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11-08-2020
गुढ़ियारी ब्लॉक के पूर्व अध्यक्ष ने दो वार्डों में बांटा मास्क, नियमों का पालन करने की अपील 

रायपुर। गुढ़ियारी ब्लॉक के पूर्व अध्यक्ष व रायपुर लोकसभा समन्वयक सोमेन चटर्जी ने मंगलवार को दो वार्डों में मास्क वितरण किया। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम,रायपुर जिला प्रशासन कोरोना महामारी से निपटने के लिए बहुत ही अच्छा कार्य कर रही हैं। इसकी वजह से आज छत्तीसगढ़ अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि रायपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर सुबह 6 बजे से, वीर शिवाजी वार्ड खमतराई और कन्हैयालाल बाजारी वार्ड गुढ़ियारी में मास्क बांटा गया। जगह -जगह सब्जी मार्केट,राशन दुकान,किराना दुकान,मटन दुकान पर जाकर मास्क वितरण के साथ सोशल डिस्टेंस बनाए रखने की अपील की गई। जन जागरण अभियान पैराडाइज मार्केट, खमतराई बाजार, शिवानंद नगर, श्रीनगर ,खमतराई ,संतोषी नगर, संयासी पारा,गुढ़ियारी इत्यादि जगह पर घूम घूम चलाया गया। इस दौरैन सोमेन चटर्जी के साथ नरेश बाफना,हितेंद्र साहू ,मनोज सारथी ,केशव साहू, जीवन लाल यादव ,रवि तिवारी ,अच्युतराव, रंजीत विश्वकर्मा सहित समस्त कार्यकर्ता उपस्थित थे।

11-08-2020
पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा आदिवासियों के शुभचिंतक नहीं थे : धनंजय ठाकुर

रायपुर। पूर्व वनमंत्री महेश गागड़ा के बयान पर कांग्रेस ने प्रतिकिया व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया है कि पूर्व रमन सरकार में वन मंत्री रहे महेश गागड़ा आदिवासियों के शुभचिंतक कभी नहीं थे। आरएसएस भाजपा ने महेश गागड़ा का इस्तेमाल भोले भाले आदिवासियों के वोट बटोरने के लिए किया। रमन सरकार ने आदिवासी वर्ग को मिले कानूनी अधिकार का हनन किया। उनके जल, जंगल और जमीन पर कब्जा करने की बदनीयती से आदिवासी वर्ग पर अत्याचार किया। आदिवासी वर्ग की शिक्षा दीक्षा, रोजगार, सुरक्षा, स्वास्थ बेहतर भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। उस दौरान विष्णुदेव साय, महेश गागड़ा, केदार कश्यप, रामविचार नेताम ने, रमन सरकार के आदिवासी विरोधी कृत्यों का विरोध नहीं किया।  


धनंजय ने पूर्व मंत्री महेश गागड़ा से पूछा है कि,जब रमन सरकार में निर्दोश आदिवासियों को जेल में बंद किया गया, तब मौन क्यो थे? पांचवी अनुसूची क्षेत्रों को मिले कानूनी अधिकारों को दरकिनार कर ग्रामसभा के अनुमोदन के बिना हजारों आदिवासी से जमीन छीनी गई, तब विरोध क्यों नहीं किया? नक्सली बताकर आदिवासियों के मासूम बच्चों को मुठभेड़ में मार दिया गया, तब महेश गागड़ा ने विरोध क्यों नहीं किया?झलियामारी बालिका गृह में हुई बलात्कार की घटना, मीना खलखो, पेद्दागुलूर, सारकेगुड़ा की घटनाओं पर मौन क्यों थे? बस्तर क्षेत्र के युवाओं को सरकारी नौकरी से वंचित रखा गया, आउटसोर्सिंग से भर्ती कर उनके हक अधिकार को बेचा गया, तब गागड़ा मौन क्यों थे। रमन सरकार के दौरान तेंदूपत्ता संग्राहकों की लाभांश में हेराफेरी की गई,चरणपादुका खरीदने में भ्रष्टाचार किया गया, तब मौन क्यो थे? 5 लाख वनाधिकार पट्टा निरस्त किया गया था, तब कहा थे?

 

 

11-08-2020
कांग्रेस के आरोपों पर रमन सिंह की प्रतिक्रिया खोखली : शैलेश नितिन त्रिवेदी

रायपुर। कांग्रेस नेताओं की ओर से रमन सिंह पर लगाए गए आरोपों पर रमन सिंह की प्रतिक्रिया को कांग्रेस ने खोखला निरूपित किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अपने खिलाफ दस्तावेजी सबूत के सामने आने से रमन सिंह बौखला गए हैं। रमन सिंह ने इसी बौखलाहट में झूठे और निराधार आरोप लगाए हैं। रमन सिंह के सरकार में रहते हुए भी जब भी कांग्रेस ने आरोप लगाए, दस्तावेजी सबूतों और प्रमाणों के साथ लगाए। नान घोटाला, पनाम पेपर्स, प्रियदर्शनी बैंक घोटाला, अंतागढ़ में लोकतंत्र की हत्या, बस्तरिया लोगों पर अत्याचार, अनाचार हर आरोप के साथ कांग्रेस ने दस्तावेज और प्रमाण जारी किए। आज रमन सिंह के कांग्रेस की सरकार पर लगाए गए आरोप असत्य, निराधार और स्वयं के खिलाफ प्रमाणिक दस्तावेजी सबूत सामने आने की बौखलाहट में लगाए गए मिथ्या आरोप हैं।

 

11-08-2020
निर्माण कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ करें पूर्ण : ताम्रध्वज साहू

रायपुर/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में जिले में स्वीकृत सड़कों, भवनों और पुलों का निर्माण समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने क्षेत्र की जनता की मांग पर कोटमी में रेस्ट हाउस के निर्माण की स्वीकृति दी। मंत्री साहू ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की उत्कृष्टता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला अधिकारियों को मैदानी क्षेत्रों का नियमित रूप से दौरा कर निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने, जिले की सड़कों के मरम्मत कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों को आवागमन में असुविधा न हो।

कलेक्टर डोमन सिंह ने बैठक में बताया कि सिवनी-मरवाही सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के तहत 21 कार्यों के लिए एक करोड़ 37 लाख 62 हजार रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है।

 

11-08-2020
हजारों करोड़ रुपए का कर्ज लादकर प्रदेश के अर्थतंत्र को तबाह करने पर आमादा है सरकार : भाजपा

रायपुर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि हजारों करोड़ रुपए का कर्ज लादकर प्रदेश के अर्थतंत्र को तबाह करने पर आमादा सरकार को यह पूरा कर्ज चुकाने की जरा भी फिक्र नहीं है। श्रीवास्तव ने कटाक्ष किया कि राज्य की कांग्रेस सरकार यह तय मानकर चल रही है कि आगामी चुनाव के बाद तो वह यकीनन सत्ता में लौटेगी ही नहीं, इसलिए वह कर्ज लेकर प्रदेश को कंगाली की खाई में धकेल रही है। श्रीवास्तव ने यह मांग की कि जब प्रदेश सरकार कर्ज लेकर किसानों को अंतर राशि का भुगतान कर रही है तो फिर किश्तों में यह राशि देने के बजाय किसानों को उनकी अंतर राशि एकमुश्त दी जाए ताकि अभी खेता-किसानी के काम में लगे किसानों को इससे राहत मिल सके। अभी तो सरकार ने किसानों का पिछले साल का ही पूरा भुगतान किसानों को किया नहीं है और मौजूदा खरीफ सत्र की धान खरीदी के लिए पंजीयन की प्रक्रिया वह शुरू करने जा रही है। जब सरकार के पास पिछले बकाया भुगतान के लिए ही पैसे नहीं हैं और वह कर्ज ले रही है तो आगामी धान खरीदी के लिए सरकार के पास पैसे कहाँ से आएंगे? क्या सरकार फिर किसानों का धान खरीदने के नाम पर फिर से नौटंकियाँ करके किसानों के साथ आर्थिक अन्याय करेगी और उनके आत्म-सम्मान को लहूलुहान करेगी? श्रीवास्तव ने कहा कि किश्तों में धान के मूल्य की अंतर राशि देने वाली कांग्रेस सरकार इस सत्र का धान खरीदकर उसका भुगतान कब तक करेगी, उसकी ओर से यह एकदम स्पष्ट होना चाहिए।

 

 

11-08-2020
संवेदनशून्य सरकार ने प्रदेश के गरीब मरीजों और कोरोना पीड़ितों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता भूपेंद्र सिंह सवन्नी ने प्रदेश सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं को बदहाल करने और कोरोना संक्रमण की रोकथाम में विफल बताया है। सवन्नी ने कहा कि यह प्रदेश सरकार पूरी तरह संवेदनशून्य हो चली है और उसने प्रदेश के गरीब परिवारों और कोरोना पीड़ितों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। आज तो प्रदेश में सामान्य रूटीन के इलाज के लिए गरीब परिवार के मरीज परेशान हो रहे हैं जबकि कोरोना मरीज अब या तो आत्महत्या के लिए विवश हो रहे हैं या फिर सरकार की बदइंतजामी के चलते वे तड़प-तड़पकर मरने को विवश हो रहे हैं। प्रदेश सरकार अब कोरोना मरीजों के इलाज में लापरवाही का परिचय दे रही है। सवन्नी ने कहा कि प्रदेश में स्मार्ट कार्ड से लोगों का इलाज तो बंद कर दिया गया है, अब सरकार अपने वादे के बावजूद राशन कार्ड से भी गरीबों को इलाज की सहूलियत मुहैया नहीं करा रही है, जिससे गरीबी रेखा वाले परिवार अपने इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खाते परेशान हो रहे हैं। यह बेहद शर्मनाक स्थिति है। सवन्नी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण की रोकथाम, जाँच और उपचार जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार प्रदर्शित कर रही है। लॉकडाउन के नाम पर प्रदेश को पखवाड़े भर परेशानी में डालकर भी सरकार कोरोना संदिग्धों, मरीजों और मृतकों के बढ़ते आँकड़ों को रोक नहीं पा रही है तो अपने इस नाकारापन के लिए जिम्मेदार सरकार को एक क्षण भी सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं रह जाता है।

 

 

11-08-2020
कौशिक ने पूछा : प्रमाणित साक्ष्य हैं तो सरकार रमन सिंह के विरुद्ध जाँच का साहस क्यों नहीं जुटा पा रही?

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को प्रदेश के एक मंत्री द्वारा घोटालों का महानायक कहे जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि घोटालों का महानयक वाले तमगे पर तो कांग्रेस के खानदान का ही एकाधिकार सुरक्षित है और उसकी छत्रछाया में कांग्रेस के दीगर नेता भी देशभर में लूटखसोट का कलंकित इतिहास रच चुके हैं। कौशिक ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के नेता और मंत्री डॉ. सिंह पर निराधार आरोप मढ़ते समय यह न भूलें कि भ्रष्टाचार और आर्थिक गड़बड़ियों के मामले में कौन-कौन जमानत पर बाहर घूम रहे हैं? नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार के पास प्रमाणित साक्ष्य हैं तो वह डॉ. सिंह के खिलाफ जाँच कराने का साहस क्यों नहीं जुटा पा रही है? वस्तुत: प्रदेश सरकार के मंत्रियों और कांग्रेस नेताओं को आसमान पर थूकने की लत लगी हुई है और निराधार आरोप लगाकर वे चरित्र हनन की राजनीति करने के ही आदी रहे हैं। कौशिक ने सवाल किया कि डॉ. सिंह के खिलाफ बेतुके आरोप लगाने से पहले कांग्रेस नेताओं की समझ को काठ क्यों मार जाता है, समझ से परे है। आय से अधिक संपत्ति के जिस मामले को लेकर कांग्रेस के नेता और मंत्री व्यक्तिगत विद्वेष का प्रदर्शन करते अर्श पर उड़ रहे हैं, उसमें कोई दम नहीं है और सच्चाई सामने आने पर वे औंधे मुँह फर्श पर गिर पड़ेंगे। आरोप लगाकर पीठ दिखाकर भाग जाने की  

11-08-2020
जिनका जमीर जमानत पर है, वे हम पर आरोप लगा रहे हैं : विष्णुदेव साय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय ने कहा कि बीते 18 महीनों में विफल हो चुकी प्रदेश सरकार अपनी विफलता, अपनी असफलता और जनता के बीच अविश्वसनीयता को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के लोकप्रिय चेहरे पर झूठा आरोप लगा कर छुपाना चाहती है, यह अपनी विफलता छुपाने कांग्रेस की रणनीति है। उन्होंने कहा कि आज जिनका जमीर जमानत पर है, जो अपना जमीर बेच चुके हैं, वे हम पर आरोप लगा रहे है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह कांग्रेस का भय है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की लोकप्रियता और हाल ही के सर्वे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का अंतिम पंक्ति में आना कांग्रेस को भयभीत भी कर रहा और मुख्यमंत्री के सपनो में भी आ उन्हें भविष्य के लिए बेचैन भी कर रहा है। यह दुर्भाग्य का विषय है कि खुद की लोकप्रियता बढ़ा पाने में न सिर्फ असफल अपितु अलोकप्रिय हो चुके भूपेश बघेल पूर्व मुख्यमंत्री की छवि धूमिल कर अपना चेहरा चमकाना चाहते है और इसी लिए उनपर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।


उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले यह भी देख लेना चाहिए कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने देश के कानून को दरकिनार करके नेशनल हेराल्ड मामले में देश की जनता के 5,000 करोड़ रुपये का हेराफेरी का आरोप है। इस मामले में कांग्रेस के वर्तमान व पूर्व अध्यक्ष सोनिया, राहुल 50 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज कांग्रेस का नेतृत्व करने वाले पूरे गांधी परिवार को धोखाधड़ी करने वाले, कर चोरी करने वाले और भ्रष्ट के रूप में जाना जाता है। ऐसे भ्रष्ट नेतृत्व वाली कांग्रेस के नेता छत्तीसगढ़ में डॉ. रमन सिंह और उनके परिवार पर आरोप लगा कर अपनी बदलापुर की घृणित मानसिकता का भी परिचय दे रहे हैं। कांग्रेस की खीज, जायज है पर आपके मुखिया अलोकप्रिय है तो उसमें लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का क्या दोष है।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय ने राहुल गांधी और गांधी परिवार की संपत्ति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब गांधी परिवार कोई काम नहीं करता तो उनकी इतनी संपत्ति कैसे है? 2004 से 2014 तक राहुल गांधी की संपत्ति लाखों से बढ़कर करोड़ों में कैसे पहुँच गयी। उन्होंने कहा कि समझ में यह नहीं आता कि इस परिवार की संपत्ति इतनी ज्यादा कैसे हो गई? जबकि, इस परिवार की कमाई का एकमात्र साधन सांसदी है। उनके पास डॉक्टर या वकील जैसा कोई काम नहीं है फिर कैसे यह भूपेश बघेल जी को बताना चाहिए।उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ाई में सरकार की विफलता रोज नए पायदान पर आगे बढ़ रही है और मुख्यमंत्री बघेल अंतिम पायदाम पर आ गए है। क्वारंटाइन सेंटर में बदहाली, मौत, सर्पदंश, आत्महत्या को देख कर लगता है प्रदेश सरकार स्वयं क्वारंटाइन हो गयी है।

नरवा नजर नहीं आ रहा, गरवा के नाम पर गौवंश की मौत किसी से छुपी नहीं है। घुरवा में स्वयं सरकार जा रही है, बाड़ी का अता पता बताने सरकार तैयार नहीं है। गोधन योजना बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रही है। प्रदेश सरकार की एक भी योजना धरातल पर नजर नहीं आती। रेत माफिया, शराब माफिया, प्रदेशभर में अपराध का बढ़ता ग्राफ, महिला असुरक्षा जैसे अनेक मुद्दें है जिसका जवाब न तो कांग्रेस के पास है और ना ही अलोकप्रिय, अविश्वसनीय प्रदेश सरकार के पास इसी लिए काँग्रेस जन अपनी पुरानी रटी रटाई रणनीति के तहत प्रेस कॉन्फ्रेंस करते है और डॉ. रमन सिंह के ऊपर झूठा आरोप मढ़ देते है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसजनों को अपने मुख्यमंत्री से सवाल करना चाहिए कि वे इतने जल्दी अलोकप्रिय कैसे हो गए?

11-08-2020
कौशिक ने कहा, 20 माह में ही असफल है प्रदेश सरकार आखिरकार क्यों गिर गया मुख्यमंत्री का ग्राफ

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने एक सर्वे रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इन तीन महीनों में ऐसा क्या हुआ कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कामकाज को लेकर आई एक सर्वे में बताया गया है कि केवल दो फीसदी लोगों ने उनके काम को पसंद किया है। इससे पहले जून के महीने में एक सर्वे में बताया कि वह देश के बेहतर मुख्यमंत्रियों में से एक थे। आखिरकार इन तीन महीनों में ऐसा क्या हुआ कि मुख्यमंत्री के कामकाज को जनता ने नकारा है। उनका क्रम नीचे चला गया है। जो प्रदेश सरकार के काम-काज को भी इंगित करता है। कौशिक ने कहा कि प्रदेश की सरकार केवल अपने 20 माह के कार्यकाल में ही जनता का भरोसा खो चुकी है और प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर नाकाम है।

कौशिक ने कहा कि प्रदेश में उस समय कोरोना को लेकर भी बेहतर स्थिति बताई गई थी। लेकिन वर्तमान में  जो स्थिति है वह बेहतर नहीं है। संक्रमित लोगों की संख्या करीब 11 हजार पहुंच गई है। वही करीब 97 लोगों की मौत भी हुई है। प्रदेश सरकार कोरोना से लड़ाई में पूरी तरह नाकाम है। प्रदेश सरकार की सारी योजनाएं असफल है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में हालत बेहतर नहीं है। मंत्रियों के फैसलों में एकजुटता नहीं है। जिसके चलते जनता के बीच लगातार सही संदेश नहीं जा रहा है और इसलिए ही प्रदेश सरकार का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है।

 

11-08-2020
बिना परीक्षा के विद्यार्थियों से शुल्क लेना अनुचित: एबीवीपी

धमतरी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद,धमतरी इकाई ने स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों को सेमेस्टर परीक्षाओं के शुल्क में राहत देने के लिए पीजी कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य श्रीदेवी चौबे को प.रविशंकर शुक्ल विवि के कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा हैं।अभाविप प्रदेश मंत्री शुभम जायसवाल ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के चलते पूरे देश में सभी आय वर्गों के लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। ऐसे में विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की जाने वाली अंतिम एवं सेकंड सेमेस्टर परीक्षाओं के शुल्क की राशि जमा कर पाने मे विद्यार्थी को कठिनाइयों का अनुभव करना पड़ रहा है।

नगर मंत्री भूषण सिन्हा ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में परीक्षाएं भी ऑनलाइन तरीके से आयोजित की जाएंगी  और तब शुल्क के रूप में विद्यार्थियों से इतनी अधिक राशि लिए जाने का कोई औचित्य नहीं है। अभाविप ने आग्रह किया है कि विद्यार्थियों की कठिनाइयों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए उनकी परीक्षाओं के शुल्क में राहत प्रदान किया जाए। ज्ञापन सौंपते वक्त मुख्य रूप से जिला संयोजक वेद प्रकाश साहू, प्रदेश कार्यकारणी सदस्य ओमेश यादव, प्रकाश राजपूत, सुभाष यादव, गजेंद्र जांगड़े, हंसराज साहू, दुष्यंत शर्मा आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

11-08-2020
Video : जब एनएसयूआई के नेताओं ने छात्र के पुतले को फांसी पर लटकाया, कुलसचिव के पैर पर गिरकर लगाई गुहार

रायपुर। रविशंकर विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार दोपहर 1 बजे का नजारा जिसने भी देखा, एकबार तो जरुर सहमा होगा। दरअसल एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र अपनी समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय पहुंचे थे। एनएसयूआई के नेता अपने साथ प्रदर्शन के लिए फांसी का फंदा और पुतला लेकर आए थे। एनएसयूआई ने ऑनलाइन पोर्टल में परेशानी,प्रवेश परीक्षा व परिणाम सहित प्रशासन की ओर से छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप लगाकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। भावेश शुक्ला ने जब कोई सुनवाई होते नहीं दिखी,तब सांकेतिक रूप से छात्र के पुतले को फांसी लगाकर आत्महत्या करने का कठोर कदम उठाया।

इस दौरान विश्वविद्याल के कुलसचिव प्रो. गिरीशकांत पांडेय को प्रशासनिक भवन से बाहर बुलाकर छात्रों की समस्याओं से अवगत कराया गया। हाथ पैर जोड़कर और 500 रुपए की आर्थिक मदद भी की। इससे विश्वविद्यालय में फीस काउंटर और हैलो डेस्क खोलने का अनुरोध किया गया। इस मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए हेल्प डेस्क और काउंटर की सुविधा छात्रों को मिली। आज के प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला के साथ प्रदेश सचिव अरुणेश मिश्रा,राहुल कर, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु झा, सूरज साहू ,शुभम दुबे ,रजत वाधवानी, शुभम पांडेय, लक्षित तिवारी, रजत चौधरी, नूर मोहम्मद, विनय साहू छात्र मौजूद थे।

 

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