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23-01-2021
इन आसान घरेलू टिप्स से पाएं पैरों के दुर्गंध से छुटकारा

रायपुर/नई दिल्ली। अक्सर हम सुंदरता में अपनी अपर बॉडी पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन हम अपने पैरों की अनदेखी करते हैं। इसकी वजह से हमें पैरों से आने वाली दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। हालांकि इसे दूर करने के लिए लोग कई तरह के डियो और परफ्यूम इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ये कोई कारगर उपाय नहीं हैं। अगर आप चाहें तो कुछ घरेलू उपायों के बूते आप अपने पैरों से आने वाली दुर्गंध को दूर कर सकते हैं।

चाय से करें दुर्गंध को दूर :
चाय में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो संक्रमण से बचाव करते हैं। इनका इस्तेमाल पैरों से आने वाली दुर्गंध को दूर करने के लिए किया जा सकता है। इसके लिए एक गिलास पानी में दो-तीन टी बैग डाल लें। फिर इस पानी को कुछ देर उबालें। जब ये ठंडा हो जाए तो इस पानी को टब में डालें और इसमें थोड़ा सादा पानी मिलाकर इस पानी में अपने पैरों को कुछ देर के लिए डुबा दें। आपके पैरों की दुर्गंध दूर हो जाएगी।

मोजे-जूतों में न रहे नमी :
कई बार आपके जूते-मोजे गीले हो जाते हैं या फिर मौसम खराब होने की वजह से जूते में नमी आ जाती है और इसकी वजह से इनमें बदबू आने लगती है। ऐसे में आप अपने जूतों को हेयर ड्रायर से सुखा कर ही पहनें। ताकि इनमें नमी न रहे और इनसे बदबू भी न आए।

रोज मोजे धोकर ही पहनें :
अक्सर लोग ये गलती करते हैं कि समय न मिलने के चक्कर में एक ही मोजा बिना धोए पहनते रहते हैं। इसकी वजह से इनमें दुर्गंध आ जाती है और हमेशा के लिए बनी रहती है। इसके अलावा उसमें बैक्टीरिया भी पनपने लगते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप रोज धोकर ही इनका इस्तेमाल करें या फिर अपने मोजों को रोज बदलें।

नमक के पानी में भिगोएं पैर :
एक बर्तन में पानी गुनगुना कर लें और इसमें थोड़ा सा नमक मिला लें। फिर इस पानी में कुछ देर अपने पैरों को भिगो कर रखें। आपके पैरों से दुर्गंध चली जाएगी और आपके पैरों की नमी भी बनी रहेगी।

23-01-2021
गर्दन और कोहनी के कालेपन से हैं परेशान तो आजमाए ये घरेलू नुस्खा...

रायपुर/नई दिल्ली। गर्दन और कोहनियों में कालापन आ जाए तो आसानी से साफ नहीं होता है। गोरे चेहरे के साथ काली गर्दन देखने में काफी भद्दी लगती है। अगर आपके साथ भी ऐसी कोई समस्या है तो जानिए ऐसे घरेलू उपाय जो चंद मिनटों में इस समस्या से छुटकारा दिलाने में मददगार रहेंगे।

1. आधे नींबू को काटकर उसमें नमक डालें और कोहनी और गर्दन में अच्छे से रगड़ें। दस मिनट तक ऐसे ही लगा रहने दें फिर गीले कपड़े से साफ कर लें। इसके बाद एक बाउल में एक चम्मच खाने वाला सोडा और सफेद टूथपेस्ट मिलाएं और इसे लगा लें। सूखने के बाद धो लें। काफी फर्क नजर आएगा। इसके बाद मॉइश्चराइजर लगा लें।
2. कालेपन की समस्या को दूर करने में कच्चा आलू काफी मददगार है। एक बॉउल में कच्चे आलू को कद्दूकस कर लें, फिर उसमें दही मिलाकर गर्दन और कोहनी पर लगाएं और 10 से 15 मिनट तक सूखने दें। इसके बाद साफ पानी से धो लें।
3. टैनिंग हटाने में टमाटर बहुत उपयोगी है। टमाटर को अच्छे से मिक्सर में पीसकर गर्दन और कोहनी पर लगाएं। 20 मिनट बाद धो लें। ऐसा कम से कम सप्ताह में तीन बार करने से काफी कालापन कम हो जाएगा।
4. एलोवेरा जेल स्किन की कई समस्याओं से निजात दिलाने में कारगर होता है। कालेपन की समस्या को दूर करने के लिए एक कप गर्म पानी में एक चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं। इसके बाद इसे गर्दन, कोहनी, घुटनों या जहां भी कालापन नजर आए, वहां कॉटन की मदद से लगाएं। 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से अच्छी तरह धो लें।

20-01-2021
धनिया पुदीना की चटनी और अदरक की चाय के साथ ट्राई कीजिए मटर के चीले, सुबह हो या शाम करते रहेंगे यम यम

रायपुर। मटर का चीला ट्राई कीजिए नाश्ते में, सुबह हो या शाम मज़ा ही आ जाएगा। इसे धनिया पुदीना चटनी और अदरक की चाय के साथ परोस सकते हैं।

सामग्री :
1 कप हरे मटर , उबाल ले
2 बड़े चमच्च बेसन
2 बड़े चमच्च चावल का आटा
2 बड़े चमच्च पनीर , कस ले
1 बड़ा चमच्च क्रीम
1 छोटा चमच्च अदरक , कस ले
1/2 छोटा चमच्च कुकिंग सोडा
1/2 छोटा चमच्च लाल मिर्च पाउडर
1/2 छोटा चमच्च जीरा पाउडर
1/2 छोटा चमच्च नमक
2 छोटे चमच्च तेल , प्रयोग अनुसार

विधि :
-मटर का चीला बनाने के लिए सबसे पहले मटर को उबाल ले। इसे एक मिक्सर ग्राइंडर में थोड़े पानी के साथ डाले और पेस्ट बना ले। इस पेस्ट को एक बाउल में बाकी सारी सामग्री के साथ डाले। तेल न डाले।
-अच्छी तरह से इस घोल को मिला लें।  
-अब एक नॉन स्टिक पैन को गरम करें। इसमें थोड़ा तेल डालें। तेल के गरम होने के बाद, पेपर नैपकिन से हटा लें।  
-अब पैन के बिच में थोड़ा मटर का घोल डालें। अब इसे बिच में से एक चमच्च की मदद से गोल आकार में पैनकेक जैसे फैला दें।  

20-01-2021
ठहरिए मूली के पत्ते फेंकिए नहीं, मूली से ज्यादा पोषक तत्व मूली के पत्तों में होता है

रायपुर। मूली के पत्तों के भी कई फायदे होते हैं, जिन्हें हम अक्सर फेंक देते हैं। मूली के पत्तों में मूली से भी ज्यादा पोषण पाया जाता है। इन पत्तों में विटामिन- ए, बी व सी के अलावा फास्फोरस, आयरन, क्लोरीन, सोडियम और मैग्नीशियम के अलावा भी कई अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं और ये सभी पेट के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। साथ ही ये मूत्र विकारों में भी बेहद लाभकारी होते हैं। मूल्ली के पत्तों की आप सब्जी बनाकर खा सकते हैं। इससे शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं।

20-01-2021
श्वास को सामान्य कर तन मन को शांत करता है बालासन, यह अंदरूनी अंगों में भी लचीलापन लाता है

रायपुर। बालासन करने के शरीर के अंदरूनी अंगों में लचीलापन आता है। यह आसान शरीर से तनाव को दूर करता है। यह श्वास को सामान्य कर तन व मन को शान्त करता है। साथ ही इस आसन का लगातार अभ्यास अच्छी नींद लाने में सहायक है। जिस तरह छोटे बच्चे अपने घुटने पर चलते हैं। इस आसन को करने पर आप इसी पोजीशन में होते हैं। यह आसन बिल्कुल वैसे ही किया जता है। बालासन आसन को करते हुए आपके पेट के निचले हिस्से में दबाव बनता है, जिससे पेट फूलने की समस्या कम होती है। इस आसन को जितनी देर कर सकते हैं, उतनी देर करें। इसके अलावा इस आसन की मदद से दर्द, अवसाद और तनाव से भी राहत मिलती है।
 

20-01-2021
त्वचा की ऊपरी परत पर फंगल इंफेक्शन के कारण होता है दाद, फफूंदी जैसे परजीवी इसे कई तरीके से फैलाते हैं

रायपुर। कई बार दाद की समस्या हो जाती है। दाद जो त्वचा की ऊपरी परत पर होता हैं। दाद एक संक्रामक फंगल संक्रमण होता है, जो फफूंदी जैसे परजीवी के कारण होता है। यह परजीवी आपकी बाहरी त्वचा की कोशिकाओं में पनपता है और कई तरीकों से फैल सकता है।

दाद होने के कारण :

एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलना - दाद संक्रमित व्यक्ति की त्वचा से किसी स्वस्थ व्यक्ति की त्वचा का संपर्क में आने पर यह रोग फैल सकता है।

जानवर से मानव में फैलाव - दाद से ग्रसित जानवर को स्पर्श करने से भी दाद का संक्रमण मनुष्य के शरीर फैल सकता है। जैसे घर के पालतू संक्रमित कुत्ते या बिल्ली को लाड़ प्यार करना। दाद का संक्रमण गायों में भी काफी सामान्य होता है।

वस्तु से मानव में फैलाव - मानव या जानवर से किसी संक्रमित वस्तु को छूने से भी दाद का संक्रमण उनमें फैल सकता है। संक्रमित वस्तुएं जैसे कि कंघी, ब्रश, कपड़े, तौलिया, बिस्तर और चादर।

19-01-2021
डैंड्रफ सर्दियों का कॉमन प्रॉब्लम जिससे हर कोई बचना चाहता है, ये स्कैल्प को ड्राई कर पपड़ीदार बनाकर खुजली देता है

रायपुर। सर्दियों में डैंड्रफ एक ऐसा हेयर प्रॉब्लम है, जिसके साथ कोई भी नहीं रहना चाहता। इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि सर्दी के सीजन में ठंडी और ड्राई हवा चल रही होती है, जो स्कैल्प में मौजूद नमी को छीन लेता है। साथ ही इस दौरान वातावरण में मालास्सेजिआ नाम का फंगस भी अधिक होता है, जिस वजह से बालों में रूसी की समस्या होती है। जब ये ड्राई और ठंडी हवा बालों तक पहुंचती है तो हमारा स्कैल्प जहां से बालों की जड़ें शुरू होती हैं ड्राई और पपड़ीदार हो जाता है और उसमें खुजली होने लगती है।

इन वजहों से भी डैंड्रफ होता है  :
- अगर आपके स्कैल्प की स्किन बहुत ज्यादा ऑइली है तो मालास्सेजिआफंगस का ग्रोथ अधिक होगा और डैंड्रफ की समस्या बढ़ेगी।
- टीनएज में अगर आपके शरीर में बहुत ज्यादा हॉर्मोनल बदलाव होते हैं तो इससे भी स्किन ऑइली हो जाती है और डैंड्रफ या रूसी की समस्या बढ़ सकती है।
- कुछ लोगों में ड्राई स्कैल्प की समस्या होती है। उनमें भी डैंड्रफ अधिक होता है।
- अगर आपका स्कैल्प हद से ज्यादा सेंसेटिव है तो हेयर प्रॉडक्ट्स और स्टाइलिंग प्रॉडक्ट्स यूज करने की वजह से भी स्कैल्प में ड्राइनेस हो जाता है और डैंड्रफ की समस्या बढ़ सकती है।
 

19-01-2021
सादी पूरी से बोर हो गए हैं तो ट्राई कीजिए नेचुरल नाइट्रेट्स से भरपूर चुकंदर की पूरी, टेस्टी टेस्टी हेल्दी हेल्दी


रायपुर। सादी पूरी तो बनाते ही होंगे क्यां ना पूरी को थोड़ा अलग टेस्ट के साथ ट्राई कर के देखा जाए। तो बना के देखिए चुकंदर की पूरी। इसमें नेचुरल नाइट्रेट्स होते हैं, जिससे दिमाग में ब्लड फ्लो बूस्ट होता है।

समाग्री :
 1 1/2 कप गेहूं का आटा
1 कप चुकंदर का रस
1/4 चम्मच अजवाइन
नमक स्वादानुसार
तलने के लिए घी

विधि :
आटे में नमक और अजवाइन डाल कर मिक्स करें।
चुकंदर का रस डालते हुए आटा गूथ ले जरूरत हो तो थोड़ा पानी डाल ले।
2 मिनट ढक कर रख दें।
आटे की लोई बना लें।
कढ़ाई में घी गरम करें और पूरी बेल कर तल लें।
गरमा गरम मनपसंद सब्जी के साथ सर्व करें।

18-01-2021
बढ़ती ठंड और उसके कहर से बचने के लिए आप इन छोटे-छोटे उपायों से घर को अंदर से रख सकते हैं गर्म

रायपुर। ठंड का शिकंजा बढ़ चुका है और फिजां में हर तरफ गलन है। ऐसे में घर के अंदर भी राहत नहीं मिल पा रही है। सर्दियों में घर को गरम रखने के शानदार उपाय...

भारी परदे :
घर की गर्माहट को बाहर जाने से और बाहर की ठंड को अंदर आने से रोकते हैं हैवी कर्टेन। सर्दियों में खिड़कियों पर डार्क कलर्स के लेयर वाले हैवी परदे लगाएं।

दरियां :
जब घर भी अंदर से गलन का अहसास कराने लगे तो अंदर फर्श पर वॉल टु वॉल कारपेट और गरम दरियां लगवाएं। छोटे बच्चों वाले घर में इनकी विशेष जरूरत होती है। 

फलालेन बैडिंग :
सर्दियों से मुकाबले के लिए फलालेन बैडिंग तैयार करवाएं। ये सॉफ्ट और गर्म होती है और इस मौसम के लिए में बैड लिनिन के लिए परफेक्ट फैब्रिक भी है ये।

18-01-2021
कहीं जाने की जल्दी हो तो अचानक आए मेहमान के फटाफट स्वागत का टेंशन क्यों? ट्राई कीजिए आलू कीस

रायपुर। अचानक घर में आजाए कोई मेहमान तो ट्राई कीजिए आलू का कीस। यह खाने में बहुत ही टेस्टी लगती है और इसे आसानी से बनाया जा सकता है। 

सामग्री :
दो आलू
एक छोटा चम्मच घी
एक छोटा चम्मच जीरा
पांच करी पत्ते
तेल जरूरत के अनुसार
एक छोटा चम्मच भुनी मूंगफली (दरदरी पिसी हुई)
एक छोटा चम्मच नींबू का रस
दो छोटा चम्मच हरा धनिया
स्वादानुसार नमक

विधि :
- सबसे पहले एक बाउल में आलू को कद्दूकक कर लें।
- मीडियम आंच में एक पैन में तेल गरम करने के लिए रखें।
- तेल के गरम होते ही इसमें जीरा और करी पत्ते डालकर भूनें।
- जीरे के चटकते ही इसमें घिसे हुए आलू और नमक मिलाएं और 4-5 पांच मिनट तक सेकें।
- तय समय के बाद इसे पलटकर दूसरे साइड से भी सेंक लें।
- आलू के सुनहरा होते ही इस पर दरदरी पिसी हुई मूंगफली डालकर एक और मिनट तक तले और आंच बंदकर दें।
- तैयार है आलू की कीस। नींबू का रस और हरे धनिये से गार्निश कर सर्व करें।

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