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English Medium : सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल में बच्चों व पालकों ने जड़ा ताला

गरियाबंद। जिले के विकास खंड मुख्यालय फिंगेश्वर में संचालित सरकारी बालक शाला इंग्लिस  मीडियम प्राइमरी स्कूल में विगत 2 माह से शिक्षको की कमी को लेकर आज बच्चों के साथ शिक्षको ने ताला जड़ कर स्कूल का बहिष्कार कर दिए है और जमकर शासन प्रशासन के खिलाफ नारे बाजी कर रहे है।

आज सुबह जब बच्चे स्कूल पहुचे तो बच्चों के साथ पहल भी स्कूल पहुचे और लगातार विगत कई माह से शिक्षकों की कमी और बच्चों की भविष्य को देखते हुए स्कूल के गेट में ताला जड़ कर हंगामा शुरू कर दिए।

आनन फानन में पहुंचे अधिकारी

मामले की जानकारी जैसे ही शिक्षा विभाग को मिली मौके पर आनन फानन में जिला शिक्षा अधिकारी एस.एल. ओगरे के साथ विकास खंड शिक्षा अधिकारी अजीत सिंग जाट स्कूल पहुंच कर पालको के साथ चर्चा करते हुए पालको को मनाने की कोशिश में लग गए ।

137 बच्चों पर सिर्फ 4 शिक्षक

फिंगेश्वर के शासकीय बालक शाला इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल में 137 बच्चों की दर्ज संख्या है जिनको पढ़ाने में लिए शासन प्रशासन ने सिर्फ 4 शिक्षक नियुक्त किये है बड़ी हैरानी की बात है जिस हिंदी मीडियम स्कूल को इंग्लिश मीडिया स्कूल में तब्दील किया गया है। वंहा एक भी इंग्लिश मीडियम के शिक्षक नही है और जो शिक्षक है उन्हें शासन प्रशासन द्वारा इंग्लिश पढ़ाने के लिए ट्रेनिग दिया गया है। जो जैसे तैसे बच्चों को इंग्लिश पढ़ाने का काम करते है। 

इंग्लिश मीडियम के पुस्तकें भी काफी लेट में वितरण हुआ

हालात ये है कि इंग्लिश में पुस्तकें भी काफी लेट लतीफ से बच्चों को वितरण किया गया है, बताया जाता है इंग्लिश मीडियम के लिए पुस्तके शिक्षा विभाग में आ चुका था लेकिन विभागी लापरवाही बताया जा रहा है लेट लतीफ वितरण होने का वजह।

पालको को जिला शिक्षा अधिकारी ने दिया आश्वासन फिर खुला स्कूल का ताला

ताला बंदी कि बाद मौके पर पहुचे जिला शिक्षा अधिकारी एस. एल.ओगरे ने मौके पर मौजूद पालको से चर्चा कर एक शिक्षक की व्यकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही जिसके बाद पालको ने ताला खोल दिया है और बच्चे पुनः पढाई शुरू कर दिए है ।

सरकार इंग्लिश मीडियम तो संचालित कर दी है पर क्यों शिक्षकों की व्यवस्था नही की आज दो माह बीत जाने के बाद भी शिक्षको के अभाव की वजह से बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रहा है। हैरानी की बात यह है इंग्लिश मीडियम में  इंग्लिश मीडियम पढ़ाने वाले शिक्षक ही नही है जो शिक्षक है वो सिर्फ हिंदी मीडिया के ही है जो अपने क्षमता अनुसार बच्चों को इंग्लिश की पढ़ाई करवाते है ।

अगर सरकार समय रहते इंग्लिश मीडियम में शिक्षको की व्यवस्था नही की तो बच्चो की भविष्य में भारी प्रभाव पड़ सकता है जिसका आखिर जिम्मेदार कौन होगा सब से बड़ा सवाल बन कर खड़े हो रहा है ।

 
State Information Commission : राज्य सूचना आयोग कार्यालय 23 अगस्त से नया रायपुर में

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग का कार्यालय गुरूवार 23 अगस्त से नया रायपुर के सेक्टर 19 नार्थ ब्लॉक में आयोग के नये भवन में लगेगा। वर्तमान में यह कार्यालय रायपुर में पुराना मंत्रालय के पास लग रहा है। आयोग से संबंधित समस्त कार्य 23 अगस्त से नये कार्यालय में होंगे। 

मुख्य सूचना आयुक्त एमके राउत ने आज यहां बताया कि 23 अगस्त से नया रायपुर के नये कार्यालय में आयोग में प्रस्तुत अपील और शिकायत प्रकरणों की नियमित सुनवाई प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अपील और शिकायत प्रकरणों के पंजीयन, सूचना प्राप्ति के लिए आवेदन लेने के कार्य, सूचना पत्रों के आवक-जावक सहित आयोग कार्यालय की स्थापना और लेखा संबंधी सभी कार्य 23 अगस्त से नये कार्यालय में शुरू हो जाएंगे। 

 

CH / NEWS
12:24pm

भिलाई समेत रायपुर में डेंगू से 24 मौत हो चुकी है, लेकिन नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि शहर के खाली प्लाट में बारिश की पानी भर गया है, इसे निकालने के लिए किसी प्रकार से व्यवस्था नहीं की है। जबकि आज रायपुर के महापौर प्रमोद दुबे डेंगू को लेकर शहर का निरीक्षण भी किया है। 
 

Kerala flood : केरल के बाद अब कर्नाटक पर बाढ़ का खतरा... 
मौसम विज्ञानियों ने चेताया, ग्लोबल वॉर्मिंग को बताया जा रहा कारण
Forest Department: वाहन की ठोकर से चीतल घायल, घंटे भर तड़पता रहा चीतल, तब पहुंचा वन विभाग का अमला

बिलासपुर। बिलासपुर के बकसाही डोंगनाला के पास अज्ञात वाहन ने चीतल को ठोकर मार दी। चीतल गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना को लेकर वन विभाग लापरवाह दिखा। करीब एक घंटे से ज्यादा के समय बाद वन विभाग की टीम पहुंची। इस मामले पर क्षेत्रीय वन अधिकारी से बात करने पर उन्होने कही कि चीतल को किसी अज्ञात वाहन ने ठोकर मारी है जिससे चीतल का एक पैर टूट गया है और गंभीर चोटे भी आई है। गंभीरता को देखते हुए चीतल का इलाज की जा रही है और कुछ दिनों में ठीक होने की बात कह रहे हैं।

बता दें कि बीती रात अज्ञात वाहन ने चीतल को ठोकर मार दी। जिससे चीतल का एक पैर टूट गया है और गंभीर चोटे भी आई है। इस मामले में वन विभाग की लापरवाही सामने आई। सूचना मिलने के बाद भी वन विभाग की टीम 1 घंटे से ज्यादा समय बाद घटनास्थल पर पहुंची।

Teaching Staff: कोर्ट में दायर हुई अवमानना याचिका तो जागे बालोद के जिला पंचायत सीईओ, मांगा पंचायत विभाग से निर्देश

बिलासपुर। शिक्षाकर्मी अपने हक के लिए लड़ते हुए कैसी-कैसी मुसीबतों का सामना करते हैं अगर उसे समझना है तो इन दो पत्रों को देखिए । एक जो हाईकोर्ट द्वारा दिया गया ऑर्डर है और दूसरा जो जिला पंचायत सीईओ द्वारा संचालक पंचायत को लिखा गया पत्र है।  
पंचायत विभाग के अंतर्गत व्याख्याता पंचायत के पद पर कार्यरत प्रणिता साहू ने अपने अधिकारों के प्रति सजगता दिखाते हुए उच्च न्यायालय में निम्न पद से उच्च पद वाले मामले में अपने वकील सी जे के राव के माध्यम से याचिका दायर की थी जिसमें उच्च न्यायालय ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए अभ्यर्थी को लाभ देने का आदेश जारी किया था और यह आदेश 3 जनवरी 2018 को जारी किया गया था यानी आदेश जारी किए हुए 7 माह से भी अधिक का समय गुजर चुका है बावजूद इसके उन्हें किसी प्रकार का कोई लाभ नहीं दिया गया।

जिसके बाद उन्होंने अपने वकील के माध्यम से न्यायालय में जिला पंचायत सीईओ राजेंद्र कटारा के खिलाफ अवमानना याचिका दायर किया , कोर्ट ने भी पाया कि भले ही निश्चित समय अवधि में लाभ देने की बात आदेश में नहीं की गई थी किंतु 6 महीने का समय अपने आप में इसके लिए पर्याप्त होता है और 6 महीने में फैसला न लेकर आदेश की अवहेलना की गई है लेकिन अवमानना के केस में कार्रवाई करने से पहले सीईओ को एक बार फिर 30 दिनों का समय दिया गया है ताकि वह इस पर अंतिम निर्णय लेते हुए याचिकाकर्ता को लाभ प्रदान कर सकें और यदि ऐसा नहीं होता है तो फिर यह माना जाएगा कि जानबूझकर कोर्ट के निर्णय की अवहेलना की जा रही है और इसके बाद याचिकाकर्ता द्वारा अपील करने पर अवमानना प्रकरण की सुनवाई की जाएगी । 

आखिरकार 6 माह के बाद भी जिला पंचायत सीईओ ने क्यों नहीं किया निर्णय !

कोर्ट द्वारा जारी किए गए इस आदेश के बाद अब जिला पंचायत सीईओ राजेंद्र कटारा ने ऐसे ही कई प्रकरणों से संबंधित मामलों को लेकर संचालक पंचायत को पत्र लिखकर कुछ बिंदुओं पर जानकारी मांगी है, लेकिन ताज्जुब का विषय यह है की हाईकोर्ट से स्पष्ट आदेश जारी होने के बाद अभी तक जिला पंचायत सीईओ ने इस संबंध में संचालक पंचायत से दिशा निर्देश क्यों नहीं लिया था और क्यों जानबूझकर ऐसी स्थिति बनाई गई कि याचिकाकर्ता को फिर से न्यायालय के शरण में जाना पड़ा ।

कुल मिलाकर इससे यह तो साफ है कि न्यायालय से जीतकर आने के बाद भी शिक्षाकर्मियों को वह न्याय सीधे तरीके से नहीं मिल पाता जिसके वह हकदार होते हैं और यही कारण है की हाईकोर्ट में बड़ी तादाद में शिक्षाकर्मियों के केस दायर होते हैं जिससे कहीं ना कहीं उच्च न्यायालय का कार्य भी प्रभावित होता है क्योंकि उच्च न्यायालय को ऐसे प्रकरणों की सुनवाई करनी पड़ती है जिसमें विभाग को स्वत: संज्ञान लेते हुए आदेश जारी कर देना चाहिए बहरहाल देखना होगा की अवमानना याचिका प्रकरण दर्ज होने के बाद और 30 दिनों की फिर से एक बार रियायत पाने के बाद बालोद जिला पंचायत सीईओ इस विषय में क्या निर्णय लेते हैं ।

 

 

Shooting Competition : राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतिस्पर्धा में पत्रकारों ने भी दिखाए जौहर, थामा पिस्टल, लगाया निशाना 

रायपुर। राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतिस्पर्धा में प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकारों ने भी अपने जौहर दिखाएं। एयर राइफल 10 मीटर, एयर पिस्टल 10 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल की श्रेणी में पत्रकारों ने भी हाथों में पिस्टल थाम शूटिंग रेंज पर गोलियां दागी। वरिष्ठ पत्रकार विशाल यादव, प्रियंका कौशल, रुचिर गर्ग, अनिल पवार समेत अन्य पत्रकारों ने शूटिंग प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया।

बता दें कि इस प्रतियोगिता में 223 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है। इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की सहभागिता ने कार्यक्रम के संयोजकों को काफी प्रोत्साहित किया है। इस खेल को प्रदेश में लोकप्रिय बनाने सीपीआरए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। वीरेंद्र सिंह, यासीन सिद्दीक , अमित ठाकुर, कोमल श्रीवास के बाद सभी श्रेणियों के मैच में परिणाम आने की स्थिति में आ गए हैं। बिलासपुर के उप पुलिस अधीक्षक ओरेगन खान स्पर्धा से अब बाहर हो गए हैं।

 

 

 

Teachers Day: शिक्षक दिवस के अवसर पर 37 शिक्षकों को इस बार मिलेगा राज्यपाल पुरस्कार, सम्मानित शिक्षकों की सूची जारी

बिलासपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर हर साल की तरह इस बार भी प्रदेश के बहुत से शिक्षक राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किए जाएंगे, सम्मानित होने वाले शिक्षकों की संख्या इस बार 37 रहेगी जिसके लिए विभाग द्वारा सूची जारी कर दी गई है ।

चयनित होने वाले शिक्षकों को 3 सितंबर को राजधानी बुलाया गया है जहां उनके रहने खाने की व्यवस्था की गई है, 4 तारीख को कार्यक्रम का रिहर्सल किया जाएगा और 5 तारीख को चयनित शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा पूर्व में खड़े हुए विवादों को देखते हुए शिक्षकों को वेशभूषा के संबंध में भी आदेश जारी किया गया है और यह स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकीय पेशे को निरूपित करने वाला ही वेशभूषा धारण करके आए , प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी राज्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन 5 सितंबर 2018 को राज भवन स्थित दरबार हॉल में किया जाएगा ।

सभी जिला शिक्षा अधिकारी को लोक शिक्षण संचनालय द्वारा जारी पत्र में निर्देशित किया गया है कि सम्मानित होने वाले शिक्षकों को 3 सितंबर तक उपस्थिति सुनिश्चित किया जाए एवं सम्मान समारोह के 1 दिन पूर्व 4 सितंबर को सम्मान समारोह के लिए चयनित शिक्षकों का रिहर्सल किया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम 5 सितंबर को राजभवन के दरबार हाल में प्रातः 11:00 बजे माननीय राज्यपाल, माननीय मुख्यमंत्री तथा स्कूल शिक्षा मंत्री की उपस्थिति में आयोजित होगा।


Breathe Analyzer : ब्रीथ एनालाईजर से नशेडिय़ों को पकडऩे में पुलिस नाकाम

रायपुर। राजधानी के ट्रैफिक पुलिस नशेड़ी वाहन चालकों के खिलाफ लगाम कसने में नाकाम है। शराब पीकर वाहन चालकों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। जिसके चलते शहर में आए दिन हादसा हो रही है और मरने वालों की संख्या बढ़ रही है।

बता दे कि राजधानी के ट्रैफिक विभाग के पास 40 ब्रीथ एनालाईजर है और प्रत्येक थानों में एक-एक ब्रीथ एनालाईजर दिए हुए है। जिससे राजधानी में सभी थानों के पुलिस अपने-अपने क्षेत्रों में नशेड़ी वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई कर सके। लेकिन कुछ मशीनें खराब है, जिसके चलते कार्रवाई नहीं होने पर वाहन चालक नशे के हालत में फर्राटे से वाहन दौड़ाते है। जिसके कारण राह चलते आम आदमी भी हादसे का शिकार हो रहे है। वहीं राजधानी में ड्रिकिंग एंड ड्राईव के मामले में भी बढ़ गए है। युवा वर्ग ही नहीं नाबालिग भी शराब के नशे में गली कूचों में तेज रफ्तार से बाईक दौड़ा रहे है। जिससे गली में घर के बाहर खेल रहे मासूम इनके चपेट में आकर घायल हो रहे है। बता दे रविवार 19 अगस्त की शाम टिकरापारा थाना क्षेत्र के बृजनगर में रहने वाले चिंताराम मिरी के दो वर्षीय मासूम बालक अपने घर के बाहर खेल रहा था तभी नशेड़ी वाहन चालक के चपेट में आकर बच्चा घायल हो गया। जिसका उपचार आंबेडकर अस्पताल में जारी है।

ब्रीथ एनालाईजर से होने वाले कार्रवाई पर एक नजर

ब्रीथ एनालाईजर से होने वाले कार्रवाई पर एक नजर देखे तो आए दिन कार्रवाई में बढ़ोत्तरी देखी गई है। वर्ष 2015 में 188 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई है तो वहीं 2016 में बढ़कर कार्रवाई 528 पर पहुंच गई। इसी तरह वर्ष 2017 में घटकर 350 हो गई। जिसके बाद अभी 6 माह में कार्रवाई से फिर बढ़कर 1 हजार की संख्या तक पहुंच गई है। पुलिस ने बताया कि ब्रीथ एनालाईजर से कार्रवाई करने के बाद सीधे गाड़ी जब्त कर वाहन चालक को गिरफ्तार करते है और कोर्ट से फाईन होता है।

वर्जन- एडिशनल एसपी ट्रैफिक बलराम हिरवानी

शहर में हादसे न हो इसके लिए शराब के नशे में वाहन चला रहे लोगों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और यह हमेशा जारी रहेगा।

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