GLIBS

11-01-2022
क्या आप भी करते हैं काढ़ा बनाने में ये गलतियां, संभल कर हो सकती हैं ये परेशानियां

नई दिल्ली। ओमिक्रॉन वेरिएंट से निपटने के लिए देश में काढ़ा का इस्तेमाल फिर से बढ़ गया है। वैसे तो काढ़ा का नियमित सेवन इम्यूनिटी बूस्टर माना जाता है लेकिन अगर उसमें सही मात्रा में तत्वों का मिश्रण न किया जाए तो वह फायदे के बजाय नुकसान का भी सबब बन सकता है। आइए जानते हैं कि काढ़ा बनाते समय किन बातों का खास ध्यान रखें।

 

सूप की तरह पीने योग्य होना चाहिए काढ़ा

आयुर्वेद के जानकारों के मुताबिक काढ़ा न तो ज्यादा गाढ़ा होना चाहिए और न ही पतला बल्कि वह सूप की तरह पीने योग्य होना चाहिए। जरूरी चीजों को मिलाने के बाद उसे तब तक उबालें जब तक पानी की मात्रा आधी न रह जाए। इस प्रकार का काढ़ा श्रेष्ठतम माना जाता है और शरीर को रोगाणुओं से पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करता है।

 

काढ़ा बनाने में इन चीजों का करें इस्तेमाल

काढ़ा बनाने में लोग अक्सर काली मिर्च, दालचीनी, हल्दी, अश्वगंधा, गिलोय और सोंठ का इस्तेमाल करते हैं। ये चीजें शरीर को गर्मी प्रदान करती हैं और रोगाणुओं से सुरक्षा देती हैं।

काढ़ा बनाने में जिन चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनकी मात्रा में संतुलन रखें। अगर काढ़ा पीने के बाद परेशानी हो तो दालचीनी, काली मिर्च, अश्वगंधा और सोंठ की मात्रा कम कर दें।

 

कमजोर पाचन शक्ति वाले न पीएं

जिन लोगों की पाचन शक्ति कमजोर हो, उन्हें काढ़ा ज्यादा पीने से मुंह के छाले, एसिडिटी, पेशाब आने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए अगर उन्हें ऐसी परेशानी महसूस हो तो इसका सेवन कम कर देना चाहिए।

इससे साथ ही काढ़ा ज्यादा पीने या ज्यादा कड़क काढ़ा बनाने से बीपी और नाक से जुड़ी समस्याओं के मरीजों में नाक से खून आ सकता है। पेशाब करते समय उन्हें जलन महसूस हो सकती है। उन्हें हर वक्त खट्टी डकार आने की समस्या हो सकती है.।

11-01-2022
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को ध्यान को रखते हुए, घर पर इस तरह मनाये लोहड़ी

दिल्ली। कोरोना संक्रमितों की संख्या में एक बार फिर से इजाफा हो रहा हैं। राज्य सरकार भी तरह-तरह के नियम और कानूनों को लागू कर रहीं है। ऐसे में आने वाले त्योहारों को घर में मनाने में ही भलाई है। बहुत जल्द लोहड़ी आने वाली है, ऐसे में कई कपल्स ऐसे होंगे जिनकी ये पहली लोहड़ी है। शादी के बाद अगर कोई त्योहार पार्टनर के साथ सेलिब्रेट करना हो तो इसकी खूशी अलग ही होती है, लकिन कोरोना के कारण ये खूशी लोगों की मायूसी में बदल गई है। मकर संक्रांति से एक दिन पहले यानी की 13 जनवरी को हर साल इस त्योहार तो मनाया जाता है। इसके बाद से सर्दियों का मौसम धीरे-धीरे खत्म हो जाता है। इसके अलावा, यह गन्ने की सर्दियों की फसल की ओर भी केंद्रित है और इसीलिए गन्ने के सामान जैसे गुड़, गचक, और ऐसे अन्य खाने की चीजें इस त्योहार का प्रमुख हिस्सा हैं। इस दिन लोग पंजाब की पारंपरिक पोशाक पहनते हैं और गिद्दा और भांगड़ा करते हैं। इस दिन टेस्टी खाने की तैयारी और अलाव की रोशनी के साथ इस फेस्टिवल को मनाया जाता है। हालांकि कोरोना के कहर के कारण इस साल भी लोग इसे घरों में ही मनाएंगे। ऐसे में अपने परिवार वालों के साथ इस फस्टिवल को सेलिब्रेट करने के लिए आप कुछ प्लानिंग कर सकते हैं और कोरोना नियमों का पालन करते हुए इस त्योहार को खुशी-खुशी मना सकते हैं। 

 

1) घर के खूले एरिया को चुनें

इस बार बाहर जाना, लोगों और चीजों के संपर्क में आना बहुत असुरक्षित है तो बेहतर होगा कि आप लोहड़ी सेलिब्रेशन के लिए अपने घर को तैयार करें और अपने सभी करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों को अपने घर पर आमंत्रित करें। सुनिश्चित करें कि वे पार्टी से कम से कम 2-3 दिन पहले पहुंचें। ताकि वे उन दिनों के लिए खुद को क्वारंटाइन कर सकें और फिर आपके साथ फेस्टिवल का लुफ्त उठा सकें।

इतना ही नहीं, एक होम पार्टी थोड़ी ज्यादा बचत करने के लिए बहुत बढ़िया है क्योंकि बहुत कम चीजें हैं जिनका आपको ध्यान रखने की जरूरत है। पार्टी करने के लिए घर के खुले इलाके जैसे घर के आंगन या फिर छत को चुनें। 

 

2) सजावट करें

कोई भी त्योहार बिना डेकोरेशन के अधूरा सा लगता है। लोहड़ी के लिए भी आप कुछ डेकोरेशन जरूर करें। हालांकि आप लोहड़ी डेकोरेशन घर में मौजूद सामान से कर सकते हैं। इसके लिए कुछ कलरफुल फूल लें, लाइट्स या फिर पुरानी बची पतंग। इन सभी को अच्छे से प्लेस करें और डेकोरेट करें। ध्यान रखें लोहड़ी की डेकोरेशान काफी ज्यादा वाइब्रेंट होती है। इसलिए रंगों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।

3) पार्टी में जरूर रखें कुछ मजेदार गेम 

भारतीय बच्चे अंताक्षरी और चरखे खेलते हुए बड़े होते हैं, ऐसे में आप भी कुछ रोमांचक कर सकते हैं और अपने परिवार के सभी सदस्यों और दोस्तों के साथ खेल खेल सकते हैं। पारंपरिक ट्रिक या ट्रीट गेम जैसे गेम खेलें, चरखे खेलें या फिर पासिंग द पार्सल पास करें।

10-01-2022
क्या आपके बच्चे को भी है, घंटों पढ़ने के बाद भी कुछ याद नहीं रहने की परेशानी, तो करें ये....

दिल्ली। ऑनलाइन पढ़ाई के चलते आजकल हर दूसरे पेरेंट्स की अपने बच्चों से यह शिकायत है कि उनका बच्चा सारा दिन फोन पर गेम खेलता रहता है और जब उसे कुछ याद करने के लिए कहें तो घंटों किताब को सामने रखकर बैठा रहता है। हालांकि, ज्यादातर केस में तो यह समस्या अनुशासन की कमी और रूटीन लाइफ के डिस्टर्ब होने की वजह से देखने को मिल रही है। बावजूद इसके अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे के साथ ऐसा रूटीन लाइफ के डिस्टर्ब होने की वजह से नहीं बल्कि ब्रेन पॉवर के कमजोर होने की वजह से हो रहा है तो टेंशन छोड़ बच्चे की डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें। 

 

अच्‍छी याददाश्‍त के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें-

अंडे-

अंड़े को प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। इतना ही नहीं इसका रोजाना सेवन ब्रेन पॉवर बढ़ाने का काम भी करता है। अंडे में कोलिन नामक तत्व पाया जाता है, जो मस्तिष्क के विकास और फंक्शन को तेज करता है।

अखरोट- 

अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचूर मात्रा में पाया जाता है, जो मस्तिष्‍क के लिए बहुत ही अच्‍छा माना गया है। अखरोट का आकार दिमाग की तरह होता है। रोजाना 1 अखरोट का सेवन करने से दिमाग तेज होता है। इतना ही नहीं अखरोट याददाश्‍त अच्छी करके डिप्रेशन को भी दूर रखने में मदद करता है। 

हरी पत्तेदार सब्जियां-

एक शोध के मुताबिक हरी पत्तेदार सब्जियां याददाश्त में कमी को रोकने में सहायक होती हैं। हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन के, ल्यूटिन, प्रोटीन, फोलेट और बीटा कैरोटीन भरपूर मात्रा में मौजूद होता है, जो मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

देसी घी- 

सुबह उठकर बच्चा अपनी मील के साथ 1 चम्‍मच घी का सेवन नियमित रूप से करता है, तो ये उसकी याददाश्‍त बढ़ाने में मदद करता है।

चिया सीड्स- 

चिया सीड्स में उच्‍च मात्रा में एंटीऑक्‍सीडेंट्स होते हैं, जो दिमाग के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। अगर रोजाना एक चम्‍मच चिया सीड्स को पानी में रात में भिगो दें और दूसरे दिन सुबह उस पानी का सेवन करें, तो कमजोर याददाश्‍त मजबूत होती है। 

06-01-2022
चाणक्य नीति: आचार्य चाणक्य अनुसार प्राप्त करलें ये तीन चीजें, दिलाएंगी ऊंचा मुकाम की दुश्मन भी करेंगे तारीफ....

नई दिल्ली। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि व्‍यक्ति में कुछ खास बातें हों तो उसके दुश्‍मन को भी उसकी तारीफ करने पर मजबूर होना पड़ता है। फिर भले ही वो तारीफ मुंह पर करे या पीठ पीछे। जिंदगी में इतने ऊंचे मुकाम पर पहुंचने के लिए उसे 3 चीजें जरूर पा लेनी चाहिए।

ज्ञानवान बनें: बुद्धिमान और ज्ञानी व्‍यक्ति का सम्‍मान हर जगह होता है। इसलिए उम्र के हर पड़ाव पर ज्‍यादा से ज्‍यादा ज्ञान प्राप्‍त करने की कोशिश करें और उसे दूसरों के साथ बांटें भी। ऐसा करना आपको दुश्‍मन की नजर में भी सम्‍मान दिलाएगा।

संस्‍कारी बने: यदि व्‍यक्ति ईमानदार और संस्‍कारी हो तो उस पर कोई भी गलत आरोप लगाना संभव नहीं होता। ऐसे में दुश्‍मन तमाम कोशिशें करके भी आपकी छवि धूमिल नहीं कर सकता है।

कुशल बनें। ऐसे लोगों जो किसी न किसी काम को करने में महारथ रखते हैं, उनको सम्‍मान और पैसा हमेशा मिलता है। उस व्‍यक्ति का कौशल दुश्‍मन को भी तारीफ करने पर मजबूर कर देता है।

05-01-2022
चाणक्य अनुसार युवा अवस्था में खुद से दूर रखें ये चीजें,  कर सकती हैं आपका जीवन बरबाद

नई दिल्ली। आचार्य चाणक्य के मुताबिक युवा अवस्था एक धन के समान है। जिस प्रकार धर्म में साधना का महत्व है, उसी तरह युवा अवस्था में हर इंसान को ज्ञान और संस्कार पाने के लिए शरीर को तपाना पड़ता है। जब जाकर इंसान के व्यक्तित्व में निखार आता है। चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को भविष्य में अच्छे जीवन के लिए युवावस्था में ही तपना पड़ता है। ऐसे में हर युवा को युवावस्था में सजग और सतर्क रहना चाहिए। क्योंकि इस उम्र में थोड़ी लापरवाही भी भविष्य में भारी पड़ती है। इसलिए युवावस्था में हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए।

युवा अवस्था में संगत का सीधा असर इंसान के जीवन पर पड़ता है। ऐसे में चाणक्य ने कहा है कि दोस्ती करते वक्त बहुत सावधान रहना चाहिए। अच्छे लोगों से संगति करने पर जीवन को नई दिशा मिलती है। जबकि गलत संगत में आने पर इंसान भविष्य अंधकारमय हो जाता है।

 इस उम्र यदि गलत आदतें गले पड़ जाती हैं तो इससे छुटकारा पाना बहुत मुश्किल होता है। युवावस्था नशे की लत लग सकती है। नशे की लत खुद के जीवन को बर्बाद करने के साथ साथ आसपास के आसपास के लोगों पर भी असर डालता है। इसलिए इस उम्र में नशे से दूर रहना चाहिए।

04-12-2021
ना करें जरूरत से ज्यादा मटर का उपयोग, पहुंचा सकता है हानि

नई दिल्ली। ठंड का मौसम आते ही मटर मिलना शुरू हो जाता है और यह इस मौसम में मिलने वाला सबसे लोकप्रिय सब्जी है। इसका प्रयोग लोग कई प्रकार के व्यंजनों में बहुत शौक से करते हैं। मटर प्रोटीन का सबसे अच्छा स्त्रोत होता है।

 इनमें बड़ी मात्रा में फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई बीमारियों से भी बचाता है। मटर के हरे दाने सेहत के लिए जितने फायदेमंद होते हैं वहीं इनकी ज्यादा मात्रा शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकती है। मटर में पाया जाने वाला विटामिन K शरीर में कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। हरी मटर का सबसे बड़ा साइड इफेक्ट ये है कि वो शरीर में विटामिन K का स्तर ज्यादा बढ़ा देता है। शरीर में विटामिन K की ज्यादा मात्रा खून को पतला कर देती है और प्लेटलेट्स काउंट कम कर देती है। इसकी वजह से घाव को भरने में ज्यादा समय लगता है। जिन लोगों को पेट से जुड़ी दिक्कत हो, उन्हें मटर का सेवन ज्यादा नहीं करना चाहिए। 

26-11-2021
सर्दियों में भी खाएं संतरा, दमकती त्वचा सहित मिलेंगे ये फायदे...

नई दिल्ली। सर्दियों में संतरे खाना बेहद फायदेमंद है। ये इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर वजन घटाने तक का काम करती है। साथ ही इसमें खूब सारा विटामिन सी पाया जाता है, जो शरीर के लिए बेहत जरूरी है। सर्दियों के मौसम में जैसे-जैसे तापमान कम होने लगता है, हमारी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है, स्किन बेजान होने लगती है और पाचन कमजोर होने लगता है। संतरे में पाया जाने वाला विटामिन सी शरीर में कुछ कीटाणुओं को रोकने का काम करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। संतरा एक ऐसा फल है जो स्वस्थ शरीर के साथ दमकती त्वचा देता है। वहीं संतरे में खूब सारा फाइबर होता है जो वजन कम करने के साथ-साथ पाचन को भी मजबूत करता है। घुलनशील फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और ओवरइटिंग की आदत से बचाता है। इसकी वजह से शरीर में कैलोरी की मात्रा कम रहती है।

23-11-2021
अब महंगी क्रीम नहीं ये घरेलू नुस्खे भी दूर कर सकते हैं डार्क सर्कल, आंखों को मिलेगा आराम

नई दिल्ली। आंखों के नीचे काले घेरे पड़ना ना सिर्फ आपको थका हुआ दिखाते हैं बल्कि इसके कारण आपकी खूबसूरत भी फीकी पड़ जाती है। लड़कियां इसके लिए महंगी-महंगी क्रीम ट्राई करती है, लेकिन घरेलू नुस्खे डार्क सर्कल को बिना किसी साइड-इफेक्ट के दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे...
डार्क सर्कल होने के कारण
. आनुवंशिकता
. बढ़ती उम्र
. रूखी त्वचा
. ज्यादा आंसू बहाना
. कंप्यूटर के सामने ज्यादा देर बैठना
. मानसिक व शारीरिक तनाव
. नींद की कमी होना
. पौष्टिक भोजन का अभाव
डार्क सर्कल्स को दूर करने के लिए कुछ असरदार घरेलू नुस्खे
-टमाटर : 2 चम्मच टमाटर के रस में थोड़ा-सा नींबू का रस मिलाकर प्रभावित जगह पर लगाएं। करीब 10 मिनट बाद इसे गुनगुने पानी से धो लें। ऐसा नियमित करने से फर्क दिखाई देगा।
-गुलाब जल और दूध : कच्चे दूध और गुलाब जल को बराबर मात्रा में मिलाएं। इसे रूई में भिगोकर आंखों के ऊपर कम से कम 20 मिनट तक रखें। इससे ना सिर्फ डार्क सर्कल्स बल्कि आंखों की थकान भी दूर होगी।
-खीरा : खीरे को स्लाइस को 30 मिनट के लिए फ्रिज में रखें और फिर आंखों के ऊपर रखें। 10 मिनट बाद स्लाइस हटा दें और ऐसे ही रातभर के लिए छोड़ दें। रोजाना ऐसा करने से भी काले घेरे कुछ समय में ही गायब हो जाएंगे।
-बादाम तेल : लगभग एक चम्मच बादाम तेल और नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाएं। इसे धीरे से आंखों के आसपास लगाकर कुछ सेकंड मसाज करें और 5-10 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से साफ कर लें।
-ग्रीन टी : ग्रीन टी बैग्स को पानी में भिगोकर कुछ सेकंड के लिए फ्रीजर में रख दें। फिर इसे ठंडा करके 10 मिनट तक आंखों के ऊपर रखें। ऐसा दिन में कम से कम 2 बार करें। ग्रीन टी में एंटी-ऑक्सीडेंट व एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो आंख क्षेत्र के नीचे तनावग्रस्त केशिकाओं को शांत करने में मदद करते हैं।

03-11-2021
बच्चों को करवाएं ये योगासन, शारीरिक और मानसिक विकास के लिए है फायदेमंद 

नई दिल्ली। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उनका स्वास्थ रहना बे​हद जरूरी है। बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होने से वे जल्दी ही बीमार हो जाते हैं। ऐसे में उनकी सेहत को दुरुस्त रखने के लिए पेरेंट्स बच्चों की डाइट का खास ध्यान रखते हैं। मगर आप इस दौरान बच्चों से कुछ योगासन भी करवा सकती है। इससे बच्चे की इम्यूनिटी व पाचन तंत्र बेहतर होगा और एकाग्रता शक्ति बढ़ेगी। ऐसे में आपके बच्चे का बेहतर तरीके शारीरिक व मानसिक विकास होगा।
बालासन
इस योग को करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। शरीर के अंदरूनी अंगों में लचीलापन बढ़ता है। मन शांत होता है। गर्दन, कंधे व शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द होने की शिकायत दूर होती है। ऐसे में बच्चे का बेहतर तरीके से शारीरिक व मानसिक विकास होने में मदद मिलती है।
ताड़ासन
ताड़ासन करने से मांसपेशियों व हड्डियों में मजबूती आती है। शरीर का लचीलापन दूर होता है। साथ ही लंबाई बढ़ने में मदद मिलती है। अगर आपके बच्चे की हाइट कम है तो आप रोजाना उससे ताड़ासन जरूर करवाएं। इसके अलावा इससे शरीर की जकड़न, दर्द आदि से भी आराम मिलता है।
वृक्षासन
वृक्षासन करने से शरीर मजबूत होता है। इससे बच्चों को एकाग्रता शक्ति बढ़ने में मदद मिलेगी। रीढ़ की हड्डियां सीधी व मजबूत होती है। इम्यूनिटी और पाचन तंत्र दुरुस्त रहने में भी मदद मिलती है। इससे आपके बच्चे का बेहतर तरीके से शारीरिक व मानिसक विकास होगा।

12-10-2021
सफेद बालों से हैं परेशान तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खा 

नई दिल्ली। आजकल कम उम्र में भी बालों के सफेद होने की समस्या बढ़ गई है। ऐसे में कम उम्र की लड़कियां सफेद बालों से परेशान है। इसके पीछे का कारण गलत लाइफ स्टाइल व खानपान है। इससे बचने के लिए लड़कियां मेहंदी का सहारा लेती है। मगर मेहंदी लगाने से बालों का रंग गहरा लाल हो जाता है। इसके साथ ही बालों में रूखापन भी बढ़ने लगता है। ऐसे में आप मेहंदी में कुछ खास चीजें मिलाकर लगा सकती है। इससे आपको मनचाहा हेयर कलर तो मिलेगा ही साथ ही आपके बाल जड़ों से पोषित होंगे। ऐसे में आपको सुंदर, घने, मुलायम व काले बाल मिलेंगे। चलिए जानते हैं इसके बारे में...

मेहंदी में मिलाएं कॉफी
अगर आप बालों में ब्राउन या बरगंडी शेड देना चाहती है तो इसमें कॉफी मिलाएं। इसके लिए एक पैन में 1 कप पानी ओर 1 बड़ा चम्मच कॉफी मिलाकर उबालें। अब इसे ठंडा होने दें। बाद में इसमें 4-5 बड़े चम्मच मेहंदी पाउडर मिलाकर 3-4 घंटों के लिए भिगोएं। बाद में इसे बालों पर लगाकर 1-2 घंटे तक लगा रहने दें। इसके बाद ताजे पानी से बाल धो लें। अगली दिन माइल्ड शैंपू से बालों को धोएं।


मेहंदी में मिलाएं केला
अगर आप सफेद बालों से परेशान हैं तो मेहंदी में केला मिलाकर लगाएं। इसके लिए एक बाउल में जरूरत अनुसार मेहंदी और पानी मिलाकर रातभर भिगोएं। अगली सुबह इसमें एक पका हुआ केला मैश करके मिलाएं। तैयार मेहंदी को बालों पर 20-30 मिनट तक इसे लगाकर रखें। बाद में माइल्ड शैंपू से धो लें। अच्छा व जल्दी रिजल्ट पाने के लिए आप इनमें से किसी भी हेयर पैक को हफ्ते में 2 बार जरूर लगाएं।

मेहंदी लगाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- कभी भी गंदे बालों पर मेहंदी ना लगाएं। इसके लिए पहले ही सिर धो लें।
- मेहंदी लगाने के बाद बालों पर कोई भी तेल लगा लें। अगले दिन ही शैंपू करें। इससे आपका रंग लंबे समय तक टिका रहेगा। साथ ही बाल मुलायम भी रहेंगे।
- मेहंदी को ज्यादा देर तक ना लगाएं। नहीं तो इससे आपको सही रंग नहीं मिलेगा।
 

30-09-2021
डाइट में जरूर शामिल करें तुलसी की चाय, मिलेंगे सेहत से जुड़े ये फायदे

नई ​दिल्ली। लगभग सभी लोग चाय और कॉफी से ही अपनी दिन की शुरुआत करते हैं। चाय और कॉफी के बिना मानों उनकी जिंदगी अधूरी सी है। खासकर चाय में तो कई तरह के फ्लेवर मौजूद हैं। किसी को ग्रीन टी पसंद है तो कोई कडक़ चाय या नींबू की चाय का जायका लेना पसंद करता है। वहीं तुलसी की चाय पीने वालों की भी कमी नहीं है, क्योंकि इस चाय का सेवन शारीरिक समस्याओं से राहत देने में बेहद कारगर है। आइए इस चाय को बनाने का तरीका और इसके फायदे जानें।

तुलसी की चाय बनाने का तरीका
सामग्री : तुलसी की 5 से 6 पत्तियां, एक कप पानी, एक चौथाई चम्मच चायपत्ती, थोड़ा सा दूध (वैकल्पिक), चीनी या शहद (स्वादानुसार)।
चाय बनाने का तरीका : सबसे पहले एक पैन में पानी को अच्छे से गर्म करें, फिर उसमें चायपत्ती डालें और जब पानी में उबाला आ जाए तो तुलसी की पत्तियां और दूध डालकर फिर से उबालें। अब चाय को एक कप में छानकर निकालें और इसमें शहद या चीनी मिलाकर इसका सेवन करें।

सांस से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को करें कम
तुलसी की चाय का सेवन सांस से संबंधित कई समस्याओं से राहत दिलाने में काफी मदद कर सकता है। एक शोध के अनुसार, यह चाय एंटी-ऑक्सीडेंट गुण से समृद्ध होती है, जो ब्रोंकाइटिस, अस्थमा और इओसिनोफिलिक लंग्स डिजीज (फेफड़े से जुड़ी बीमारी) आदि बीमारियों के जोखिम को कम कर सकती है। इसलिए सांस की बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए तुलसी की चाय का सेवन करना चाहिए। ब्लड प्रेशर को बेहतर तरीके से संचालित रखने में भी तुलसी की चाय का सेवन फायदेमंद है। एक शोध के मुताबिक, तुलसी की चाय में एंटी-ऑक्सीडेंट के साथ-साथ कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जिस कारण इसका पर्याप्त मात्रा में सेवन ब्लड प्रेशर को सही ढंग से संचालित करने में मददगार है। अगर कोई ब्लड प्रेशर से संबंधित दवा का सेवन कर रहा है तो डॉक्टर की सलाह लेकर उसकी जगह तुलसी की चाय का सेवन कर सकता है।

मौसमी एलर्जी को दूर करने में है सहायक
अगर मौसम में बदलाव होते ही आपको एलर्जी की समस्या हो जाती है तो इससे बचाव के लिए तुलसी की चाय का सेवन लाभकारी सिद्ध हो सकता है। दरअसल तुलसी की चाय में रोजमेरिनिक एसिड सम्मिलित होता है जो एंटी-एलर्जेनिक के साथ-साथ एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रभाव से युक्त होता है। ये दोनों प्रभाव मिलकर मौसमी एलर्जी से बचाव करने में सहायक हो सकते हैं। इसलिए सीजनल एलर्जी को दूर करने के लिए इस चाय को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

मधुमेह ग्रसितों के लिए है बेहद लाभकारी
मधुमेह के जोखिमों को कम करने में भी तुलसी की चाय का सेवन कारगर है। एक शोध के अनुसार, इसमें एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक एजेंट होते हैं, जो शरीर में शुगर के स्तर को नियंत्रित कर मधुमेह के जोखिम को कम करने में सहायक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, तुलसी की चाय शरीर में इंसुलिन का स्तर बनाए रखने में मदद करती है, जिससे खून में शुगर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

27-09-2021
झड़ते बालों की समस्या से पाना चाहते हैं छुटकारा तो जानिए ये आसान उपाय

नई दिल्ली। लगभग हर लड़की की चाह होती है कि उसके लंबे और घने बाल हो। लेकिन झड़ते बालों के कारण आपकी ये चाहत अधूरी ही रह जाती है। इस कारण से कुछ लोग तो महंगे से महंगा शैंपू और कंडीशनर इस्तेमाल करते हैं फिर भी झड़ते बालों से परेशान रहते हैं और अपनी उम्र से ज्यादा बड़े लगने लगते है। इस समस्या से बचने के लिए आपको इसके कारण पता होने चाहिए। तो आइए जाने इसके कारण और उपाय। 

बाल झड़ने के मुख्य कारण हैं- आनुवंशिकता, कुछ दवाएं और तनाव

आनुवंशिकता : इसका मतलब यह है कि अगर आपके परिवार में माता-पिता में से किसी को बाल झड़ने की समस्या है, तो यह आपको भी हो सकती है। इसमें आगे के हिस्से के बाल गिरने लगते हैं या कम होने लगते हैं। 
दवाइयां : कैंसर, गठिया, डिप्रेशन आदि रोगों के उपचार कि दवाईयां भी बालों के झड़ने का कारण बनती हैं। 
तनाव : बालों के कमजोर होने का प्रमुख कारण शारीरिक या मानसिक रूप से तनावपूर्ण होना है। 

हार्मोन में बदलाव और कुछ हेयर स्टाइल भी हैं बाल झड़ने के मुख्य कारण

हार्मोन में बदलाव : डॉक्टरों का कहना है कि हार्मोंस में बदलाव के कारण भी बाल झड़ते हैं। हार्मोंस में बदलाव गर्भावस्था, बच्चे को जन्म देते हुए, रजोनिवृत्ति, थायरॉयड आदि के कारण होते हैं। 
कुछ हेयर स्टाइल और हेयर ट्रीटमेंट : कुछ हेयर स्टाइल जो बालों पर दबाव डालते हैं, वे भी बालों के झड़ने का कारण हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ घरेलू उपचार जैसे गर्म तेल आदि जो कि हमारे बालों के झड़ने का कारण बन जाता है। 

उपाय-1
ये कुछ उपाय जो बचा सकते हैं आपके बालों को झड़ने से
आनुवंशिकता पीड़ित लोगों के बालों को झड़ने से रोका नहीं जा सकता है, लेकिन कुछ उपायों से झड़ते बालों की समस्याओं को ठीक किया जा सकता है। वह उपाय इस प्रकार हैं: 

1) टाइट हेयर स्टाइल जैसे चोटी और पोनीटेल न बनाए। ज्यादा बालों को खींचने या मोड़ने में उलझे न रहें। 
2) दवाइयों के सेवन से बचें, जो बालों के झड़ने का कारण होती हैं। 
3) आर्टिफि़शियल बालों का उपचार जैसे हॉट रोलर्स, कर्लिंग आयरन से बचें। 

उपाय-2

अन्य उपाय जो बचा सकते है आपके बालों को झडऩे से
4) अपने बालों को हल्के हाथों से धोएं और कंघी करें। कंघी करने के लिए, चौड़े दांतों वाली कंघी का ही इस्तेमाल करें। 
5) अपने बालों को तेज धूप और यूवी किरणों के अन्य स्रोतों से बचाएं। 
6) धूम्रपान से भी बाल झड़ते हैं, इसलिए धूम्रपान न करें। नोट : यदि इन उपायों से भी आपके झड़ते बालों की समस्या समाप्त नहीं होती है। तो किसी डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाएं। शायद आपके बालों के झड़ने का कारण कुछ और हो सकता है। 

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