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17-09-2020
Breaking: जिले में 20 से 30 सितंबर तक लगेगा लॉक डाउन

दुर्ग। जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने 20 से 30 सितंबर तक लॉक डाउन का निर्णय लिया है। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संगठनों की ओर से भी आग्रह किया गया था। स्थितियों पर विचार कर जिला प्रशासन ने लॉक डाउन लगाने का निर्णय किया है। कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करें। इस समय असावधानी बरती गई तो कोरोना संक्रमण की स्थिति को नियंत्रित करने में गंभीर परेशानी हो सकती है। कलेक्टर ने कहा है कि लॉक डाउन का उद्देश्य कोरोना संक्रमण को रोकना है। इस समय नागरिकों की भी बड़ी जिम्मेदारी है कि वे संयम का परिचय देते हुए लॉक डाउन को सफल बनायें ताकि जिले को संक्रमण से मुक्त करने की बड़ी लड़ाई में सफलता मिल सके।

 

18-09-2020
मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा,रायपुर में पूर्णतः लॉकडाउन का प्रस्ताव न विचाराधीन, न चर्चा में

रायपुर। प्रदेश में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। रायपुर में रोजाना सर्वाधिक कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। राजधानी में तेजी से बढ़ रहे कोविड के संकमण को लेकर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बड़ा बयान दिया है। मंत्री चौबे ने कहा है कि रायपुर में पूर्णतः लॉकडाउन का प्रस्ताव न विचाराधीन, न चर्चा में है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। कोरोना को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रोजाना रिपोर्ट ले रहे हैं।

 

17-09-2020
सहायक आरक्षक पर हमला करने वाले माओवादियों और सहयोगियों का चला पता, पुलिस ने एक को किया गिरफ्तार 

बीजापुर। जिले के तोयनार में पदस्थ सहायक आरक्षक लक्ष्मण माड़वी पर हमले की वारदात में शामिल माओवादी को गिरफ्तार कर लिया गया है। माओवादियों ने ग्राम मिड़ते जंगल के पास धारदार हथियार,टंगिया,गुप्ती और लाठी डण्डा से हमला कर सहायक आरक्षक को गंभीर रूप से घायल किया था। घायल जवान को बेहतर उपचार के लिए तत्काल हेलीकाप्टर से रायपुर भेजा गया। पुलिस अधीक्षक बीजापुर कमलोचन कश्यप के दिशा निर्देशन में थाना प्रभारी तोयनार ने मुखबीर और गवाहो से लिए गए कथनों के आधार पर घटना में शामिल माओवादियों और सहयोगियों तलाश शुरू की थी। 

सूचना पर 16 सितंबर को घटना में शामिल आरोपी प्रेम कुमार तेलम ( 24)निवासी मिड़ते को पकड़ा गया। मेमोरण्डम कथन के आधार पर आरोपी के कब्जे से और पेश करने पर घटना में प्रयुक्त छुरी और नुकिला सरिया  बरामद किया गया। आरोपी ने पूछताछ  में पुलिस को  बताया कि, लक्ष्मण माड़वी का आरोपी के घर आना जाना था। घटना के दिन आरोपी ने धोखे से मिलने के लिए एरमनार रोड की ओर बुलाया था। यहां पूर्व से घात लगाए माओवादी बैठे थे। जैसे ही लक्ष्मण वहां पहुंचा माओवादियों ने टंगिया,गुप्ती,धारदार हथियार से हमला कर दिया। पूछताछ  में घटना में शामिल अन्य माओवादियों और सहयोगियों के नाम का खुलासा हुआ है। शीघ्र ही अन्य आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी की जाएगी। 

सहायक आरक्षक लक्ष्मण थाना कुटरू क्षेत्रांतर्गत ग्राम केतुलनार का निवासी है। माओवादी क्षेत्र के माओवादियों और सहयोगियों की सूचना पुलिस को देने और गिरफ्तारी में सहयोग करने के नाम से सहायक आरक्षकों पर हमला कर रहे हैं। विधि विरुद्ध क्रियाकलाप और माओवादी घटना में शामिल क्षेत्र के माओवादियों और उनके सहयागियों की गिरफ्तारी हुई है। बौखलाहट में लगातार माओवादी घटना को अंजाम दे रहे हैं। पकड़े गए माओवादी प्रेम कुमार तेलम को थाना तोयनार में विधिवत कार्यवाही व गिरफ्तारी के बाद न्यायालय बीजापुर पेश किया गया।

18-09-2020
CH / SHOWS
08:41pm

खरी खरी। कोरोना का कहर कम होता नजर नहीं आ रहा है। राजधानी पर तो ऐसा लगता है कि कोरोना टूट पड़ा है। रिकॉर्ड मरीज मिल रहे हैं। रोज हजार से ज्यादा का आंकड़ा आता है। लेकिन यहां पता नहीं प्रशासन कौन सी नींद सोया हुआ है? तकदीर वाले हैं दुर्ग राजनांदगांव बेमेतरा मुंगेली वाले जिनके साहब लोगों को अपने लोगों को कोरोना से बचाने की चिंता तो है। रायपुर के 1000 से ज्यादा मरीजों की तुलना में दुर्ग में 300 राजनांदगांव में 100 से कम मरीज मिल रहे थे। लेकिन  वहां के कलेक्टरों ने मामले की नजाकत को समझा और लॉक डाउन लागू किया। तकदीर वाले हैं उन जिलों के निवासी। रायपुर के निवासी तो भगवान भरोसे थे भगवान भरोसे हैं और भगवान भरोसे ही रहेंगे।

17-09-2020
Breaking: प्रदेश में गुरुवार को 5 हजार से अधिक मरीज हुए स्वस्थ, 3809 नए केस व 17 की मौत

रायपुर। छत्तीसगढ़ में गुरुवार को राहत की खबर के साथ डरावने आंकड़े भी हैं। राहत की बात है 2019 कोरोना मरीज डिस्चार्ज किए गए हैं और  3207 मरीजों ने होम आइसोलेशन कंप्लीट किया है। इस तरह 5 हजार से अधिक मरीज एक दिन में ठीक हुए हैं। साथ ही भयावह आंकड़े भी आज सामने आए हैं। प्रदेश से 3809 नए कोरोना मरीजों की पहचान हुई है। 17   मरीजों की मौत हुई है। प्रदेश में कोरोना केस और मौत की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। स्वास्थ्य विभाग ने रात 10: 30 बजे की स्थिति में मेडिकल बुलेटिन जारी की है। रायपुर जिले से आज 1109 मरीजों की पहचान हुई है। इसी तरह रायगढ से 329, दुर्ग से 322, बिलासपुर से 247, बस्तर से 225, धमतरी से 166, बलौदाबाजार से 145, बालोद से 112, जांजगीर-चांपा से 100, कोरबा से 82, गरियाबंद से 80, दंतेवाड़ा व नारायणपुर से 76-76, कोरिया व सुकमा से 74-74, महासमुंद से 72, बेमेतरा से 71, मुंगेली से 65, राजनांदगांव से 58, सरगुजा से 51, कबीरधाम व कांकेर से 47-47, सूरजपुर से 45, कोण्डागांव से 44, बलरामपुर से 27, बीजापुर से 23, जशपुर से 21, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही से 20, अन्य राज्य से 1 मरीज मिले है। मेडिकल बुलेटिन देखने क्लिक करें   


 

17-09-2020
पुलिस परिक्रमा:नक्सलियों के फरमान पर पुलिस वाले के परिवार को छोड़ना पड़ रहा है गांव? पुलिस का राज है या...

रायपुर। छत्तीसगढ़ से नक्सलियों का सफाया करने की बात हर सरकार करती रही है। जो विपक्ष में रहता है वह कहता है कि इस सरकार के कार्यकाल में नक्सली वारदात बढ़ गई है और जो सरकार में रहता है वह छाती ठोंक कर कहता है कि हमने नक्सलियों पर अंकुश लगाने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। अगर आरोप-प्रत्यारोप को छोड़ दें और जमीनी हकीकत की बात करें तो इससे बड़ी दुर्भाग्यजनक बात कोई हो ही नहीं सकती कि नक्सलियों के फरमान पर पुलिस वाले के परिवार को गांव छोड़ना पड़े। बीते सप्ताह पोलमपल्ली इलाके के पालामडू गांव के दो परिवार के 12 सदस्य,जिनमें 4 बच्चे भी शामिल हैं पोलमपल्ली गांव पहुंचे। उसके बाद हड़कंप मचा। दोनों परिवार में से एक परिवार पुलिस वाले का है और दूसरा नक्सलियों की नज़र में पुलिस के मुखबिर का। गांव छोड़ने की बात सामने आई तो बस्तर पुलिस अपनी आदत के अनुसार लीपापोती करने में लग गई। दोनों परिवारों को गांव छोड़ने का फरमान जग्गावरम इलाके में हुई नक्सली बैठक में जारी किया गया था। फरमान जारी होते ही दोनों परिवारों ने गांव छोड़ दिया। एक परिवार पुलिस वाले का है,जिस पर नक्सलियों का आरोप है कि वह ग्रामीणों को तंग करता था,दूसरा परिवार जो पलायन करने पर मजबूर हुआ उस पर नक्सलियों को पुलिस का मुखबिर होने का शक था। अब बताइए अगर कोई मुखबिर भी है तो क्या उसे गांव छोड़ना पड़ेगा? अगर कोई पुलिस में काम कर रहा है तो क्या उसके परिवार वालों को गांव छोड़ना पड़ेगा? तो पुलिस है किसकी? पुलिस है तो आखिर सरकार की? यानी सरकार की नौकरी करने पर आप उस सरकार के शासित राज्य में रह भी नहीं सकते तो फिर क्या माने? बस्तर के जंगलों में पुलिस का राज है या नक्सलियों का राज है? अगर नक्सलियों का राज है तो फिर पुलिस क्या कर रही है? और अगर पुलिस का राज है तो फिर पुलिस वाले के परिवार को गांव छोड़ने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ा? सवाल तो बहुत है और हर सवालों के जवाब शासन प्रशासन बिल्कुल रटे रटाये स्टाइल में देते आया हैं। ऐसा लगता है कि सन 2000 में जब छत्तीसगढ़ बना तब कुछ जवाब टाइप करके रख दिए गए थे। उसकी फोटोकॉपी होती है और वही सर्कुलेट कर दी जाती हैं। नया कुछ नहीं है। 2000 से 2020 तक की अवधि में सरकारे बदलती रही। अफसर बदलते रहे। अगर कुछ नहीं बदला है तो बस्तर में नक्सलियों का आतंक। यह कह सकते हैं कि बस्तर में अब भी अंदरूनी इलाकों में राज तो नक्सलियों का ही है? इसका खंडन करना बहुत आसान है। लेकिन अगर उनका राज नहीं होता तो क्या एक पुलिस वाले का परिवार गांव से पलायन करने पर मजबूर होता। फिर सबसे चौंका देने वाली बात सरेंडर की होती है। अब तक इतने नक्सलियों ने सरेंडर किया है कि उनकी गिनती असम्भव लगती है। इतने सरेंडर हुए हैं उससे कहीं ज्यादा नक्सली अभी भी बाहर है और जितने सरेंडर होते हैं उससे ज्यादा नक्सली भर्ती कर लेते हैं। तो एक बात समझ नहीं आती यह वन वे ट्रैफिक है टू वे ट्रैफिक है। आखिर नक्सली जब सरेंडर कर ही रहे हैं तो फिर नक्सलियों की संख्या कम होते होते अब तक खत्म हो जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। नक्सलियों की ताकत वैसी की वैसी ही बनी हुई है तो फिर कहीं न कहीं यह सवाल जरूर उठता है कि सरेंडर असली है या नकली? बहरहाल छत्तीसगढ़ की यह तीसरी सरकार पूरी ताकत लगा रही है कि नक्सलियों को रोक सके। उनका सफाया कर सके। लेकिन नक्सली भी पिछली सरकारों के 18 साल के कार्यकाल में जो हरकत करते थे वही हरकत आज भी कर रहे हैं। देखें और कितना जोर मारती है सरकार। देखते हैं और कितना दम दिखाते हैं पुलिस वाले। देखते हैं आखिर कब उनके ही जवान का परिवार गांव से पलायन करने पर मजबूर होता रहेगा। उस पर रोक लगेगी या फिर  सब ठीक ठाक है,कह कर खानापूर्ति कर ली जाएगी।

 

17-09-2020
Video: हॉस्पिटल से भागा कोरोना मरीज, ट्रेन के सामने कूदकर की आत्महत्या 

जांजगीर-चांपा। जिले में एक कोरोना मरीज ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी है। घटना जांजगीर थाना क्षेत्र के खोखसा रेलवे फाटक के पास की है। मरीज का इलाज जांजगीर के दिव्यांग कोविड केयर सेंटर में चल रहा था। 15 सितंबर को भर्ती किया गया था। परिजनों के मुताबिक वह भर्ती होने के बाद हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं को लेकर शिकायती फोन करता था। डिस्चार्ज कराने की मांग भी करता था। गुरुवार को आत्महत्या से पहले उसने अपनी बहन के व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा और अपनी जान दे दी। जांजगीर पुलिस घटना पर मर्ग कायम कर जांच कर रही है।

17-09-2020
उधारी का पैसा वापस मांगना पड़ा महंगा,जान से मारने की धमकी

धमतरी। उधारी का पैसा वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज किया गया। इसकी रिपोर्ट रामसागर पारा निवासी प्रार्थी राजा रजक ने दर्ज कराई है। प्रार्थी ने बताया कि ललित निषाद को रुपए उधार दिया था। इसे वापस मांगने पर ललित निषाद ने अपने साथी के साथ घर आकर जान से मारने की धमकी दिया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपी ललित निषाद व राकेश निषाद के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। सिटी कोतवाली प्रभारी भावेश गौतम ने पेट्रोलिंग पार्टी व अन्य स्टाफ के साथ घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर ललित निषाद की जेब से चाकू मिला। आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ललित निषाद उम्र 27 वर्ष व राकेश निषाद उम्र 25 वर्ष को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया।

 

18-09-2020
रायपुर में कोरोना हॉटस्पाट बन चुके हैं कई इलाकें, देखिए इलाकों के नाम,बेवजह ना जाने कलेक्टर ने की अपील

रायपुर। कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए जिले और शहर में किए जा रहे जोनवार कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि, वे  रायपुर शहर के कोरोना संक्रमण क्षेत्र वाले हॉटस्पाट इलाकों में अनावश्यक  न जाएं। उन्होंने कहा है कि, शहर के सभी जोन में जिला प्रशासन और सामाजिक संगठनों के सहयोग से निशुल्क आयुर्वेदिक काढ़ा का वितरण किया जा रहा है, जो कि कोरोना से बचाव में सहायक साबित हो सकता है। शरीर की प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने में भी असरकारक हो सकता है। आम नागरिक इस निशुल्क आयुर्वेदिक काढ़ा का सेवन अवश्य करें। कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में इंसिडेंट कमांडर और जोन आयुक्त की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने जिले में कोरोना से बचाव और रोकथाम की दिशा में कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोन आयुक्तों को निर्देशित किया कि ,कोरोना की दवाई का पर्याप्त भण्डारण हो, इसके वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। इसी तरह यह भी ध्यान रखें कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को दवाई की कोई कमी न हो।

इन कोरोना हॉटस्पाट क्षेत्रों में जाने से बचें लोग :
कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने कोरोना हॉटस्पाट क्षेत्र में आने वाले रायपुर शहर के जोन क्रमांक 1- संतोषी नगर, डब्ल्यूआरएस कॉलोनी, खमतराई, शिवानंद नगर सेक्टर 1, 2, झंडा चौक,  जोन क्रमांक 2- देवेन्द्र नगर सेक्टर 1, 2 , पारस नगर, गुढ़ियारी, साहू पारा, मंगल बाजार, जवाहर नगर, राठौर चौक, तेलघानी नाका, नहर पारा। जोन क्रमांक 3- आदर्श नगर, एलआईसी कॉलोनी, अशोका रतन, लोधी पारा, राजीव नगर, खपरा भट्टी, राजा तालाब, न्यू शांति नगर। जोन क्रमांक 4- कंकाली पारा, ब्राम्हण पारा, आजाद चौक ,कोतवाली चौक ब्रिटल चौक छोटापारा, पंडरी, नूरानी चौक। जोन क्रमांक 5- अश्वनी नगर, कुशालपुर, लाखेनगर, चंगोरा भाठा, शिव नगर, डंगनिया, सुंदर नगर, डीडी नगर, रोहनीपुरम। जोन क्रमांक 6- मठपुरैना, दुर्गा पारा, दावदा कॉलोनी, संतोषी नगर, शैलेन्द्र नगर, टैगोर नगर।  जोन क्रमांक 7- भाठागांव ढेबर सिटी, साईं मंदिर, पुलिस लाइन, जनता कॉलोनी, टिकरापारा संजय नगर।  जोनक्रमांक 7 आमानाका, कुकुरबेडा, कोटा, समता कॉलोनी, चौबे कॉलोनी। जोन क्रमांक 8- कबीर नगर, रोटरी नगर, टाटीबंध, अयप्पा मंदिर, शिव मंदिर। जोन क्रमांक 9- मोवा, एकता चौक, दुबे कॉलोनी, शिव नगर, खम्हारडीह, गायत्री नगर। जोन क्रमांक 10- अमलीडीह महावीर नगर के क्षेत्रों में अनावश्यक जाने से बचने की अपील की है। कलेक्टर ने कहा कि, इन हॉटस्पॉट क्षेत्रों में सर्विलांस दलों की ओर से घर-घर जाकर स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। विशेष रूप से सैनेटाइजेशन का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से कोरोना संक्रमण के रोकथाम और नियंत्रण के लिए शासन की ओर से जारी आदेशों का पालन करने की अपील भी की है।


 

आम नागरिक निशुल्क काढ़ा का उठाएं लाभ :

कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने कहा है कि, कोरोना संक्रमण के रोकथाम और नियंत्रण के लिए शहर के सभी जोन में जिला प्रशासन व सामाजिक संगठनों के सहयोग से 41 स्थानों पर निशुल्क आयुर्वेदिक काढ़ा का वितरण किया जा रहा है। यह काढ़ा कोरोना से बचाव में सहायक साबित होने के साथ-साथ शरीर की प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने में भी असरकारक है। आम नागरिक इस निशुल्क आयुर्वेदिक काढ़ा का सेवन अवश्य करें। काढ़ा का यह वितरण चौक-चौराहों, सड़क किनारे लगने वाले चाय दुकानों सहित महत्त्वपूर्ण स्थानों में स्थाई के साथ चलित वाहनों से भी किया जा रहा है।



 

आपातकालीन सेवा के लिए आमजन जारी नंबर पर करें संपर्क :

कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने कोविड-19 संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए आपातकालीन सेवा के लिए जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्प लाइन  नंबर पर आमजनों को संपर्क करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दवाएं, स्वास्थ्य जांच, परिवहन व किसी भी तरह की आपात स्थितियों के लिए जारी नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। होम आइसोलेशन सहायता के लिए 75661-00283,कलेक्टर कार्यालय आपातकालीन सहायता केंद्र 0771-2445785 और दक्ष कमांड सेंटर आपातकालीन सहायता केंद्र 0771-4320202 में आमजन संपर्क कर सकते हैं।

 

18-09-2020
जिला खाद्य अधिकारियों की नवीन पदस्थापना, विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर। राज्य शासन ने जिला खाद्य अधिकारियों की नवीन पदस्थापना की है। इस संबंध में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर मंत्रालय, महानदी भवन से आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के तहत गरियाबंद जिले में जीपी राठिया को जिला खाद्य अधिकारी पदस्थ किया गया है। कलेक्टर ने नवपदस्थ खाद्य अधिकारी जीपी राठिया के जिला गरियाबंद में पदभार ग्रहण करने तक सहायक खाद्य अधिकारी शाह जफर खान को जिला खाद्य अधिकारी का प्रभार दिया है। कलेक्टर छतर सिंह डेहरे ने आदेश के परिपालन में तत्कालीन जिला खाद्य अधिकारी डड़सेना को नवीन पदस्थापना स्थल जिला रायगढ़ में कार्यभार ग्रहण करने के लिए भारमुक्त कर दिया गया है।

17-09-2020
ओड़ीसा निवासी 2 कोरोना मरीजों की हुई मौत, ओड़ीसा प्रशासन ने शव लेने से किया इंकार

रायपुर/जगदलपुर। जिले के मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में ओड़ीसा के निवासी 2 कोरोना मरीजों की मौत हो गई है। कोरोना संक्रमित मृतक एक पुरुष जैपुर निवासी है, वहीं दूसरी महिला संक्रमित मृतक कोटपाड़ निवासी है। मृतकों के परिजन शव उड़ीसा अपने गृहग्राम ले जाना चाहते थे, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने जब कोरापुट ओड़िसा प्रशासन से इसके लिए अनुमति मांगी तो वहां के जिला प्रशासन ने शव को लेने से इंकार कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार परिजनों की मांग पर बस्तर जिला प्रशासन ने शवों को भेजने की व्यवस्था कर कोरापुट प्रशासन से इसकी अनुमति मांगी लेकिन कोरापुट प्रशासन शवों को लेने से इंकार कर दिया।

कोरापुट कलेक्टर पाढ़ी का कहना है कि एसओपी के तहत कार्यवाही की जा रही है। शवों को लाना उचित नहीं होगा। इसलिए प्रयास यही किया जा रहा है कि मृतकों के शवों को परिजनों की मौजुदगी में बस्तर में ही अंतिम संस्कार कर दिया जावे। इधर बस्तर जिला प्रशासन के डिप्टी कलेक्टर प्रवीण वर्मा का कहना है कि कोरोना संक्रमित मृतकों के शवों को भेजने में कोई दिक्कत नहीं है। शवों को उनके घर तक भेजा जा सकता है, लेकिन कोरापुट प्रशासन से अब तक इसकी अनुमति नहीं मिल पाई है। आगे जैसी स्थिति बनेगी उसी के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। बस्तर  जिला प्रशासन परिजनों की उपस्थिति में शवों का अंतिम संस्कार करने की तैयारी में है।

17-09-2020
चांपा सहित 3 गांवों को कलेक्टर ने किया कंटेनमेंट जोन घोषित, वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध 

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर यशवंत कुमार ने नगर पालिका चांपा के कुछ वार्डों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। उन्होंने केंद्र सरकार के गृह, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा छत्तीसगढ़ शासन के जारी मार्गदर्शन के परिपालन में चांपा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 15, 17, 24 व 27 चांपा तहसील के ग्राम बम्हनीडीह वार्ड क्रमांक 2 व 4, जैजैपुर तहसील के ग्राम भोथीडीह वार्ड नंबर 5 और ग्राम दतौद वार्ड क्रमांक 13 को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। कंटेनमेंट जोन में अतिआवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति तथा अपरिहार्य स्वास्थगत आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर कंटेनमेंट जोन में आने-जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

कंटेनमेंट जोन के निवासी बिना अनुमति के अपने घरों से बाहर किसी भी परिस्थिति में नहीं निकलेंगे। क्षेत्र के अंतर्गत सभी दुकानें, आफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश तक पूर्णतः बंद रहेंगे। वाहनों के आवागमन पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। अति आवश्यक होने पर पृथक से आदेश प्रसारित किया जाएगा। कानून-व्यवस्था, कंटेनमेंट जोन को सील करने एवं गश्त करने के लिए आवश्यक पुलिस व्यवस्था के लिए पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंटेनमेंट क्षेत्र में केवल एक प्रवेश एवं निकास द्वार की व्यवस्था के लिए पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता को दायित्व सौंपा गया है।