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18-09-2020
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा-मरवाही के विकास पर भाजपा और छजका को पीड़ा क्यों ?

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक सहित भाजपा और छजका नेताओं की ओर से मरवाही में किए जा रहे विकास कार्यों को लेकर की जा रही आपत्ति पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि, मरवाही पेंड्रा के विकास पर भाजपा और छजका को पीड़ा क्यों हो रही है? मरवाही के विकास का अवसर भाजपा और छजका दोनों को मिला था। राज्य में पिछले पंद्रह सालों से भाजपा की सरकार थी। मरवाही की जनता विकास तो दूर सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी अछूती थी। मरवाही पेंड्रा गौरेला की जनता ने जिला बनाने के लिए बार-बार आवाज उठाई। जब राज्य में 9 जिलों का गठन किया गया, उस समय भी जिला बनने की सारी योग्यताओं को पूरा करने के बाद मरवाही पेंड्रा को जिला नहीं बनाया गया। मरवाही से राज्य की राजनीति के बड़ा नाम स्व. अजीत जोगी लगातार प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उसके बावजूद मरवाही से विकास कोसो दूर था।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि,अदूरदर्शी विकास की सोच में सिर्फ नए राजधानी में 8000 करोड़ खर्च करने के बजाए पूरे प्रदेश के विकास का मैप बनाया होता, तो आज राज्य के दूरस्थ कुछ इलाके पिछड़े नहीं होते। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में विकास से अछूते मरवाही जैसे इलाकों को विकसित करने का बीड़ा उठाया है। एक वर्ष पहले ही मरवाही पेंड्रा गौरेला को जिला बनाया गया।  नए जिले के लिए जिलाधीश न्यायालय भवन सहित तमाम सरकारी दफ्तर बनाए जा रहे। क्षेत्र में सड़क पुल पुलियों पहुंच मार्ग बनाए जा रहे हैं। राजनैतिक दुर्भावना से ग्रसित भाजपा के नेता इन विकास कार्यों का विरोध कर रहे। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि, भाजपा के नेता खिसियानी बिल्ली के समान खंभा नोच रहे। प्रदेश की जनता भाजपा और छजका की विकास विरोधी सोच को देख रही और समझ भी रही,आने वाले चुनाव में जनता इसका हिसाब करेगी।

18-09-2020
Video: 18 लाख की लागत से लगेंगे दिशा सूचक बोर्ड, अरुण वोरा ने किया भूमिपूजन

दुर्ग। शहर में लंबे समय से दिशा सूचक बोर्ड लगाने की मांग की जा रही थी। इस मांग को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को शहर विधायक अरुण वोरा ने 18 लाख की लागत से लगने वाले सूचना बोर्डो के लिए भूमि पूजन किया। इसकी जानकारी देते हुए वोरा ने बताया कि शहर के सौंदर्यीकरण की दिशा में कई कार्य किए जाने हैं। इसकी शुरुआत आज दिशा सूचक बोर्ड लगाने के लिए विधायक निधि से आठ लाख की लागत से कार्य का भूमिपूजन किया गया। वोरा ने यह भी कहा कि इन बोर्डों के लग जाने से शहर के बाहर से आने वाले लोगों को ज्यादा लाभ मिलेगा। वहीं और दूसरे भी निर्माण कार्य जो सौंदर्यीकरण से जुड़े हैं। उनको तत्काल करवाया जाएगा। इस दौरान उनके साथ दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल उपस्थित थे।

 

18-09-2020
मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा,रायपुर में पूर्णतः लॉकडाउन का प्रस्ताव न विचाराधीन, न चर्चा में

रायपुर। प्रदेश में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। रायपुर में रोजाना सर्वाधिक कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। राजधानी में तेजी से बढ़ रहे कोविड के संकमण को लेकर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बड़ा बयान दिया है। मंत्री चौबे ने कहा है कि रायपुर में पूर्णतः लॉकडाउन का प्रस्ताव न विचाराधीन, न चर्चा में है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। कोरोना को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रोजाना रिपोर्ट ले रहे हैं।

 

18-09-2020
नरेंद्र मोदी ने कहा, हमारी सरकार किसानों को एमएसपी के माध्यम से उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध

नई दिल्ली। लोकसभा में पेश हुए कृषि बिलों पर संसद से लेकर सड़क तक बवाल मचा है। इस हंगामे के बीच शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी बात देश के सामने रखी। पीएम मोदी ने कहा, किसानों को मनगढ़ंत बातें बताकर विरोध में उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन बदलावों को किया जा रहा है उनको दूसरी पार्टी ने खुद अपने घोषणापत्र में जगह दी थी। बिहार में कोसी रेल महासेतु का उद्घाटन करते वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेती से जुड़े तीन विधेयकों पर अपनी बात रखी।पीएम मोदी ने कहा, "मैं देश के किसानों को इन विधेयकों के लिए बधाई देता हूं। किसान और ग्राहक के बीच जो बिचौलिए होते हैं, जो किसानों की कमाई का बड़ा हिस्सा खुद ले लेते हैं, उनसे बचाने के लिए ये विधेयक लाए जाने बहुत आवश्यक थे। ये विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच बनकर आए हैं, लेकिन कुछ लोग जो दशकों तक सत्ता में रहे हैं, देश पर राज किया है, वो लोग किसानों को इस विषय पर भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं, किसानों से झूठ बोल रहे हैं।पीएम ने कहा, चुनाव के समय किसानों को लुभाने के लिए ये बड़ी-बड़ी बातें करते थे, लिखित में करते थे, अपने घोषणापत्र में डालते थे और चुनाव के बाद भूल जाते थे। आज जब वही चीजें भाजपा-एनडीए सरकार कर रही है, तो ये भांति-भांति के भ्रम फैला रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, जिन एग्रीकल्चर मार्केट के प्रावधानों में बदलाव का वो विरोध कर रहे हैं, उसी बदलाव की बात इन लोगों ने अपने घोषणापत्र में भी लिखी थी।

लेकिन अब जब एनडीए सरकार ने ये बदलाव कर दिया है, तो ये लोग इसका विरोध करने पर, झूठ फैलाने पर उतर आए हैं।पीएम मोदी ने आगे कहा, ये लोग भूल रहे हैं कि देश का किसान कितना जागृत है। वो ये देख रहा है कि कुछ लोगों को किसानों को मिल रहे नए अवसर पसंद नहीं आ रहे। देश का किसान ये देख रहा है कि वो कौन से लोग हैं, जो बिचौलियों के साथ खड़े हैं।पीएम मोदी ने कहा, अब ये दुष्प्रचार किया जा रहा है कि सरकार के द्वारा किसानों को एमएसपी का लाभ नहीं दिया जाएगा। ये भी मनगढ़ंत बातें कही जा रही हैं कि किसानों से धान-गेहूं इत्यादि की खरीद सरकार द्वारा नहीं की जाएगी। ये सरासर झूठ है, गलत है, किसानों को धोखा है।पीएम मोदी ने कहा, हमारी सरकार किसानों को एमएसपी के माध्यम से उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। पहले भी थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे। सरकारी खरीद भी पहले की तरह जारी रहेगी। कोई भी व्यक्ति अपना उत्पाद, दुनिया में कहीं भी बेच सकता है, जहां चाहे वहां बेच सकता है, लेकिन केवल किसान भाई-बहनों को इस अधिकार से वंचित रखा गया था। अब नए प्रावधान लागू होने के कारण, किसान अपनी फसल को देश के किसी भी बाजार में, अपनी मनचाही कीमत पर बेच सकेगा।

पीएम मोदी ने कहा, किसानों के लिए जितना एनडीए शासन में पिछले 6 वर्षों में किया गया है, उतना पहले कभी नहीं किया गया। किसानों को होने वाली एक-एक परेशानी को समझते हुए, एक-एक दिक्कत को दूर करने के लिए हमारी सरकार ने निरंतर प्रयास किया है। पीएम मोदी ने कहा, मैं आज देश के किसानों को नम्रता पूर्वक स्पष्ट संदेश देना चाहता हूं। आप किसी भी तरह के भ्रम में मत पड़िए। इन लोगों से देश के किसानों को सतर्क रहना है। ऐसे लोगों से सावधान रहें, जिन्होंने दशकों तक देश पर राज किया और जो आज किसानों से झूठ बोल रहे हैं। पीएम ने कहा, वो लोग किसानों की रक्षा का ढिंढोरा पीट रहे हैं लेकिन दरअसल वे किसानों को अनेक बंधनों में जकड़कर रखना चाहते हैं। वो लोग बिचौलियों का साथ दे रहे हैं, वो लोग किसानों की कमाई को बीच में लूटने वालों का साथ दे रहे हैं। ये देश की जरूरत है और समय की मांग भी है। किसान, महिलाएं, नौजवान, राष्ट्र के निर्माण में सभी को सशक्त करना हमारा दायित्व है। आज जितनी भी परियोजनाओं को शुरु किया गया है, वो इसी दायित्व का हिस्सा है।

 

18-09-2020
सांसद फूलोदेवी नेताम ने केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल को लिखा पत्र, रेल लाइन विस्तार की मांग

रायपुर। राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा है। सांसद नेताम ने बस्तर संभाग के कोंडागाव से धमतरी तक रेल लाइन का विस्तार करने की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि, छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग आदिवासी बहुल क्षेत्र है। जगदलपुर से रायपुर तक केवल सड़क मार्ग ही एक साधन है। आवागमन के साधनों की कमी के कारण क्षेत्र का विकास नहीं हो सका है। वर्तमान में रावघाट के लौह अयस्क खदानों से अवश्य परिवहन के लिए जगदलपुर से कोंडागांव होते हुए रावघाट तक रेलमार्ग प्रस्तावित है।

इसके लिए जगदलपुर से कोंडागांव तक भूमि अधिग्रहण का कार्य भी पूरा हो चुका है। रायपुर से धमतरी तक छोटी रेलवे लाइन को बड़ी रेलवे लाइन में उन्नयन का कार्य प्रगति पर है। यदि कोंडागांव से धमतरी तक रेल मार्ग को बढ़ा दिया जाता है, तो बस्तर संभाग राजधानी रायपुर से जुड़ जाएगा। सांसद फूलोदेवी नेताम ने आग्रह किया है कि, कोंडागांव से धमतरी तक रेल लाइन का विस्तार किया जाए, जिससे बस्तर संभाग राजधानी रायपुर से जुड़ जाएगा और क्षेत्र का विकास संभव हो सकेगा।

 

18-09-2020
भूपेश सरकार ने ना केवल एल्डरमैन नियुक्त किए, 22 लोगों को बदला भी, देखिए सूची 

रायपुर। कांग्रेस पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं का लंबे समय का इंतजार आखिरकार गुरुवार को समाप्त हुआ। देर शाम भूपेश सरकार की ओर से एल्डरमैनों की नियुक्तियों की घोषणा की गई। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ओर से 200 से अधिक एल्डरमैनों की नियुक्तियों के संबंध में आदेश जारी किए गए। आदेश की कॉपी में राज्य सरकार की ओर से मनोनीत पार्षदों के नाम जारी किए गए। तीन में एक सूची ऐसी भी थी, जिसमें 22 पूर्व मनोनीत एल्डरमैनों के स्थान पर 22 नए लोगों को मनोनीत किया गया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि, इन 22 लोगों के नाम पार्टी ने पूर्व में ही तय कर लिए थे। निकाय चुनाव में इन्हें टिकट भी दी गई। चुनाव जीतकर जब ये पार्षद बन गए तो फिर इन्हें मनोनीत पार्षद (एल्डरमैन) रखने का मतलब ही नहीं। इसलिए इनकी जगह पर दूसरों का मनोनयन किया गया है।

17-09-2020
कृषि विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली। कृषि विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने केंद्र सरकार से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले लोकसभा में अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल ने बिल के विरोध में चेतावनी देते हुए ऐलान किया था कि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल कृषि संबंधी विधेयकों के विरोध में सरकार से इस्तीफा देंगी। बता दें कि केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल मोदी सरकार में अकाली दल की एकमात्र प्रतिनिधि थीं। हरसिमरत कौर ने इस्तीफे की जानकारी ट्वीट के जरिए दी है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व।
लोकसभा में बोलते हुए आज सुखबीर सिंह बादल ने साफ कहा कि शिरोमणि अकाली दल इस बिल का सख्त विरोध करता है। हर बिल, जो देश के लिए हैं, देश के कुछ हिस्से उसे पसंद करते हैं, कुछ हिस्सों में उसका स्वागत नहीं होता है, किसानों को लेकर आए इन तीन बिलों से पंजाब के 20 लाख हमारे किसान प्रभावित होने जा रहे हैं। 30 हजार आढ़तिए, 3 लाख मंडी मजदूर, 20 लाख खेत मजदूर इससे प्रभावित होने जा रहे हैं। सुखबीर बादल ने कहा, 'शिरोमणि अकाली दल किसानों की पार्टी है और वह कृषि संबंधी इन विधेयकों का विरोध करती है।’ निचले सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, ‘ शिरोमणि अकाली दल ने कभी भी यू-टर्न नहीं लिया। बादल ने कहा, 'हम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथी हैं। हमने सरकार को किसानों की भावना बताई, हमने इस विषय को हर मंच पर उठाया। हमने प्रयास किया कि किसानों की आशंकाएं दूर हों लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।'
लोकसभा में कांग्रेस के अलावा दूसरे विपक्षी दलों ने बिल का विरोध किया है। कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने कृषि उपज एवं कीमत आश्वासन संबंधी विधेयकों को ‘किसान विरोधी’ करार देते हुए गुरुवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि इन विधेयकों से जमाखोरी, कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा तथा उद्योगपतियों एवं बिचौलियों को फायदा होगा जबकि किसान बर्बाद हो जाएंगे। वहीं, भाजपा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत, स्वावलंबी भारत बनाने के लिए यह कानून बन रहा है जो ऐतिहासिक साबित होगा। ये विधेयक कृषि क्षेत्र में सुधार के लिये महत्वपूर्ण कदम हैं जो किसानों को मजबूत और समृद्ध बनाएंगे।

17-09-2020
देश के युवाओं ने प्रधानमंत्री का जन्मदिन बेरोजगार दिवस के रूप में मनाकर आक्रोश जताया : कांग्रेस

रायपुर। देश भर के युवाओं ने स्वफूर्त रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को बेरोजगार दिवस के रूप में मनाया। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि, प्रधानमंत्री के जन्मदिन को "राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस" के रूप में मना कर पूरे देश ने बेरोजगारी और बेकारी के खिलाफ अपनी एकजुटता को प्रदर्शित किया है। सोशल मीडिया में ट्विटर, फेसबुक पर मोदी सरकार की बेरोजगारी के खिलाफ चले महा ट्रेंड ने यह बता दिया कि, आज देश के लोगों मे रोजगार को लेकर वर्तमान केंद्र सरकार के प्रति कितना ज्याादा आक्रोश है। युवा केंद्रीय सरकार के प्रतिष्ठानों में नौकरियो में रोक के विरोध और देश में नए रोजगार के अवसरों की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि,मोदी और उनके भक्तों ने रोम जल रहा था नीरो बंशी बजा रहा था कि, कहावत को चरितार्थ कर दिया। एक तरफ देश में बेरोजगारी चरम पर है। बेरोजगारी दर स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे ज्यादा 44 प्रतिशत पर है। मोदी सरकार के लिए गए आत्मघाती निर्णयों नोटबंदी और जीएसटी ने उद्योग व्यापार की कमर तोड़ कर रख दी। फैक्ट्रियां व्यवसाय धंधे बंद हो गए। लोगो की नौकरियां चले गई है। रही सही कसर कोरोना की आपदा में पूरी हो गई। सारा देश रोजी रोटी और जीवन बचाने के झंझावत में लगा हुआ है। ऐसे समय देश भर में भाजपाई मोदी के जन्मदिवस को जन्मसप्ताह के रूप में मना कर देश की जनता के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं। जिस देश में 53 लाख लोग महामारी से पीड़ित हो, 85 हजार की जान चली गई हो, उस देश का प्रधानमंत्री जश्न कैसे मना सकता है ?

 

 

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