GLIBS

06-08-2020
पेट की चर्बी घटाने, पाचन क्रिया में सुधार और भूख घटाने के लिए करें इस ​ड्रिंक का उपयोग...

रायपुर। आज के समय में बिजी लाइफस्टाइल के कारण सही तरीके से खाना ना खाने के कारण हमारे शरीर का सिस्टम बिगड़ जाता है, जिससे हमारे पेट के आस पास चर्बी इकट्ठी होने लगती है। चर्बी को कम करने के लिए लोग कई तरह के घरेलू नुस्खे भी अपनाते हैं। लेकिन उसका कारगर परिणाम देखने को नहीं मिलता है।

हाल ही में एक स्टडी में पाया गया है कि एप्पल साइडर विनेगर से वजन में काफी तेजी से कम होता है। यह शरीर की बढ़ती चर्बी को खत्‍म करने में हमारी मदद करता है। एप्‍पल साइडर विनेगर में मौजूद घटक मेटाबॉलिज्‍म बेहतर करने में हमारी मदद करता है। यह रक्त शर्करा के स्तर को सुधार में हमारी मदद करता है। इसके साथ ही यह वायरल संक्रमण से लड़ने में हमारी मदद करता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। साथ ही यह भूख लगने से हमें बचाता है। ऐसे में बेकिंग सोडा के साथ इसका सेवन किया जाए तो वजन में तेजी से कमी आती है।

ऐसे बनाएं ड्रिंक: 
एक गिलास में एक चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं। गिलास में पानी डालें और इसका सेवन करें। इस ड्रिंक में कई तरह के पोषक तत्व और एंजाइम मौजूद होते हैं जो पाचन क्रिया को सुधारते हैं। इसके अलावा यह पेय पदार्थ भूख घटाता है, जिससे वजन कम होने में मदद मिलती है।

23-07-2020
बच्चों पर पड़ रहा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का असर, माता-पिता बच्चों के साथ व्यवहार में लाए बदलाव  

रायपुर। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण काल में स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन जारी है। अब बच्चें इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जैसे कि मोबाइल और लैपटॉप पर अपना ज्यादातर समय बिता रहे हैं, जिसका असर उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। माता-पिता की चिंताए भी अपने बच्चें के स्वास्थ्य को लेकर बढ़ गई है। स्मार्टफोन और लैपटॉप पर लगातार पढ़ते रहने से बच्चों के कंधों, पीठ और आंखों में दर्द हो रहे हैं। वहीं बच्चों के रूटीन में भी काफी बदलाव हो गया है। यही कारण है कि बच्चे अब माता-पिता के साथ अपना समय नहीं बिता रहे हैं।

माता-पिता के रोकने पर बच्चों में चिड़चिड़ापन देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों की माने तो अब कोरोना संक्रमण काल में माता-पिता को बच्चों के प्रति व्यवहार में बदलाव करना बेहद जरूरी है। अपने बच्चों को किसी और एक्टिविटी में भी लगाना होगा। खेलों के प्रति अपने बच्चों को प्रेरित करे जैसे साइकिल चलाना, कैरम बोर्ड खेलना, चेस खेलना अन्य खेल। बच्चों के मन में निगेटिविटी न आए और आप जो चाहे वह उनसे आसानी से करवा सके इसके लिए आप उनके साथ घर पर ही लुकाछिपी व अन्य खेले जो आप अपने बचपन में खेलते थे। वे सभी खेल बच्चों के साथ खेले जिससे आपकी एक्सरसाईज भी हो जाएगी और आनंद भी ले सकेंगे। माता-पिता को यह भी सोचना होगा कि बच्चों के पीछे ज्यादा न पड़ें, वरना बच्चे फिर चिढ़ने लगेंगे। इसलिए माता-पिता को अपने व्यवहार में बदलाव करना होगा।

21-07-2020
हेल्थ स्पेशल : खाली पेट चाय पीना पड़ सकता है महंगा...

रायपुर। खाली पेट सुबह चाय पीने से बचना चाहिए। चाय में कई तरह के ऐसिड होते हैं। खाली पेट चाय पी कर आप अपने पेट को सीधा नुकसान पहुंचाते हैं। इससे अल्‍सर या गैस जैसी परेशानियां बढ़ने की संभावना रहती है। लोगों का मानना है कि सुबह के समय चाय पीने से शरीर में चुस्ती आ जाती है लेकिन यह बात गलत है। खाली पेट चाय का सेवन करने से सारा दिन थकान और स्वभाव में चिड़चिड़ापन बना रहता है। इसलिए खाली पेट चाय पीने का ख्याल अपने दिमाग से निकाल दे।

19-07-2020
हेल्थ स्पेशल : बादाम के पाउडर से बच्चों की त्वचा नरम और मुलायम होती है साथ ही ​इम्‍यून सिस्‍टम भी मजबूत

रायपुर। बादाम खाने के बेहद फायदे हैं। बादाम हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। इसका ग्लाईसेमिक लोड शून्य होता है। इसमें कार्बोहाईड्रेट बहुत कम होता है। यह पाचन में सहायक होता है और हृदय रोगों से बचने में भी सहायक रहता है। इतना ही नहीं पेट को अधिक देर तक भर कर रखता है। कब्ज के रोगियों के लिये बादाम बहुत ज्यादा लाभदायक है। बादाम में सोडियम नहीं होने से उच्च रक्तचाप रोगियों के लिये भी लाभदायक होता है। इसमें पोटैशियम, विटामिन ई, लौह, मैग्नीशियम, कैल्शियम, फास्फोरस भी होते हैं। बड़ों के साथ बच्चों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। लेकिन बच्चे इसका सेवन आसानी से नहीं कर पाते। ऐसे में बच्चों को बादाम का पाउडर बनाकर खिलाना फायदेमंद होता है। बच्चों की सेहत के लिए बादाम के पाउडर को शामिल करना काफी जरूरी होता है। 
 

घर पर ही बनाएं बादाम का पाउडर : 
चीनी, इलायची पाउडर, केसर और पानी ले लें। उसके बाद बादाम को उबाल लें। पानी ठंडा होने के बाद बादाम को निकाल लें और साफ पानी से धो लें। इसके बाद बादाम का छिलका निकाल लें और इन्हें सूखने के लिए रख दें। बादाम सूखने के बाद इन्हें पैन में भून लें। अब भूने हुए बादाम, चीनी, इलायची पाउडर और केसर को पीसकर पाउडर बना लें। इसके बाद एक एयर टाइट कंटेनर में बंद करके रख दें।

बादाम के पाउडर के फायदे :
बादाम में अनेक पोषक तत्‍व होते हैं जैसे कि विटामिन ई। यह पोषक तत्‍व शिशु की त्‍वचा को नरम और मुलायम बनाता है। बादाम खाने से शिशु का इम्‍यून सिस्‍टम भी मजबूत होता है। यह शिशु और बच्‍चों के मस्तिष्‍क के विकास में भी मदद करता है। बादाम के पाउडर से बच्‍चों की हड्डियों को भी मजबूती मिलती है। बच्चों को 9 महीने के बाद ही बादाम पाउडर खिलाना शुरू करना चाहिए। जब आप बच्चों को बादाम पाउडर खिलाना शुरू करेंगे तो शुरुआत में कम मात्रा में ही उन्हें बादाम पाउडर खिलाएं। बच्चों को बादाम पाउडर खिलाने से विटामिन ई की कमी को पूरा किया जा सकता है।

18-07-2020
मानसून में चिपचिपे बालों से है परेशान, तो इस तरह रखे ध्यान  

रायपुर। मानसून के मौसम में बाल चिपचिपे या तैलीय हो जाते हैं। मौसम के बदलने से बालों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता हैं। बालों के चिपचिपेपन या तैलीय हो जाने से कही बहार जाने में बहुत परशानी होती है। मानसून में बाल जल्दी गंदे और तैलीय हो जाते हैं। अगर मानसून में आप बालों का ध्यान रखना चाहते हैं। तैलीय बालों की देखभाल के कुछ टिप्स जिन्हें अपनाकर आप बालों के चिपचिपेपन से राहत पा सकते हैं। 

बारिश में न भीगे : 

बरसात का पानी बालों के लिए बहुत ख़राब होता है। अगर आप गलती से भीग भी गए तो घर आते ही तुरंत अपने बालों को शैम्पू करें।

तैलीय बालों को नियमित रूप से धोये :

अपने सिर के बाल नियमित रूप से धोइए। बालों को धोने के लिए अच्छे शैम्पू का प्रयोग करें। 

तैलीय बालों को सप्ताह में तीन बार बालों को धोएं :

ऑयली हेयर को सप्ताह में कम से कम तीन बार अवश्य धोना चाहिए जिससे बाल साफ रहते हैं और तैलीय कम होती है। 

तैलीय बालों को बांध कर न रखे :

अपने बालों को कभी कभी खुला भी रखिये। हमेशा बांधने से आयल एक जगह इकठा हो जाता है, जिससे बाल तैलीय लगते हैं।

कंघी की सफाई हमेशा करें :

बालों की साफ-सफाई का ध्यान रखते तो आप रखते ही है, पर कंघी को साफ करना भूल जाते हैं जो कि सबसे जरुरी बात है। हर हफ्ते बालों में इस्तेमाल करने वाली कंघी को साफ करना जरुरी है। रोज इस्तेमाल करने वाली कंघी को कुछ देर धूप में रखें और अगर लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करें तो वो बहुत अच्छी बात है।

तैलीय बालों के लिए विटामिन सी और मिनरल्स जरुरी होती है :  

विटामिन सी और मिनरल्स से भरपूर होने के कारण, नींबू का रस सिर की त्वचा में अतिरिक्त चिपचिपेपन को सोखता है। यह ज़्यादा तेल के उत्पादन को रोकता है। इसीलिए, ऑयली हेयर वालों को नींबू का रस बालों में लगाना चाहिए। सादे पानी में नींबू का रस मिक्स करें। इसे,  सिर की त्वचा पर 5-10 मिनट के लिए लगाकर रखें। फिर, हल्के गुनेगुने पानी से बालों को शैम्पू करें।

10-07-2020
मानसून में खान-पान का रखें विशेष ध्यान, क्या खाएं और क्या न खाएं

रायपुर। वैश्विक महामारी कोरोना से पूरा देश जूझ रहा है। वहीं मानसून के साथ मौसमी बीमारियों को आमंत्रण मिल चुका है। बता दें कि बारिश के मौसम में ज्यादातर बीमारियां हमारे खान-पान के कारण होती हैं। सामान्य फ्लू, बुखार, बैक्टीरियल, वायरल और फंगस से युक्त भोजन हमें बीमार करते हैं। इस मौसम में फैलने वाली बीमारियों से खुद को बचाने के लिए आप अपने खान-पान में थोड़ा बदलाव करें। बारिश के मौसम में खुद को फिट रखना है या परिवार के लोगों की सेहत का ध्यान रखना है तो भोजन में दाल, सब्जियां, कम वसा वाली चीजें ज्यादा शामिल करें। प्रोटीन के अलावा बीटा कैरोटीन, बी काम्प्लेक्स विटामिन, विटामिन सी, ई, सेलेनियम, जिंक, फॉलिक एसिड, आयरन, कापर, मैग्नीशियम, प्रीबायोटिक और प्रोबायोटिक आहार भी शरीर के लिए अच्छे होते हैं। इस दौरान अपने खान-पान में इन सावधानियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। 

गर्मागर्म सूप और मसाले वाली चाय का करे सेवन : 
बारिश के बाद शरीर को ठंडक से बचाने के लिए अदरक की लच्छों के साथ सूप का आनंद ले सकते हैं। यह ठंड से ही नहीं फ्लू से भी आपको बचाता है। साथ ही शरीर को थकान और टूटन से बचाने में मदद करता है। उन लोगों के लिए यह अच्छा आहार है जो बरसात के दिनों में मेहनत नहीं कर पाते हैं। गले के संक्रमण में एक कटोरी सूप अच्छा आराम पहुंचाता है। साथ ही आपका पेट भी भर जाता है।

एक कप गर्म कड़क चाय या मसाला चाय का कोई जवाब नहीं : 
बरसात के दिनों में यह उपयुक्त पेय है। वही लॉन्ग और दालचीनी वाली मसाला चाय पीने से गले के संक्रमण और जुकाम से बचा जा सकता है। बारिश के दौरान प्याज और अदरक का सेवन ज्यादा करना चाहिए भोजन में रेशेदार फलों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। नींबू में विटामिन सी मिलता है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। वहीं पुदीना पाचन तंत्र को मजबूत करता है। इसलिए इसे खाने में शामिल करना चाहिए। इसे चटनी और सलाद में प्रयोग करना चाहिए। बारिश के मौसम में पीने के पानी का खास ध्यान रखना चाहिए। हरी सब्जियों के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि इसमें फंगस और बैक्टीरिया से ज्यादा पनपते हैं।

घर में बने पकौड़े ही खाए :
बारिश के दौरान हर कोई पकौड़े खाना पसंद करता है। हल्की फुहारों के साथ एक कप गर्म चाय और एक प्लेट पकोड़े का अलग ही आनंद हैं। प्याज पकोड़ा, पालक पकोड़ा, पनीर पकोड़ा, हरी मिर्च का पकोड़ा आदि बनाए जा सकते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बारिश के दौरान बाहर के पकोड़े ना खाकर घर में बने पकोड़े खाए।

10-05-2020
मई महीने के दूसरे रविवार को ही क्यों मनाया जाता है मदर्स डे, आईए जानते है...

नई दिल्ली। मई महीने में दूसरे हफ्ते के रविवार को मदर्स डे के तौर पर मनाया जाता है। मां के लिए कोई एक दिन नहीं होता है, वो अलग बात है कि एक खास दिन को मां के नाम निश्चित कर दिया गया है। इस वर्ष ये खास दिन 10 मई यानी आज मनाया जा रहा है। अपनी हर तकलीफें एक तरफ कर बच्चों की हर खुशी का ध्यान रखने वाली मां के साथ इस खास दिन को बिताना चाहिए। मदर्स डे लोगों को अपनी भावनाओं को जाहिर करने का मौका देता है। ज्यादातर देशों में मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। लेकिन कई देशों में इस खास डे को अलग-अलग तारीखों पर भी मनाया जाता है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि इस खास दिन की शुरुआत कैसे हुई?

ऐसे हुई मदर्स डे की शुरुआत :

मदर्स डे को लेकर कई मान्यताएं हैं। कुछ का मानना है कि मदर्स डे के इस खास दिन की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। वर्जिनिया में एना जार्विस नाम की महिला ने मदर्स डे की शुरुआत की। कहा जाता है कि एना अपनी मां से बहुत प्यार करती थी और उनसे बहुत प्रेरित थी। उन्होंने कभी शादी नहीं की और मां का निधन हो जाने के बाद उनके प्रति सम्मान दिखाने के लिए इस खास दिन की शुरुआत की। ईसाई समुदाय के लोग इस दिन को वर्जिन मेरी का दिन मानते हैं। यूरोप और ब्रिटेन में मदरिंग संडे भी मनाया जाता है। मां का सभी के जीवन में योगदान अतुलनीय है। फिर चाहे उसे ऑफिस और घर दोनों जगह में संतुलन क्यों ना बैठना पड़ा हो, मां ने कभी भी अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ा है। 9 मई 1914 को अमेरिकी प्रेसिडेंट वुड्रो विल्सन ने एक कानून पारित किया था। इस कानून में लिखा था कि मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाएगा। इसी के बाद से भारत समेत कई देशों में ये खास दिन मई के दूसरे रविवार को मनाया जाने लगा। तो इस मदर्स डे के खास मौके पर अपनी मां के साथ समय बिताएं, वो सब करें जो व्यस्त होने के कारण आप नहीं कर पाते और मां को खास तोहफे देकर जरूर खुश करें।

08-05-2020
इस गर्मी में लें ठंडी-ठंडी होम मेड कुल्फी का मजा, ऐसे बनाएं...

नई दिल्ली। गर्मी के सीजन में होम मेड कुल्फी से बढ़िया डेजर्ट कुछ हो ही नहीं सकती है। मगर लॉक डाउन की वजह से आप बाजार से तो कुल्फी मंगवा नहीं सकते। ऐसे में आज हम आपको घर पर ही टेस्टी दूध वाली कुल्फी बनाने की रेसिपी बताएंगे।

दूध कुल्फी की रेसिपी
सामग्री:
दूध-4 पैकेट
इलायची पाउडर - 1 चम्मच
चीनी - 2 कप
सूखे मेवे - गार्निश के लिए

कुल्फी बनाने की विधि

—  सबसे पहले पैन में 4 पैकेट दूध को धीमी आंच पर पकाएं। इसे बीच-बीच में चलाते रहे ताकि दूध तलवे से ना लगे।
—  फिर इसमें 1 चम्मच इलायची पाउडर और 2 कप चीनी डालकर अच्छे से मिलाएं।
—  जब तक दूध 1/3 ना रह जाए इसे उबालते रहें।
—  अब दूध को कुल्फी कप या मटले में डालें।
—  इसे 8-9 घंटे तक फ्रिज में सेट होने के लिए रख दें।
—  लीजिए आपकी दूध कुल्फी बनाकर तैयार है।


मावा कुल्फी रेसिपी

सामग्री :
खोया/मावा - 3 टेबलस्पून
फुल क्रीम दूध - 1/3 लीटर
कॉर्नफ्लोर - 1 टीस्पून
चीनी - 2 टीस्पून
इलायची पाउडर - 1/3 टीस्पून
पानी - 1/4 कप
पिस्ता - 1 टेबलस्पून
बादाम - 1 टेबलस्पून
सूखे मेवे - गार्निश के लिए

कुल्फी बनाने की विधि

—  सबसे पहले एक बर्तन में दूध को धीमी आंच पर पकाएं। इसे तब तक पकाएं जब तक यह गाढ़ा न हो जाए।
—  चम्मच की मदद से बर्तन के चारों ओर लगे दूध को छुड़ाते रहें, ताकि यह बर्तन में न चिपके।
—  पानी में कॉर्नफ्लोर डालकर स्मूद पेस्ट बनाएं और दूध में मिक्स करें।
—  अब मिश्रण में चीनी, बादाम, पिस्ता, खोया और इलायची पाउडर डालकर करीब 5 मिनट तक पकाएं। दूध को बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि वो बर्तन के तलवे से ना लगे।
—  अब गैस बंद करके मिश्रण को ठंडा होने दें।
—  आखिर में कुल्फी के सांचे में डालकर सूखे मेवे डालें और सेट होने के लिए फ्रीजर में रखें।
—  लीजिए आपकी कुल्फी तैयार है।

15-03-2020
बालों को घना, सुंदर और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद हैं कपूर, ऐसे करें इस्तेमाल...

नई दिल्ली। कपूर का उपयोग अक्सर लोग पूजा करने के लिए करते हैं। मगर पूजा के साथ यह और भी कई चीजों के इस्तेमाल में काम आता है। इसका बालों पर लगाने से बालों से संबंधित कई समस्याओं से राहत मिलती है। कपूर में एंटी-फंगल, एंटी-इंफ्लामेट्री, एंटी-बैक्टीरियल गुण होने से बालों को घना,सुंदर और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है। इसमें किसी भी तरह का कोई केमिकल न होने से इसे यूज करने से कोई साइड इफेक्ट होने का खतरा नहीं होता है।

तो चलिए जानते है कपूर हमारे बालों के लिए कैसे बेस्ट है लेकिन उससे पहले जानते है इसे इस्तेमाल करने का तरीका...

 
कैसे करें इस्तेमाल
सबसे पहले 2-3 कपूर को पीस कर उसका पाउडर बना लें। उसके बाद अपने मनपसंद तेल को हल्का गर्म कर उसमें कपूर को मिक्स करें। तैयार मिक्सचर को अपने बालों पर हल्के हाथों से लगाएं। 5-10 मिनट तक मसाज करें। अपने बालों पर तेल को लगभग 1 घंटे या पूरी रात लगा रहने दें। सुबह बालों को माइल्ड शैंपू से धो लें।


डैंड्रफ से दिलाएं छुटकारा
बढ़ते प्रदूषण और बालों की अच्छे से केयर न करने से सबसे ज्यादा डैंड्रफ की परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐेसे में इससे छुटकारा पाने के लिए कपूर का इस्तेमाल करना बेस्ट ऑप्शन है। इसमें एंटी-फंगल, एंटी-इंफ्लामेटरी गुण पाएं जाते है। ऐसे में इसे बालों पर लगाने सक रूसी की परेशानी से राहत मिलती है।

बालों से जूं की समस्या से दिलाएं राहत
अक्सर बच्चों में कई दिनों तक सिर न धोने के कारण जुएं पड़ जाती है। ऐसे में कपूर को पिघलाकर उसमें नारियल का तेल मिक्स कर कुछ दिन लगाने से बालों में जूंए दूर होने में मदद मिलती है।


बालों का झड़ना रोके
कपूर को किसी भी तेल में मिलाकर लगाने से बालों का झड़ना बंद होता है। इसे लगाने समय हल्के हाथों से मसाज करनी चाहिए। ऐसे में हफ्ते में 2 बार या बाल धोने से पहले इसका इस्तेमाल करने से बाल घने, सुंदर, लंबा और बाउंसी होते हैं।

सिल्की व शाइनी
कपूर बालों में नेचुरली शाइन जगाने का काम करता है। कपूर को पीस कर उसमें जैतून का तेल मिलाकर लगाने से बाल सिल्की और सॉफ्ट होते हैं।

 

14-03-2020
मॉश्चराइजर से स्किन को रोका जा सकता है बेजान और रूखे होने से, आजमाएं यह टिप्स

नई दिल्ली। बदलते मौसम के प्रभाव से स्किन पर दाग-धब्बे, झाइयों, झुर्रियों आदि परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शरीर के साथ स्किन का भी अच्छे से ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। इसके अलावा स्किन के ड्राई होने की समस्या की परेशानी होती है। ऐसे में स्किन रूखी-बेजान नजर आने लगती है। इससे बचने के लिए रोजाना बॉडी को मॉश्चराइज करना जरूरी है।

तो चलिए जानते कुछ स्किन केयर टिप्स के बारे में :

कौन सा म़ॉश्चराइज करें इस्तेमाल
अच्छी त्वचा के लिए नियमों में किसी लोशन तथा मॉश्चराइजर का इस्तेमाल शामिल करना चाहिए। एक ऐसा लोशन चुनें,जिसमें बहुत सारे विटामिन्स हो। लोशन ऐसा भी हो जो तेल के बिना हो। आपके रोम छिद्रों को खराब करने वाला न हो। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कोई भी लोशन या ब्यूटी प्रॉडक्ट खरीदने से पहले उसका टेस्ट कर लेना चाहिए। बात अगर विटामिन्स की करें तो विटामिन ए, विटामिन बी 5 त्वचा की मजबूती बढ़ाने के साथ नमी बरकरार रखने में मदद करते है। विटामिन सी और विटामिन ई डेड स्किन सैल्स को रिपेयर करने में फायदेमंद होता है। इसके साथ ही त्वचा को हानि पहुंचाने से रोकता है।

कब करें मॉइश्चराइजर?
इसके इस्तेमाल करने का सबसे सही समय नहाने,शेव करने या स्क्रबिंग करने के बाद का माना जाता है। इसे दिन में 2 बार यूज किया जाना चाहिए। यह रिपेयरिंग में मदद करती है। आपके चेहरे, कानों, गर्दन तथा छाती की स्किन मौसमी बदलावों के प्रति संवेदनशील होती है। ये जगह शरीर के इन्य हिस्सों के मुकाबले अधिक तेजी से कोशिकाओं को या त्वचा की परत को झाड़ते हैं। इसलिए खुद को रिपेयर करने के लिए उन्हें मॉश्चराइजर की जरूरत होती है। इसके सात ही लोशन लगाने के समय की जाने वाली मसाज भी ब्लड सर्कुलेशन तथा नई कोशिकाएं बनाने में मदद करती हैं।

स्किन की देखरेख के टिप्स...
अधिक पानी पिएं :
रोजाना कम से कम 8 गिलास पानी का सेवन करें। माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें
जिस क्लींजर का आप इस्तेमाल करती हैं, वह सौम्य और खूशबू के बिना होनी चाहिए।

बाहर जाने से पहले लगाएं सनस्क्रीन :
अपनी स्किन की सुरक्षा से ज्यादा कुछ भी नहीं होता है। ऐसे में सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से बचने के लिए घर से बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं। लिप बाम लगाएं जब भी होंठ सूखने की परेशानी हो लिप बाम लगाए। इससे इन्हें मॉश्चर मिलेगा। इसके साथ ही होंठों के कटने- फटने की परेशानी से बचा जा सकता है। अपने हाथों पर अधिक ध्यान दें। बॉडी के बाकी हिस्से के मुकाबले आपके हाथों पर वातावरण का अधिक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में हाथ ज्यादा शुष्क दिखाई और महसूस होते है। इसलिए आप जितनी बार भी हाथ धोएं उतनी बार ही हाथों पर क्रीम लगाएं।

 

05-03-2020
स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है ज्वार की रोटी, वजन कम करने में मिलती है मदद

नई दिल्ली। हर कोई चाहता है कि वह हैल्दी खाना खाएं और स्वस्थ रहें। ऐसे में आज हम आपके लिए लाएं हैं ज्वार की रोटी जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद है। आइए जानते हैं ज्वार रोटी बनाने की विधि...

ज्वार रोटी बनाने की सामग्री :
पानी- 1 कप
सफेद तिल- 1 टेबलस्पून
काले तिल- 1 टेबलस्पून
नमक- स्वादानुसार
देसी घी- 1 टेबलस्पून

ज्वार रोटी बनाने की विधि :

- सबसे पहले पानी में नमक मिलाकर गैस गर्म करने के लिए रखें।
- एक उबाल आने के बाद इसमें ज्वार का आटा डालें।
- अब इसे 2 मिनट के लिए ढककर गैस की धीमी आंच पर पकाएं।
- पकने के बाद इसे प्लेट में निकाल लें।
- ठंडा होने के बाद इसमें सफेद काले तिल, घी डालें।
- इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर इसका आटा गूंथ लें।
- अब तैयार आटे की लोइयां बनाएं और बेल लें।
- इसके बाद एक पैन को गैस पर रखें।
- एक-एक कर सभी रोटियां सेंक लें।
- आप चाहे तो रोटी बनाते समय घी का इस्तेमाल भी कर सकते है।

आपकी ज्वार की रोटियां बन कर तैयार है। आप इसे अदरक, लहसुन, मूंगफली, हरी मिर्च और नमक से तैयार चटनी के साथ खा सकते है।

यह खाने में टेस्टी होने के साथ हैल्थ के लिए काफी फायदेमंद है। आपको बता दें ज्वार की एक रोटी में सिर्फ 38 कैलोरी पाई जाती है, जिससे वजन कंट्रोल में रहने में मदद मिलती है।

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