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06-06-2021
Exclusive : रायपुर जिले में बनना चाहते हैं भाजयुमो पदाधिकारी तो होना चाहिए कामर्शियल बैकग्राउंड

रायपुर। भाजयुमो में इन दिनों जगह पाने के लिए कार्यकर्ता लगातार प्रयासरत है। लेकिन सूत्रों की माने तो जो खर्च कर सकता है, उसे ही जिले में जगह मिलेगी ऐसी बाते निकलकर सामने आ रही है। कुछ कार्यकर्ताओं ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि जिले में जगह पाने के लिए कई कार्यकर्ता लाइन में लगे हुए हैं। लेकिन उनका कामर्शियल बैकग्राउंड चेक किया जा रहा है। मामले में प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

 

19-05-2021
CH / SHOWS
07:57pm
खरी खरी/ रायपुर। लॉक डाउन में थोड़ी सी छूट क्या मिली जनता सड़क पर ऐसे उतर आई है जैसे बरसात के बाद चींटिया बिल से निकलती है। सीएम भूपेश बघेल ने अपील की छूट का इस्तेमाल देखभाल कर करना मगर जनता कंहा सुनने वाली है, वो कर रही है मनमानी फिर कोरोना का कहर बढ़ेगा तो सरकार कोसने के लिए भी है, कुछ तो सोचो, थोड़ा तो जिम्मेदार नागरिक बनो, जान सरकार की नही आपकी अपनी है।
06-05-2021
CH / SHOWS
06:57pm

खरी खरी, रायपुर। पहले रायपुर में स्पिरिट पीकर तीन युवकों ने जान गवाई और अब बिलासपुर मे शराब का विकल्प ढूंढने की कोशिश में जिंदगी गवा बैठे हैं। यानी 11 लोग अब तक शराब ना मिलने के कारण नशे के गुलाम होकर उसका विकल्प ढूंढने के चक्कर में जान गवा चुके हैं, यह सब हो रहा है इसलिए क्योंकि शराब के दाम आसमान छू रहे हैं और यह शराब के नशे के आदी गरीब लोगों की पहुंच से बाहर हो चुकी है दवा तो मिल नहीं रही थी दवा के अभाव में तो दम तोड़ ही रहे थे अब शराब के अभाव में दम तोड़ रहे हैं लोग बेहद दुर्भाग्य जनक और शर्मनाक बात है यह, इस पर रोक लगनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए।

25-04-2021
CH / SHOWS
06:08pm

खरी खरी। रायपुर में रेमडेसीविर इंजेक्शन को ब्लैक में बेचने वाला गिरोह पकड़ाया है। पुलिस इंस्पेक्टर रमाकांत साहू की जितनी तारीफ की जाए कम है। उन्होंने ऐसे समय में गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिस समय जरूरतमंद लोगों का उस इंजेक्शन की ब्लैक मार्केटिंग से दम निकला जा रहा है। एक अस्पताल ने तो आठ वायल मंगवा लिए थे। अस्पताल को सिर्फ नोटिस नहीं दी जानी चाहिए बल्कि उसे तत्काल सील कर दिया जाना चाहिए था, तत्काल उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाना चाहिए था। लाश तक रोक रहे है अस्पताल वाले, अगर लाश भी वे रोकने लगे तो उन्हें फिर कसाई न कहा जाए तो क्या कहा जाए।

19-04-2021
CH / SHOWS
08:00pm

खरी खरी/रायपुर। कोरोना के कहर से हर कोई कांप रहा है। हर कोई घबराया हुआ है, मगर ऐसा नहीं है कि सिर्फ कोरोना ही जीत रहा है। पिछले 3 दिनों में 35000 लोगों ने कोरोना को शिकस्त दी है। ये सरकार की कोशिश प्रशासन की सख्ती और डॉक्टरों की मेहनत का ही असर है और ये तभी रंग लाएगा जब आप सहयोग करेंगे। आप घर से मत निकलिए। कोरोना मत फैलाईये। फिर देखिए लॉकडाउन से कोरोना कैसे नहीं हारता।

11-04-2021
Exclusive : निजी स्कूलों के खिलाफ फूटा अभिभावकों का गुस्सा, कहा-जब स्कूल बंद, पढ़ाई नहीं हाे रही तो फीस किस बात की

रायपुर। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बीच शिक्षा के नाम पर लगातार निजी स्कूल संचालक मोटी रकम वसूल रहे हैं। स्कूल कॉलेज सभी निजी संस्थान बंद है। बावजूद इसके निजी स्कूलों के जिम्मेदार ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर खानापूर्ति करके अभिभावकों से रुपए वसूलने में लगे हुए हैं। इसके बाद भी प्रशासन के जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्कूल संचालक अभिभावकों पर फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं। प्रबंधक अभिभावकों को संदेश भेजकर स्कूल फीस जमा नहीं करने पर बच्चों के परिजनों को खुलेआम धमकी दे रहे हैं। इससे बच्चे मानसिक तनाव में आकर प्रताड़ित हो रहे हैं। इसके कारण अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है।  अभिभावकों का कहना है कि जब बच्चें को पूरा टाइम पढ़ाएं वे मोबाइल उनका और इंटरनेट भी उनका ही जाएं तो फिर फीस किस बात की। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूल लुटने का काम कर रही है। हमारे बच्चों को बिना पढ़ाए, बिना सुविधा दिए ही फीस वसूलने के लिए लगातार दबाव बना रही है। मात्र ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है, लेकिन स्कूल संचालक फीस की पूरी राशि वसूल रहे हैं।

10-04-2021
Exclusive : आपदा को अवसर समझ रहे निजी अस्पताल, मरीजों के परिजनों को दे रहे बेहिसाब बिल

रायपुर। प्रदेश में कोरोना महामारी की संकट की घड़ी में निजी अस्पतालों में लोगों की जमकर लूट जारी है। अधिकतर डॉक्टरों ने फर्ज को भूलकर इलाज को व्यापार का ही अड्डा बना लिया है। लगभग छोटे—बड़े सभी अस्पतालों में मरीजों की भरमार लगी हुई है। भीड़ देखकर ऐसा लगता है कि जैसे सारा शहर ही बीमार हो इलाज के लिए अस्पताल में आ गया हो। सोशल मीडिया पर निजी अस्पतालों के खिलाफ लगातार आक्रोशित पोस्ट शेयर हो रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में तो पूरी सुविधाएं व पूरी साफ सफाई नहीं मिलने की वजह से ज्यादातर मरीज मजबूरी में निजी अस्पतालों की तरफ आकर्षित होते हैं। कोरोना की वजह से कोई दूसरी बीमारी से ग्रस्त भी मरीज जब अस्पताल जाता है तो ज्यादातर निजी अस्पताल वाले मरीज को हाथ तक नहीं लगाते। अब निजी अस्पताल वाले मरीजों की मजबूरी का फायदा उठा इलाज के नाम पर भी बड़ी लूट मचा रहे हैं। किसी दूसरी बीमारी से जूझ रहे मरीज को भी कोरोना मरीज की निगाह से देखते हैं। इस पर रोक लगनी चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस प्रकार से अनाप—शनाप बिल इलाज के नाम पर परिजनों को सौंप देना बेहद शर्मनाक है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग को निजी अस्पतालों पर रोक लगाना चाहिए। 

19-03-2021
CH / SHOWS
02:04pm

रायपुर। नेत्रदान को महादान कहते हैं। नेत्रदान करने के लिए अभियान चलाए जाते हैं। लोग नेत्रदान से डरते हैं। देहदान से डरते हैं। मगर हमारे शहर में रामकुंड के पाटस्कर परिवार के बुजुर्ग की अंतिम इच्छा थी कि वे अपनी देह के साथ नेत्र भी दान करें। लेकिन एम्स के कुछ निष्ठुर और संवेदनहीन लोगों की बदमिजाजी के कारण उनके अंतिम इच्छा पूरी नहीं हो पाई और थक हारकर परिवार को उनका अंतिम संस्कार करना पड़ा।ये शर्मनाक घटना साफ बताती है कि एम्स के कुछ लोगो को छत्तीसगढ़ के लोगों की जरा भी परवाह नहीं है जिनके लिए एम्स बनाया गया है।

07-03-2021
ओवर रेट, अवैध चखना सेंटर पर लगाम कसने में आबकारी विभाग नाकाम या फिर कुछ है मामला?

रायपुर। प्रदेश भर में शाम होते ही एक घंटे के लिए शराब दुकानों में ओवर रेट शुरू हो जाता है। शिकायतों के बाद भी अब तक अंकुश नहीं लग पाया है। मदिरा प्रेमियों की माने तो आबकारी विभाग इन पर कसाहट पाने में असफल साबित हो रहा है। बता दें कि विभाग ने शराब की दुकानों पर ओवर रेट को रोकने के लिए विभाग की ओर अनेक प्रयास किए गए लेकिन बावजूद इसके शराब दुकानों पर ओवर रेट रोक पाने में विभाग असफल साबित हुआ है। साथ ही कुछ दिनों पहले संतोषी नगर क्षेत्र में आबकारी टीम पर हमला करने वालों की बात करें तो अभी तक माजरा स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आबकारी टीम की गाड़ियों पर हमला क्यों हुआ। आबकारी विभाग की गाड़ी पर हमला करना बहुत बड़ी घटना है। घटना कई ओर इशारा भी करते है कि आखिर क्या कारण था कि अवैध चखना सेंटर वालों ने आबकारी टीम की गाड़ियों पर हमला किया। प्रश्न यह भी खड़ा होता है कि चखना सेंटर किसकी मिलीभगत से चल रहे है।

जनता के सवाल
अवैध चखना सेंटर किसकी अनुमति से चल रहे है। साथ ही ओवर रेट की जानकारी विभाग के अधिकारियों को नहीं है या फिर सब कुछ जानबूझकर चलने दिया जा रहा है।

28 फरवरी को हुआ था आबकारी टीम पर हमला
रूटीन चेकिंग के दौरान अवैध चखना सेंटर हटाने गई आबकारी टीम पर हमला के दौरान सरकारी सूमो में जमकर पत्थरबाजी और तोड़फोड़ हुई। सूमो में आबकारी इंस्पेक्टर अजय पांडे, ड्राइवर समेत 3 सिपाही सवार थे। मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। आबकारी इंस्पेक्टर अजय पांडे ने बताया था कि ड्यूटी के दौरान रूटीन चेकिंग में निकले थे। इस दौरान संतोषी नगर शराब भट्टी के बाहर अवैध चखना बेचा जा रहा था। वहां पहुंचते ही कुछ अज्ञात लोगों ने गाड़ी पर हमला कर दिया और तोड़फोड़ कर दी। विभाग के अधिकारियों से खबर के संंबंध में प्रतिक्रिया के लिए संपर्क करने पर उनसे संपर्क नहीं हो पाई।

 

28-02-2021
डीजीपी की 'आदर्श थाना' और 'आदर्श थाना प्रभारी' योजना कारगर साबित हो रही, राजधानी के कुछ थानों को सुधारना शेष

रायपुर। थानों में पहले आम जनता को पैर रखने में डर लगता था। किसी प्रकार की समस्या होने पर लोग अप्रोच की खोज करते थे। लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के मुखिया यानी डीजीपी डीएम अवस्थी ने प्रदेशभर के थानों को 'आदर्श थाना' बनाने की पहल की। 1 जुलाई से 'आदर्श थाना' और 'आदर्श थाना प्रभारी' योजना शुरू होने के बाद अब प्रदेश के कई थानों में सुधार देखा जा रहा है। बता दें कि डीजीपी अवस्थी ने सभी थाना प्रभारियों को कुछ मापदंडों के बारे में बताया था। साथ ही थानों में आमजन के साथ थाना प्रभारी और अन्य स्टाफ का व्यवहार कैसा होना चाहिए।

उन्होंने पीड़ित व्यक्ति, महिलाएं और बच्चे के साथ विनम्र होकर बात करने की सलाह दी थी। फरियादियों के साथ पुलिसकर्मी संवेदनशील व्यवहार रखें और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करें। उन्होंने गुंडे-बदमाशों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पुलिस द्वारा कठोरतम कार्रवाई की जाए। अब प्रदेश के अधिकतम थानों में बदलाव देखने को मिल रहा है। लेकिन राजधानी के कुछ थाने अभी भी शेष है। सूत्रों की माने तो अभी भी फरियादियों से अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है।

 

11-02-2021
Exclusive : भाजयुमो में ढिंढोरा 35 साल के युवाओ को जगह देने की, लेकिन कुछ नियुक्तियां 35 के ऊपर वालो की भी 

रायपुर। भाजयुमो की प्रदेश कार्यकारिणी में 35 साल तक के युवाओ को पदाधिकारी बनाने का ढिंढोरा था लेकिन 35 साल से ज्यादा उम्र वालो को भी जगह देने के कारण  मामला तूल पकड़ रहा है। हालांकि कार्यकर्ताओं की माने तो प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू ने अपनी ओर से सभी को साधने का प्रयास किया। लेकिन दिग्गज नेताओ के सामने उनकी एक नहीं चली। इतना ही नहीं दुर्ग और बिलासपुर जिले से एक भी युवा को प्रदेश कार्यकारिणी में जगह नहीं मिल पाई है। साथ ही संगठन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से आए युवाओं को प्रमुखता से जगह दी गई है। पार्टी सूत्रों की माने तो कुछ कर्मठ और सक्रिय कार्यकर्ताओं को जगह नहीं मिलने पर उनमें आक्रोश का माहौल है। साथ ही प्रदेश के कई जिलो में दबे स्वर में विरोध के स्वर बुलंद हो रहे है।

10-02-2021
Exclusive: आज हो सकती है भाजयुमो की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा...

रायपुर। भाजयुमो की प्रदेश कार्यकारिणी की लिस्ट अब तक अटकी हुई है। पार्टी सूत्रों की माने तो कुछ नामों पर सहमति नहीं बन पा रही है। लेकिन आज कार्यकर्ताओं को खुशखबरी मिल सकती है। यानी भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा की कार्य​कारिणी की आज घोषणा हो सकती है। संगठन के आला नेताओं के बीच तालमेल नहीं बैठ पाने के कारण अब तक कार्यकारिणी की घोषणा नहीं हो पायी है। प्रदेश कार्यकारिणी में नामों को लेकर खींचतान जारी होने के कारण अब तक नामों की घोषणा नहीं हो पायी थी। प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में इन दिनों रोजाना बैठक हो रही है। लेकिन नामों पर सहमति नहीं बन पा रही थी। पार्टी सूत्रों की माने तो आज भाजयुमो की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा हो सकती हैं।