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जनहित याचिका से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने वकील से पूछा- क्या आपके रिश्तेदार से हुआ रेप?

नई दिल्ली। आपराधिक मामले में जनहित याचिका (PIL) दायर होने से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने आज एक वकील से सवाल किया, ‘क्या बलात्कार पीड़िता का कोई रिश्तेदार राहत के लिये हमारे सामने है, या क्या आपका कोई ऐसा रिश्तेदार है जिससे बलात्कार हुआ है।’

न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने अधिवक्ता एम एल शर्मा से जनहित याचिका दायर करने के  औचित्य पर सवाल उठाते हुये अचरज व्यक्त किया कि आपराधिक मामलों में जनहित याचिका कैसे दायर हो सकती है।

दरअसल, इस वकील ने आरोप लगाया था कि पुलिस बलात्कार के ऐसे मामलों में FIR दर्ज नहीं कर रही हैं जिनमें मंत्रियों, सांसदों या विधायकों जैसे ताकतवर लोगों की संलिप्तता होती है। शीर्ष अदालत ने इस वकील से जानना चाहा कि उन्नाव बलात्कार कांड के संदर्भ में उसकी क्या हैसियत है. कोर्ट यह भी जानना चाहता था कि उन्नाव कांड से वह किस तरह प्रभावित है और इससे उसका क्या संबंध है।

पीठ ने कहा, ‘इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पहले ही इस मामले में कुछ आदेश दिये हैं, शर्मा जी आप इस मामले में प्रभावित व्यक्ति नहीं है, आपराधिक मामले में जनहित याचिका दायर नहीं हो सकती है।’शर्मा ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्रियों और विधायकों जैसे ताकतवर लोगों की संलिप्तता वाले बलात्कार के अनेक मामलों में पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही है।

पीठ ने वकील से सवाल किया, ‘इन बलात्कार के मामलों में आप कौन हैं? क्या बलात्कार पीड़िता का कोई रिश्तेदार राहत के लिये हमारे सामने है? क्या आपका ऐसा कोई रिश्तेदार है जिसके साथ बलात्कार हुआ है। पीठ की तल्ख टिप्पणी के बाद कोर्ट रूम कक्ष में वकीलों के बीच एकदम सन्नाटा पसर गया।

इसके बाद भी जब शर्मा ने अपनी याचिका पर जोर दिया तो कोर्ट ने इसे खारिज करते हुये कहा कि इस पर विचार नहीं किया जा सकता. शीर्ष अदालत उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक की कथित संलिप्तता वाले उन्नाव सामूहिक बलात्कार मामले की सीबीआई जांच के लिये दायर याचिका पर 11 अप्रैल को सुनवाई के लिये तैयार हो गयी थी।

वकील शर्मा का यह भी आरोप था कि पीड़िता के पिता को यातना दी गयी और सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के इशारे पर पुलिस हिरासत में उनकी हत्या भी हो गयी है। उन्होंने पिछले साल जुलाई में नाबालिग लड़की के अपहरण और बलात्कार के मामले की सीबीआई जांच का भी अनुरोध किया था।

कर्नाटक चुनाव : 59 उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी, सिद्धारमैया के खिलाफ गोपाल राव खेलेंगे दाव

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी कर दी है। इससे पहले बीजेपी ने 9 अप्रैल को जारी पहली सूची में 72 कैंडिडेट्स के नामों का ऐलान किया था जबकि बीजेपी की दूसरी लिस्ट में 82 उम्मीदवारों के नाम शामिल थे।

तीसरी सूची की खास बात यह है कि बीजेपी ने इसमें मैसूर के चामुंडेश्वरी सीट से गोपाल राव को अपना उम्मीदवार बनाया है, जहां से कांग्रेस के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया चुनाव लड़ रहे हैं। इसी सीट से जनता दल (सेकुलर) ने भी अपना उम्मीदवार खड़ा कर रखा है। कहा जा रहा है कि बीजेपी ने इस सीट से मुख्यमंत्री के खिलाफ कमजोर प्रत्याशी खड़ा किया है।

गोपाल राव एक ब्राह्मण हैं जबकि चामुंडेश्वरी सीट का इतिहास रहा है कि यहां से वोक्कालिगा या कुर्बा जाति का उम्मीदवार विजयी होता रहा है। इस सीट पर वोक्कालिगा या कुर्बा जाति की बहुलता है, जबकि ब्राह्मणों की संख्या बेहद कम है। 2013 में जेडीएस ने 42.9 फीसदी जबकि कांग्रेस ने 38.9 फीसदी वोट हासिल किया था।

बड़ी बात यह है कि गोपाल मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और जीटी देवेगौड़ा की तुलना में बड़े नेता नहीं हैं, और वह पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस राजिंदर सच्चर ने ली अंतिम सांस

नई दिल्ली। काफी समय से बीमार चल रहे दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस राजिंदर सच्चर का94 साल की उम्र में निधन हो गया है। हाल ही में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका जन्म 22 दिसम्बर 1923 को हुआ था। भारत में मुसलमानों की स्थिति पर बनाई गई जस्टिस सच्चर कमेटी काफी चर्चा में रही थी। मानवाधिकार को लेकर जस्टिस सच्चर ने काफी काम किया था।

जस्टिस सच्चर ने अपने करियर की शुरुआत 8 दिसंबर 1960 में सुप्रीम कोर्ट में वकालत से की थी। वे 12 फरवरी 1970 को दो साल के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के एडिशनल जज बने थे। 5 जुलाई 1972 को दिल्ली हाईकोर्ट का जज बनाया गया था। दिल्ली हाईकोर्ट के अलावा जस्टिस सच्चर सिक्किम, राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस रह चुके हैं।

कठुआ गैंगरेप मामला : बीजेपी के सभी मंत्रियों ने पार्टी अध्यक्ष को दिए इस्तीफे

नई दिल्ली। कठुआ कांड पर जम्मू-कश्मीर में सियासी तूफान मचता दिखाई दे रहा है। गैंगरेप और हत्या के आरोपियों के बचाव में रैली करने वाले बीजेपी कोटे से राज्य सरकार में दो मंत्रियों के इस्तीफे के बाद अब मामला तूल पकड़ गया है। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर की गठबंधन सरकार में शामिल बीजेपी के सभी मंत्रियों ने इस्तीफे की पेशकश की है।

बताया जा रहा है कि बीजेपी कोटे से मंत्रियों ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के सामने अपने-अपने इस्तीफे की पेशकश की है। अब इस पर अंतिम फैसला पार्टी प्रदेश अध्यक्ष को ही लेना है।

हालांकि, अगर ऐसा होता है तो यह जम्मू-कश्मीर सरकार के लिए कोई खतरे वाली बात नहीं है। बताया जा रहा है कि पीडीपी के साथ बीजेपी के गठबंधन पर  इस फैसले का असर नजर नहीं आएगा। यह महज मंत्रियों के इस्तीफे से जुड़ा मामला है।

मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में फैसला सुनाने वाले स्पेशल NIA कोर्ट के जज ने दिया इस्तीफा

हैदराबाद। शहर के मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में फैसला सुनाने के कुछ ही घंटों बाद स्पेशल एनआईए कोर्ट के जज रविंदर रेड्डी ने इस्तीफा दे दिया है। रेड्डी ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को अपना इस्तीफा भेजा है। उन्होंने इस्तीफे के पीछे 'व्यक्तिगत कारणों' का हवाला दिया है। बता दें कि स्पेशल एनआईए कोर्ट ने 11 साल पुराने केस में सोमवार को फैसला सुनाते हुए स्वामी असीमानंद समेत सभी 5 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। असीमानंद इस केस में मुख्य आरोपी थे। 

18 मई 2007 को हुए इस ब्लास्ट में 9 लोग मारे गए थे जबकि 58 घायल हुए थे। बाद में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस फायरिंग में भी कुछ लोग मारे गए थे। आपको बता दें कि इस मामले में 10 आरोपियों में से 8 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। सभी 5 आरोपी देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, स्वामी असीमानंद उर्फ नबा कुमार सरकार, भारत मोहनलाल रत्नेश्वर उर्फ भारत भाई और राजेंद्र चौधरी को कोर्ट ने बरी करने का फैसला सुनाया। इन सभी को मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में गिरफ्तार किया गया था और उनपर ट्रायल चला था। 

जिन 8 लोगों के खिलाफ चार्जशीट बनाई गई थी उसमें से स्वामी असीमानंद और भारत मोहनलाल रत्नेश्वर उर्फ भरत भाई जमानत पर बाहर हैं और तीन लोग जेल में बंद हैं। 2007 में हुए इस ब्लास्ट की शुरुआती छानबीन पुलिस ने की थी। फिर यह केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। बाद में 2011 में यह मामला एनआईए को सौंपा गया। इस मामले में कुल 160 चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे, जिनमें से 54 गवाह मुकर चुके हैं। मस्जिद ब्लास्ट मामले में दो और मुख्य आरोपी संदीप वी डांगे और रामचंद्र कलसंगरा अभी भी फरार चल रहे हैं। इस पूरी सुनवाई के दौरान 226 गवाहों से पूछताछ हुई और 411 कागजात पेश किए गए।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव: बीजेपी ने जारी की 82 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट

नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार (16 अप्रैल) को उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की। इसमें 82 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। करीब हफ्ते भर पहले बीजेपी ने 72 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। राज्य में बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा को बनाया गया है। येदियुरप्पा शिकारीपुरी सीट से चुनाव लड़ेंगे। राज्य की 224 सीटों के लिए 12 मई को एक ही चरण में मतदान होना है। चुनाव के नतीजे 15 मई को आएंगे। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने रविवार (15 अप्रैल) को अपने 218 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। कांग्रेस के केवल 6 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा बाकी है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया चामुंडेश्वरी सीट से चुनाव लड़ेंगे। मजे की बात यह है कि सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र को भी टिकट मिला है। यतींद्र वरुणा सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे। वर्तमान में सत्ताधारी कांग्रेस के पास 122 सीटें हैं, जबकि बीजेपी के पास 43 और जेडीएस के पास 37 सीटें हैं।

उन्नाव और कठुआ गैंगरेप पर बोले पीएम मोदी- बेटियों को न्याय मिलकर रहेगा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्नाव और कठुआ गैंगरेप पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी ने दिल्ली में आंबेडकर मेमोरियल का उद्घाटन करते हुए कहा कि इन दोनों मामलों में बेटियों को न्याय मिलकर रहेगा। उन्होंने कहा कि गुनहगारों को कड़ी सजा मिलेगी। गैंगरेप की इन दो घटनाओं के बाद जहां एक ओर केंद्र और राज्य सरकारें विपक्ष के निशाने पर हैं, वहीं दूसरी ओर देशभर में उबाल देखा जा रहा है।बालतकारियों पर कठोर कार्यवाही के बारे पी एम मोदी द्वारा व्यक्त संकल्प को कान खोलकर सुन लें राहुल गाँधी और अन्य कांग्रेसी, कांग्रेस मौके का सियासी फायदा उठाने के चक्कर मे है।पीएम ने अपने संबोधन के आखिर में इन दो घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, 'पिछले दो दिनों की घटनाएं देश के लिए शर्मनाक हैं। ऐसी घटनाओं से पूरा देश शर्मसार है। एक देश और एक समाज के तौर पर हम सभी इससे शर्मसार हैं। मैं देशवासियों के भरोसा दिलाना चाहता हूं कि कोई भी गुनहगार बच नहीं पाएगा। बेटियों को न्याय मिलकर रहेगा। न्याय पूरा होगा और मिलकर रहेगा।पीएम मोदी ने इस दौरान बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। पीएम ने कहा कि मैं कांग्रेस को चुनौती देता हूं कि वह बाबा साहब के लिए किए गए एक भी काम के बारे में बताए। क्यां उन्होंने बाबा साहब के सम्मान में कोई एक काम किया है। 

नूरपुर बस हादसा - पुहाड़ा गांव में एक साथ जली 13 मासूमों की चिताएं

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नूरपुर में हुए प्राइवेट स्कूल बस हादसे में सबसे ज्यादा जख्म पुहाड़ा गांव को दिए हैं। इसी गांव से सबसे ज्यादा बच्चे हादसे का शिकार हुए हैं। बताया जा रहा है कि पुहाड़ा गांव में मंगलवार को एक साथ 13 बच्चों की चिताएं जली। बता दें कि हादसे में 23 बच्चों की मौत हुई है, इनमे 12 लड़के और 11 लड़किया थी। इस स्कूल बस हादसे में पहुड़ा गांव के 10 चिराग पलक झपकते ही बूझ गए। हादसे में छह बच्चों और चार बच्चियों की मौत हो गई। एक परिवार के चार बच्चे हादसे का शिकार हुए हैं।

पुहाड़ा के नरेश का बच्चा नैतिक और बेटी श्रुतिका की हादसे में जान गई है. वहीं, गांव के ही हर्ष पठानिया, परमीश ठाकुर, स्नेहा, पलक राजेश सिंह, प्रणव, जाह्नवी और कार्तिक को भी हादसे में जान से हाथ धोना पड़ा. घटना के बाद से पूरे गांव चीखो-पुकार से मच गई थी। यहां मातम का आलम था। इसके अलावा, ठेहड़ गांव के कान्हा, सारिका, तरुण और नरेश कुमारी की भी हादसे में मौत हुई है।

घायल 11 बच्चे अस्पताल में भर्ती

नूरपुर बस हादसे में घायल 11 बच्चे अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। सात बच्चो का पठानकोट और 4 बच्चों का नूरपुर सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतकों के परिवारों के लिए सीएम की ओर से पांच-पांच लाख रुपए की मदद का ऐलान किया गया है। बजीर राम पठानिया स्कूल में ये सभी बच्चे पढ़ते थे।

अरबों की धोखाधड़ी मामले में दो भारतीयों को दुबई कोर्ट ने सुनाई 500 साल की सजा

दुबई। दुबई के एक कोर्ट ने रविवार को दो भारतीयों को कई करोड़ डॉलर के धोखाधड़ी के मामले में फैसला सुनाते हुए 517 साल की जेल की सजा सुनाई। स्पेशल बेंच के प्रिसाइडिंग जज डॉक्टर मोहम्मद हनाफी ने दोनों आरोपियों में से एक की पत्नी को भी 517 साल की जेल की सजा सुनाई। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जज को कोर्टरूम में इस पर फैसला सुनाने में महज 10 मिनट ही लगे।

दरअसल, इन आरोपियों के द्वारा चलाई जा रही विदेशी मुद्रा व्यापार की कंपनी 'एक्सेंशियल' में कई हजार लोगों के बहुत अधिक पैसे निवेश किये गए थे, जिसके बाद में धोखाधड़ी के मामले सामने आए। कंपनी के मालिक आरोपी सिडनी लेमोंस और उसकी पत्नी वलाने और र्यान डिसूजा के खिलाफ ऐसे ही धोखाधड़ी के 515 मामले दर्ज थे। कोर्ट के अनुसार उन्हें हर एक मामले के लिए एक-एक साल की सजा सुनायी गयी और दो अन्य मामलों में 2-2 साल की सजा सुनाई गई। इस प्रकार कुल 515 मामलों में 517 साल की जेल की सजा सुनाई गई। 

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