GLIBS

21-10-2020
बर्तन चमक खो रहे हैं, पुराने दिखने लगे हैं, तो परेशान मत होइए, आजमाई कुछ घरेलू नुस्खों को

रायपुर। किचन में खाना बनाने से लेकर बर्तनों की सफाई तक सभी बेहद जरूरी होता है। वही अगर बात बर्तन चमकाने की की जाए तो बर्तन चमकाना बड़ा मुश्क‍िल काम है। उस पर अगर बर्तन जल जाए तो और मुसीबत हो जाती है। किचन में बहुत से बर्तन ऐसे होते हैं जो समय से पहले ही चमक छोड़ देते हैं और पुराने से लगने लगते हैं। ऐसे बर्तनों को चमकाने और नया सा करने के लिए यहां आपके लिए कुछ काम के टिप्स है।

ऐसे चमकाएं घर के बर्तन :-
 -बर्तनों पर जमे मैल को साफ करने के लिए पानी में थोड़ा-सा सिरका व नींबू का रस डालकर उबाल लें। इससे आपके बर्तन हाइजीन फ्री और क्लीन हो जायेगे।
-प्रेशर कुकर में लगे दाग-धब्बों को साफ करने के लिए कुकर में पानी, 1 चम्मच वौशिंग पाउडर व आधा नींबू डालकर उबाल लें। बाद में बर्तन साफ करने वाले स्क्रबर से हल्का रगड़कर साफ कर ले।
-चिकनाई वाले बर्तनों को साफ करने के लिए सिरका कपड़े में लेकर रगड़ें, फिर साबुन से अच्छी तरह धोए।
-एल्युमीनियम के बर्तनों को चमकाने के लिए बर्तन धोने वाले पाउडर में थोड़ा-सा नमक मिलाकर बर्तनों को साफ करें।
-प्याज का रस और सिरका बराबर मात्रा में लेकर स्टील के बर्तनों पर रगड़ने से बर्तन चमकने लगते हैं।

21-10-2020
स्किन के प्रोटेक्शन के लिए बाजार अटा पड़ा है सनस्क्रीन से, जरूरी नहीं वो सूट करे, ट्राई कीजिए घरेलू फॉर्म्यूला

रायपुर। धूप में रहने से हमारी त्वचा में सांवलापन आने लगता है। ऐसे में जरूरी है कि गर्मियों में स्किन की सही और अच्छी तरह से देखभाल की जाए। स्किन के लिए वैसे तो मार्केट में कई तरह के सनस्क्रीन और अन्य प्रॉडक्ट्स मौजूद हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि ये सभी की स्किन पर सूट करें। आप घर पर भी कुछ फेस पैक्स बनाकर इस्तेमाल कर सकती है।

दही से बना फेस पैक-
जब त्वचा पर दही का उपयोग किया जाता है तो यह त्वचा की रंगत को निखारता है। गर्मियों में सप्ताह में दो बार अपने चेहरे और गर्दन पर ठंडा दही लगायें। दही आपकी त्वचा के रोम छिद्रों को खोलता है और आपकी स्किन पर चमक लाता है।

हल्दी और बेसन का पैक-
हल्दी और बेसन का पैक त्वचा को एक्सफोलिएट करता है। साथ ही धुप से हुए कालेपन हटाता  है।

शहद और पपीते का पैक-
शहद और पपीते से बना पैक त्वचा से धुप से हुए कालेपन हटाता है साथ ही त्वचा को पोषण भी देता है।

21-10-2020
नवरात्रि के उपवास में अतिरिक्त ऊर्जा चाहिए तो ट्राई कीजिए मखाने की खीर, बनाने में आसान, स्वादिष्ट भी और गुणकारी भी

रायपुर। नवरात्रि के व्रत में मखाने की खीर बना सकते हैं। मखाने प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर है जो स्वास्थ के लिए लाभ होता है। मखाने की खीर विशेष रूप से उपवास के दिनों में बनाई जाती है। यह खीर बड़ी स्वादिष्ट होती है। बिना अधिक मेहनत किए हुए और आसानी से इस रेसिपी को घर पर बनाया जा सकता है। इस डिश को घर वाले भी चाव से खाना पसंद करेंगे।

मखाने की खीर बनाने की विधि : -
-कड़ाही में घी गर्म करके, उसमें मखानों को डालकर भून लें।
-भूने हुए मखानों को प्लेट में निकालकर ठंडा कर लें।
-ठंडा होने पर मोटा-मोटा कूट लें।
-दूध को उबलने दें जब दूध उबल जाये तो उसमें कुटे हुए मखाने डालकर पकाये और चीनी भी डालदे। गाढ़ा होने तक पकाते रहे।
-बादाम, सूखा नारियल, काजू और किशमिश डालकर सर्व करें।

21-10-2020
सिंघाड़ा एक फायदे अनेक : बाल झड़ने, अस्थमा के साथ गर्भवती महिलाओं के लिए भी बेहद फायदेमंद

रायपुर। सिंघाड़े में कई तरह के औषधीय गुण होते हैं। सिंघाड़ा पानी में पसरने वाली एक लता में पैदा होने वाला एक तिकोने आकार का फल है। इसके सिर पर सींगों की तरह दो कांटे होते हैं। चीनी खाने का यह एक अभिन्न अंग है। इसको छील कर इसके गूदे को सुखाकर और फिर पीसकर जो आटा बनाया जाता है। उस आटे से बनी खाद्य वस्तुओं का भारत में लोग व्रत उपवास में सेवन करते हैं क्योंकि इसे एक अनाज नहीं फल माना जाता है। सेहत के लिए इसके अनेक फायदे भी है। गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष लाभदायक साबित होता है। गर्भाशय की दुर्बलता व पित्त की अधिकता से गर्भावस्था पूरी होने से पहले ही जिन स्त्रियों का गर्भपात हो जाता है, उन्हें सिंघाड़ा खाने से लाभ होता है। इसके सेवन से भ्रूण को पोषण मिलता है और वह स्थिर रहता है। सात महीने की गर्भवती महिला को दूध के साथ या सिंघाड़े के आटे का हलवा खाने से लाभ मिलता है। इतना ही नहीं अस्थमा के रोगियों के लिए भी यह फायदेमंद होता है। अस्थमा के रोगी जिन्हें सांस से जुड़ी तकलीफ ज्यादा होती है, उनके लिए सिंघाड़ा बेहद फायदेमंद है। डॉक्टरों का मानना है कि सिंघाड़ा नियमित रूप से खाने से सांस संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है। साथ ही बाल झड़ने की समस्या में भी यह रामबाण साबित होता है। सिंघाड़े में मौजूद निमैनिक और लॉरिक जैसे एसिड बालों को नुकसान पहुंचने से बचाते हैं।

20-10-2020
अरबी यानी कोचई को कुछ लोग इस्तेमाल करते हैं फलाहार में, पौष्टिक तत्वों से भरपूर सेहत ले लिए फायदेमंद है कोचई

रायपुर। अरबी जिसे छत्तीसगढ़ में कोचई के नाम से जाना जाता है। नवरात्रि के व्रत में कई लोग खाने में अरबी का इस्तेमाल करते हैं। अरबी की फलाहारी डिश व्रत के समय खाना लाभदायक हो सकता है। अरबी फायदेमंद होती है क्योंकि इससे कई प्रकार के पौष्टिक तत्व और फाइबर भरपूर मात्रा में मिलते हैं।

विधि :
पहले अरबी को कूकर में एक सीटी देकर ऊबाल लें और छीलकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
अब अरबी को हथेलियों से दबाकर थोड़ा चपटा कर लें और उसपर आमचूर, अज्वाइन, मिर्च,  सेंधा नमक छिड़ककर मिलाएं। इसे डीप फ्राइ करें जब तक अरबी गोल्डन ब्राउन कलर की न हो जाएं। फिर निकालकर टिशू पर रख लें और गमर्गगर्म परोसें।

19-10-2020
नाम सुनते ही नाक भौ मत सिकोड़िए, कॉपर मैग्नीशियम पोटेशियम फाइबर व विटामिन्स से भरपूर है कद्दू

रायपुर। औषधीय गुणों के कारण कद्दू को सेहत के लिए फायदेमंद माना गया है। विटामिन्स, फाइबर, फोलेट, पोटेशियम, कॉपर और मैग्नीशियम के गुणों से भरपूर कद्दू की सब्जी सेहत की कई प्रॉब्लम को दूर करने में मददगार होती है। ये आयरन, ज़िंक, पोटैशियम और मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत है। इसमें फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है, जिससे पेट हमेशा साफ़ रहता है।  कद्दू के फायदे वजन कम करने, कैंसर की रोकथाम करने, इम्‍यूनिटी बढ़ाने, त्‍वचा को स्‍वस्‍थ रखने, कॉलेस्‍ट्रॉल को कम करने और अनिद्रा जैसी समस्‍याओं का इलाज करने में प्रभावी होते हैं।

कद्दू खाने के फायदे :
- मजबूत इम्यून सिस्टम
कद्दू में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पर्याप्त मात्रा में होते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और आप कई बीमारियों से बचे रहते हैं।

- वजन घटाने में मददगार
इसमें कैलोरी कम और फाइबर की मात्रा अधिक होती है इसलिए इसे खाने से बार-बार भूख नहीं लगती। इससे पेट भरा रहता है और आप ओवरइटिंग नहीं करते, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

-खूबसूरत त्वचा
कद्दू में विटामिन ए, विटामिन सी और बीटा-कैरोटीन जैसे तत्व होते हैं, जोकि प्राकृतिक रूप से त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए मदद करते हैं। कद्दू खाने ही नहीं बल्कि इसका पैक बनाकर लगाने से भी खूबसूरती भी बढ़ती है।

- दिल को रखे स्वस्थ
इसका सेवन करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल सही रहता है, जिसस दिल स्वस्थ रहता है। अगर आप दिल के मरीज भी है तो भी इसका सेवन आपके लिए फायदेमंद है।

- गले के लिए फायदेमंद
इस मौसम में सर्दी-खांसी, जुकाम और गले में खराश की समस्या आम देखने को मिलती है। ऐसे में गर्मा-गर्म कद्दू की सब्जी या इसका सूप पीने से इन सभी परेशानियों से राहत मिलेगी।

-पेट को रखें दरूस्त
कद्दू में डाइटरी फाइबर भरपूर मात्रा में होता है इसलिए इसका सेवन करने से पेट से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाती है। साथ ही इससे एसिडिटी और पेट की जलन से भी राहत मिलती है।

- डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद
कद्दू में विटामिन सी पर्याप्‍त मात्रा में होता है। इससे शरीर में इंसुलिन की मात्रा कंट्रोल में रहती है और बढ़ी हुई शुगर की मात्रा भी कम हो जाती है। डायबिटीज रोगियों को हफ्ते में कम से कम 2 बार कद्दू का सेवन करना चाहिए।

-आंखों की रोशनी होती है तेज
विटामिन ए से भरपूर होने के कारण कद्दू की सब्जी का सेवन आंखों के लिए फायदेमंद होता है। एक कप कद्दू का रोजाना सेवन करने से आंखों की रोशनी तेज होती है।

19-10-2020
बेशकीमती इम्पोर्टेड क्रीम की जरूरत ही नहीं पड़ेगी अगर आप रात भर चेहरे पर कच्चा दूध लगाते हैं तो, ट्राई तो कीजिए

रायपुर। कच्चा दूध स्किन के लिए बहुत फायदेमंद है। यदि आप दूध को रातभर के लिए चेहरे पर लगाए रखती हैं, तो यकीन मानिए कि आपको किसी महंगी क्रीम या लोशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। कच्चे दूध में लैक्टिक एसिड होता है। दूध में मौजूद यह तत्व आपकी त्वचा पर मौजूद डेड स्‍किन को एक्सफोलिएट करने में मदद करता है। रात में कच्‍चा दूध लगाकर सोने से सुबह स्‍किन काफी साफ दिखाई देती है। कच्चे दूध में प्रोटीन ,कैल्शियम आदि कई ऐसे गुणकारी तत्व होते हैं जो चेहरे को सुन्दर बनाते हैं।

स्किन पर कच्चा दूध लगाने के फायदे : -
-कच्चा दूध है स्किन टोनर
-कच्चे दूध के फायदे हैं मॉइस्चराइजिंग के लिए
-कचा दूध है फेस क्लींजर
-कच्चे दूध के लाभ करें टैन को दूर
-कच्चे दूध का उपयोग करें फेयरनेस स्किन के लिए
-कच्चे दूध के गुण हैं मुहांसों का इलाज
-कच्चे दूध लगाने के फायदे रोकें बढ़ती उम्र को

19-10-2020
उपवास की फेवरेट डिश सिंघाड़े का हलवा, विटामिन ए,सी और प्रोटीन से युक्त ,नवरात्रि में आप भी ट्राई कीजिए

रायपुर। सिंघाड़े के आटे का हलवा में सिंघाड़े में विटामिन ए, विटामिन सी और प्रोटीन तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ज्यादातर लोग इस हलवे को व्रत के दौरान खाते हैं। सिंघाड़े के आटे का हलवा बनाना बहुत आसान है। अगर आप भी नवरात्र व्रत हैं तो आपको सिंघाडे का हलवा जरूर पसंद आएगा।

सिंघाड़े के आटे का हलवा बनाने की विधि :
हरी इलाइची का बाहरी छिलका निकल लें और दोनों को दरदरा कूट लें।
एक नॉन स्टिक कढाई में घी गर्म करें अब इसमें सिंघाड़े का आटा डालें और मध्यम आंच पर भूने।
सिंघाड़े के आटे को भूनने में लगभग 7-8 मिनट लगते हैं भून जाने पर यह आटा सुंगधित और सुनहरा हो जाता हैं।
अब इसमें डेढ़ चम्मच कटे बादाम डाले फोइर आधा मिनट और भून लें।
अब भुने सिंघाड़े के आटे में धीरे धीरे करके एक कप गर्म पानी डालें और धीमी आंच पर चलाते हुए पकाएं।
अब इसमें शक्कर और कुटी इलाइची डाले और हलवे के पाक जाने और कढाई के किनारा छोड़ने तक पकाएं।
इस तरह तैयार है सिंघाड़े के आटे का हलवा।
कटे हुए बादाम से गार्निशिंग करके सर्व कर सकती हैं।

18-10-2020
खराब जीवनशैली खानपान या भारी वजन उठाने से होता है साइटिका, जानिए उससे बचने के उपाय

रायपुर। अक्सर लोगो में साइटिका की समस्या देखने को मिलती है। साइटिका नसों में होने वाला ऐसा दर्द है जो कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर पैरों के नीचे तक जाता है। अधिक मेहनत करने या भारी वजन उठाने से यह समस्या होती है। खराब जीवनशैली व खानपान, उठने-बैठने के गलत मुद्रा से भी दर्द हो सकता है। साइटिका एक सनसनी है जो कि आपकी पीठ, नितंबों और पैरों में मध्यम से गंभीर दर्द के रूप में प्रकट हो सकती है।

साइटिका से बचाव :
खड़े होने, चलने और बैठने पर सही आसन बनाए रखें।
ऐसा व्यायाम करें जो एरोबिक फिटनेस और पेट व रीढ़ की हड्डी की मांसपेशियों में ताकत और लचीलापन बनाए रखता है।
कोई भी चीज सही तरीके से उठाने की तकनीक का अभ्यास करें। इसके लिए घुटनों को मोड़कर पीठ को सीधा रखें। ऐसा करने से, तनाव कूल्हे और पैरों पर आ जाता है, पीठ पर नहीं। उस वस्तु को शरीर के पास पकड़ कर रखें। शरीर से जितनी दूर वस्तु रहती है उतना अधिक तनाव पीठ पर पड़ता है।
जब बैठने के लिए कुर्सियों का उपयोग करें तो यह सुनिश्चित करें कि आपकी पीठ अच्छी तरह से टिकी हुई है। ऐसी कुर्सियों का उपयोग करें जो अच्छा बैक सपोर्ट प्रदान करती हैं और बैठने की एक अच्छी स्थिति प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। एक लकड़ी का रोल या कॉन्टर्ड कुशन आपकी पीठ के निचले भाग को सपोर्ट प्रदान करने में मदद कर सकता है।
शरीर के वजन को एक स्वस्थ स्तर पर बनाए रखें।

18-10-2020
कामकाजी महिलाएं रासायनिक उत्पादनों से बचिए, घरेलू और प्राकृतिक फेस पैक का इस्तेमाल कर निखारे संवेदनशील त्वचा

रायपुर। त्वचा बहुत अधिक संवेदनशील होती है जो किसी भी रासायनिक उत्पाद के इस्तेमाल से खराब हो सकती है। बेहतर होगा कि आप ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करें जो नेचुरल हो। आज के दौर में ज्यादातर महिलाएं घर के बाहर काम करती हैं तो ऐसे में दिन के त्वचा के लिए वक्त निकलना संभव नहीं होता है। ये कुछ ऐसे फेस-पैक हैं जिन्हें रात में लगाया जा सकता है। इनके इस्तेमाल से आपकी त्वचा निखरी रहेगी।

1. ग्लिसरीन, लेमन और रोज वॉटर को एकसाथ मिला लें। इस मिश्रण को चेहरे और गले पर समान रूप से लगा लें। 10 मिनट तक इससे मसाज करें। लगभग 20 मिनट बाद इसे ठंडे पानी से धो लें।
2. अपने चेहरे को गुलाब जल से हल्का गीला कर लें। उसके बाद ओट मील से स्क्रब कर लें। चेहरा धोने के बाद खीरे की पतली कटी स्लाइसेस को पूरे चेहरे पर रगड़े।
3. मिल्क क्रीम और गुलाब जल को मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें। इससे पांच मिनट तक अपने चेहरे पर मसाज करें। पांच मिनट तक इसे यूं ही छोड़ दें और बाद में हल्के गुनगुने पानी से चेहरा साफ कर लें।
4. विटामिन ई की कुछ कैप्सूल्स को गुलाब जल के साथ मिला लें। इस मिश्रण से चेहरे पर करीब 10 से 15 मिनट तक मसाज करें।
5. अंडे के सफेद भाग को दही के साथ मिला ले। इस पेस्ट को चेहर पर लगा लें। 15 मिनट यूं ही लगा रहने दें और बाद में पानी से धो लें।

18-10-2020
व्रत के फलाहार के लिए सबकी पसन्द फटाफट तैयार होने वाला विटामिन कैल्शियन ऑयरन फास्फोरस से भरपूर आलू

रायपुर। नवरात्रि शुरू हो चुकी है। इन दिनों भक्त माता के लिए व्रत रखते हैं। ऐसे में अगर आप झटपट बनने वाली फलाहारी के लिए रेसिपी ढूंढ रहे हैं तो आपका रुख आलू की तरफ जरूर जाएगा। आलू मे विटामिन, बी, कैल्शियम, आयरन और फास्फोरस की मात्रा अधिक होती है आलू में बहुत से गुण होते हैं। 

ऐसे बनाए व्रत के लिए आलू :-
-आलू का छिलका उतारकर उसको टुकड़ों में काट लें। 
-अब हरी मिर्च को बारीक काट लें। 
-एक कड़ाही में घी गरम करिए, इसमें कटी हुई हरी मिर्चें डालकर कुछ सेकेंड्स के लिए भूनें। 
-अब आँच को धीमा कर दें और कटे हुए आलू डालें, सेंधा नमक डालकर अच्छे से मिलाएँ। 
-अब 2 -3 मिनट के लिए आलू को मध्यम आँच पर भूनें। 
-अब नीबू का रस डालें, आँच को बंद कर दे। 
-व्रत के आलू को बारीक कटी हुई हरी धनिया से सजाएँ। 
-आप व्रत के आलू को कूटू की पूड़ी या दही के साथ भी सर्व कर सकते हैं।

17-10-2020
ब्लड प्यूरीफायर का तो काम करता ही है साथ ही शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा भी बढ़ता है गुणकारी चुकंदर

रायपुर। चुकंदर के फायदे बहुत है। चुकंदर में विटामिन-बी, विटामिन-सी, फॉस्फोरस, कैल्सियम, प्रोटीन और ऐंटिऑक्सीडेंट्स होते हैं। जो शरीर में ब्लड प्यूरिफिकेशन और ऑक्सीजन बढ़ाने का काम करते हैं। वह तरह-तरह के बीमारियों के लिए फायदेमंद है। चुकंदर में पाये जाने वाले पौष्टिक तत्वों के कारण सेहत को अनगिनत फायदे मिलते हैं। दरअसल यह पौष्टिक तो होता ही है, इसे खाने से शरीर में खून की कमी नहीं होती है।

चुकंदर खाने के फायदे :-
-चुकंदर का जूस हाइपरटेंशन और हृदय संबंधी समस्याओं से दूर रखता है। इसके नियमित सेवन करने से चिड़चिड़ापन दूर हो जाता है। खासतौर पर महिलाओं के लिए यह बहुत गुणकारी होता है।
-चुकंदर का सेवन पेट के लिये अच्छा होता है इसलिए चुकंदर का उपयोग सलाद के रूप में खाने में करना चाहिए है। चुकंदर का सेवन आंतों की सफाई करने में मदद करता है क्योंकि चुकंदर में अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो की आंतों से गन्दगी बाहर निकालने में मदद करता है
-चुकंदर के अंदर विटामिंस और मिनरल्स होते हैं जो आपके स्किन की हेल्थ को बढ़ाते हैं। यह फ्री कॉलेजन प्रोडक्शन को बढ़ाता है और आपकी स्किन को नुकसानदेह किरणों से सुरक्षित रखता है।
-मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को कमर, पेड़ू दर्द एवं अन्य शारीरिक दुर्बलता जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। चुकंदर का नियमित प्रयोग करते रहने से मासिक धर्म के दौरान होने वाला कष्ट नहीं होता है। इस दौरान होने वाली सुस्ती भी दूर रहती है।

Please Wait... News Loading