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21-10-2020
शाहरुख खान के एनजीओ ने छत्तीसगढ़ को दिए 2 हजार पीपीई किट्स, भूपेश बघेल ने दिया धन्यवाद

रायपुर। बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने कोरोना से जंग में छत्तीसगढ़ का सहयोग किया है। शाहरूख खान के एनजीओ मीर फाउंडेशन ने छत्तीसगढ़ के कोरोना वारियर्स के लिए पीपीई किट्स डोनेट किए हैं। छत्तीसगढ़ को मिले 2 हजार पीपीई किट्स के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धन्यवाद दिया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया है कि ''सुप्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान द्वारा संचालित एनजीओ मीर फाउंडेशन ने कोविड-19 से लड़ाई के लिए छत्तीसगढ़ को 2 हजार पीपीई किट्स उपलब्ध कराएं हैं। इस बड़ी लड़ाई में मीर फाउंडेशन के इस योगदान के लिए मैं शुक्रिया अदा करता हूं।''

 

  

 

21-10-2020
धमतरी जिले में आज 104 संक्रमित की पहचान,77 हुए स्वस्थ

धमतरी। जिले में आज 104 कोरोना संक्रमित मरीज मिले है,जिसमें से शहर से फिर 42 मरीजों की पहचान की गई है,साथ ही 77 लोगों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। बुधवार को मिले संक्रमितों में से धमतरी ग्रामीण से 13, कुरूद ब्लाक से 18, नगरी से 16, धमतरी शहर से 42 और मगरलोड से 15 संक्रमित मिले है। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.डीके तुर्रे ने बताया कि आज धमतरी जिले से 106 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं।जिले में अब तक कोरोना मृतकों की संख्या 62 हो चुकी है।

धमतरी शहर
धमतरी शहर से 42 संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है,जिसमें सुंदरगंज वार्ड से 2, बठेनापारा से 4, मोटर स्टैंड वार्ड से 1,टिकरापारा से 1, रेलवे कॉलोनी से 1, बांसपारा आमातालाब रोड से 1, दानीटोला से 2, पुराना बस स्टैंड से 1, राइस मिल से 1, मैत्री विहार कॉलोनी से 1, अंबेडकर चौक से 2 , घड़ी चौक से 1, विंध्यवासिनी वार्ड से 2, महिमा सागर वार्ड से 1, मकेश्वर वार्ड से 1,मराठापारा से 2, सिविल लाइन से 3, सुभाष नगर से 1, सोरीद से 1, चमेली चौक के पास से 1, जालमपुर से 2, सदर दक्षिण से 3, रामबाग से 2 , आमापारा से 3 , स्टेशन रोड से 2 संक्रमित मरीज मिले हैं।

धमतरी ग्रामीण
गुजरा बीएमओ डॉ.वंदना व्यास ने बताया कि आज 13 संक्रमित मरीज मिले हैं,जिसमें देमार से 1, पचपेड़ी से 1,खहामेशरी अरौद डुबान से 1, लोहरसी से 2, कोलयारी मेन रोड से 1, गुजरा से 1, गंगरेल से 1, भाटागांव से 1, करेठा से 1, तरसीवा से 1, संबलपुर से 1, छाती से 1,संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है।

नगरी ब्लॉक
नगरी ब्लॉक के बीएमओ डॉ.डीआर ठाकुर ने बताया कि आज नगरी ब्लॉक से 16 संक्रमित मरीज मिले है,जिसमे बगरूमनाला से 1, नगरी से 5, चारगांव से 1, बेलरगांव से 3, कार्रघंटी से 3 संक्रमित मरीज मिले हैं।
जिले में अब तक मिले कुल संक्रमितों की संख्या 4093 हो चुकी है,जिसमें से एक्टिव केस की संख्या 713 है। धमतरी कोविड-19 अस्पताल में 14 और कोविड-19 केयर सेंटर कुरूद में 7 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। वही आज 77 लोगों को स्वस्थ्य होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है,कुल 3318 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है।

21-10-2020
नियम तोड़ने वालों के खिलाफ निगम टीम ने एक सप्ताह में वसूला 2.50 लाख से अधिक जुर्माना

रायपुर। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए गाइडलाइन का पालन नहीं करने वालों से नगर निगम की टीम ने एक सप्ताह में 252610 रूपए की जुर्माना राशि वसूली है।  निगम टीम ने सभी 10 जोनों में कार्रवाई की है। जोन टीम और पुलिस टीम के संयुक्त रूप से मास्क नहीं पहनने वालों और सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। नगर निगम के अधिकारी विजय पाण्डेय ने बताया कि सभी 10 जोन में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। 12 से 20 अक्टूबर तक 3435 लोगों से 252610 रुपए का जुर्माना वसूला गया।  इसमें 3121 लोगों से मास्क नहीं पहनने पर 222790 रुपए जुर्माना वसूला गया। सार्वजनिक स्थानों में थूककर गंदगी फैलाने वाले 16 लोगों से 1500 रुपए जुर्माना वसूला गया। सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने वाले 376 लोगों से 28440 रुपए का जुर्माना वसूला गया।  

21-10-2020
Breaking:  प्रदेश में मिले 2360 कोरोना मरीज,1852 हुए स्वस्थ,आज केवल 6 और पूर्व में 38 और मौत 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बुधवार को 2360 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई है। 399 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए हैं और 1453 लोगों ने होम आइसोलेशन कंप्लीट किया है। इस तरह आज कुल 1852 मरीज स्वस्थ हुए हैं।  6 मरीजों की मौत हुई है। पूर्व की 38 मौतों की जानकारी विभाग को आज मिली है। यह मौतें दुर्ग,राजनांदगांव,गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के चिकित्सा संस्थानों से संबंधित है। यह जानकारी रात 8 बजे की स्थिति में जारी मेडिकल बुलेटिन में सामने आई है। प्रदेश में एक्टिव केस 25795 है। अब तक 1628 मरीजों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में आज 23544 लोगों की जांच की गई है। प्रदेश में आज दुर्ग जिले से 135, राजनांदगांव से 138, बालोद से 71, बेमेतरा से 47, कबीरधाम से 46, रायपुर से 209, धमतरी से 106, बलौदा बाजार से 56, महासमुंद से 100, गरियाबंद से 22, बिलासपुर से 152, रायगढ़ से 247, कोरबा से 138, जांजगीर-चांपा से 207, मुंगेली से 39, गौरेला पेंड्रा मरवाही से 7, सरगुजा से 38, कोरिया से 54, सूरजपुर से 107, बलरामपुर से 18, जशपुर से 51, बस्तर से 83, कोंडागांव से 40, दंतेवाड़ा से 83, सुकमा से 31, कांकेर से 95, नारायणपुर से 13, बीजापुर से 27 मरीजों की पहचान हुई है। मेडिकल बुलेटिन देखने क्लिक करें  

 
 

21-10-2020
तीन दिनों से जारी है धरना प्रदर्शन,अधिकारियों को उनकी सुध लेने की फुर्सत तक नहीं

धमतरी। राजीव ग्राम दुगली के पास वसुंधरा में रहने वाले आदिवासियों ने जमीन के पट्टे की मांग को लेकर जिला मुख्यालय धमतरी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। शहर के रामबाग मैदान में उनका धरना प्रदर्शन पिछले तीन दिनों से जारी है, पर अधिकारियों को उनकी सुध लेने की फुर्सत नहीं मिल रही है। परिवार समेत राशन पानी लेकर धरने पर बैठे इन आदिवासियों ने बताया कि वे सभी भूमिहीन हैं और दुगली के पास वसुंधरा धोबाकछार की आबादी जमीन पर झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं और यहीं जमीन पर खेती कर गुजर बसर कर रहे हैं। काबिज जमीन के पट्टे की मांग वे वर्ष 1993 से लगातार कर रहे हैं। इस बीच 6-7 लोगों की मौत भी हो चुकी है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उल्टे कब्जा करने के आरोप में उन्हें दो बार जेल भेजा जा चुका है।

इनमें से एक प्रकरण में अदालत से सभी बरी हो चुके हैं और दूसरा प्रकरण लंबित है। इस बीच वन विभाग और ग्रामवासियों ने तीन साल पहले उनकी झोपड़ियों को तोड़कर अंदर रखे सारे सामानों को नष्ट कर दिया था और उनके साथ मारपीट भी की थी। इस अत्याचार के बावजूद वे सभी न्याय के लिए न्यायालय के चक्कर काट रहे हैं। उनका साफ कहना है कि वे सभी पिछले 27 सालों से वसुंधरा धोबाकछार की जमीन पर काबिज हैं और इसका पट्टा हासिल करने के इंतजार में उनके साथियों की एक एककर मौत भी हो रही है। इसलिए अब पट्टा हासिल करने के लिए सभी लोग मरते दम तक संघर्ष करते रहेंगे।

 

21-10-2020
नगरी क्षेत्र के एसडीएम पहुंचे दुगली के कमार परिवारों के बीच, कमार वनवासी हुए गदगद

धमतरी। जिले के नगरी तहसील के आयुर्वेद ग्राम दुगली में कमार परिवारों की दिनचर्या देखने एसडीएम सुनील शर्मा बुधवार को पहुंचे। उन्हें अपने बीच पाकर कमार वनवासी गदगद हो गए।कलेक्टर के निर्देश पर कमार परिवारों के बीच पहुंचे एसडीएम ने उनका हालचाल जाना और सरकार की ओर से उनके हित में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत देखी। मार्केटिंग से संबंधित जानकारी कमारों देते हुए उन्होंने बताया कि बांस से कैसे सूपा, टोकरी और झाडू का निर्माण कर उनका विक्रय किया जा सकता है। उन्होंने बताया किजिस चीज का बाजार में अच्छा दाम मिलता है, उसका निर्माण करने से आमदनी भी अच्छी हो जाती है।

पीडीएस से मिलने वाले राशन, मध्यान्ह भोजन और आंगनबाड़ी से मिलने वाले लाभ के बारे में भी एसडीएम ने जानकारी ली। एसडीएम को अपने बीच पाकर कमार आदिवासी काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने एसडीएम से कहा कि आपने अच्छी जानकारियां हमें दी हैं। आपको यहां देखकर काफी दिनों बाद लगा कि हमारी सुध लेने वाला भी कोई है।

21-10-2020
कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने कई विभाग एक साथ,आपसी समन्वय के लिए की चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से कुपोषण मुक्ति के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इन प्रयासों और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. की अध्यक्षता में 21 अक्टूबर को विभिन्न सहयोगी विभागों के मध्य प्रभावी अभिसरण स्थापित कर कुपोषण के स्तर में कमी लाने ऑनलाइन बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य, कृषि एवं उद्यानिकी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण,समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन विभाग के नोडल अधिकारियों सहित यूनिसेफ और स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों के बीच छत्तीसगढ़ को कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त बनाने के लिए समन्वित प्रयासों, अपसी-तालमेल और सहयोग से लक्ष्य प्राप्ति पर चर्चा की गई।सचिव प्रसन्ना ने कहा कि कुपोषण, एनीमिया और जन्म के समय वजन के स्तर में निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार कमी लाने के लिए प्रदेश में पोषण अभियान का संचालन किया जा रहा है।

पोषण अभियान के अंतर्गत अभिसरण एक मुख्य घटक है। सभी विभागों के साथ मिलकर काम करने से कुपोषण की दर में अपेक्षानुसार लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए सभी विभागों के मध्य डाटा और सूचनाओं के आदान प्रदान,संसाधनों का प्रभावी उपयोग और योजनाओं के समन्वित प्रयास की जरूरत है। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों से योजनाओं के साथ क्रियान्वयन और समन्वय पर चर्चा की। उन्होंने प्रदेश के 10 आकांक्षी जिलों पर विशेष ध्यान दिए जाने के लिए कहा। उन्होंने पोषण और स्वास्थ्य की प्रगति आधारित मासिक स्वास्थांक भी तैयार करने के निर्देश दिए जिससे कलेक्टर अपने जिले की मासिक समीक्षा कर सकें।सचिव प्रसन्ना ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्रचायत प्रतिनिधियों के लिए पोषण और स्वास्थ्य के मुद्दों पर ओरिएंटेशन प्रोग्राम करने और ग्राम सभाओं में पोषण संबंधी जानकारी देने और बुकलेट के माध्यम से जानकारी पहुंचाना तय किया जाना चाहिए। कुपोषण मुक्त पंचायत बनाने के लिए हमें उन्हें मोटिवेट करना पड़ेगा। उन्होंने मनरेगा से जुड़ी महिलाओं को उचित खान-पान की जानकारी देने कहा, जिससे पोषण संबंधी स्थायी व्यवहार परिवर्तन लाया जा सके। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को सभी आंगनबाड़ियों में पेयजल और शौचालय के लिए कार्यवाही करने के लिए कहा गया।

उन्हें शहरी इलाकों की बस्तियों और रेल्वे ट्रैक के आसपास की जगहों में अधिक फोकस करने कहा गया जिससे डिसेन्ट्री और डायरिया जैसी बीमारियों के होने का अधिक खतरा रहता है। उद्यानिकी विभाग को सभी आंगनवाड़ियों में शत प्रतिशत पोषण वाटिका निर्माण के लक्ष्य को पूरा करने को कहा गया।खाद्य विभाग के नोडल अधिकारी ने कहा कि कोंडागांव जिले से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में फोटीफाइड चावल वितरण की योजना शुरू की जानी है। इसे जिले के आंगनबाड़ियों में भी दिया जाएगा। सचिव प्रसन्ना ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से महिलाओं और बच्चों को दिए जाने वाले पोषक आहार की पौष्टिकता में वृद्धि करने रागी,कोदो,कुटकी जैसे मिलेट्स मिलाने का भी निर्णय लिया गया है। उन्होंने कृषि विभाग को मिलेट्स उपलब्ध कराने कहा है।बैठक में पोषण अभियान के नोडल अधिकारी नंदलाल चौधरी ने कहा कि कन्वर्जेंस के आधार पर 31 दिसंबर और उसके बाद 31 मार्च तक लक्ष्यों को निर्धारित कर कार्ययोजना बनाई जाएगी। योजनाओं के उचित क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम का साथ घर-घर विजिट और मॉनिटरिंग पर फोकस किया जाएगा। विभागों के मध्य डाटा के आदान-प्रदान से कमियों को दूर करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए नियमित समीक्षा बैठक पर बल दिया जाएगा। इस दौरान यूनिसेफ और स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी प्रभावी अभिसरण के लिए अपने विचार रखे।

 

21-10-2020
जिले में अब तक 2200 से अधिक कोरोना मरीज स्वस्थ होकर लौटे घर

कोरिया। जिले में कोविड-19 के संक्रमण से रोकथाम एवं बचाव के लिए जिला प्रशासन सतत रूप से शासन के निर्देशों का पालन करते हुए कार्यरत है। कलेक्टर एसएन राठौर ने जिले के समस्त नागरिकों से कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन करने एवं जिला प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। कलेक्टर के निर्देश पर जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिदिन मेडिकल बुलेटिन जारी किया जा रहा है। अब तक 2211 कोरोना मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। जिले में अब तक कुल 2671 कोरोना पाजीटिव मरीजों की पहचान की गई है। वहीं आज की स्थिति में कुल 437 एक्टिव केस की पहचान की गई है, साथ ही 408 मरीजों का होम आइसोलेशन में उपचार किया जा रहा है।कोविड अस्पताल, बैकुण्ठपुर में 100 बेड एवं 7 आईसीयू, एचडीयू 10 आईसीयू, 6 वेंटीलेटर उपलब्ध हैं। आज की स्थिति में यहां भर्ती मरीजों की संख्या 28 तथा 72 बेड उपलब्ध हैं।

इसी तरह एसईसीएल हास्पिटल, चरचा में बेड की संख्या 50 है। यहां भर्ती मरीजों की संख्या 3 तथा 47 बेड उपलब्ध हैं। होम आईसोलेट किये गये कोरोना संक्रमित मरीजों को स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निःशुल्क होम केयर आइसोलेशन किट का वितरण किया जा रहा है। इस किट में मरीजों को दवाइयों के साथ मास्क, ऑक्सीमीटर एवं थर्मामीटर दिया जा रहा है। साथ ही मरीजों से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर उनकी देख-रेख की जा रही है।इसी कड़ी में जिले में 2 से 14 अक्टूबर तक कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे भी संचालित किया गया। इसे वर्तमान में भी जिले में हर सोमवार जारी रखा गया है। उल्लेखनीय है कि जिले में अब तक जिले में आरटीपीसीआर के द्वारा 8133, ट्रूनाट के द्वारा 4704 तथा रैपिड एंटिजन के द्वारा 21784 टेस्ट किये जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना मरीजों को लाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी दी जा रही है।

 

21-10-2020
शहीदी स्मृति दिवस:  शहीदों के परिजनों को श्रीफल-शॉल भेंट कर किया सम्मानित, चौकी प्रभारी ने जरूरतमंदों को बांटे कंबल

कोंडागांव। शहीदी स्मृति दिवस के अवसर पर कोण्डागांव पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर बांसकोट पुलिस ने शहीदों के घर जाकर उनके परिवार वालों से भेंट की। उनका हालचाल जाना और उनकी समस्या से अवगत हुए। उन्हें श्रीफल के साथ शाल भेंट कर सम्मानित किया। बाँसकोट चौकी प्रभारी प्रमोद कतलम ने बताया की शहादत दिवस पर चौकी क्षेत्र में आने वाले 16 ग्राम पंचायतों में गरीब तबके के लोग,जिनके पास ठंड में ओढ़ने के लिए चादर नहीं है। ऐसे लोगों को खोज कर ग्राम प्रमुखो के साथ कंबल बांटे गए। उन्होंने कहा कि अब से वे अपनी गाड़ी में 10 कंबल हमेशा रखेंगे ताकि जरूरतमंदों को ठंड की ठिठुरने से बचाने के लिए कंबल दे सके।

 

21-10-2020
रायपुर स्टेशन में विशेष सुविधा,जनशताब्दी की टिकट अब अनारक्षित बुकिंग काउंटर नंबर 2 पर भी बनेगी

रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर स्टेशन पर गाड़ी संख्या 02069 / 02070 जनशताब्दी स्पेशल के यात्रियों के लिए विशेष सुविधा शुरू की गई है। अनारक्षित टिकट बुकिंग ऑफिस के काउंटर नंबर 2 पर भी इस ट्रेन की टिकट बनवाने की सुविधा 21 अक्टूबर से शुरू हो गई है। रायपुर स्टेशन पर जनशताब्दी स्पेशल के यात्री आरक्षण केंद्र के अतिरिक्त बुकिंग ऑफिस काउंटर के 2 नंबर पर भी इस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। गाड़ी संख्या 02069 रायगढ़- गोंदिया जनशताब्दी स्पेशल के लिए 8:00 से 10:00 तक गाड़ी संख्या 02070 गोंदिया -रायगढ़ जनशताब्दी स्पेशल के लिए दोपबह 2:00 बजे से 5:20 बजे तक यात्री टिकट बनवा सकेंगे।

21-10-2020
कैट का प्रतिनिधिमंडल मंत्री रविन्द्र चौबे से मिला,उद्योगों और व्यापार को मंडी शुल्क में राहत देने सौंपा ज्ञापन

रायपुर। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) सीजी चैप्टर के एक प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को प्रदेश के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे से मुलाकात की। कृषि पर आधारित उद्योगों और व्यापार को मंडी शुल्क में राहत देने के लिए ज्ञापन सौंपा। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे को अवगत कराया कि प्रदेश के अधिकतर उद्योग कृषि उपज पर आधारित है। प्रदेश में दाल और पोहा के लगभग 500 उद्योग इकाईयां स्थापित है। इसमें लगभग 40000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होता है। इन उद्योगों के उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत भाग अन्य राज्यों को निर्यात होता है। इससे संबंधित उद्योगों को राहत देने के लिए मंडी शुल्क संबंधी कुछ बिंदुओं पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से प्रयास किया जा सकता है।पारवानी ने कहा कि वर्तमान में पोहा और दाल उद्योग पर 1 प्रतिशत की दर से मंडी शुल्क देय है।

इसे पूर्णत: मंडी शुल्क मुक्त किया जाना चाहिए। इससे की इन उद्योगों का बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा। प्रसंस्कृत उपज के विक्रय पर किसी भी राज्य में अनुज्ञा पत्र की अनिवार्यता नहीं है, केवल छत्तीसगढ़ राज्य में ही प्रसंस्कृत उपज विक्रय पर अनुज्ञा पत्र जारी करने की अनिवार्यता है। इसे समाप्त कर दिया जाना चाहिए।  अन्य राज्यों से आयातित कृषि उपज पर छत्तीसगढ राज्य में भी मंडी शुल्क में छुट मिलती है। परन्तु  शासन द्वारा मंडी शुल्क छूट में नवीनीकृत किया जाता है। मंडी शुल्क में छूट को स्थायी रूप से लागू किया जाना चाहिए। छत्तीसगढ़ की प्रत्येक कृषि उपज मंडी में किसान को अपनी उपज मंडी  प्रांगण के बाहर बेचने के लिए सौदा पत्रक की व्यवस्था लागू है। मगर प्रदेश के कुछ कृषि उपज मंडियां जैसे कि भाटापारा में किसान के इस अधिकार को लागू नहीं किया जाता है। इस पर संज्ञान लेते हुए सौदा पत्रक की व्यवस्था कृषि उपज मंडी में लागू किया जाना चाहिए। मंत्री रविन्द्र चौबे ने ज्ञापन का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर प्रतिनिधी मंडल को सकारात्मक आश्वासन दिया है। मुलाकात करने कैट के प्रतिनिधिमंडल में अमर पारवानी के साथ राम मंधान और नरेन्द्र कुमार दुग्गड आदि पहुंचे थे।

 

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