GLIBS

27-05-2020
भाजपा को भूपेश बघेल सरकार के कामों के आगे कोई मुद्दें नहीं मिल रहे : धनंजय ठाकुर 

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कोरोना  महामारी संकटकाल में भी भाजपा  ओछी और स्तरहीन राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है। भाजपा के नेता राजनीतिक हताशा मुद्दों के दिवालियापन के दौर से गुजर रहे हैं। भाजपा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ  षडयंत्र करने असत्य झूठ फरेब के सहारे राजनीति कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार पूरी ताकत से इस समय कोरोना के संक्रमण को नियंत्रित करने,देशभर में लॉक डाउन में फंसे छत्तीसगढ़ के मजदूरों और अन्य प्रवासी मजदूरों को राहत पहुंचाने,उन्हें उनके घर गांव तक पहुंचाने में लगी हुई है। इस विषम परिस्थिति में भी छत्तीसगढ़ सरकार ने 1500 करोड़ रुपए किसानों के खाते में पहुंचाए हैं। जबकि लॉक डाउन के कारण सारी आर्थिक गतिविधियां समाप्त हो गई थी। न्याय योजना की पहली किश्त 1500 करोड़ से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को भी बहुत बड़ा बूस्टर मिला है। ऐसे समय भाजपा की ओर से निम्न स्तरीय आरोप लगाकर तबादला उद्योग की बात कहना भाजपा की ओछी मानसिकता और भाजपा का छत्तीसगढ़ विरोधी चाल चरित्र चेहरा को दर्शाता है। किसानों को लेकर हमेशा राजनीति करने वाली भाजपा का किसान विरोधी चरित्र जगजाहिर हो गया है। 15 साल तक छत्तीसगढ़ में भाजपा शासनकाल में जो किसानों की दुर्दशा रही है। जो उनकी माली हालत खराब थी, किसानों की आत्महत्या की घटनाएं हुई थी। 18 महीने के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरकार के दौरान पूरी परिस्थितियां बदल गई है। किसान खुशहाल हैं, किसान संपन्न हो रहें तो भाजपा के पेट में दर्द हो रहा है। भाजपा को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के कामों के आगे कोई मुद्दें नहीं मिल रहे। भाजपा हमेशा की तरह असत्य आधारित  झूठ फरेब गुमराह करने की राजनीति कर रही है।

27-05-2020
कांग्रेस के घोषणा पत्र का कैलेंडर बनवाकर भाजपा वायदों को टिक करते चले : घनश्याम राजू तिवारी 

रायपुर।  भाजपा सांसद सुनील सोनी के किसानों की कर्ज माफी और अंतर की राशि के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि भाजपा, कांग्रेस घोषणा पत्र का कैलेंडर बनवाकर वायदों को टिक करते चले।  कांग्रेस पार्टी अपने घोषणा पत्र पर किए गए वादों को समय अनुसार पूरा करते हुए आगे बढ़ रही है। प्रदेश के किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं। गढ़बो नवा  छत्तीसगढ़ की परिकल्पना सार्थक दिखाई पड़ रही है। देश आर्थिक संकट से गुजर रहा है। मगर छत्तीसगढ़ की आर्थिक व्यवस्थाएं भूपेश सरकार के जनहितकारी फैसलों के चलते पटरी पर है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश के किसानों को जिस भाजपा ने धान के बोनस के नाम पर छलने का कार्य किया, वह कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं। भाजपा सांसद सुनील सोनी को यह पता होना चाहिए घोषणा पत्र 15 माह के लिए नहीं 5 वर्षों के लिए होता है। कांग्रेस पार्टी और भूपेश सरकार किसानों से किए गए हर वायदों को पूरा करेगी किसानों को इस बात का पूरा भरोसा है, मगर भारतीय जनता पार्टी और उनके सांसदों को चिंता इस बात की है किसानों के विषय पर भाजपा फेल न हो जाए।

27-05-2020
अधिकार होने का आशय यह नहीं कि प्रदेश सरकार तबादला उद्योग चलाने लग जाए : भाजपा

रायपुर। भाजपा नेता और प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कोरोना-संकट की इस घड़ी में भी किए गए तबादलों पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। कौशिक ने कहा कि तबादले करना प्रदेश सरकार का अधिकार होने का आशय यह नहीं होता कि प्रदेश सरकार तबादला उद्योग चलाने लग जाए। अधिकारियों के तबादलों की समय-सीमा की अपनी एक मर्यादा होती है, लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रदेश सरकार को जब सनक चढ़ती है, तबादलों की सूची जारी कर देती है। यह क्रम सत्ता में आने के बाद से ही कांग्रेस की सरकार ने चला रखा है।कौशिक ने कहा कि अभी जबकि प्रदेश में कोरोना संक्रमण अपने विस्फोटक स्वरूप में है, प्रदेश सरकार द्वारा 23 कलेक्टर्स को एकाएक एक साथ स्थानांतरित करना प्रशासनिक सूझबूझ का परिचायक तो कतई नहीं माना जा सकता। ये कलेक्टर्स अपने-अपने जिलों में कोरोना के खिलाफ जारी जंग की व्यवस्था सम्हाल रहे थे, राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध सीमित संसाधनों के बावजूद कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए मेहनत कर रहे थे और उन्हें अपने जिले की तमाम व्यवस्थाओं की कमी-बेशी का पूरा ध्यान था।कौशिक ने कहा कि ऐसी स्थिति में एकाएक प्रदेश सरकार द्वारा एक उद्योग की शक्ल में 23 कलेक्टर्स को एक जिले से हटाकर दूसरे जिले में भेज देना विवेकसम्मत निर्णय नहीं है। अब ये कलेक्टर्स नए जिलों में जाकर हालात तो समझकर जब तक कोई निर्णय लेने की स्थिति में आएंगे, फैलाव पाकर कोरोना संक्रमण बेकाबू होते देर नहीं लगाएगा।उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल तो यह भी है कि आखिर अभी ऐसा कौन-सा प्रशासनिक संकट आ खड़ा हुआ था,जो प्रदेश सरकार को इतने व्यापक पैमाने पर तबादले करने का अव्यावहारिक व नितांत अदूरदर्शितापूर्ण निर्णय लेना पड़ा?

27-05-2020
भाजपा नेता हाथ में गंगाजल लेकर प्रमाणित करें : मोहन मरकाम

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि कांग्रेस ने राजीव भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में गंगाजल को साक्षी मानकर सत्ता में आने के 10 दिनों के भीतर किसानों की कर्ज माफी का वादा किया था। शपथ लेने के 10 दिन नहीं बल्कि चंद घंटे के भीतर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक कर कर्ज माफी का फैसला लिया गया। मरकाम ने कहा कि भाजपा नेता गंगाजल हाथों में लेकर प्रमाणित करें कि कांग्रेस ने कर्जमाफी के अलावा घोषणा पत्र के अन्य वादों को पूरा करने के लिए गंगाजल की शपथ लिए थे। 2018 के विधानसभा चुनाव में घोषणा पत्र के 36 बिंदु मेंं से किए गए वादा में से 22 बिंदुओं पर अब तक सरकार काम पूरा कर चुकी है। कांग्रेस को राज्य में 5 साल के लिए तीन चौथाई बहुमत से जनादेश मिला है । कांग्रेस अपने 2018 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र का एक-एक वादा 5 साल के भीतर पूरा करेगी। गंगाजल को भारत में बहुत पवित्र माना जाता है और भाजपा की ओर से झूठ बोलने के लिए गंगा माता के नाम का दुरुपयोग किए जाने की कांग्रेस कड़ी निंदा करती है।

 

27-05-2020
कमलनाथ ने कहा, अभी तो सिर्फ इंटरवल है, उपचुनाव में हम जीतेंगे 22 सीट

छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के 22 विधायकों ने इस्तीफा दिया। दो विधानसभा सीट पहले से ही खाली थे। यानी कुल 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद राज्य की सत्ता गवाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को कहा कि वर्तमान सरकार तो एक 'इंटरवल' के समान है, 'पिक्चर' तो अभी बाकी है।कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में मीडिया के सवालों के जवाब में यह टिप्पणी की। अपने गृह नगर में पूर्व मुख्यमंत्री ने अन्य सवालों के जवाब में दावा करते हुए कहा कि राज्य में आगामी समय में होने वाले 24 विधानसभा उपचुनावों में कांग्रेस कम से कम 22 सीटों पर विजय हासिल करेगी।एक अन्य सवाल के जवाब में कमलनाथ ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले के विकास कार्यों के लिए जो निविदाएं हुई हैं, उनकी सरकार जांच करा ले, हमें कोई एतराज नहीं है।

राज्य में कोरोना को लेकर मौजूदा हालातों के बारे में उन्होंने कहा कि हमने सरकार में रहते हुए इससे लड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए थे। उस समय भाजपा नेता ही इसे हल्के में ले रहे थे।कांग्रेस के 22 विधायकों के त्यागपत्र देने के बाद भाजपा में शामिल होने पर तंज कसते हुए कमलनाथ ने कहा,'आज मतदाता इन 22 सीटों में समझ रहा है कि किस प्रकार का धोखा उनके साथ हुआ। किस प्रकार कांग्रेस के 22 विधायक लालच से (भाजपा में) गए।' उन्होंने इन उपचुनावों के बाद मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार का गिरने का दावा करते हुए कहा,'जीतना तो छोड़िए, इनको उपचुनाव में मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।

27-05-2020
भाजपा ने छत्तीसगढ़ सरकार पर लापरवाही का लगाया आरोप, 10 सवालों के मांगे जवाब...

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना के बढ़ते मामलों पर भाजपा ने प्रदेश सरकार को घेरने की कोशिश की है। भारतीय जनता पार्टी के सरकार पर कोरोना संक्रमण इस दौर में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर 10 सवाल पूछे हैं। भाजपा ने पूछा कि,
- प्रदेश में हो रही कोरोना संदिग्ध मौतों पर सरकार मौन क्यों?
- क्वारेंटाइन सेंटर्स क्यों मौत के केंद्र बनते जा रहे?
- क्वारेंटाइन सेंटर्स से लोग भाग क्यों रहे?
- क्वारेंटाइन सेंटर्स को संचालित कर रही पंचायतों को पैसों का आवंटन क्यों नही?
- रैपिड टेस्ट के माध्यम से मजदूरों की तुंरत जाँच क्यों नही?
- क्वारेंटाइन व्यक्ति पास बनवाकर प.बंगाल जाकर आया कोई रोक क्यों नहीं सका?
- प्रदेश के सब्जी बाजारों, शराब दुकानों पर आप सामाजिक दूरी के नियम का पालन क्यों नही करवा पा रहे ?
- कोरोना जाँच के लिए लिए सैंपल कूड़ेदान में क्यों फेके जा रहे हैं?
- रद्दी के पेपर में मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार क्यों?
- क्वारेंटाइन सेंटर्स में मजदूरों को ठूसा क्यों जा रहा?

भारतीय जनता पार्टी ने कोरोना के मुद्दे पर प्रदेश सरकार पर लगातार लापरवाही के आरोप लगाए हैं। कोरोना काल में भी राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। इसके बाद अब इंतजार हैं तो कांग्रेस की ओर से भाजपा के सवालों के जवाब का।

 

27-05-2020
मोदी सरकार 2.0 की पहली सालगिरह पर भाजपा झारखंड में करेगी 1000 ऑनलाइन रैली

नई दिल्ली। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने के उपलक्ष में झारखंड प्रदेश भाजपा पूरे राज्य में 1,000 ऑनलाइन रैली करेगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी ने व्यापक जन सम्पर्क के लिए ‘वर्चुअल संवाद’ का माध्यम अपनाया है। इसमें डिजिटल माध्यम से प्रदेश में 1000 ऑनलाइन रैली आयोजित की जाएगी और 20 ऑनलाइन कांफ्रेंस होंगे, जिसे राष्ट्रीय और प्रदेश के नेता संबोधित करेंगे। प्रकाश ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक निर्णय लेने वाली, जन आकांक्षाओ को धरातल पर उतारने वाली मजबूत और लोक कल्याणकारी सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर भाजपा नए तरीके से जनता के बीच उपलब्धियों को लेकर जाएगी। दीपक प्रकाश ने कहा कि आगामी 30 मई को मोदी सरकार-2 का पहला वर्ष पूर्ण हो रहा है और इसी को ध्यान में रखते हुए रैलियों और कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है।

कोरोना संकट के बीच पार्टी ने जन सम्पर्क अभियान का स्वरूप बदला है। पार्टी के कार्यकर्ता सामाजिक दूरी के नियमो का अनुपालन करते हुए ’व्यक्तिगत संपर्क’ के साथ ’डिजिटल संपर्क’ एवम् ’वर्चुअल संवाद’ का भी सहारा लेंगे। प्रकाश ने कहा कि मोदी सरकार-2 के एक वर्ष ऐतिहासिक निर्णय से भरे हैं जिसका भारत का जन मानस लंबे समय से इंतजार कर रहा था। धारा-370 की समाप्ति, एक साथ तीन तलाक के खिलाफ कानून, अयोध्या में भव्य राममंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होना, संशोधित नागरिका कानून से शरणार्थियों को अधिकार प्रदान करना जैसे निर्णयों ने भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक दृष्टि से राष्ट्रीय एकात्मता को और मजबूत किया है। वहीं दूसरी ओर कोरोना संकट के बीच मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने महामारी से लड़ने में महत्वर्पूण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देशानुसार प्रदेश में पार्टी ने लाखों गरीबों, मजदूरों, जरूरतमंदों के बीच सेवा कार्य किये हैं। प्रधानमंत्री ने संकट को भी अवसर में बदलकर ’20 लाख करोड़ रुपए’ के आर्थिक पैकेज के साथ ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने की दिशा में मार्ग प्रशस्त किया है। जिसके केंद्र बिंदु में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती है साथ ही ‘‘लोकल के लिए वोकल’’ बनने का मंत्र भी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री द्वारा लिखित पत्र संदेश को प्रदेश के 35 लाख घरों तक पहुचायेंगे, जिसमें ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने के संकल्प के साथ विश्व कल्याण के लिए सावधानियां एवं अच्छी आदतों के संकल्प का आह्वान है।

27-05-2020
हार्वर्ड के स्वास्थ्य विशेषज्ञ से राहुल ने पूछा- भइया कब आएगी कोरोना की वैक्सीन?

नई दिल्ली। दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस के बीच भारत पर इसके पड़ने वाले असर और इसके कारण किये गये लॉक डाउन को खोलने के उपायों पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हार्वर्ड के स्वास्थ्य विशेषज्ञ आशीष झा और प्रोफेसर योहान से बातचीत की। राहुल गांधी की इस तरह की यह तीसरी बातचीत है। इससे पहले राहुल ने भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन और नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी से बात की थी। राहुल गांधी से बुधवार को बातचीत में हार्वर्ड में स्वास्थ्य विशेषज्ञ आशीष झा ने कहा कि लॉक डाउन के बाद अब जब अर्थव्यवस्था खुल गई है, आपको भरोसा पैदा करना होगा। झा ने कहा कि कोविड-19, 12 से 18 महीने की समस्या है, इससे 2021 से पहले छुटकारा नहीं मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में बहुत तेजी से जांच करने की रणनीति की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ झा ने कहा कि हम बड़ी वैश्विक महामारियों के दौर में प्रवेश कर रहे हैं, हम जो वैश्विक महामारी देख रहे हैं, वह आखिरी नहीं है। इस दौरान राहुल ने पूछा कि ' ये भइया बताइए कि वैक्सीन कब आएगी?' इसके जवाब में झा ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि अगले साल तक वैक्सीन आ जाएगी। बातचीत के दौरान राहुल ने कहा कि मैंने कुछ नौकरशाहों से पूछा है कि टेस्टिंग की संख्या कम क्यों है? उनका कहना है कि यदि आप टेस्टिंग के नंबर्स को बढ़ाएंगे तो इससे लोगों में डर बढ़ेगा। हालांकि उन्होंने जो कहा वह आधिकारिक तौर पर नहीं कहा। इस बातचीत के दौरान स्वीडन के स्वास्थ्य विशेषज्ञ प्रोफेसर योहान ने राहुल गांधी से कहा कि भारत में सॉफ्ट लॉक डाउन होना चाहिए।

26-05-2020
28 मई को कांग्रेस का ऑनलाइन अभियान,केन्द्र सरकार से करेंगे मांग  

रायपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार 28 मई को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक देश के सभी राज्यों में बड़े पैमाने पर ऑनलाइन अभियान आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। कांग्रेस पदाधिकारी, सांसद,विधायक, कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो के माध्यम से केन्द्र सरकार के समक्ष विरोध दर्ज कराते हुए मांगों को रखेंगे। सभी जिला, ब्लॉक और मोर्चा संगठनों के अध्यक्षों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि निर्धारित समय पर संबधित क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता आनलाइन लाइव में मांगों को उठाएंगे। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि प्रवासी, कामगारों, किसानों, अंसगठित क्षेत्रों में काम करने वालों,एमएसएमई, लघु उद्योग,मछुआरों और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की संख्या गंभीर संकट में है। वे पैसे,भोजन,नौकरी और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बिना संघर्ष कर रहे हैं। दो महीने की देशव्यापी तालाबंदी  में देश के लाखों प्रवासी पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की तस्वीरों और वीडियो से हर देशवासियों को पीड़ा हुई है। ये लाखों-करोड़ों मजदूर अपने घरगांव वापस आने की कोशिश कर रहे हैं। राजमार्गों पर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलनें से लेकर ट्रक,ट्रेलर और परिवहन के हर रूप में पैकिंग करने तक इनमें से अनेक लोगों की लंबी यात्रा के दौरान बीमारी और दुर्घटनाओं से भी मृत्यु हुई। त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने केन्द्र सरकार से मांग करने का फैसला लिया है कि देश के ऐसे नागरिक, जो आयकरदाता नहीं है,प्रत्येक परिवारों को 10 हजार रुपए का प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण तुरंत करें।

26-05-2020
किसको बचाने मोदी सरकार झीरम की फाइल वापस नहीं कर रही: कांग्रेस

 

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और अन्य भाजपा नेताओं के झीरम नरसंहार को लेकर दिए बयानों का कांग्रेस ने पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के सदस्य व वरिष्ठ प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि डॉ.रमन सिंह के नीयत में खोट नहीं है तो मोदी सरकार को कहे झीरम की फाइल राज्य सरकार को वापस करें। इससे झीरम की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी अपना काम कर सके। झीरम रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते तत्कालीन भाजपा सरकार के माथे पर बेगुनाहों के खून का लगा वह दाग है,जो कोरी बयानबाजी से नहीं मिट सकेगा। क्या कारण है झीरम की जांच नहीं होने दी जा रही ? जब बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचे एनआईए ने झीरम की जांच बंद कर दी,तब भाजपा की केंद्र सरकार मामले की फाइल क्यों वापस नहीं कर रही है ? आखिर किसको बचाने या कौन सा तथ्य छुपाने झीरम की जांच फिर से शुरू करने में भाजपा की केंद्र सरकार अड़ंगेबाजी लगा रही है ? कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा किसके आदेश पर हटाई गई थी? हत्यारों ने शहीद नंदकुमार पटेल,शहीद दिनेश पटेल की शिनाख्त कर के हत्या क्यों की ? ऐसे अनगिनत सवाल है, जिनका जबाब प्रदेश की जनता जनना चाहती है। इन सवालों के जबाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आएंगे।

26-05-2020
छत्तीसगढ़ सरकार और कांग्रेस का सार्वजनिक कार्यक्रम करना लोगों को उकसाने की साजिश से कम नहीं : भाजपा

रायपुर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीचंद सुंदरानी ने प्रदेश सरकार और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जारी लॉक डाउन की हदें पार करने का आरोप लगाया है। सुंदरानी ने कहा कि लॉक डाउन-4 में प्रदेश सरकार जिस तरह केंद्र सरकार की जारी गाइडलाइन का उल्लंघन कर रही है, वह कोरोना संक्रमण के फैलाव की आशंकाओं को बल देने के लिए पर्याप्त है। लॉक डाउन के मद्देनजर जारी गाइडलाइन का यदि सरकार और सत्तारूढ़ दल का नेतृत्व ही पालन नहीं कर रहा है तो फिर प्रदेश के लोगों से उस गाइड लाइन का पालन कैसे कराया जा सकेगा? प्रदेश सरकार और कांग्रेस नेताओं का यह आचरण भविष्य में लॉक डाउन को तोड़ने के लिए लोगों को उकसाने की साजिश से कम नहीं माना जा सकता।सुंदरानी ने कहा कि सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम और कांग्रेस सांसद दीपक बैज ने क्रमश: राजधानी रायपुर, कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र और झीरम घाटी में लॉक डाउन की गाइड लाइन को ताक पर रखकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में खुलकर शिरकत की। इसी तरह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मरकाम ने अपने विधानसभा क्षेत्र में भ्रमण कर विभिन्न कार्यों के लिए भूमिपूजन किया। बस्तर सांसद बैज ने तो झीरम घाटी के उस घटनास्थल पर श्रद्धांजलि का कार्यक्रम रखा जहाँ सात साल पहले नक्सलियों के हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेता शहीद हुए थे।सुंदरानी ने बताया कि रायपुर के मंचीय कार्यक्रम में काफी संख्या में लोग जुटे थे। झीरम के कार्यक्रम में भी लगभग 80 से अधिक लोगों के शरीक होने की सूचना है। कोंडागाँव क्षेत्र में हुए भूमिपूजन कार्यक्रमों में वहां के विधाय और कांग्रेस अध्यक्ष ने भी गाइडलाइन के निदेर्शों को दरकिनार रखा। इन सभी कार्यक्रमों में न तो मास्क की अनिवार्यता का पालन किया गया और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का के प्रति कोई गंभीर रहा।

 

26-05-2020
निर्मला सीतारमण के ड्रामेबाजी वाले तंज पर राहुल गांधी का पलटवार, कही यह बात...

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के तंज का जवाब दिया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के  प्रवासी मजदूरों के साथ वाली तस्वीर पर तंज करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा था, वे ड्रामेबाजी करते हैं,अगर सीरियस होते तो उनका कुछ बोझ उठा लेते।' राहुल गांधी ने जब आज वीडियो कांफ्रेंस में इसपर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, अगर इजाजत मिले तो वह 10-15 मजदूरों का बैग उठाकर पैदल उत्तर प्रदेश निकल जाऐंगे। राहुल गांधी ने कहा, अगर वे मुझे परमिशन दें तो मैं जरूर बैग उठाकर ले जाऊं।' कांग्रेस ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर भी राहुल गांधी के इस बयान को साझा किया है। राहुल गांधी ने कहा, 'मजदूरों से बातचीत करने का मेरा लक्ष्य है, उनके दिल के भाव समझना। उनकी जानकारी से मुझे फायदा मिलता है। बाकी मैं मदद करता रहता हूं। रही बात बैग उठाने की, तो वो अनुमति दे तो मैं एक नहीं 10-15 के बैग उठाकर ले जाऊंगा।'

 

 

Please Wait... News Loading