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19-08-2019
रिकार्ड स्तर पर पहुचंने के बाद सोना हुआ कमजोर, चांदी भी लुढ़की

नई दिल्ली। सर्राफा बाजार में सोना 100 रुपए टूटकर 38,570 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। गत कारोबारी दिवस यह 38,670 रुपए के अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर रहा था। चांदी भी 650 रुपए की बड़ी गिरावट के साथ 45 हजार रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर बंद हुई। लंदन तथा न्यूयॉर्क से मिली जानकारी के अनुसार, दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर में रही मजबूती से सोने-चाँदी पर दबाव पड़ा है। सोना हाजिर 12.12 डॉलर लुढ़ककर 1,500.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। दिसंबर का अमेरिकी सोना वायदा 12 डॉलर की गिरावट में 1,511.60 डॉलर प्रति औंस बोला गया। 

बाजार विश्लेषकों ने बताया कि दुनिया की छह अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर का सूचकांक दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया। इससे डॉलर के अलावा अन्य मुद्राओं वाले देशों के लिए सोने का आयात महँगा हो गया। इस कारण माँग में गिरावट आने से इसकी कीमतों में नरमी देखी गई। शेयर बाजारों में लौटी तेजी से भी पीली धातु पर दबाव रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चाँदी हाजिर भी 0.15 डॉलर की गिरावट में 16.92 डॉलर प्रति औंस पर रही। 

18-08-2019
जब दो दिन में 29 हजार करोड़ रुपये ज्यादा अमीर हो गए मुकेश अंबानी!

मुंबई। देश के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी की संपत्ति में रिलायंस इंडस्ट्रीज की एनुअल जनरल मीटिंग के बाद बंपर उछाला आया है। महज दो दिन में मुकेश अंबानी 29 हजार करोड़ रुपये ज्यादा अमीर हो गए। रिपोर्टस के मुताबिक कंपनी की एजीएम में की गई घोषणाओं के बाद कंपनी के शेयर में उछाल आया। स्टॉक मार्केट डाटा के मुताबिक इस तरह अंबानी की संपत्ति में 4 बिलियन डॉलर (28,684 करोड़ रुपए) का उछाल आया। ब्लूमबर्ग बिलिनियर इंडेक्स के मुताबिक अंबानी मौजूदा समय में 49.9 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ वर्ल्ड के 13वें सबसे अमीर शख्स हैं। बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने तेल और रसायन कारोबार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी ‘अरामको’ को बेचेगी। यह सौदा करीब 15 अरब डॉलर अथवा 1.06 लाख करोड़ रुपये में पूरा होने की उम्मीद है। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने आरआईएल की 42वीं वार्षिक आम सभा में यह बात कही। इसके अलावा कंपनी ने पेट्रोलियम ईंधन के अपने खुदरा कारोबार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी ब्रिटेन की कंपनी बीपी को बेचने की भी घोषणा की। इस सौदे में कंपनी को 7 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके अलावा कंपनी ने जियो फाइबर को अगले महीने लॉन्च करने की भी घोषणा की है।

 

18-08-2019
विदेशी मुद्रा भंडार 1.62 अरब बढ़कर नए रिकार्ड स्तर पर

मुंबई। देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दूसरे सप्ताह घटने के बाद नौ अगस्त को समाप्त सप्ताह में 1.62 अरब डालर की लंबी छलांग लगाकर 430.572 अरब डालर पर पहुंच गया। इससे पहले दो अगस्त को समाप्त सप्ताह में 69.72 अरब डालर घटकर यह 428.95 अरब डालर और 26 जुलाई को समाप्त सप्ताह में यह 72.71 करोड़ डॉलर की गिरावट के साथ 429.65 अरब डॉलर पर रहा था। रिजर्व बैंक के 16 अगस्त को जारी आँकड़ों के अनुसार, 9 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 1.52 करोड़ डालर बढ़कर करोड़ डॉलर 398.739 अरब डॉलर पर पहुंच गई। इस दौरान स्वर्ण भंडार 1.591 अरब डालर की छलांग के साथ 26.754 अरब डॉलर के बराबर पहुंच गया। आलोच्य सप्ताह में रिजर्व बैंक के पास आरक्षित निधि 70 लाख डॉलर बढ़कर 3.636 अरब डॉलर पर हो गई जबकि विशेष आहरण अधिकार 67 लाख डॉलर बढ़कर 1.441 अरब डॉलर का हो गया।

17-08-2019
एविएशन सेक्टर में मंदी के संकेत, चार बड़ी कंपनियों को करोड़ों का घाटा

नई दिल्ली। ऑटो सेक्टर के बाद अब एविएशन सेक्टर में भी मंदी के संकेत मिल रहे हैं। फायदे में चल रही इंडिगो समेत चार बड़ी कंपनियों को वित्त वर्ष 201-2019 के दौरान 5912 करोड़ का घाटा हुआ है। इस घाटे की वजह ऑपरेशनल कॉस्ट और टैक्स में बढ़ोतरी बताई जा रही है। इसके अलावा तेल के बढ़ते-घटते दाम भी घाटे की मुख्य वजहों में से एक है। खास बात यह है कि पिछले चार साल से प्रॉफिट दर्ज कर रही लो कॉस्ट कैरियर इंडिगो को भी वित्त वर्ष 2018-19 में घाटा झेलना पड़ा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इंडिगो को पिछले चार वर्षों से प्रॉफिट दर्ज कर रही थी। लेकिन वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी को 1,490 मिलियन रुपए का घाटा हुआ है। वहीं स्पाइसजेट को इस दौरान 2,661 मिलियन रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं गो एयर को 8,970 मिलिनय रुपए जबकि सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया, एआई एक्सप्रेस और अलाइंस एयर को वित्त वर्ष 2018-19 में 46,000 मिलयन रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है।

एयरलाइन और विमानन विशेषज्ञों के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि एविएशन सेक्टर में प्रतिस्पर्धा आक्रमकता के साथ बढ़ रही है, जिसका नतीजा यह है कि सीटों की संख्या अधिक हो गई है नतीजन एयरलाइन टिकट की कीमतों में भारी गिरावट आई है। इससे भारत में उच्च परिचालन लागत होने की वजह से एविएशन सेक्टर में संकट पैदा हो गया है। वहीं एक एयरलाइन कंपनी के अधिकारी ने नाम ने बताने की शर्त पर बताया कि ‘लो कॉस्ट कैरियर्स द्वारा उठाए गए आक्रामक फैसलों ने एविएशन उद्योग के वित्तीय संकट को बढ़ा दिया है। अधिकारी ने कहा ‘इंडिगो जैसी कंपनी सस्ते टिकट उपलब्ध करवाकर सभी को चुनौती पेश करती है नतीजन फुल सर्विस कैरियर को भी सस्ते दाम में टिकट बेचनी पड़ती है। वहीं दूसरी तरफ, टैक्स दरों, तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और मेंटेनेंस कॉस्ट आदि में इजाफे से एविएशन कंपनियां घाटे को कम नहीं कर पा रही है।’

 

12-08-2019
रिलायंस जियो गीगा फाइबर की देशभर में वाणिज्यिक शुरूआत पांच सितंबर से : मुकेश

मुंबई। देश के दूरसंचार क्षेत्र में मात्र तीन साल के भीतर नई क्रांति की जनक रिलायंस जियो ने पांच सितंबर से देश भर में रिलायंस जियो गीगा फाइबर की वाणिज्यिक शुरूआत का ऐलान किया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष.प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने सोमवार को यहां के बिरला मातुश्री सभागार में 42 वीं आम बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि रिलायंस जियो के प्रारंभ होने के तीन वर्ष पूरा होने पर रिलायंस जियो गीगा फाइबर की देशभर में वाणिज्यिक शुरूआत की जायेगी। उन्होंने कहा कि इसका प्लान 700 रुपए से लेकर दस हजार रुपए तक होगा। सात सौ रुपए वाले आधार प्लान की गति 100 एमबीपीएस होगी।

उन्होंने बताया कि रिलायंस जियो गीगा फाइबर सेवा में ब्राडबैंड के साथ लैंडलाइन फोन मुफ्त मिलेगा। इसके साथ ही एक जीबीपीएस तक की गति वाला इंटरनेट और मुफ्त सेट टाप बाक्स भी दिया जायेगा जो 4 के वीडियो स्पोर्ट करेगा। अंबानी ने कहा कि जियो गीगा फाइबर ब्राडबैंड के लिए देश के सभी केबल आपरेटरों के साथ साझेदारी की जाएगी। जियो गीगा फाइबर पर ईशा अंबानी और आकाश अंबानी ने कंपनी के बड़े अधिकारी के साथ डेमो प्रस्तुत करते हुए कहा कि इसमें एक जी बी प्रति सेकेंड की गति मिलेगी और इसके जरिये उपयोगकर्ता आसानी से अपने कई मित्रों से वीडियो काल कर सकेंगे। ईशा और आकाश ने जियो गीगा फाइबर के सेट टाप बाक्स के बारे में बताया कि यह लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा और इससे मिलने वाली सुविधाएं विश्व स्तरीय होंगी।
रिलायंस जियो की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए अंबानी ने बताया कि तीन साल से भी कम समय में यह देश का सबसे बड़ा और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा दूरसंचार आपरेटर बन गया है । उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कंपनी कम कीमत में 5 जी अपग्रेडेशन की सुविधा उपलब्ध कराएगी। 

अंबानी ने कहा कि रिलायंस जियो प्रत्येक माह करीब एक करोड़ ग्राहक अपने साथ जोड़ रही है और इसके उपभोक्ताओं की संख्या 34 करोड़ को पार कर गई है । उन्होंने कहा कि रिलायंस जियो के जरिए आय के चार नये विकास इंजन इंटरनेट आफ थिंग्स, होम ब्राडबैंड सेवा, इंटरप्राइजेज सेवाएं और छोटे और मध्यम कारोबार के लिए ब्राडबैंड सेवाओं पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि जियो फाइबर के उपभोक्ता हमेशा से घर से मुफ्त में वायस काल कर सकेंगे और जियो के मौजूदा नंबर से ही इसकी पहुंच होगी । जियो फाइबर वेलकम आफर के तहत एलईडी टेलीविजन और 4 के सेटटाप बाक्स मुफ्त में मिलेगा। ग्राहक को डाटा अथवा वायस में से एक के लिए ही पैसा खर्च करना होगा। पांच सौ रुपए के माहवार प्लान में कनाडा और अमेरिका में असीमित कालिंग की सुविधा होगी। फिल्म जिस रोज रिलीज होगी,प्रीमियम ग्राहक उसी दिन फिल्म टेलीविजन पर देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि रिलायंस जियो की यह सेवा जियो फर्स्ट डे फर्स्ट शो के नाम से होगी और इसकी शुरूआत अगले वर्ष के मध्य से की जायेगी।

अंबानी ने बताया कि रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने के लिए अब तक साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है । जियो गीगाफाइबर ब्राडबैंड सेवा को पिछले साल शुरू किया था किंतु अभी तक इसके प्लान के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी। अब पांच सितंबर से देशभर में इसकी वाणिज्यिक शुरूआत हो जाएगी। अंबानी ने माइक्रोसाफ्ट के साथ दीर्घकालिक गठबंधन का ऐलान करते हुए कहा कि नये क्लाउड डाटा केंद्रों की शुरूआत से डिजिटल क्षेत्र में तेज गति लाई जायेगी। माइक्रोसाफ्ट के अजूरे क्लाउड प्लेटफार्म की मदद से जियो देशभर में बड़े विश्व स्तर के डाटाकेंद्रों की स्थापना करेगा । भारतीय प्रौद्योगिकी स्टार्टसअप को जियो अजूरे क्लाउड सेवा मुफ्त में मुहैया कराई जायेगी।

10-08-2019
सेल के मुनाफे में भारी गिरावट

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) के शुद्ध मुनाफे में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारी गिरावट आयी है और यह पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 540. 63 करोड़ रुपये से घटकर 68. 84 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी की कुल बिक्री पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 15,473 करोड़ रुपये की तुलना में इस साल 30 जून को समाप्त तिमाही में घटकर 14,645 करोड़ रुपये रह गयी। कंपनी का कहना है कि इस दौरान बाजार में काफी उतार/चढ़ाव के चलते इस्पात की माँग में कमी के साथ-साथ शुद्ध विक्रय प्राप्ति में गिरावट रही, जिसका असर सेल समेत पूरे इस्पात उद्योग निष्पादन पर पड़ा है। यही कारण है कि उत्पादन के मोर्चे पर लगातार बेहतर प्रदर्शन के बावजूद सेल को अपने कारोबार समेत शुद्ध लाभ में गिरावट का सामना करना पड़ा है।

सेल ने अपने उत्पादन में बढ़ोतरी की गति को बनाये रखते हुए पहली तिमाही के दौरान अब तक की किसी भी तिमाही की तुलना में सर्वाधिक 43.23 लाख टन हॉट मेटल और 36.53 लाख टन बिक्री योग्य इस्पात का उत्पादन किया है। कंपनी ने इस तिमाही के दौरान 32.49 लाख टन बिक्री योग्य इस्पात का विक्रय किया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के लगभग बराबर है। सेल अध्यक्ष अनिल कुमार चौधरी ने कहा कि घरेलू इस्पात उद्योग को पहली तिमाही के दौरान पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले शुद्ध विक्रय प्राप्ति और माँग में गिरावट का सामना करना पड़ा। उनका मानना है कि मौजूदा वित्त वर्ष की आगामी अवधि के दौरान बुनियादी ढाँचे और निर्माण सहित इस्पात खपत से जुड़े क्षेत्रों में सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं में निवेश की घोषणा घरेलू इस्पात उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत है। सेल का जोर अपना उत्पादन बढ़ाने के साथ ही अपनी आधुनिकीकृत इकाइयों से प्रोडक्ट मिक्स बढ़ाने के साथ-साथ प्रचालन क्षमता में बढ़ोतरी करने पर भी है, जो कंपनी के सकारात्मक भविष्य को एक नयी दिशा देने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण बाजार दशाओं के बावजूद सेल पिछली सात तिमाहियों से लाभ दर्ज करना जारी रखे हुए है।

09-08-2019
कैट ने प्रदेश के 6 लाख व्यापारियों को डिजिटल से जोड़ने शुरू किया राष्ट्रीय अभियान

रायपुर। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाते हुए देश भर के व्यापारियों के बीच डिजिटल भुगतान को अपनाने और उनके ई-कॉमर्स शोरूम बनाकर ई-कॉमर्स पोर्टल से जोड़ने का एक राष्ट्रीय अभियान दिल्ली में शुरू किया। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी ने उक्ताशय की जानकारी दी। परवानी ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत कैट छत्तीसगढ़ के 6 लाख और देश के 7 करोड़ व्यापारियों को डिजिटल तकनीक से जोड़ेगा। कैट के इस अभियान में जिसे डिजी व्यापारी-सफल व्यापारी का नाम दिया गया है में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कॉमन सर्विस सेंटर, एचडीएफसी बैंक, मास्टरकार्ड, और ग्लोबल लिंकर्स ने साझेदारी की है। यह अपनी तरह की पहली जमीनी पहल है, जो ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को बदल देगी और छोटे व्यापारियों और व्यापारियों को पूरे देश के स्थानों में भी लाभान्वित करेगी।

उन्होंने बताया कि भारत में 5 लाख से अधिक सीएससी का एक नेटवर्क है, जिसमें कम से कम एक-दो ग्राम-स्तरीय उद्यमी हैं और लगभग 12 लाख लोगों को रोजगार देते हैं, जो नागरिकों को डिजिटल रूप से कई सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सीएससी फ्रेंचाइजी चलाने वाले ग्रामीण स्तर के उद्यमी (वीएलई) स्थानीय समुदायों से जुडऩे की शक्ति रखते हैं। वे अब दूरस्थ स्थानों में डिजिटल वित्तीय साक्षरता और गोद लेने के कार्यक्रमों को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, अन्यथा औपचारिक बैंकिंग तक उनकी पहुंच नहीं होगी। कैट से संबद्ध 40 हजार देश भर के 40 हजार से ज्यादा व्यापारी संगठन इसके लाभ उठाने के लिए व्यापारियों और सीएससी को एक साथ लाने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएंगे।

अमर पारवानी ने कहा कि ई कॉमर्स भविष्य का एक महत्वपूर्ण व्यापार है, यह महसूस करते हुए कि कैट ग्लोबल लिंकर्स के सहयोग से प्रत्येक व्यापारी का ई कॉमर्स पोर्टल पर एक लाइव  शोरूम बनाएगा, जिसमें डिजिटल भुगतान, लॉजिस्टिक्स और लाइव चैट की एकीकृत सुविधाएं होंगी। यह पोर्टल जहाँ व्यापारियों के बीच व्यापार की संभावनाएं विकसित करेगा वहीँ दूसरी ओर व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच भी सामान खरीदने की सुविधा प्रदान करेगा। इस पोर्टल को सिंगापुर सरकार के बिजनेस सेन्स बॉर्डर प्रोग्राम से जोड़ा जाएगा, जो भारतीय व्यापारियों को विदेशी बाजार भी प्रदान करेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह देश में पहली बार शुरू की जा रही एक अनूठी पहल है, जो देश में डिजिटल भुगतानों की गहरी पैठ हासिल करने के लिए सीएससी की पहुंच और प्रभाव का उपयोग करेगी। मास्टरकार्ड और एचडीएफसी के सहयोग से भौतिक और डिजिटल बुनियादी ढाँचे के सही संतुलन के साथ व्यापारियों के डिजिटलीकरण के लिए और अधिक जोर दिया जाएगा।

 

08-08-2019
सोने के भाव में जबर्दस्त उछाल, 38 हजार रुपए के पार

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं में पिछले सत्र में आई जबरदस्त तेजी के कारण गुरुवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 550 रुपए की छलाँग लगाकर 38 हजार के स्तर को पार कर अब तक के रिकॉर्ड स्तर 38,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। स्थानीय बाजार में पीली धातु पहली बार 38 हजार के पार पहुंची है। संसद में पांच जुलाई को पेश बजट के बाद से सोना 4,300 रुपये महँगा हो चुका है। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 630 रुपए की मजबूती के साथ 44,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले सत्र में सोना 1500 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुँच गया था। हालाँकि आज मुनाफावसूली का दबाव दिखा, जिससे सोना हाजिर 0.28 प्रतिशत उतरकर 1,496.60 डॉलर प्रति औंस पर रहा। इस दौरान अक्टूबर का अमेरिका सोना वायदा 0.64 प्रतिशत उतरकर 1497.70 डॉलर प्रति औंस पर रहा। चाँदी 0.19 प्रतिशत उतरकर 17.07 डॉलर प्रति औंस बोली गई। 

 

08-08-2019
राज्य में डीजल और पेट्रोल की नई दरें आज से होंगी प्रभावशील

रायपुर। राज्य में पेट्रोल और डीजल की नई दरें 8 अगस्त से लागू होंगी। राजस्व हित को देखते हुए राज्य में डीजल और पेट्रोल पर वैट की दर पर दी गई रियायत को हटा दिया गया है। रियायत हटाने के बाद भी छत्तीसगढ़ में वैट की दर कम होने के कारण सीमावर्ती राज्यों जैसे मध्यप्रदेश महाराष्ट्र और ओडिशा आदि राज्यों की तुलना में पेट्रोल और डीजल का मूल्य कम होगा। राज्य सरकार के वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा आज इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिसके तहत नई दरें 8 अगस्त 2019 से प्रभावशील हो जाएंगी। नई दरों में पेट्रोल और डीजल के मूल्य में प्रति लीटर लगभग 2.25 रूपए की बढ़ोत्तरी होगी। 7 अगस्त को भोपाल में पेट्रोल की कीमत 77.36 रूपए, नागपुर में 78.09 रूपए जबकि रायपुर में 70.85 रूपए प्रति लीटर है। जिसमें 2.25 रूपए की वृद्धि बहुत कम है।

गौरतलब है कि वर्तमान में छत्तीसढ़ में कर सहित डीजल 69.27 रूपए प्रति लीटर और पेट्रोल 70.85 रूपए प्रति लीटर है। जिसमें डीजल में वैट भार लगभग 12.85 रूपए और पेट्रोल में वैट भार लगभग 13.95 रूपए है। डीजल और पेट्रोल के मूल्यों में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा अक्टूबर 2018 में 2 रूपए प्रति लीटर की राहत देते हुए इसी तरह राज्यों को भी 2 रूपया प्रति लीटर राहत देने को कहा गया था। जिस पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 5 अक्टूबर 2018 से डीजल और पेट्रोल पर वैट की दर 25 प्रतिशत से घटाकर 21 प्रतिशत करने की अधिसूचना जारी की गई थी जो 31 मार्च 2019 तक प्रभावशील थी इसे पुन: 31 मार्च 2020 तक बढ़ाया गया था।

जुलाई 2019 में केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में डीजल और पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी तथा सेस के रूप में 2 रूपया प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। इस वृृद्धि से वर्तमान में केन्द्र सरकार द्वारा डीजल में आरोपित एक्साइज ड्यूटी तथा सेस 15.83 रूपए प्रति लीटर और पेट्रोल पर 19.98 रूपए प्रति लीटर है। छत्तीसगढ़ राज्य में डीजल और पेट्रोल की वर्तमान कीमत तथा वर्तमान वैट की दरों के आधार पर डीजल पर प्रति लीटर कर भार लगभग 12.85 रूपए तथा पेट्रोल पर लगभग 13.95 रूपए है जो केन्द्र सरकार द्वारा आरोपित कर की तुलना में डीजल में 3 रूपए और पेट्रोल में 6 रूपए प्रति लीटर कम है। चंूकि केन्द्र सरकार द्वारा डीजल और पेट्रोल पर 2 रूपए प्रति लीटर कर भार में वृद्धि की जा चुकी है तथा केन्द्र सरकार द्वारा आरोपित कर राज्य द्वारा आरोपित वैट की तुलना में काफी अधिक है। अत: राजस्व हित को देखते हुए डीजल और पेट्रोल में वैट की दर में दी गई रियायत को समाप्त करते हुए वैट अधिनियम की अनुसूची अनुसार डीजल पर वैट दर 25 प्रतिशत + 1 रूपया प्रति लीटर तथा पेट्रोल पर 25 प्रतिशत + 2 रूपया प्रति लीटर रखा गया है। वैट की दर में वृद्धि से डीजल और पेट्रोल की कीमतों में लगभग 2.25 रूपए की वृद्धि होगी।

07-08-2019
शेयर बाजार में मायूसी, 286 अंक लुढ़का सेंसेक्स, पहुंचा पांच महीने के निचले स्तर पर

मुंबई। आरबीआई के बुधवार को जारी मौद्रिक नीति बयान में चालू वित्त वर्ष का विकास अनुमान घटाने से घरेलू शेयर बाजार दबाव में आ गये और बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सेंसेक्स 286.35 अंक लुढ़ककर पांच महीने के निचले स्तर 35,690.50 अंक पर आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 92.75 अंक की गिरावट में 10,855.50 अंक पर बंद हुआ। धातु और ऑटो समूहों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। बैंकिंग तथा ऑटो क्षेत्र की कंपनियों के साथ विविध क्षेत्रों में कारोबार करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईटीसी ने भी बाजार पर दबाव बनाया।
केंद्रीय बैंक ने मुख्य नीतिगत दर रेपो रेट में 0.35 प्रतिशत की कटौती की है, लेकिन साथ ही कमजोर घरेलू तथा वैश्विक माँग के मद्देनजर चालू वित्त वर्ष का विकास अनुमान सात फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया है। दरों में कटौती के कारण आरबीआई के बयान के तुरंत बाद बाजार में तेजी देखी गई, लेकिन कुछ देर बाद बिकवाली शुरू हो गई। सेंसेक्स 49.42 अंक की बढ़त के साथ 37,025.27 अंक पर खुला। नीतिगत दरों की घोषणा के बाद यह 37,104.79 अंक के दिवस के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया। बाद में शुरू हुई बिकवाली से एक समय यह 36,610.57 अंक के निचले स्तर तक भी उतरा। कारोबार की समाप्ति पर यह गत दिवस की तुलना में 286.35 अंक यानी 0.77 प्रतिशत नीचे 36,690.50 अंक पर बंद हुआ, जो 8 मार्च के बाद का निचला स्तर है।

07-08-2019
एनबीएफसी की तरलता, ऋण उठाव बढ़ाने के लिए किये कई उपाय

मुंबई। अर्थव्यवस्था पर दबाव कम करने के उद्देश्य से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की तरलता और ऋण उठाव बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को कई उपायों की घोषणा की। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बुधवार को समाप्त तीन दिवसीय द्विमासिक समीक्षा बैठक में ये फैसले किये गये। बैठक के बाद विकास एवं विनियमन पर जारी बयान में कहा गया है कि किसी एक ही एनबीएफसी को बैंकों द्वारा दिये जाने वाले ऋण की सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में कोई बैंक अपनी टीयर-1 पूंजी का अधिकतम 15 प्रतिशत एक ही एनबीएफसी को दे सकता है। एनबीएफसी के अलावा अन्य क्षेत्रों की एक ही कंपनी के लिए यह सीमा 20 प्रतिशत है जिसे विशेष परिस्थितियों में बैंक के बोर्ड की सहमति से 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है।

एनबीएफसी के लिए अभी अब इस सीमा को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का फैसला किया गया है। इसके अलावा वाणिज्यिक बैंक प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए एनबीएफसी के माध्यम से भी ऋण दे सकेंगे। कृषि क्षेत्र के लिए इस तरह के ऋण की सीमा 10 लाख रुपये और सूक्षम एवं लघु उद्योगों के लिए 20 लाख रुपये रखी गयी है। आवास क्षेत्र के लिए यह व्यवस्था पहले से थी जिसकी सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की गयी है। बयान में कहा गया है कि निर्यात एवं रोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और प्राथमिकता वाले चुनिंदा क्षेत्रों के लिए ज्यादा ऋण उपलब्ध कराने के लिए एनबीएफसी की भूमिका को स्वीकारते हुये यह कदम उठाया गया है।

07-08-2019
दिसंबर से चौबीसों घंटे कर सकेंगे एनईएफटी

मुंबई। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से खुदरा लेनदेन आसान बनाने के लिए रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने दिसंबर से नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (एनईएफटी) की सुविधा सभी दिन चौबीसों घंटे देने का फैसला किया है।
केंद्रीय बैंक की बुधवार को समाप्त तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के बाद जारी विकास एवं नियामक नीति बयान में यह बात कही गयी है। वर्तमान में एनईएफटी की सुविधा सभी बैंक कार्यदिवसों पर सुबह आठ बजे से शाम सात बजे तक उपलब्ध होती है। आरबीआई ने जारी बयान में कहा जैसा कि भुगतान प्रणाली विजन 2021 दस्तावेज में कहा गया है रिजर्व बैंक दिसंबर से एनईएफटी की सुविधा 24 गुणा 07 आधार पर उपलब्ध करायेगा। इससे देश की खुदरा भुगतान प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव की उम्मीद है।

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