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15-11-2019
नाबालिग छात्र से मारपीट करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

बीजापुर। बीजापुर जिले के उसूर विकासखण्ड के दुगइगुड़ा पोटाकेबिन में नाबालिग छात्र के साथ मारपीट करने वाले आरोपी अधीक्षक सोढ़ी भीमा सहित अनुदेशक सन्तोष यालम और कामेश यालम को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आवापल्ली पुलिस ने बीजापुर कोर्ट में तीनों आरोपियों को पेश किया जहां जमानत याचिका को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार ठाकुर ने खारिज कर जेल भेज दिया है।

 

16-11-2019
रजत शर्मा ने अपने पद से दिया इस्तीफा, कहा - काम करना नहीं था आसान

नई दिल्ली। रजत शर्मा ने सभी को हैरान करते हुए अपने एक बहुत ही बड़े पद से इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली ऐंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट असोसिएशन (डीडीसीए) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। यह जानकारी डीडीसीए ने अपने ऑफिशल ट्विटर अकाउंट पर दी। डीडीसीए ने लिखा है- रजत शर्मा ने डीडीसीए के अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे को एपेक्स काउंसिल को भेजा गया है। बता दें कि रजत शर्मा जुलाई 2018 में इस पद के लिए चुने गए थे।

रजत शर्मा एक निजी हिंदी समाचार चैनल के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ हैं। रजत शर्मा ने कहा, 'ऐसा लगता है कि डीडीसीए में ईमानदारी और पारदर्शिता के सिद्धांतों के साथ चलना संभव नहीं है, जिससे किसी भी कीमत पर मैं समझौता करने के लिए तैयार नहीं हूं।' शर्मा ने अपने ऑफिशल ट्विटर अकाउंट पर लिखा- प्रिय सदस्यों, जबसे आपने मुझे डीडीसीए का अध्यक्ष चुना है मैं समय-समय पर आपको अपने काम के बारे में जानकारी देता रहा हूं। मैंने डीडीसीए को बेहतर बनाने के लिए, प्रफेशनल और पारदर्शी बनाने के लिए जो कदम उठाए उसके बारे में आपको बताया। आपसे किए गए वादों के पूरा होने की जानकारी दी। उन्होंने आगे लिखा, 'यहां काम करना आसान नहीं था, लेकिन आपके विश्वास ने मुझे ताकत दी। आज मैंने डीडीसीए का अध्यक्ष पद छोड़ने का फैसला किया है और अपना इस्तीफा एपेक्स काउंसिल को भेज दिया है। आपने जो प्यार और सम्मान मुझे दिया है उसके लिए आपका आभार।' उल्लेखनीय है कि रजत शर्मा के कार्यकाल के दौरान कोटला क्रिकेट ग्राउंट को नया नाम दिया गया था। उसे अब दिवंगत केंद्रीय मंत्री और डीडीसीए के पूर्व अध्यक्ष अरुण जेटली के नाम पर अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम से जाना जाता है।

15-11-2019
आदिवासियों से साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : राज्यपाल

कांकेर-चारामा। गोंडवाना समाज चारामा द्वारा सर्व आदिवासी समाज समन्वय समिति के तत्वावधान में वीर पुरुष आदिवासी बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर आयोजित बुढ़ादेवधाम जैसाकर्रा स्थल में विशाल सभा में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ की  राज्यपाल अनुसूईया उइके शामिल हुईं। उन्होंने आदिदेव बुढ़ा देव सहित सभी आदिवासी देवों की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने गोटूल परम्परा के अंतर्गत बनाये गए गोटूल का भी समाज के मांझी मुखियाओं से मिलकर अवलोकन किया। राज्यपाल का स्वागत मुख्यद्वार से मुरिया नृत्य एवं संगीत से किया गया। कार्यक्रम में राज्यगीत 'अरपा पइरी के धार' की प्रस्तुति अंचल की गायिका क्षत्राणी जैन ने दी। स्वागत गीत आदिवासी परम्परा अनुसार सरोना की बालिकाओं ने पेश किया। स्वागत भाषण समाज के मुड़ादार जीवन ठाकुर ने  दिया तथा सामाजिक प्रतिवेदन अश्वनी कांगे ने पढ़ा।  सभा को पूर्व मंत्री अरविंद नेताम, मोहन मंडावी सांसद कांकेर ने भी संबोधित किया। सभी समाज प्रमुखों ने अपनी बातें आदिवासी क्षेत्र में उनके अधिकार दिलाने पर केंद्रित रखी। संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों को क्षेत्र विशेष में लागू करने की सभी ने विशेष मांग रखी। राज्यपाल अनुसूईया उइके ने अपने संबोधन में कहा कि नक्सली क्षेत्रों में निवासरत आदिवासियों से साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्हें रहने के लिए आवास, रोजगार व शिक्षा के नैतिक अधिकार दिलाना मुख्य उद्देश्य है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामसभा में पारित मामलों को उच्च तथा उच्चतम न्यायालय से भी बड़ा फैसला कहते हुए उसके परिपालन में राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा मनाने की बात कही। सभा स्थल में उन्होंने पारंपरिक आदिवासी नृत्य भी किया। तत पश्चात पोटाई चौक पहुंचकर स्व. रामप्रसाद पोटाई संविधान निर्माण समिति के सदस्य की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा सामुदायिक भवन पहुंचकर संक्षेप में आदिवासी अधिकारी व कर्मचारी वर्ग के साथ संगोष्ठी में भाग लिया। इस अवसर पर समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधि व समाज प्रमुखों सहित दूरस्थ ग्रामों से पहुंचे समाजजन उपस्थित थे। जिला प्रशासन के सभी उच्च अधिकारी  कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएसपी, थाना प्रभारी व सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों ने विशेष रूप से व्यवस्था बनाने में सहयोग किया।

 

15-11-2019
ग्रामीण विकास पर केन्द्रित होंगे राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर ग्रामीण विकास पर केन्द्रित होंगे। इन शिविरों के लिए ग्रामीण विकास के लिए युवा थीम का निर्धारण किया गया है। इस थीम पर शिविरों में नरवा, गरूवा, घुरवा, बारी के बारे में युवाओं को जानकारी के साथ ही विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस वर्ष लगभग 800-900 शिविरों का आयोजन होगा। राज्य एन.एस.एस. अधिकारी और सचिव डॉ. समरेन्द्र सिंह की उपस्थिति में आज यहां आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के लिए राज्य स्तरीय शिविरों के लिए दस लाख रूपए, राज्य पुरस्कारों के लिए तीन लाख रूपए और पुलिस विभाग में भर्ती के लिए एनएसएस के स्वयंसेवकों को दस अंक बोनस प्रदान की घोषणा हेतु आभार व्यक्त किया गया। बैठक में प्रत्येक संभाग से 3-4 युवाओं को पुरस्कृत किए जाने के लिए प्रस्ताव को भी अंतिम रूप दिया गया। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य के राष्ट्रीय सेवा योजना के एक लाख युवाओं द्वारा मुख्यमंत्री के आव्हान के अनुसार नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के लिए हर स्तर पर उचित प्रयास किए जाएंगे।   

बैठक में मुख्यमंत्री के सुझावों के अनुसार राष्ट्रीय सेवा योजना का यह वर्ष स्वर्ण जयंती वर्ष भी है। अब तक केन्द्र और राज्य शासन द्वारा पुरस्कृत युवाओं के परिचय युक्त एक स्मारिका प्रकाशित किए जाने का भी निर्णय लिया गया, जिससे उनके रचनात्मक कार्यों की जानकारी अन्य युवाओं को भी प्राप्त हो सके। राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न रचनात्मक कार्यों की छायाप्रति युक्त कैलेण्डर भी मुद्रित कराने का भी निर्णय लिया गया, जिसमें माहवार राष्ट्रीय सेवा योजना के आयोजकों की भी जानकारी अंकित रहे। राज्य में प्रतिवर्ष पंजीकृत होने वाले एक लाख स्वयंसेवकों, कार्यक्रम अधिकारियों की जानकारी एकत्र करने का भी निर्णय लिया गया।

16-11-2019
Breaking : 13 लाख के इनामी सात नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

बीजापुर। रानी बोदली, मुरकीनार कांड में शामिल 13 लाख के सात इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। बस्तर आईजी पी सुंदरराज, सीआरपीएफ डीआजी कोमल सिंह, पुलिस अधिक्षक दिव्यांग पटेल के सामने नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। नक्सल गतिविधियों और शासन की पुर्नवास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करने का फैसला किया।

 

16-11-2019
अभिनेत्री माया साहू पर हुआ हमला, घायल अवस्था में किया गया दुर्ग रेफर

भिलाई। छत्तीसगढ़ी फिल्मों की अभिनेत्री माया साहू पर अज्ञात युवकों ने एसिड फेका है। लेकिन यह अफवाह थी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार माया साहू पर हमला तो हुआ लेकिन एसिड नहीं बल्कि डंडे से दो युवकों ने उसके सर पर वार किया। सुपेला थाने के टीआई के अनुसार माया साहू को ज्यादा गंभीर चोट नहीं आयी है, और अभी माया की हालत ठीक है। गौरतलब है कि घायल माया को पहले भिलाई के अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिर बाद में दुर्ग रेफर किया गया है। पुलिस का अनुमान है कि हमलावरों और माया का किसी पुराने झगडे की वज़ह से युवकों ने उस पर हमला किया है। बहरहाल पुलिस भी आरोपियों और घटना की वजह के बारे जानकारी जुटाने में लगी है। जैसे ही फिल्म इंडस्ट्री में इस घटना की खबर फैली है, सभी कलाकार वहां जुटने लगे हैं।

16-11-2019
अधिकारियों ने किया हजारों क्विंटल अवैध धान जब्त

जांजगीर चाम्पा। जिले में कलेक्टर जनकप्रसाद पाठक के निर्देश के बाद शनिवार को धान के अवैध भंडारण, परिवहन के विरुद्ध संयुक्त विभागीय अधिकारियों की टीम द्वारा अवैध रूप से भंडारित लगभग 100 क्विंटल धान की जब्ती की कार्रवाई की गई। खाद्य,सहकारिता व मंडी की संयुक्त टीम द्वारा विकासखंड बम्हनीडीह के ग्राम दारंग में फुटकर व्यापारी संतोष गबेल के दुकान से 76 बोरी धान मंडी अभिलेख के अभाव में जब्त करते हुए मंडी अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की गई। खाद्य अधिकारी,मंडी निरीक्षक एवं थाना अकलतरा स्टाफ के द्वारा पिकअप में 51 कट्टा धान का अवैध परिवहन करते पकड़ा गया। जांजगीर जिले में राजस्व,खाद्य,मंडी,सहकारिता संयुक्त टीम द्वारा 933 विक्टंल धान अवैध रूप से भंडारित, बिना वैध दस्तावेज के परिवहन कर रहे धान को जब्त किया गया।

 

15-11-2019
शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म का फरार आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर-चाम्पा। जांजगीर-चाम्पा जिले के बिर्रा थाना पुलिस को नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले अरोपी तरुण पटेल को  पकडऩे से बड़ी सफलता मिली है। आरोपी बहुत समय से फरार चल रहा था। दरअसल पीडि़ता ने अपने परिजनों के साथ थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सिलादेही निवासी आरोपी तरुण पटेल ने उसे बहला-फुसलाकर शादी का झांसा देकर भगाकर ले गया था और ओडि़शा में अपने घर में शोषण करता रहा और उसे एक दिन मारपीट कर भाग दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ  363, 366, 376 भादवि 4, 6 पास्को एक्ट लगाकर विवेचना में जुट गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से आरोपी बचने के लिए मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में घूमता रहा। पुलिस ने काल ट्रेस कर और मुखबिर की सूचना के बाद  उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया है।

16-11-2019
सोनिया और राहुल गांधी को बड़ा झटका, खुल सकता है 100 करोड़ के आयकर का मामला

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को आयकर न्यायाधिकरण से झटका लगा है। न्यायाधिकरण ने यंग इंडिया को चैरिटेबल ट्रस्ट बताने के गांधी परिवार के दावे को खारिज कर दिया। अब उनके खिलाफ 100 करोड़ रुपये का आयकर का मामला फिर खुल सकता है। गांधी परिवार ने दावा किया था कि यंग इंडिया चैरिटेबल ट्रस्ट है और उसे आयकर में छूट मिलनी चाहिए। न्यायाधिकरण ने आदेश में कहा कि यह व्यावसायिक ट्रस्ट है। इसके द्वारा ऐसा कोई काम नहीं किया गया है जो चैरिटेबल श्रेणी में हो। न्यायाधिकरण ने सुनवाई के दौरान पाया कि कांग्रेस ने यंग इंडिया को कर्ज दिया, जिससे उसने एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड के साथ मिलकर व्यापार किया। एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड नेशनल हेराल्ड अखबार का संचालन करता है। सोनिया और राहुल दोनों यंग इंडिया के निदेशक हैं। दोनों के पास कंपनी की 36 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज के पास 600 शेयर हैं।

16-11-2019
Breaking : छत्तीसगढ़ में 31 जनवरी तक पटाखे फोड़ने पर लगा प्रतिबंध

रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने छत्तीसगढ़ में 1 दिसंबर से 31 जनवरी तक पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगाया है। इस फरमान के तहत न्यू ईयर के जश्न में भी पटाखे फोड़ने पर रोक लग गई है तो वहीं इस प्रतिबंध के बाद नगरीय निकाय चुनाव जीत कर आने वाले प्रत्याशी भी पटाखा फोड़कर अपनी जीत का जश्न नहीं मना पाएंगे। लोग शादी ब्याह का जश्न भी पटाखा फोड़ कर नहीं मना पाएंगे। पराली और लकड़ी जलाने पर भी रोक लगाई गई है। इस चेतावनी के बाद शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

 

16-11-2019
दिल का दौरा पड़ने से पुलिस महानिदेशक की मौत, छुट्टी पर गए थे दिल्ली

नई दिल्ली। गोवा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रणब नंदा का देर रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। गोवा के पुलिस महानिरीक्षक जसपाल सिंह ने उनके निधन की खबर की पुष्टि करते हुआ कहा, 'यह काफी चौंकाने वाली सूचना है।' राज्य पुलिस को आधिकारिक तौर पर एक बजे उनकी पत्नी सुंदरी नंदा ने सूचित किया। सिंह ने कहा, मैडम ने हमें फोन करके सूचित किया। यह कुछ ऐसा है जिसे हम अभी भी समझने की कोशिश कर रहे हैं। हमने अपने चीफ को खो दिया। सिंह के अनुसार नंदा छुट्टी पर दिल्ली पहुंचे थे और वह दो महत्वपूर्ण काम पुरे करके वापस लौटने वाले थे।

नंदा ने पहले राज्य के मुख्य सचिव के साथ एक बैठक की जो अपराध को लेकर थी। दूसरी बैठक उन्होंने राज्य कैडर के अधिकारियों को दिए जाने वाले मेधावी पदकों पर की। सिंह ने कहा, 'वह एक कल्याणकारी अधिकारी थे। अपना पदभार संभालने के बाद उनकी ज्यादातर बैठकें इसी दिशा में हुई थीं। वह कैडर और प्रशासनिक पदोन्नति को लेकर फाइलों को देख रहे थे। यह काफी कम होता है कि आपका अधिकारी केवल कार्य उन्मुख ही नहीं बल्कि कल्याण उन्मुख भी हो।' दिल्ली पहुंचने के बाद डीजीपी नंदा ने रात के साढ़े नौ बजे अधिकारियों को फोन करके दिनभर की जानकारी ली थी। गोवा के डीजीपी के तौर पर नंदा की तैनाती फरवरी में हुई थी। वह इससे पहले गृहमंत्रालय में कई पदों पर कार्य कर चुके हैं और उन्हें एक सक्रिय अधिकारी माना जाता है। गोवा में उन्होंने बहुत कम सार्वजनिक बातचीत में हिस्सा लिया है और उन्हें सख्त अधिकारी के तौर पर जाना जाता है।

 

16-11-2019
मध्यप्रदेश का एक ऐसा गांव जहां 97 सालों से नहीं हुई जनसंख्या वृद्धि, जाने क्या है कारण

नई दिल्ली। अगर आपसे कोई कहे कि एक गांव की जनसंख्या बीते 97 साल से स्थिर है तो आपको यह बात पहेली लगेगी, मगर है हकीकत। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले का धनोरा ऐसा गांव है जहां की जनसंख्या वर्ष 1922 में 1700 थी और आज भी इतनी ही है। यहां किसी भी परिवार में दो से ज्यादा बच्चे नहीं हैं। ऐसा यहां बेटा-बेटी में भेदभाव न होने के कारण है। दुनिया में समस्याओं का बड़ा कारण जनसंख्या को माना जाता है, क्योंकि हर देश-प्रदेश और गांव की जनसंख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वहीं सुविधाएं या यूं कहें कि संसाधन सीमित है। बैतूल का धनोरा गांव इन स्थितियों में दुनिया के लिए परिवार नियोजन के क्षेत्र में ब्रांड एंबेसडर है, क्योंकि यहां जनसंख्या बढ़ नहीं रही है।

धनोरा वह गांव है जहां की जनसंख्या पिछले 97 सालों से स्थिर बनी हुई है। यानी इन सालों में गांव की जनसंख्या 1,700 से आगे नहीं बढ़ी। यह कैसे हुआ? इसकी भी एक रोचक कहानी है। एस.के. महोबिया बताते है कि सन् 1922 में यहां कांग्रेस का एक सम्मेलन हुआ था जिसमें शामिल होने कस्तूरबा गांधी आई थीं। उन्होंने ग्रामीणों को खुशहाल जीवन के लिए 'छोटा परिवार, सुखी परिवार' का नारा दिया था। कस्तूरबा गांधी की बात को ग्रामीणों ने पत्थर की लकीर माना और फिर गांव में परिवार नियोजन का सिलसिला शुरू हो गया।

बुजुर्गो का कहना है कि कस्तूरबा गांधी का संदेश यहां के लोगों के दिल और दिमाग पर ऐसा बैठा कि सन 1922 के बाद गांव में परिवार नियोजन के लिए ग्रामीणों में जबरदस्त जागरूकता आई। लगभग हर परिवार ने एक या दो बच्चों पर परिवार नियोजन करवाया, जिससे धीरे-धीरे गांव की जनसंख्या स्थिर होने लगी। बेटों की चाहत में परिवार बढ़ने की कुरीति को भी यहां के लोगों ने खत्म कर दिया और एक या दो बेटियों के जन्म के बाद परिवार नियोजन को वे जरूरी समझते हैं। परिवार नियोजन के मामले में यह गांव एक मॉडल बन गया है। बेटी हो या बेटा, दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन अपनाए जाने से यहां लिंगानुपात भी बाकी जगहों से काफी बेहतर है। इतना ही नहीं, बेटी-बेटे में फर्क जैसी मानसिकता यहां देखने को नहीं मिलती।

ग्रामीण बताते हैं कि धनोरा के आसपास ऐसे भी कई गांव हैं, जिनकी जनसंख्या 50 साल पहले जितनी थी, उसके मुकाबले अब चार से पांच गुना बढ़ चुकी है, लेकिन धनोरा गांव की जनसंख्या अब भी 1,700 बनी हुई है। गांव के स्वास्थ्य कार्यकर्ता जगदीश सिंह परिहार बताते हैं कि उन्हें कभी ग्रामीणों को परिवार नियोजन करने के लिए बाध्य नहीं करना पड़ा। स्थानीय लोगों में जागरूकता का ही नतीजा है कि वे दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन करा लेते हैं।