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12-01-2021
स्टील प्लांट के मजदूर यूनियन की हड़ताल आश्वासन पर स्थगित

रायपुर/जगदलपुर। जिले के नगरनार स्टील प्लांट के मजदूर यूनियन के अध्यक्ष ने 12 जनवरी को अपनी मांगों को लेकर धरना दिया जाना था। लेकिन एनएमडीसी के अधिकारियों के साथ सोमवार को हुई बैठक के बाद धरना 27 जनवरी तक स्थगित कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार डीएसपी आशीष अरोरा व प्रियदर्शनी, एनएमडीसी के अधिकारी मधुसूदन बहरा, प्रमोद कुमार वेंकटेश के साथ जूनियर ठेकेदार व यूनियन की अध्यक्ष गीता मिश्रा के मध्य बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि 27 जनवरी तक समस्त ठेकेदारों का भुगतान कर दिया जाएगा। अधिकारियों व डीएसपी के आश्वासन के बाद ठेकेदार व यूनियन की अध्यक्ष गीता मिश्रा ने बताया कि 27 जनवरी तक धरना स्थगित किया गया है। यदि इस अवधि में एनएमडीसी के अधिकारियों की ओर से भुगतान नहीं किया जाता है तो वे ठेकेदार व मजदूरों के साथ मिलकर एनएमडीसी के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगी।

 

 

10-01-2021
एनएमडीसी कर रही स्थानीय खिलाडिय़ों के साथ भेदभाव : बैडमिंटन एसोसिएशन

रायपुर दंतेवाड़ा। जिले के एनएमडीसी बचेली कॉम्प्लेक्स द्वारा एक तुगलगी फरमान जारी किया गया गया है। इसमें बीआरसी क्लब में इंडोर खेल जैसे बैडमिंटन, टीटी व व्यायाम शाला में एनएमडीसी कर्मचारी, आश्रितों के लिए खेलने की अनुमति प्रदान की गई है। इस फरमान के अनुसार बचेली में रहने वाले युवा खिलाड़ी हो या कहीं और के खिलाड़ी हो किसी को भी बीआरसी में खेलने की अनुमति नही दी जा रही है। ऐसे खिलाडिय़ों को खेलने से रोक कर एनएमडीसी यहां के स्थानीय खिलाडिय़ों के साथ भेदभाव कर रही है, जिसे लेकर दंतेवाड़ा बैडमिंटन एसोसिएशन ने भी अपना कड़ा विरोध दर्ज करवाया है। बचेली नगर के लोगों का कहना है कि ऐसा फरमान निकाल कर एनएमडीसी यहां के स्थानीय खिलाडिय़ों के साथ छलावा करने के साथ साथ उनके अंदर के खेल प्रतिभा को दबाने का भी प्रयास कर रही है। बता दें कि बैडमिंटन के कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपने खेल के माध्यम से बचेली का ही नहीं पूरे दंतेवाड़ा व बस्तर का नाम भी रोशन किया है। जिला कलेक्टर से एनएमडीसी के इस दोहरे चरित्र के बारे में अवगत कराने की बात कही है, जहां एनएमडीसी सीएसआर मद का हवाला देकर यहां के स्थानीय लोगो के हितों की बात करती है। वही यहां के राष्ट्रीय स्तर के खिलाडिय़ों को खेलने से रोकना एनएमडीसी के दोहरे चरित्र को प्रदर्शित करता है। गौरतलब है कि हाल ही में धुरली में जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा तीन दिवसीय खेल का आयोजन करवाया गया था। शासन एंव जनप्रतिनिधि खेल प्रतिभागियों को उभारने के लिए प्रयासरत हैए इसके ठीक विपरीत एनएमडीसी खेल को बढ़ावा देने की बजाए दबाने का कुप्रयास कर रही हैं, जिसका बचेली नगर के लोग एनएमडीसी के इस फरमान को लेकर निन्दा कर रहे हैं।

19-12-2020
भूपेश बघेल ने कहा-उद्योगों को लौह अयस्क और कोयले की कमी नहीं होगी,प्रयास कर रही सरकार 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के स्थानीय उद्योगों के लिए लौह अयस्क और कोयले की कमी नहीं होने दी जाएगी। राज्य सरकार एनएमडीसी और केन्द्र सरकार के साथ लगातार इस संबंध में प्रयास कर रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के उद्योगपतियों से बस्तर सहित प्रदेश के वन क्षेत्रों में लघु वनोपजों में वेल्यू एडिशन के लिए उद्योगों की छोटी-छोटी यूनिटें लगाने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री बघेल शनिवार को राजधानी के एक निजी होटल में आयोजित छत्तीसगढ़ के नवा बिहान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।  मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि उद्योगपतियों की सहूलियत के लिए राज्य सरकार लघु वनोपजों के वेल्यू एडिशन के लिए वन विभाग के माध्यम से मॉडल प्रोजेक्ट तैयार करने की पहल करेगी। इससे ऐसे उद्योग स्थापित करने में उद्योगपतियों को आसानी हो। लघु वनोपजों में वेल्यू एडिशन से संग्राहकों को वनोपजों का अच्छा मूल्य मिलेगा। उद्योगों में स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 300 गांवों में गौठानों में बनाए गए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। यहां महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियां संचालित कर रोजगार और आय के साधनों के साथ जुड़ रही हैं, इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि अंबिकापुर में एक महिला स्वसहायता समूह ने गौठान में तैयार वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री 16 रुपए प्रति किलो की दर से करने के लिए एक कंपनी के साथ एमओयू भी किया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट काल में जब पूरा देश आर्थिक मंदी से प्रभावित था, छत्तीसगढ़ में उद्योग जगत मंदी से अछूता रहा। लॉकडाउन के दौरान देश में सबसे पहले माह अप्रैल में छत्तीसगढ़ के उद्योगों में काम प्रारंभ हुआ। इसमें हमारे उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। छत्तीसगढ़ जीएसटी कलेक्शन में आज शीर्ष में हैं। इसका श्रेय भी हमारे उद्योग और व्यापार जगत के लोगों को जाता है। छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क और कोयले की खदानों में कोरोना संकट काल में भी उत्पादन लगातार जारी रहा। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगपतियों से विचार-विमर्श कर प्रदेश की नई औद्योगिक नीति निर्धारित की। जिसकी वजह से पिछले दो वर्षो में 103 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इन एमओयू के माध्यम से प्रदेश में 42 हजार करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन एमओयू को क्रियान्वित करने की चुनौती राज्य सरकार के साथ-साथ उद्योगपतियों की भी है। मुख्यमंत्री ने इन एमओयू के क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को प्रोफेशनल तरीके से काम करने को कहा। उद्योगों की स्थापना के लिए अधिकारी उद्योगपतियों के साथ बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। कॉन्फ्रेडेशन आॅफ इंडियन इंडस्ट्री के कार्यक्रम में उद्योग मंत्री कवासी लखमा, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ भी उपस्थित थे।

01-11-2020
ग्रामीणों ने एनएमडीसी को कहा, 26 मांगों के माने जाने के बाद ही स्लरी पाइपलाइन सर्वे की देंगे अनुमति

रायपुर/दंतेवाड़ा। जिले के बचेली एनएमडीसी स्लरी पाइपलाइन के सर्वे कार्य को प्रारंभ करने को लेकर 5 वार्ड 1,4,6,7,9, के लोग एवं जिला प्रशासन, एनएमडीसी, जनप्रतिनिधियों की बैठक की गई थी। इस बैठक में प्रभावित एवं आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों का एनएमडीसी के उपस्थित अधिकारियों को विरोध का सामना करना पड़ा। उपस्थित एनएमडीसी के अधिकारी सीएसआर मद के अंतर्गत किए गए कार्यों का ब्यौरा देते हुए ग्रामीणों को समझाइश देते नजर आए। आदिवासी महासभा के गोविंद कुंजाम ने बताया कि बैठक में हमने साफ कर दिया है कि हमारी 26 बिंदुओं पर मांग है। हमारी मांगों को हमने जिला प्रशासन एवं एनएमडीसी के समक्ष रखा है। हमारी 26 मांगों को मानने के बाद ही हम स्लरी पाइपलाइन सर्वे के लिए अनुमति देंगे अन्यथा हमारी जमीनों में हम किसी भी सूरत में इनको पाइपलाइन बिछाने तो दूर सर्वे करने भी नहीं देंगे।  

बैठक में शामिल ग्रामीणों का कहना है कि एनएमडीसी ने स्थापना से लेकर आज तक आस-पास के जितने भी क्षेत्र है। उनके विकास को लेकर चाहे वो लाल पानी प्रभावितों के हितों को लेकर हो फिर चाहे एनएमडीसी के द्वारा गोद लिए गए गांव हो। रोजगार एवं विकास के नाम पर कोरा आश्वाशन ही दिया है। अब जब एनएमडीसी को अपना प्रोजेक्ट बनाना है तो पुन: एक बार ग्रामीणों को मुआवजा राशि का लालच देकर अपना उल्लू सीधा करने में लगी है। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी एनएमडीसी के ऊपर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य को लेकर किए जा रहे दावों पर भी सवाल खड़े किए है। पालिका उपाध्यक्ष उस्मान खान ने भी ग्रामीणों का पक्ष लेते हए कहा कि स्थानीय ग्रामीणों के साथ हमेशा से ही अन्याय किया है। फिर चाहे बात रोजगार को लेकर हो या सीएसआर अंतर्गत विकास कार्यों को लेकर हो। हमेशा से ग्रामीण छले गए है, इनकी मांगें जायज है। उसे पूरा करना एनएमडीसी का दायित्व है। साथ ही सीएसआर की लिस्ट में बड़े बचेली का नाम ना होने पर भी उपाध्यक्ष ने सवाल खड़े किए। 

जिला प्रशासन से डिप्टी कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल, एसडीएम प्रकाश कुमार भारद्वाज ने सरकारी नियम के तहत मुआवजा दिलाने एवं भू अर्जन के सम्बंध में आवश्यक जानकारी उपस्थित ग्रामीणों को दी एवं ग्रामीणों को समझाने का भरकस प्रयास किया, साथ ही ग्रामीणों की मांगों पर एनएमडीसी को विचार करने आपसी सहमति से इस योजना के क्रियान्वयन के लिए कोई रास्ता निकालने ग्रामीणों से भी अपील की साथ ही विकास कार्यों को लेकर भी समीक्षा किया।
उल्लेखनिय है कि एनएमडीसी स्लरी पाइपलाइन बचेली प्लांट से लेकर नगरनार तक बिछाने की योजना बनाई गई है जो विभिन्न वार्डों से गुजरते हुए नगरनार स्टील प्लांट होकर आंध्र के विशाखापटनम तक जाएगी। इसमें पानी के उच्च दबाव से लौह अयस्क चूर्ण भेजा जाएगा पहले इस तरह का प्रोजेक्ट एस्सार द्वारा चालू किया है जो कि काफी हद तक सफल रहा है।

बैठक में पालिका अध्यक्ष पूजा साव , उपाध्यक्ष उस्मान खान , तहसीलदार पीआर पात्रे , पालिका सीएमओ, सीएसआर प्रमुख सुनील उपाध्याय , स्लरी पाइपलाइन प्रोजेक्ट इंचार्ज अजित कुमार , पार्षद धनसिंह नाग , रीना दुर्गा , अप्पू कुंजाम , संजीव साव , सर्व आदिवासी समाज से गोविन्द कुंजाम , सुखराम राणा , सुदरू मंडावी , संजय मंडावी , मनोज कंजाम , सन्तोष तामो , मोहन नाग ( कोटवार बचेली )  हुंगा कर्मा , राजेन्द , बुधराम एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

24-10-2020
करोड़ों की ठगी के मामले में एक एएसआई निलंबित

रायपुर/जगदलपुर। जिले में निर्माणाधीन एनएमडीसी नगरनार स्टील प्लांट में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने बचेली निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं इस मामले में बस्तर जिले के एसपी दीपक झा ने एक एएसआई यतेंद्र देवांगन को निलंबित कर दिया है।
उल्लेखनिय है कि वर्ष 2017 में स्थानीय बेरोजगारों को एनएमडीसी में नौकरी दिलाने के नाम पर बचेली निवासी नवीन चौधरी, संजय डोनाल्ड दयाल, नरेंद्र चौधरी और चन्द्रकिरण ओगर द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के लगभग 119 लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने के बाद फरार हो गए थे। इसके बाद पीड़ित यास्मीन अंसारी निवासी भानपुरी तथा सुनील देवांगन ने ठगी के मामले को लेकर कोतवाली थाने में आरोपियों के विरूद्ध मामला दर्ज कराया था। पुलिस को बीते 19 अक्टूबर को बचेली निवासी दो आरोपी नरेंद्र चौधरी और संजय डोनाल्ड दयाल को पड़ने में सफलता मिली थी। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस के सामने कई खुलासे किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 120 (बी), 467, 468, 471 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जेल भेज दिया है। इसके साथ ही पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

15-10-2020
भूपेश बघेल ने कहा- शिक्षा से ही मिलती है जीवन में नई ऊंचाइयां,विकासखंड स्तर पर खोले जाएंगे इंग्लिश मीडियम स्कूल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को दंतेवाड़ा जिले के छू लो आसमान कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में (जेईई) मेन्स में सफल 17 छात्र-छात्राओं से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने इन विद्यार्थियों को सफलता के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। इन छात्र-छात्राओं ने एनआईटी में प्रवेश के लिए मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त किया है। वर्ष 2011 में जिला प्रशासन दंतेवाड़ा और एनएमडीसी के सहयोग से प्रारंभ किए गए इस कार्यक्रम की मदद से अब तक 845 छात्र-छात्राओं का चयन विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए हो चुका है। मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे जीवन के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल की जा रही है। आप लोग दूरस्थ अंचलों से हैं और विपरित परिस्थितियों में अपने दृढ़ संकल्प से छू लो आसमान कार्यक्रम के माध्यम से यह सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने छू लो आसमान कार्यक्रम में बीजापुर और सुकमा के आदिवासी बच्चों के लिए अगले सत्र से 40 सीटें बढ़ाने, चयनित विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और एक छात्र हेमंत कुमार आर्य की आंखों का पूरा इलाज कराने की घोषणा की। बघेल ने कहा कि प्रदेश में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना के अंतर्गत जिलों में 53 स्कूल प्रारंभ किए गए हैं। आने वाले वर्षों में विकासखंड स्तर पर इंग्लिश मीडियम स्कूल प्रारंभ किए जाएंगे। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि छू लो आसमान कार्यक्रम से जुड़ें बच्चों की सफलता ने यह साबित कर दिखाया है कि हमारे बस्तर इलाके में प्रतिभा की कमी नहीं है। यदि अवसर मिले तो हमारे बच्चे महानगरों के बच्चों को भी मात दे सकते हैं। अभी तक बस्तर की पहचान उसकी प्राकृतिक छटा, वहां की अनोखी जीवन शैली और खनिजों से भरपूर खदानों से होती थी। अब शिक्षा के नाम से भी बस्तर को जाना जाएगा। मुख्यमंत्री बघेल ने सफल विद्यार्थियों में दंतेवाड़ा चेरपाल के संतकुमार कुंजाम, सुकमा की उपासना नेगी और कल्याणी नेताम और दंतेवाड़ा टेकनार के मनोज कुमार और छू लो आसमान की शिक्षिका सुकृति शर्मा से बात कर उनके अनुभव जाने। बच्चों ने गुरूजनों, मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन, दंतेवाड़ा और अपने माता-पिता को अपनी सफलता का श्रेय दिया। 

इस दौरान कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, विधायक अनूप नाग, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, एनएमडीसी के सलाहकार दिनेश श्रीवास्तव उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर दंतेवाड़ा दीपक सोनी और एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक सुमित देव शामिल हुए।  छू लो आसमान कार्यक्रम में इस वर्ष कुल 17 छात्र-छात्राएं (15 छात्र, 2 छात्राएं) जेईई मेन्स की प्रवेश परीक्षा (एनआईटी के लिए ) में मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त किया है। इनमें दंतेवाड़ा के 11, बीजापुर के 2, सुकमा के 3 और बस्तर जिले से 1 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इनमें 16 विद्यार्थी आदिवासी और 1 अन्य पिछड़ा वर्ग से है। पिछले वर्ष भी 21 छात्र-छात्राओं ने आईआईटी, एनआईटी में प्रवेश पाया था। दंतेवाड़ा क्षेत्र के आदिवासी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में तैयार करने के उद्देश्य से वर्ष 2011 में छू लो आसमान की स्थापना की गई। इस संस्था में मूल रूप से दंतेवाड़ा और आसपास के छात्र-छात्राओं को कक्षा 9वीं से हॉस्टल में रखकर पीईटी और पीएमटी की तैयारी करायी जाती है। साथ ही उनकी पढ़ाई को जारी रखने के लिए दंतेवाड़ा के विभिन्न स्कूलों में प्रवेश भी दिलाया जाता है। संस्था में प्रत्येक वर्ष 80 छात्र और छात्राओं को प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। कुल सीटों में 76 प्रतिशत आदिवासी, 4 प्रतिशत अनुसूचित जाति, 14 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 6 प्रतिशत सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं हेतु सुरक्षित रहती है। एक समय में कक्षा में कुल 600 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत रहते है।

14-10-2020
केन्द्र सरकार के फैसले से भूमि विस्थापितों और बस्तर की जनता के तमाम सपने चकनाचूर : शैलेश 

रायपुर। नगरनार स्टील प्लांट को एनएमडीसी से अलग करने और बेचने की तैयारी करने के फैसले को कांग्रेस ने बस्तर और छत्तीसगढ़ की जनता के साथ छल करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने  कहा है कि यह छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों पर बालको के बाद एक और खुली डकैती की घटना है,इसका जवाब जनता देगी। उन्होंने कहा है कि नगरनार स्टील प्लांट के लिए जमीन देने वाले भूमि विस्थापितों के अलावा बस्तर की जनता के तमाम सपने केंद्र सरकार के इस फैसले से चकनाचूर हो गए। नगरनार प्लांट के निजीकरण से छत्तीसगढ़ के और खासकर बस्तर के अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग और गरीब लोगों की नौकरी पाने की उम्मीदों को धक्का लगा है। अभी छत्तीसगढ़ के लोग बालको को बेचने को भूले नहीं है। जब बालको को एनडीए की सरकार ने 500 करोड़ रुपए में निजी हाथों में सौंप दिया गया था। जबकि बालको के अंदर उपलब्ध स्क्रैप का मूल्य ही इससे कहीं ज्यादा था। नगरनार के निजीकरण से बस्तर और छत्तीसगढ़ के विकास का केंद्र सरकार का वादा खत्म हो जाएगा। नगरनार स्टील प्लांट अब निजी हाथों में जाकर किसी उद्योगपति के लिए लाभ कमाने की संस्था बनेगा। अब छत्तीसगढ़ से संसद में चुनकर गए सांसदों और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को बताना चाहिए कि वे केंद्र में बैठी भाजपा सरकार के इस फैसले पर क्या सोचते हैं? क्या वे बस्तर की जनता के साथ खड़े होकर नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण का विरोध करेंगे? या फिर नरेंद्र मोदी के डर से चुप्पी साधे बैठे रह जाएंगे? छत्तीसगढ़ की जनता प्रदेश के भाजपा नेताओं की चुप्पी को देख रही है और इसका मतलब भी समझ रही है।

06-10-2020
बालिका शिक्षा योजना के अंतर्गत आवेदन 14 तक

रायपुर/सुकमा। एनएमडीसी के बालिका शिक्षा योजना के अंतर्गत बस्तर क्षेत्र की गरीबी रेखा के अंतर्गत आने वाली इच्छुक अनुसूचित जनजाति के छात्राओं से अपोलो स्कूल आफ नर्सिंग हैदराबाद में 3 वर्षीय जीएनएम और 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 14 अक्टूबर तक आवेदन मंगाए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए विज्ञान (बायोलॉजी भौतिक एवं रसायन) विषय से कक्षा बारहवीं कम से कम 45 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। चयनित छात्राओं को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। इस प्रवेश सूचना के संबंध में एनएमडीसी के वेबसाइट डब्लयूडब्लयूडब्लयू डॉट एनएमडीसी डॉट सीओ डॉट इन का अवलोकन किया जा सकता है।

एनएमडीसी द्वारा बस्तर क्षेत्र के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, बस्तर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों की गरीबी रेखा अंतर्गत जीवन यापन करने वाली आदिवासी छात्राओं को व्यवसायिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बालिका शिक्षा योजना वर्ष 2011 से प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत अब तक बस्तर क्षेत्र की 338 छात्राओं को स्कूल आफ नर्सिंग हैदराबाद में जीएनएम एवं बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जा चूका हैं।

16-09-2020
वायरलेस हेलमेट पहनने पर ही स्टार्ट होगी बाइक, चोरी होने पर रेंज के बाहर जाते ही बाइक हो जाएगी बंद

रायपुर/दंतेवाड़ा। जिले के बचेली के एक युवा प्रेम भारद्वाज ने सेंसर लगा एक वायरलेस हेलमेट बनाया है, जिसके पहनने पर ही बाइक स्टार्ट होगी। साथ ही वाहन के सुरक्षा के लिए भी कारगर होगा। प्रेम के प्रयोगों से बचेली के लोग बेहद खुश हैं। प्रेम ने भांसी के आईटीआई से वर्ष 2016-17 में पढ़ाई पूरी की है। प्रेम भारद्वाज ने बताया कि बचेली पुलिस के अधिकारियोंं ने सुझाव दिया था कि ऐसा कुछ डिवाइस भी तैयार करो, जिससे वाहन चोरी न होने पाए। उन्होंने बताया कि रिले सेंसर से जुड़े हेलमेट-वाहन को किसी जगह पार्क कर हेलमेट को अपने साथ रखकर जाते हैं तो हेलमेट में लगा सेंसर जब तक एक सीमित रेंज में नहीं आएगा, जब तक बाइक स्टार्ट नहीं होगी।

सीमित रेंज में हैं और चोर बाइक को स्टार्ट कर चोरी कर ले जाता है तो रेंज के बाहर जाते ही बाइक बंद हो जाएगी। इसमें लगा सिस्टम बैटरी से ऑपरेट होता है। मोबाइल के चार्जर से ही फुल चार्ज होकर एक से डेढ़ महीने तक चलेगी। यह वायरलेस हेलमेट नार्मल हेलमेट की तरह ही दिखता है। इसके पहले भी प्रेम कबाड़ से जुगाड़ कर 4-स्ट्रोक डीजल इंजन मॉडल, इमरजेंसी मोबाइल चार्जर, दोपहिया वाहन में साइड स्टैंड डिवाइस भी बना चुका है। इसके लिए तत्कालीन कलेक्टर सौरभ कुमार ने सम्मानित किया था। इसके अलावा भी एनएमडीसी, विधायक व 26 जनवरी के मौके पर भी प्रेम इन प्रयोगों के लिए सम्मानित हो चुका है।

09-09-2020
एनएमडीसी के चेयरमैन सुमित देव ने सीएम भूपेश बघेल को सौजन्य मुलाकात में कोरोना से लड़ने के लिए 10 करोड़ का चेक सौंपा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से एनएमडीसी के सीएमडी सुमित देव ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने कोरोना संक्रमण से रोकथाम व बचाव के लिए मुख्यमंत्री बघेल को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 10 करोड़ रूपए की राशि के चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस सहायता के लिए देव को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव खनिज संसाधन विभाग  अन्बलगन पी. एवं एनएमडीसी के सलाहकार दिनेश श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।

 

19-07-2020
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, 30 प्रतिशत रियायत पर लौह अयस्क उपलब्ध कराने किया आग्रह

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर बस्तर में स्टील उद्योग को एनएमडीसी के माध्यम से 30 प्रतिशत रियायत पर लौह अयस्क उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इससे बस्तर में बड़े पैमाने पर स्टील उद्योगों का संचालन और इसके जरिए बड़े पैमाने पर स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे बस्तर के विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में इस बात का उल्लेख भी किया है कि, राज्य शासन की ओर से भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी को इस आशय का प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है।
मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि एनएमडीसी की ओर से दंतेवाड़ा जिले में विगत लगभग आधी शताब्दी से बड़ी मात्रा में लौह अयस्क का खनन किया जा रहा है। लौह अयस्क की प्रचुरता के बाद भी विषम परिस्थितियों के विद्यमान होने के कारण निजी उद्यमियों के लिए बस्तर में स्टील उद्योगों की स्थापना लाभप्रद नहीं है। यदि एनएमडीसी की ओर से बस्तर में स्टील निर्माण किए जाने वाले निवेशकों को लौह अयस्क 30 प्रतिशत की छूट पर दिया जाए, तो इससे बस्तर अंचल में छोटी-बड़ी अनेक स्टील निर्माण इकाईयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।  स्थानीय निवासियों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के लाखों नए अवसर निर्मित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने अवगत कराया है कि राज्य शासन की ओर से एनएमडीसी को इस आशय का औपचारिक प्रस्ताव प्रेषित किया जा चुका है।

 

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