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17-11-2019
मार्च तक बिक जाएगी एयर इंडिया, बीपीसीएल : केंद्रीय वित्त मंत्री

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा देश की दूसरी सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और विमानन कंपनी एयर इंडिया को बेचने की प्रक्रिया पूरी कर लेगी। वित्त मंत्री कहा कि अगले साल की शुरुआत में ही ये दोनों काम पूरे हो जाने की उम्मीद है। सरकार को इन दो कंपनियों को बेचने से इस वित्त वर्ष में 1 लाख करोड़ का फायदा होगा। दोनों कंपनियां जल्द की निजी हाथों में चली जाएंगी। रिपोर्ट के मुताबिक, सीतारमण ने कहा, एयर इंडिया की बिक्री प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही निवेशकों में उत्साह देखा गया है। पिछले साल निवेशकों ने एयर इंडिया को खरीदने में ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया था इसलिए इसे नहीं बेचा जा सका था। बता दें कि मौजूदा वित्त वर्ष में कर संग्रह में गिरावट को देखते हुए सरकार विनिवेश और स्ट्रैटजिक सेल के जरिए रेवेन्यू जुटाना चाहती है।

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए समय पर जरूरी कदम उठाए गए हैं और कई क्षेत्र अब सुस्ती से बाहर निकल रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई उद्योगों से कहा गया है कि वे अपनी बैलेंस शीट में सुधार करें और उनमें से कई नए निवेश की तैयारी कर रहे हैं। निर्मला सीतारमण ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कुछ क्षेत्रों में सुधार से जीएसटी कलेक्शन बढ़ेगा। इसके अलावा सुधार के कदमों से भी टैक्स कलेक्शन बढ़ सकता है। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने एस्सार स्टील पर जो फैसला सुनाया है इससे काफी सुधार देखने को मिला है और अगली तिमाही में इसका प्रभाव बैंकों की बैलेंस शीट पर देखने को मिलेगा।

17-11-2019
दिल्ली में वायु गुणवत्ता में आया सुधार, एक्यूआई 254 किया गया दर्ज

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लोगों को रविवार को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली और वायु गुणवत्ता सुधार के साथ ‘गंभीर’ श्रेणी से ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गयी। रविवार को सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 254 दर्ज किया गया जबकि इसी समय शनिवार को यह 412 था। फरीदाबाद में यह सूचकांक 228, गाजियाबाद में 241, ग्रेटर नोएडा में 192, नोएडा में 224 और गुड़गांव में 193 दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता 201-300 के बीच ‘खराब’ मानी जाती है। वहीं 301-400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401-500 के बीच ‘गंभीर’ मानी जाती है। राष्ट्रीय राजधानी का न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि आर्द्रता का स्तर 71 फीसदी था। मौसम वैज्ञानिकों ने दिन में आकाश साफ रहने और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना जाहिर की है। दिल्ली में शुक्रवार तक लगातार चार दिन गहन धुंध छायी रही क्योंकि मौसम के अनुकूल नहीं होने की वजह से प्रदूषक कणों के बिखराव में बाधा आ रही थी। वायु गुणवत्ता सूचकांक शनिवार शाम चार बजे 357 दर्ज की गई थी।

17-11-2019
पहले घूमता था गलियों में, अब पुलिस श्वान दल की शान बना

देहरादून। गलियों में घूमने वाला आवारा डॉगी, आज पुलिस के श्वान दल की शान बना हुआ है। जी हां, देश में पहली बार यह प्रयोग किया है उत्तराखंड पुलिस ने। सड़कों पर आवारा घूमने वाले डॉगी को पुलिस की ट्रेनिंग दी तो वह नामी नस्लों के लाखों रुपये के दाम वाले डॉगी से कहीं आगे निकला। अब यह डॉगी उत्तराखंड पुलिस का सबसे फुर्तीला स्निफर डॉग है। उत्तराखंड पुलिस ने इसकी सूंघने की खूबी को अपनी ताकत बनाया और अपनी डॉग स्क्वाड का हिस्सा बना लिया। इस स्निफर डॉग का नाम ‘ठेंगा’ रखा गया है। ‘ठेंगा’ विदेशी और विलायती डॉगी को ही पुलिस में परंपरागत भर्ती के स्थापित नार्म्स को तोड़ता है। देश में पहली बार उत्तराखंड पुलिस ने गली के स्ट्रीट डॉग को श्वान दल में शामिल करने का प्रयोग किया है।

ठेंगा को पालने में नहीं ज्यादा खर्च

अब तक बेल्जियम, जर्मन शैफर्ड, लैबरा, गोल्डन रिटीवर आदि विदेशी नस्ल के कुत्तों को ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के श्वान दल का हिस्सा होते थे, जिन्हें 30 से लेकर 70 हजार रुपये में खरीदा जाता था। इनकी ट्रेनिंग में काफी खर्च आता है। अमूमन आम घराें में भी गली के बजाय विदेशी नस्ल के कुत्ताें को ड्राइंग रूम का हिस्सा बनाया जाता है। आईजी संजय गुंज्याल ने इस मिथक को तोड़कर एक गली से दो माह के कुत्ते को उठाकर श्वान दल को सौंपा था। करीब छह माह के प्रशिक्षण के बाद ठेंगा विदेशी नस्ल के कुत्तों को मात दे रहा है। श्वान दल के प्रशिक्षक कमलेश पंत और प्रेम वल्लभ बताते हैं कि ठेंगा को पालने में ज्यादा खर्च नहीं आया। खाने में कुछ भी दे दिया जाए, सब पचा लेता है। प्रशिक्षण की अवधि में ठेंगा एक बार भी बीमार नहीं हुआ है। जबकि विदेशी नस्ल के कुत्तों के रख-रखाव में काफी दिक्कत आती है। कई तरह की बीमारी के चलते दवा के साथ उनका ट्रीटमेंट करना पड़ता है।

स्थापना दिवस परेड में किया अद्भुत प्रदर्शन

आमतौर पर सभी स्निफर डॉग की ट्रेनिंग आईटीबीपी ट्रेनिंग सेंटर में होती है। लेकिन ठेंगा की ट्रेनिंग देहरादून में ही हुई है। नौ नवंबर को पुलिस लाइन में हुई स्थापना दिवस परेड में ठेंगा अपने काबलियत प्रदर्शित कर चुका है। आग के गोलों से निकलने के साथ अल्प प्रशिक्षण में साक्ष्य को सूंघकर अपराधियों तक पहुंचने के कौशल को देखकर श्वान विशेषज्ञ भी दंग है। परेड के दौरान ठेंगा ने अपराधी के छूटे हुए साक्ष्य को सूंघकर अपनी विशेष क्षमता के बल पर छुपे अपराधी को खोज निकाला।  

ठेंगा को देखने कई राज्यों की टीम आएंगी

दिल्ली में शुक्रवार को हुई दिल्ली, बिहार, उत्तराखंड, आसाम आदि राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक में ठेंगा का सफल प्रयोग सुर्खियों में रहा। उत्तराखंड के प्रतिनिधि के तौर पर बैठक में शामिल आईजी संजय गुंज्याल ने बताया कि इस नए प्रयोग को लेकर बैठक में चर्चा हुई। कई राज्यों के प्रतिनिधि जल्द देहरादून आकर इस सफल प्रयोग का अवलोकन करेंगे।

ठेंगा नाम रखने के पीछे एक पौराणिक कथा को प्रतीक में लिया है। ठेंगा उस कटे हुए एकलव्य के अंगूठे से है जो ऐसे समाज में जहां राजपरिवार या अर्जुन को अजेय और सर्वश्रेष्ठ बनाने की जिद में तार्किकता और न्याय का दम घोटा जाता है। जो कहीं न कहीं सामाजिक असमानता को पोषित करने का दोषी भी है। गुरु द्रोण के इस सिस्टम में एक लायक को उस इनायत का हकदार नहीं बनाया गया, क्योंकि वह एक भील या निषाद वर्ग से था। उस असमानता को नियति मानने से इनकार करता विद्रोही सोच वाला वह निर्जीव सा दिखने वाला अंगूठा आज उस सोच को ठेंगा दिखाने की कोशिश में पुलिस के सिपाही बनने के लिए प्रशिक्षणाधीन है। इस प्रशिक्षण से ठेंगा की घ्राणशक्ति को यकीनन एक दिशा और दशा मिली है ।
 
-संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आधुनिकीकरण 

 

17-11-2019
जूता कारखाना में लगी भीषण आग, 24 दमकल गाड़ियों ने पाया काबू

नई दिल्ली। दिल्ली के नरेला में एक जूता कारखाने में शनिवार देर रात आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि उसे बुझाने के लिए दमकल की 24 गाड़ियों को भेजा गया। अधिकारियों ने रविवार सुबह यह जानकारी दी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि आग जूता कारखाने के भूमिगत तल, भूतल और ऊपर की दो मंजिलों तक फैल गई। घटना के बारे में सूचना देर रात करीब 12 बजकर 45 मिनट पर मिली। उन्होंने बताया कि दमकल की 24 गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया, जिनकी मदद से आग को काबू में किया गया।

17-11-2019
भारतीय सेना ने किया युद्ध अभ्यास, सिंधु सुदर्शन एक्सरसाइज में दिखाया दम

नई दिल्ली। राजस्थान के बाड़मेर में सेना के जवानों ने युद्ध लड़ने का अभ्यास किया। 200 किलोमीटर के दायरे में सिंधु सुदर्शन एक्सरसाइज़ हुई। सिंधु सुदर्शन एक्सरसाइज़ में सेना की स्ट्राइक कोर ने दुश्मन के इलाक़े को घेरने, 100 किलोमीटर तक घुसने और उसकी जमीन पर कब्जा करने का अभ्यास किया है। इसके लिए दुश्मन के इलाके में हेलीकॉप्टर से उतरने की प्रैक्टिस भी की गई। बता दें कि बाड़मेर से पाकिस्तान की सीमा 200 किलोमीटर दूर ही है और सेना भी यह अभ्यास 200 किलोमीटर के दायरे में ही कर रही है। सिंधु सुदर्शन एक्सरसाइज़ में 300 टैंक, 400 बख़्तरबंद गाड़ियां और 300 तोपें शामिल की गई। इसके अलावा पिनाका और बीएम-21 ग्रैड मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर का भी इस्तेमाल किया गया है। टी-90 टैंक हर 8 सेकेंड में एक गोला दाग़ता है, यानी हर मिनट में 7 गोले फायर कर सकता है। वहीं के-9 वज्र एक मिनट में 8 गोले दाग़ सकता हैं और पिनाका मल्टी बैरल लॉन्चर 12 रॉकेट दाग़ता है। इसके अलावा बीएम-21 ग्रैड 20 सेकेंड में 40 रॉकेट लॉन्च करता है। इनके जरिए दुश्मन को खाक में मिलाना और आसान हो जाता है।

17-11-2019
बद्रीनाथ धाम के कपाट आज शाम हो जाएंगे बंद, श्रद्धालुओं का लगा तांता

देहरादून। आस्था के मानक बद्रीनाथ धाम के कपाट रविवार शाम करीब सवा 5 बजे बंद कर दिए जाएंगे। कपाट के बंद होने से पहले यहां दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। विदित हो कि अलकनंदा नदी के किनारे स्थित यह हिन्दू धर्म के चार धामों में शुमार है। यहां भगवान विष्णु 6 माह निद्रा में रहते हैं और 6 माह जागते हैं। बद्रीनाथ मंदिर को बदरीनारायण मंदिर भी कहते हैं, जो कि अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु के रूप बद्रीनाथ को समर्पित है। यह हिन्दुओं के चार धाम में से एक धाम भी है। मंदिर में नर-नारायण विग्रह की पूजा होती है, यहां अखण्ड दीप जलता है, जो कि अचल ज्ञानज्योति का प्रतीक है। बद्रीनाथ पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब गंगा नदी धरती पर अवतरित हुई, तो यह 12 धाराओं में बंट गई। इस स्थान पर मौजूद धारा अलकनंदा के नाम से विख्यात हुई और यह स्थान बद्रीनाथ, भगवान विष्णु का वास बना। भगवान विष्णु की प्रतिमा वाला वर्तमान मंदिर 3,133 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और माना जाता है कि आदि शंकराचार्य ने इसका निर्माण कराया था।

17-11-2019
भालु के हमले से गंभीर रूप से घायल हुई वृद्धा, अंबिकापुर किया गया रेफर

उदयपुर। वन परिक्षेत्र उदयपुर अंतर्गत ग्राम पंडरीपानी में सुबह शौच के लिए बाहर जा रही 50 वर्षीय वृद्ध महिला फुलदे बाई भालू के हमले से गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन घायल महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर लेकर गए। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अंबिकापुर रेफर कर दिया गया है। भालुओं ने महिला के चेहरे, हाथ व अन्य जगहों को नोच डाला। घटना के संबंध में महिला के पुत्र जय सिंह ने बताया कि मां फूलदे बाई और पुत्र अरुण कुमार बंजारा घर के बाहर बने परछी में सो रहे थे। भोर में पांच बजे करीब बाड़ी में बने शौचालय में शौच के लिए निकली तभी बाड़ी में पहले से मौजूद दो भालुओं ने मां पर हमला कर दिया और मां के जबड़ा हाथ तथा अन्य जगहों को नोचने लगे और मां चीखने चिल्लाने लगी। चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर मां के साथ सोये मेरे 12 वर्षीय पुत्र अरुण ने दौड़कर आया तथा घटना की बात बतायी। घायल महिला के पुत्र जय सिंह व उसकी पत्नी ने डंडा से वारकर भालुओं को बमुश्किल जंगल की ओर खदेड़ा। घायल महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए अंबिकापुर रेफर कर दिया गया।

17-11-2019
देश में पहली बार रात में किया गया अग्नि-2 मिसाइल का सफल परीक्षण

नई दिल्ली। भारत ने शनिवार रात को ओडिशा के अब्दुल कलाम द्वीप से सतह से सतह पर मार करने वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (आईआरबीएम) अग्नि-2 का सफल परीक्षण किया। इस मिसाइल की मारक क्षमता 2000 किमी है। रक्षा सूत्रों ने कहा कि सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण समन्वित परीक्षण रेंज (आईटीआर) से किया गया। अग्नि-2 का पिछले साल भी टेस्ट किया गया था। इसकी मारक क्षमता को बढ़ाकर 3 हजार किमी किया जा सकता है। शनिवार को अब्दुल कलाम द्वीप के चार नंबर लांचिंग पैड से रात को अग्नि 2 मिसाइल का परीक्षण किया गया, जो सफल रहा। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के मदद से सेना के सामरिक बल कमान ने परीक्षण को अंजाम दिया। इस मौके पर डीआरडीओ तथा अंतरिम परीक्षण परिषद (आइटीआर) से जुड़े वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अधिकारियों का दल मौजूद था। इस मिसाइल की जद में पाकिस्तान, चीन एवं दक्षिण एशिया के कई देश आ गए हैं।

अग्नि-2 को 2004 में ही सेना में शामिल कर लिया गया था। ये जमीन से जमीन तक मार करने वाली मिसाइल है। 20 मीटर लंबी अग्नि मिसाइल को डीआरडीओ की एडवांस्ड सिस्टम्स लेबोरेटरी ने तैयार किया है। अग्नि को इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत तैयार किया गया है। यह मिसाइल न्यूक्लीयर विस्फोटक ले जाने में सक्षम है और इसकी मारक क्षमता जरूरत पड़ने पर 2000 से बढ़ाकर 3000 किमी तक किया जा सकता है। देश में ही बनाई गई 21 मीटर लंबी, 1 मीटर चौड़ी, 17 टन वजन वाली यह मिसाइल 1000 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जाने की क्षमता रखती है। इसकी मारक क्षमता 2000 किलोमीटर तक है। यह ठोस ईंधन से संचालित बैलेस्टिक मिसाइल है। इस सीरीज अग्नि-1और अग्नि-3 शामिल हैं। अग्नि-2 को पहले ही सेना में शामिल किया जा चुका है। इस पर लगे हाई एक्युरेसी नेविगेशन सिस्टम से सटीक निशाने पर मार किया जा सकता है।

 

17-11-2019
अयोध्या मामला : सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू दाखिल कर सकते है मुस्लिम पक्षकार, अंतिम फैसला आज

नई दिल्ली। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू याचिका दाखिल किए जाने की उम्मीद बढ़ गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बुलावे पर शनिवार को नदवा पहुंचे मुस्लिम पक्षकारों ने रिव्यू दाखिल करने के बोर्ड के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की रविवार को होने वाली बैठक के बाद इसका एलान हो सकता है। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम समुदाय की सर्वोच्च संस्था ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के चेयरमैन मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी की अध्यक्षता में रविवार को नदवा में कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक होने जा रही है। इसमें फैसले के खिलाफ रिव्यू दाखिल करने समेत अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

बोर्ड के पदाधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद की पैरोकारी कर रहे मुस्लिम पक्षकारों को शनिवार को नदवा बुलाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर विचार-विमर्श किया। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ही पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस पर असहमति जताते हुए रिव्यू दाखिल करने की घोषणा की थी। बोर्ड का मानना रहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला कहीं न कहीं आस्था की बुनियाद पर आधारित है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के तमाम साक्ष्यों का संज्ञान लेकर मंदिर तोड़कर मस्जिद का निर्माण न होने की बात स्वीकार की लेकिन अपने फैसले में कहीं न कहीं साक्ष्यों की जगह आस्था को तरजीह दी। बोर्ड मानता है कि रिव्यू दाखिल करना कानूनी प्रक्रिया होने के साथ ही सांविधानिक अधिकार भी है। मुस्लिम पक्षकारों ने बोर्ड के विचारों पर अपनी सहमति जता दी है। बोर्ड की ओर से मुस्लिम पक्षकारों से महासचिव मौलाना वली रहमानी, सचिव मौलाना उमरैन महफूज रहमानी, जफरयाब जीलानी, मौलाना अतीक बस्तवी ने चर्चा की।  

बोर्ड के सचिव एडवोकेट जफरयाब जीलानी ने बताया कि बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब अली के प्रतिनिधि आजम, स्व. हाजी अब्दुल अहद के बेटे हाजी असद, महफूजुर्रहमान और फारूख के बेटे उमर ने रिव्यू दाखिल करने पर सहमति दे दी है। एक पक्षकार मिजबाहुद्दीन किन्हीं कारणों से नदवा नहीं पहुंच पाए, उन्होंने फोन पर अपनी सहमति दी है। स्व. हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी भी नहीं पहुंच सके। उनसे कहा गया है कि अगर वे सहमत हैं तो रविवार को बोर्ड की बैठक में शामिल हों। सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी को भी बैठक में शामिल होने का न्योता भेजा गया है। जीलानी ने बताया कि पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्यों के सामने पक्षकारों की सहमति पर चर्चा की जाएगी। बैठक में कोर्ट में रिव्यू दाखिल करने को लेकर फैसला किया जाएगा। वकालतनामे पर हस्ताक्षर कराए जाने को लेकर उन्होंने बताया कि महफूजुर्रहमान अपना अधिवक्ता बदलना चाहते थे, इसलिए उनसे वकालतनामे पर हस्ताक्षर करवाया गया है।

17-11-2019
गंगा में प्रदूषण फैलाने पर होगी पांच साल की सजा, 50 करोड़ रुपए जुर्माना

नई दिल्ली। गंगा में प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार नया एक्शन प्लान लागू करने विचार कर रही है। सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र दौरान सरकार राष्ट्रीय नदी गंगा (कायाकल्प, संरक्षण और प्रबंधन) विधेयक, 2019 को पेश कर सकती है। इसके तहत अब गंगा में प्रदूषण फैलाने पर पांच साल तक की सजा और 50 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए केंद्र सरकार एक खास तरह की पुलिस फोर्स बनाएगी। इसे 'गंगा प्रोटेक्शन फोर्स' नाम दिया जाएगा। फोर्स के के पास नियमों का उल्लंघन करने वाले शख्स को गिरफ्तार करने और स्थानीय पुलिस स्टेशन को सैंपने की पावर होगी। इसके अलावा नेशनल गंगा काउंसिल भी बनाया जाएगा, जो सीधा प्रधानमंत्री की देख रेख में होगा। पीएम के अलावा इस काउंसिल में उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और झारखंड के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।

जानकारी के मुताबिक, जलशक्ति मंत्रालय ने 13 चैपटर्स वाले बिल की रूपरेखा तैयार कर ली है। बिल को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भी भेज दिया है। इसमें गैरकानूनी निर्माण कार्य, पानी के बहाव को रोकना, गंगा में गंदगी फैलाने जैसे कई प्रावधान शामिल किए गए हैं। इस विधेयक का उद्देश्य गंगा के प्रदूषण को रोकना और नियंत्रित करना है। इसके साथ ही पानी के निरंतर प्रवाह को सुनिश्चित करना है ताकि नदी को उसकी प्राकृतिक अवस्था में वापस लाया जा सके। गंगा प्रदूषण के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार बिना किसी रोकथाम गंगा में गिरता सीवर का पानी है। बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों कल कारखाने भी इसके उतने ही जिम्मेदार हैं। गंगा को प्रदूषित करने में लोगों का भी उतना ही हाथ है। नहाने, कपड़े धोने से लेकर जानवरों को नहलाने तक का काम बिना रोक-टोक किया जाता है। गोमुख से निकलकर गंगा कुल 2525 किलोमीटर का सफर तय करती है। देश के 5 राज्यों के 97 शहरों से गुजरती है।

 

17-11-2019
बाल ठाकरे की पुण्यतिथि आज, श्रद्धांजलि देने कांग्रेस, भाजपा, एनसीपी के नेताओं के पहुंचने की उम्मीद

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल जोर पर है। यहां कवायदों के बीच सरकार बनाने के समीकरण चल रहे हैं। हालांकि सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू है। राज्य में लगे राष्ट्रपति शासन के बीच एनसीपी-कांग्रेस और शिवसेना की ओर से लगातार सरकार बनाने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच आज रविवार को शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की पुण्यतिथि है। शिवसेना की ओर कोशिश की जा रही थी कि कांग्रेस एनसीपी के साथ नई सरकार का एलान आज के दिन ही किया जाए लेकिन शरद पवार ने कह दिया कि इसमें अभी और वक्त लगेगा। पुण्यतिथि पर बालासाहाब ठाकरे के बेटे और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने परिवार सहित शिवाजी पार्क में बने स्मारक पर श्रद्धांजलि देंगे। बाल ठाकरे को श्रद्धांजलि देने के लिए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित बीजेपी के अन्य नेता भी पहुंच सकते हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि कांग्रेस और एनसीपी के भी कुछ नेता भी पहुंचेंगे। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर लगातार एनसीपी-कांग्रेस और शिवसेना नेताओं के बीच चर्चा चल रही है। इसी बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवसेना का ही बनेगा। 

17-11-2019
घायल गौवंश को जगह के आभाव में त्रिपाल लगाकर मैदान में रखा

कोरिया। बैकुंठपुर एसईसीएल स्टेट बैंक के सामने कल रात घायल अवस्था में बैठी एक गौवंश की सूचना जब गौ रक्षा वाहिनी के सदस्यों को मिली तो उन्होंने जाकर देखा तो पता चला कि इस गौ वंश के सामने के पैर में गंभीर चोट लगी हुई है और गाय का पूरा शरीर बुखार से तप रहा था। इसके बाद वाहिनी के सदस्यों ने इसकी जानकारी डॉक्टर शर्मा को दी उन्होंने डॉक्टर शुक्ला को भेज करके गाय का इलाज करवाया। गौ रक्षा वाहिनी के अध्यक्ष अनुराग दुबे ने बताया कि गौ रक्षा वाहिनी के पास कोई भी उचित जगह नहीं रहने के कारण वहीं पर पन्नी लगा करके इस गौवंश को रखा गया है कि कम से कम ओश ना पड़े। क्योंकि गौ रक्षक के पास अब गौवंश को रखने के लिए कोई जगह बची ही नहीं है इससे काफी परेशानियां हो रही है। गौ रक्षा करने में विगत कई वर्षों से जगह की मांग की जा रही है लेकिन आज तक प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली।

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