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31-07-2021
एक्ट्रेस से सुपर स्टार एक्ट्रेस बनी दारासिंह से लेकर राजेश खन्ना तक की हीरोइन बनी मुमताज का जन्म दिन आज

रायपुर/मुंबई। बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस रह चुकीं खूबसूरत अदाकारा मुमताज आज अपना बर्थडे मना रही है। साठ के दशक में मुमताज ने भी फिल्मों में छोटे-मोटे रोल करने शुरू कर दिए थे।मुमताज की किस्मत तब बदली जब उन्होंने दारा सिंह के साथ फिल्म की। एक्ट्रेस ने दारा सिंह के साथ एक के बाद एक 16 फिल्में कीं, जिनमें से 10 सुपरहिट हुई। राजेश खन्ना के साथ आई फिल्म 'दो रास्ते' ने मुमताज के लिए टर्निंग प्वाइंट का काम किया। राजेश खन्ना और मुमताज की जोड़ी दर्शकों को खूब पसंद आई। 1996 में उन्हें फिल्मफेयर ने लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया। 1971 में संजीव कुमार के साथ 'खिलौना' फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था।

30-07-2021
ब्रेकिंग: केरल की एक चर्च का ऐलान 5 से अधिक बच्चे पैदा करने वालों को 15 हजार की आर्थिक सहयोग

नई दिल्ली/ रायपुर। देश में एक ओर केंद्र सरकार कैसे भी जनसंख्या नियंत्रण करना चाह रही है। इसके लिए यूपी की योगी सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून तैयार कर चुकी है। वही केरल की एक चर्च ने 5 बच्चे पैदा करने वालों को 15000 रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। हालांकि इस पर लोग कितना अमल करते हैं यह तो समय ही बताएगा।

30-07-2021
BREAKING : सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट घोषित, 99.37 प्रतिशत स्टूडेंट्स हुए पास

रायपुर। सीबीएसई 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। 99.37 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए हैं। इस बार भी छात्राओं ने बाजी मारी है। 99.67 प्रतिशत छात्राएं और 99.13 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के नतीजे सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट  cbseresults.nic.in पर देखे जा सकते हैं। छात्र एसएमएस के जरिए भी बारहवीं का रिजल्ट मंगा सकेंगे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 31 जुलाई तक 12वीं कक्षा का रिजल्ट जारी करने के निर्देश दिए थे। इस साल भी बारहवीं कक्षा का रिजल्ट पहले जारी किया गया है। अब जल्द ही 10वीं का का रिजल्ट जारी हो सकता है।

30-07-2021
Breaking : टोक्यो ओलंपिक से आई भारत के लिए एक और अच्छी खबर, सेमीफाइनल में पहुंची पीवी सिंधु

रायपुर। टोक्यो ओलंपिक से भारत के लिए लगातार अच्छी खबर आ रही है। शुक्रवार सुबह भारत की बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन के सेमीफाइनल में प्रवेश के बाद अब बैडमिंटन में पीवी सिंधु के सेमीफाइनल में पहुंचने की खबर आई है। भारत की बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने जापान की खिलाड़ी को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। बता दें कि हॉकी में भी भारतीय महिला टीम का शानदार प्रदर्शन रहा। भारत ने आयरलैंड को 1-0 से शिकस्त दी।

30-07-2021
Breaking: छत्तीसगढ़ में कोरोना की रफ्तार आज भी कम, कल से और घटे नए केस, रायपुर में नहीं हुई मौत

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की रफ्तार शुक्रवार को भी घटी है। गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को नए मरीजों की पहचान कम हुई है। 30 जुलाई की स्थिति में प्रदेश की पॉजिटिविटी दर 0.2 प्रतिशत है। आज प्रदेश भर में हुए 42714 सैंपलों की जांच में से 125 व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिले हैं। 243 मरीज स्वस्थ हुए हैं। आज 3 मरीजों की मौत हुई है। प्रदेश में अब 1965 एक्टिव केस हैं। इसी तरह रायपुर में जिले में आज 8 मरीजों की पहचान हुई है। 11 मरीज स्वस्थ हुए हैं। राहत की बात है कि आज भी किसी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है। अब रायपुर जिले में 121 एक्टिव केस हैं।

 

 

31-07-2021
नाबालिग से छेड़छाड़ करने वाला आरोपी गिरफ्तार

जगदलपुर। नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामला नगरनार पुलिस थाना क्षेत्र का है। डीएसपी आशिष अरोरा ने बताया कि नगरनार पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय जगदलपुर में पेश किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी शाने उर्फ शानेरजा 25 वर्ष निवासी मुरादाबाद उत्तरप्रदेश है और अभी वह जगदलपुर में किराए के मकान में रह रहा था। आरोपी नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ कर रहा था। प्रार्थी की रिपोर्ट पर धारा 354 भादवि एवं 08 पॉक्सो एक्ट पंजीबद्ध कर विवेचना लिया गया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया।

30-07-2021
नक्सलियों ने शहीदी सप्ताह मनाने मुख्य मार्ग के किनारे लगाए बैनर

कांकेर। जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सलियों ने मुख्य मार्ग के किनारे बैनर लगाए है। इसमें 28 जुलाई से 7 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाने आम जनता से अपील की है। मारे गए नक्सलियों के स्मृति में गाँव-गाँव में शहीदी सप्ताह मनाने से संबंधित स्लोगन बैनर में लिखे हैं। माओवादियों ने कांकेर से आमाबेड़ा मार्ग व पखांजूर मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर ग्राम पीव्ही 11 के मुख्य मार्ग पर भारी मात्रा में बैनर लगाए गए है।

 

30-07-2021
भूपेश बघेल ने कहा-मछलीपालन के लिए भी कृषि जैसे ही मिलेगी सस्ती बिजली और बिना ब्याज के ऋण की सुविधा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में मछलीपालन को कृषि का दर्जा दिया गया है। अब मछलीपालन के लिए भी कृषि जैसे ही सस्ती बिजली और बिना ब्याज के ऋण की सुविधा मिलेगी। इससे मछलीपालन करने वालों को लाभ होगा और जो अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण मछलीपालन नहीं कर पाते थे, वे भी मछलीपालन कर आय का साधन जुटा सकेंगे और आगे बढ़ेंगे।अधिक से अधिक संख्या में मछुआ समुदाय के लोग भी इन प्रावधानों का लाभ उठाने के लिए आगे आएं।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष से छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष और सदस्यों के पदभार ग्रहण कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। कार्यक्रम में उन्होंने यह बातें रखी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेन्द्र ढीमर, सदस्य दिनेश फूटान, देव कुंवर निषाद, आरएन आदित्य, प्रभु मल्लाह, विजय ढीमर और अमृता निषाद ने पदभार ग्रहण किया। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष एमआर निषाद, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी और पूर्व विधायक दिलीप लहरिया भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष और सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

31-07-2021
सीएजी की रिपोर्ट सदन में पेश, राजस्व घटा व व्यय में 2018-19 के मुकाबले 19-20 में हुई बढोत्तरी

रायपुर। कैग की रिपोर्ट शुक्रवार को विधानसभा में पेश की गई। रिपोर्ट से जानकारी सामने आई कि लॉकडाउन के दौरान राजस्व में करीब 14 फीसदी की कमी आई है। राजस्व व्यय 9 हजार करोड़ रुपए बढ़ गया है। विधानसभा के पटल पर सीएजी की दो रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। पहली रिपोर्ट 31 मार्च 2019 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष और दूसरी रिपोर्ट 31 मार्च 2020 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष से संबंधित हैं।  रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत साल 2016 से 19 के बीच 3 सालों में राज्यांश-केन्द्रांश के राज्य नोडल खाते के लिए राज्य सरकार ने 896.22 करोड़ कम राशि जारी की है। साल 2018-19 में सरकार के पास राजस्व आय 683.76 करोड़ सरप्लस था,जबकि 2019-20 में ये 9608.61 करोड़ घाटे में तब्दील हो गया। राजस्व व्यय में साल 2018-19 के मुकाबले 2019-20 में 9066.14 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। 


राज्य शासन की ओर से 2014-18 के दौरान बजट, प्रत्याशित अनुमानों से मेल नहीं खा सका,परंतु 2018-19 के दौरान बजटीय अनुमान से अधिक्य रहा। राज्य वस्तु एवं सेवा कर के अंतर्गत भी प्राप्तियां 2017-19 के दौरान बजटीय अनुमान से अधिक्य रही। 2018-19 के दौरान राज्य के लिए राजस्व का एकमात्र सबसे बड़ा श्रोत रहा। राज्य आबकारी प्राप्तियां 2017-19 के दौरान बजटीय अनुमान से अधिक्य रही,परंतु स्टाम्प एवं पंजीकरण शुल्क एवं भू-राजस्व 2014-19 के दौरान प्रत्याशित अनुमानों से मेल नहीं खा सके। 


31 मार्च 2019 की स्थिति में विद्युत कर और शुल्क, बिक्री, व्यापार आदि पर कर, स्टाम्प और पंजीकरण शुल्क, राज्य उत्पाद शुल्क, वानिकी और वन्य प्राणी वाहन कर एवं खनिज प्राप्तियों से 8,349.95 करोड़ बकाया थे, जिसमें से 1,465.74 करोड़ 5 वर्ष से भी अधिक समय से लंबित थे। आपदा एवं राजस्व प्रबंधन विभाग की ओर से राज्य के 27 जिलों में से केवल 9 जिलों से संबंधित बकाया का विवरण ही प्रदाय किया जा सका।  निरीक्षण प्रतिवेदनों (नि.प्र.) के विश्लेषण में प्रकट हुआ कि 31 मार्च 2019 तक विभागों को जारी 2,623 निरीक्षण प्रतिवेदनों के 10,614 कंडिकाएं, जिसमें राशि 9,891.26करोड़ के संभावी राजस्व सन्निहित है। नवंबर2020 तक बकाया थे। वर्ष 2018-19 के दौरान जारी किए गए  लेखापरीक्षा के 49 निरीक्षण प्रतिवेदनों में से 28 निरीक्षण प्रतिवेदनों (57.14 प्रतिशत) के प्रथम उत्तर भी कार्यालय प्रमुख से प्राप्त नहीं हुए।


अवधि 2018-19 में28 कर निर्धारण नस्तियां, विवरणियां, प्रतिदाय, दस्तावेज, पंजियां एवं अन्य प्रासंगिक अभिलेख लेखापरीक्षा को प्रस्तुत नहीं किए गए। निरीक्षण प्रतिवेदनों में इस मुद्दे पर प्रकाश डाला गया और संबंधित विभागों के सचिवों को सूचित किया गया। किसी भी प्रकरण में कर के प्रभाव की गणना नहीं की जा सकी। लेखापरीक्षा को अभिलेख प्रस्तुत न किया जाना खतरों का सूचक है क्योंकि लेखापरीक्षा की ओर से संव्यवहारों के सत्यता की प्रमाणिकता नहीं की जा सकी और धोखाधड़ी की संभावनाओं एवं जनता के धन के दुरुपयोग से इंकार नहीं किया जा सकता।


निर्धारण प्राधिकारियों की ओर से 9 प्रकरणों में वैट की कम दर लागू की गई, जिसके परिणामस्वरूप कर की राशि 1.54 करोड़ का अवरोपण हुआ। इसके अतिरिक्त 3.08 करोड़ का शास्ति भी आरोपणीय है। कर निर्धारण प्राधिकारियों से अंतर्राज्य विक्रय, माल अंतरण, पारगमन और निर्यात विक्रय के विरुद्ध दिए गए छुट/रियायती कर की दर गलत स्वीकार किए जाने के फलस्वरूप कर1.53 करोड़ का अन/अवरोपण हुआ।
पांच क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (क्षे.प.अ.)/जिला परिवहन अधिकारियों (जि.प.अ.) ने वाहन स्वामियों से मोटरयान कर का समय पर भुगतान तय करने में विफल रहने से 471 वाहन स्वामियों से कर 1.26 करोड़ एवं शास्ति 1.26 करोड़ की वसूली नहीं हुई।


विद्युत शुल्क के विलंब से भुगतान पर मुख्य विद्युत निरीक्षक द्वारा ब्याज आरोपित करने में विफलता के फलस्वरूप ब्याज  1.24 करोड़ की अप्राप्ति। दो वनमंडलाधिकारियों की ओर से विभागीय अनुदेशों का अनुपालन न करने के कारण ग्रीन इंडिया मिशन के अंतर्गत सहायक प्राकृतिक पुनरूत्पादन कार्यों पर 1.30 करोड़ का परिहार्य व्यय हुआ। 
तीन वनमंडलाधिकारियों द्वारा कार्य योजना कोड के प्रावधानों का उल्लंघन कर वृक्षारोपण कार्य वृत के 1,418.557 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपणरहित बिगड़े वनों की पुर्नस्थापना का कार्य किया गया, जिसके फलस्वरूप दो करोड़ का अनियमित व्यय हुआ। 


विभाग द्वारा स्टॉक/कामोडेटी एक्सचेंजों के माध्यम से प्रतिभूतियों के क्रय विक्रय पर मुद्रांक शुल्क के प्राप्ति के लिए ठोस प्रयास नहीं किए गए, परिणामस्वरूप मुद्रांक शुल्क की राशि 63.71 करोड़ की प्राप्ति नहीं हो सकी। 
विलेखों के गलत वर्गीकरण, बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांत के प्रावधानों का पालन न करने एवं दस्तावेजों में तथ्यों की अनदेखी करने के कारण मुद्रांक शुल्क एवं पंजीयन फीस की राशि 8.52 करोड़ का कम आरोपण हुआ। 
विभाग द्वारा सेवा प्रदाता को गो-लाइव प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया। आगे, प्रस्तावों के लिए अनुरोधों (आर.एफ.पी.) में उल्लेखित न्यूनतम सेवा स्तर मानकों की प्राप्ति के लिए सेवा स्तर करार (एस.एल.ए) का निष्पादन भी नहीं किया गया। 


वर्ष 2017 में पहली बार सिक्यूरीटी आडिट की वैद्यता समाप्त होने के बाद कोई भी सिक्यूरीटी आडिट नहीं कराया गया। आगे आरएफपी में प्रावधान के बावजूद बायोमेट्रिक आधारित पक्षकारों/गवाहों के पहचान एवं सत्यापन के लिए कोई प्रावधान नहीं किए गए। 


सेवा प्रदाता द्वारा सिस्टम का यूजर एक्सेपटेंस टेस्टिंग (यूएटी) बगैर विभाग के भागीदारी के एकपक्षीय किया गया। यूएटी में प्रभावी भागीदारी होने से बीजनेस लॉजिक के मैपिंग में कमियों का संबोधन किया जा सकता था।   
विलेखों के आवश्यक डाटा को एकत्रित करने के लिए एकल इनपुट फार्म पर्याप्त नहीं था। आगे, एपलिकेशन में निष्पादन दिनांक की प्रविष्टि के लिए प्रावधान नहीं था। इसके चलते पंजीयन प्राधिकारी को संपत्तियों के बाजार मूल्य की गणना सही एवं निष्पादन दिनांक से निश्चित अवधि में विलेखों का प्रस्तुतीकरण सुनिश्चित करने के लिए मैनुअल रीति से करना पड़ता था।

30-07-2021
किस फ़िल्म को यादगार बनाने में लगी टीम की मेहनत पर पानी फिरा, ऐसा क्या हुआ रिलीज से पहले जो फ़िल्म को नुकसान हो गया

रायपुर /मुंबई।  फिल्म मिमी की पूरी टीम फिल्म को बेस्ट बनाने के लिए पिछले काफी वक्त से मेहनत कर रही है। लेकिन हाल ही में कुछ ऐसा हुआ कि, पुरे टीम की मेहनत पानी-पानी हो गयी। फिल्म रिलीड डेट के चार दिन पहले ही पाइरेटिड प्लेटफॉर्म पर लीक हो गई है। 
दरअसल सोमवार की शाम अचानक ये फिल्म इल्लीगल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर लीक हो गई। और लीक की खबरों के कुछ घंटों बाद ही फिल्म के प्रोड्यूसर दिनेश विजन और कृति सेनन ने घोषणा कर दी कि उन्होंने फिल्म को चार दिन पहले रिलीज करने का फैसला किया है।  कृति की ये फिल्म 30 जुलाई को रिलीज होने वाली थी।

30-07-2021
ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज अंतिम दिन, कार्यवाही जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज अंतिम दिन है। सदन की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। 5 दिवसीय इस सत्र के अंतिम दिन विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगा। बता दें कि पूरा सत्र हंगामेदार रहा। माना जा रहा है कि अंतिम दिन विपक्ष आक्रामक तेवर दिखाएगा। शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल  सवालों का सामना करेंगे।आज विभिन्न मुद्दों पर ध्यानाकर्षण की लिस्ट भी लंबी है।

30-07-2021
उच्च शिक्षा मंत्री ने की समीक्षा, छत्तीसगढ़ में महाविद्यालयों के नैक से मूल्यांकन कराने में 5 गुना हुई वृद्धि

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महाविद्यालयों की ओर से नैक से मूल्यांकन कराए जाने में 5 गुना की वृद्धि हुई है। ये प्रदेश के उच्च शिक्षा के गुणवत्ता उन्नयन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह जानकारी 30 जुलाई को उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल की अध्यक्षता में हुई नैक की समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में बताया गया कि शासकीय महाविद्यालयों के नैक से मूल्यांकन में सरगुजा एवं बिलासपुर संभाग ने बेहतर प्रदर्शन किया है। सरगुजा संभाग के 33 अर्हता प्राप्त शासकीय महाविद्यालयों में से 30 के ओर से आईआईक्यूए और बिलासपुर के 45 अर्हता प्राप्त शासकीय महाविद्यालयों से 26 महाविद्यालय की ओर से आईआईक्यूए नैक में जमा किया जा चुका है। उक्त दोनों संभागों की कार्यप्रणाली को प्रदेश के अन्य संभागों में भी अनुकरण करने पर विभाग की ओर से निर्देश दिए गए। उच्च शिक्षा मंत्री ने नैक से मूल्यांकन कराए जाने को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में बेहतर सोच व बेहतर गुणवत्ता का पैमाना नैक से मूल्यांकन है। उन्होंने शेष सभी महाविद्यालयों को भी नैक से मूल्यांकन शीघ्र सुनिश्चित करने के लिए कहा। उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता के मूल्यांकन के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से 1994 में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् का गठन किया गया है। जिसे नैक के नाम से जाना जाता है, जो कि एक स्वशासी संस्था है। इसका मुख्यालय बेंगलूरू में स्थित है। नैक की ओर से गठित निरीक्षण दल में विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्राध्यापक एवं महाविद्यालय के प्राचार्य सदस्य के रूप में नामित किए जाते हैं, जो उच्च शिक्षण संस्थाओं का नैक की ओर से निर्धारित 7 मानदंडों के आधार पर मूल्यांकन करते हैं। नैक की ओर से मूल्यांकित किए जाने से उच्च शिक्षण संस्थानों को उनकी क्षमता, कमियां, अवसर एवं चुनौतियों को जानने का मौका मिलता है। नैक से मूल्यांकन कि समस्त प्रक्रिया में विद्यार्थी को केन्द्र में रखकर मानदंड तैयार किए गए हंै।