एवं खडगवां में 3 फरवरी को प्रातः 7 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक मतदान होंगे। इसके लिए 2 फरवरी को मतदान दल रवाना होकर विकासखंड मनेन्द्रगढ़ एवं खड़गवां पहुँच गए हैं। विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के 72 ग्राम पंचायतों में कुल 59079 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसमें 29323 पुरुष, 29752 महिला एवं 4 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। 839 पंच, 72 सरपंच, 17 जनपद पंचायत एवं 02 जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन के लिए 146 मतदान केंद्र बनाये गये हैं। इसी तरह विकासखंड खडगवां के कुल 77 ग्राम पंचायतों में कुल 73503 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसमें 36799 पुरूष एवं 36704 महिला मतदाता शामिल हैं। 972 पंच, 77 सरपंच एवं 21 जनपद पंचायत सदस्य के निर्वाचन के लिए 166 मतदान केंद्र बनाये गये हैं।

 

31-01-2020
दूसरे चरण का मतदान आज, 769 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे मतदाता

बीजापुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के लिए शुक्रवार को मतदान होना है। उसूर और भोपालपटनम ब्लाक के 61973 मतदाता आज अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। 769 प्रत्याशियों के भाग्य का होगा फैसला आज होगा। मतदान के लिए 141 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। अति संवेदनशील 72 मतदान केंद्रों को सुरक्षित जगह शिफ्ट किया गया है। 13 मतदान दलों को हेलीकाप्टर के माध्यम से भेजा गया है। 845 मतदान कर्मियों की चुनाव ड्यूटी लगाई गई। करीब 6500 सुरक्षाबल के जवान सुरक्षा में लगे है।

 

30-01-2020
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव : 286 मतदान केंद्रों के लिए मतदान दलों को किया गया रवाना

कोरबा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव द्वितीय चरण का चुनाव 31 जनवरी शुक्रवार को होना है। इसमें पोंडी उपरोड़ा विकासखंड के 109 ग्राम पंचायतों में 31 जनवरी को मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। निर्वाचन कर्मचारियों को पोंडी उपरोड़ा हाईस्कूल से अपने अपने चुनाव सामग्री को लेकर निर्धारित स्थल पर रवाना किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल की डयूटी सभी ग्राम पंचायतों में लगाई गई है। पुलिस बल भी अपने दल बल के साथ निर्वाचन विभाग द्वारा चयनित  स्थल पर रवाना हुए। तहसीलदार दुकालूराम ध्रुव ने जानकारी दी हैं कि पोंडी उपरोड़ा में 109 ग्राम पंचायत चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा 286 मतदान केंद्र बनाए गए हैं तथा 24 सेक्टर में बांटा गया है।

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