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सीबीएफसी के मातृ को सर्टिफिकेट नहीं देने पर भड़कीं रवीना

ग्लिब्स टीम  | 17 Apr , 2017 05:00 PM
सीबीएफसी के मातृ को सर्टिफिकेट नहीं देने पर भड़कीं रवीना

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की एग्जामिनिंग कमेटी ने पहलाज निहलानी के नेतृत्व में रवीना टंडन की अपकमिंग फिल्म मातृ को सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया है। बोर्ड का कहना है कि फिल्म में दो ऐसे वीभत्स सीन हैं जो देखने के लायक नहीं हैं। सूत्रों ने बताया कि फिल्म के एक सीन जिससे कि बोर्ड को आपत्ति है उसमें शुरुआत के 10 मिनट में रवीना की बेटी का रेप दिखाया जाता है। कमिटी ने इस सीन को देखने से मना कर दिया। बोर्ड के इस फैसले की आलोचना करते हुए रवीना ने कहा- सेंसर बोर्ड पुराने कानूनों से घिरा हुआ है जिसे कि आज के समय के हिसाब से बदलना चाहिए। मातृ एक ऐसी कहानी है जिसे बताया जाना चाहिए। हमने कड़वी सच्चाई को छिपाने की बहुत कोशिशें कर ली हैं। अगर यह जारी रहा तो हम निर्दयता के प्रति उदासीन रहेंगे और बलात्कार एक टैबू बना रहेगा।

 


रवीना की कमबैक फिल्म एक मां के बदले की कहानी है। रवीना इस फिल्म में ऐसी मां के किरदार में हैं जो उन क्रिमिनल्स के खिलाफ खड़ी होती है जिन्होंने उसकी बेटी की जिंदगी बर्बाद की। वह अकेली खड़ी होती है समाज तो क्या उसका पति भी साथ देने की बारी आने पर पीछे हट जाता है। जब वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराने जाती है तो उसके पति की पिटाई की जाती है धमकाया जाता है कि वह केस वापस लेले। इस सबके बाद वह प्लान बनाती है। इस प्लान का टार्गेट जुर्म में शामिल सभी लोग थे। कानून व्यवस्था पर भरोसा छोड़ वह खुद इंसाफ करने का फैसला करती है।

 

 

बता दें कि यह फिल्म एक और वजह से चर्चा में है। इसके टीजर पर सेंसर बोर्ड की कैंची चली है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म के निर्माताओं को इसका टीजर फिर से एडिट करने के लिए कहा है और इसे एडल्ट रेंटिंग देने का सुझाव दिया है।

 

 

डीएनए की रिपोर्ट के अनुसार प्रोड्यूसर अंजुम रिजवी ने कहा- जब तक आप ऐसे सीन नहीं दिखाएंगे तब तक आप दर्शकों को कैसे बता पाओगे कि आखिर फिल्म किस बारे में है? इन सींस के बिना फिल्म बेकार लगेगी। सेंसर बोर्ड के निर्देश अनुसार खून और हिंसा को ट्रेलर में नहीं दिखाया जा सकता क्योंकि इसे ए या यूए रेटिंग दी गई है।

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