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मोदी लौटे, अब सुषमा स्वराज गई विदेश दौरे पर 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्रा से आज ही लौटे और इधर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज आज चार दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गर्इं। वे चीन के शंघाई कोआॅपरेशन आगेर्नाइजेशन की बैठक में हिस्सा लेंगी। साथ ही दो दिन मंगोलिया दौरे पर रहेंगी। सुषमा चार दिवसीय दौरे पर आज चीन पहुंचेंगी। 22 अप्रैल को वे अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ मुलाकात करेंगी। पिछले महीने वांग के स्टेट काउंसलर बनने के बाद सुषमा की उनसे यह पहली मुलाकात होगी। सुषमा और वांग यी 73 दिनों तक चले डोकलाम विवाद के कारण दोनों देशों के बीच आए तनाव को दूर करने के मुद्दे पर चर्चा करेंगे।

बच्चों के साथ नहीं होना चाहिए ऐसा, इससे देश का नाम खराब होता है : हेमामालिनी

 

नई दिल्ली। देश में महिलाओं और बच्चों के साथ  हो रहे आपराधिक घटनाओं पर बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा, ऐसे हादसों को रोका जाना चाहिए, इससे देश का नाम खराब हो रहा है। एक सवाल के जवाब में कठुआ, उन्नाव का नाम लिए बिना हेमा मालिनी ने कहा कि पहले भी बच्चों के साथ अपराध की घटनाएं होती थीं अब ऐसी घटनाओं पर पब्लिसिटी हो रही है। पहले भी शायद ये सब हो रहा होगा पर किसी को मालूम नहीं था, लेकिन इसके ऊपर जरूर ध्यान दिया जाएगा। बता दें कि कठुआ गैंगरेप की घटना का विरोध ना सिर्फ देश बल्कि विदेशों तक पहुंच चुका है। 

 यशवंत सिन्हा ने भाजपा से तोड़ा संबंध, राजनीति से लिया सन्यास, लोकतंत्र को बताया खतरे में 

पटना। भाजपा में लबे समय से उपेक्षित होने के बाद बागी हो चुके पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने शनिवार को बीजेपी छोड़ दी। अपने फैसले का ऐलान करते हुए कहा, मैं बीजेपी के साथ अपने सभी संबंधों को समाप्त कर रहा हूं। आज से मैं किसी भी तरह की पार्टी पॉलिटिक्स से संन्यास ले रहा हूं। सिन्हा ने पटना में अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि आज लोकतंत्र खतरे में है। मैं राजनीति से संन्यास ले रहा हूं, लेकिन आज भी दिल देश के लिए धड़कता है। शनिवार को कई विपक्षी दलों के नेताओं के साथ मीटिंग के बाद यशवंत सिन्हा ने यह फैसला लिया है। 1998 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए यशवंत सिन्हा अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री थे। यही नहीं पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 1990 से 1991 तक चली सरकार में भी वह वित्त मंत्री थे। 

तो  आने वाली पीढ़िया हमें माफी नहीं करेंगी
उन्होंने कहा कि यदि हम आज जो हो रहा है, उसके खिलाफ नहीं खड़े होते हैं तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी। बता दें कि यशवंत सिन्हा ने पिछले दिनों नोटबंदी के फैसले और जीएसटी लागू करने के तरीके को लेकर भी उन्होंने तीखा हमला बोला था। सिन्हा ने इसी साल 30 जनवरी को राष्ट्र मंच के नाम से एक नए संगठन की स्थापना की थी। तब उन्होंने कहा था कि यह संगठन गैर-राजनीतिक होगा और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों को उजागर करेगा।

 

क्या होता है महाभियोग, कैसे होती है प्रक्रिया ........पढ़े पूरी खबर 

नई दिल्ली। देश के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर महाभियोग चलाने कांग्रेस समेत 7 राजनीतिक दलों ने उप राष्ट्रपति वेकैया नायडू को महाभियोग प्रस्ताव सौंपा। हालांकि अभी कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता इससे सहमत नहीं है। वहीं महाभियोग प्रस्ताव पर कांग्रेस, राकांपा, माकपा, भाकपा, सपा, बसपा, मुस्लिम लीग के सांसदों ने ही दस्तखत किए हैं, जबकि तूणमूल और द्रमुक जैसे कई अन्य विपक्षी दलों ने दूरी बना रखी है। 
आपको  बता दें कि कांग्रेस ने करीब 25 साल पहले सत्तासीन रहते हुए महाभियोग की कार्यवाही का विरोध किया था।  इतिहास गवाह है कि महाभियोग चलाने का कोई भी प्रस्ताव अब तक अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पाया है। अगर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों के पैनल की जांच के बाद प्रस्ताव संसद तक पहुंचता है तो यह पहली ऐसी घटना होगी जिसमें देश के सीजेआई को बर्खास्तगी का सामना करना पड़ेगा और उच्च न्यायालयों के जजों का चौथा ऐसा मामला होगा। महाभियोग के पिछले तीनों प्रस्ताव कांग्रेस शासन में ही लाए गए।

महाभियोग के बारे में वह सब, जिसे जानना जरुरी है

1. संविधान के अनुच्छेद 61, 124 (4), (5), 217 और 218 में महाभियोग प्रस्ताव का उल्लेख है। 
2. सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के जजों को कदाचार, अक्षमता और भ्रष्टाचार के आरोप में इस प्रक्रिया से हटाया जा सकता है।
3.यह प्रस्ताव लोकसभा या राज्यसभा किसी में भी पेश किया जा सकता है।
4. लोकसभा में यह प्रस्ताव लाने के लिए 100 और राज्यसभा में 50 सांसदों का समर्थन जरूरी है।
5.नोटिस को स्वीकार या खारिज करने का अधिकार लोकसभा स्पीकर या राज्यसभा सभापति को है।
6.नोटिस मंजूर करने पर स्पीकर या सभापति तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाते हैं।
7.कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद उस पर विचार के बाद स्पीकर या सभापति आरोपित जज को सदन में आकर पक्ष रखने का मौका देते हैं।
8. अगर आरोप सही साबित होते हैं तो सदन में बहस के बाद वोटिंग कराई जाती है।
9. यदि संसद दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत से जज को हटाने का प्रस्ताव पारित हो जाए तो उसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है।
10. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही जज को हटाया जाता है।

 

 जानिए अब तक किन-किन पर  चला महाभियोग

1. जस्टिस वी.रामास्वामी
आजाद भारत में पहली बार किसी जस्टिस को पद से हटाने की कार्यवाही 1991 में हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के जज वी. रामास्वामी महाभियोग का सामना करने वाला पहले जस्टिस थे। उनके खिलाफ 1991 में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था। हालांकि यह प्रस्ताव लोकसभा में गिर गया था। उनके खिलाफ 1990 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस  के पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के आधार पर पद से हटाने के लिये महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया था।

2. जस्टिस सौमित्र सेन
साल 2011 में कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस सौमित्र सेन के खिलाफ ऐसा ही प्रस्ताव राज्यसभा सदस्यों ने पेश किया था। हालांकि उन्होंने इस प्रस्ताव पर लोकसभा में बहस शुरू होने से पहले ही 1 सितंबर, 2011 को अपना इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति को भेजे अपने त्यागपत्र में उन्होंने लिखा था कि वे किसी भी तरह के भ्रष्टाचार के दोषी नहीं है।

3. जस्टिस पीडी दिनाकरण
इस लिस्ट में कर्नाटक हाई कोर्ट के जस्टिस पीडी दिनाकरण का भी नाम शामिल है। उन पर पद का दुरुपयोग करके जमीन हथियाने और बेशुमार संपत्ति अर्जित करने जैसे आरोप लगे थे।  इस मामले में भी राज्यसभा के ही सदस्यों ने उन्हें पद से हटाने के लिए कार्यवाही के लिए याचिका दी थी। मामले में काफी दांव-पेंच अपनाए गए, जिसके बाद जनवरी, 2010 में गठित जांच समिति के एक आदेश को जस्टिस दिनाकरण ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। लेकिन उन्होंने भी कार्यवाही पूरी होने से पहले ही 29 जुलाई, 2011 को पद से इस्तीफा दे दिया।

4. जस्टिस एसके गंगले
2015 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस एस. के. गंगले के खिलाफ राज्यसभा के सदस्यों ने महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस सभापति को दिया था। उन पर साल 2015 में एक महिला न्यायाधीश के यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे। जस्टिस गंगले ने इस्तीफा देने की बजाय जांच का सामना करना उचित समझा। दो साल तक चली जांच में उनपर यौन उत्पीड़न का आरोप साबित नहीं हुआ और इसके साथ महाभियोग प्रस्ताव सदन में पेश नहीं हुआ।


5. जस्टिस सी.वी. नागार्जुन रेड्डी 
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस सीवी नागार्जुन रेड्डी के खिलाफ भी महाभियोग की कार्यवाही के लिए राज्यसभा में प्रतिवेदन दिया गया। 

6. जस्टिस जेबी पार्दीवाला
गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस जेबी पार्दीवाला के खिलाफ भी महाभियोग की कार्यवाही के लिए राज्यसभा में प्रतिवेदन दिए गए। जस्टिस पार्दीवाला के खिलाफ उनके 18 दिसंबर, 2015 के एक फैसले में आरक्षण के बारे में की गई टिप्पणियों को लेकर यह प्रस्ताव दिया गया था।

तीसरी शादी के लिए अबू सलेम की पैरोल अर्जी खारिज 

 

मुंबई। जेल में कैद अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम ने तीसरी शादी के लिए पैरोल अर्जी लगाई थी, जिसे आज नवी मुंबाई कमिश्नर ने खारिज कर दी। अबू सलेम 1993 मुंबई ब्लास्ट केस में उम्रकैद की सजा काट काट रहा है। उसे पुर्तगाल से प्रत्यार्पण कर भारत लाया गया था। पिछले साल  सलेम ने टाडा कोर्ट से शादी करने की इजाजत मांगी थी। इससे पहले मुंबई के मुंब्रा इलाके में रहने वाली लड़की ने कोर्ट में आवेदन देकर कहा था कि वह सलेम से शादी करना चाहती है। उसका दावा था कि 2014 में उसने ट्रेन में सलेम से निकाह किया, इसलिए अब उसे आधिकारिक तौर पर इसकी अनुमति दी जाए। बताया जा रहा  कि अबू सलेम लखनऊ और दिल्ली पेशी पर जाने के दौरान कई बार नई  पत्नी 'बहार कौसर' से मुलाकात कर चुका है। पिछले साल भी पुलिस कस्टडी में सलेम और उसकी पत्नी की मुलाकात की तस्वीरें सामने आई थीं। 

शादी न होने पर आत्महत्या की दी थी धमकी 

कौसर ने 2015 में टाडा कोर्ट में अर्जी देकर सलेम के साथ शादी न करवाने पर आत्महत्या करने की बात कही थी। 6 पेज की अर्जी में उसने कहा था- 2014 में उसके और सलेम के ट्रेन में निकाह की खबरों ने उसकी जिंदगी तबाह कर दी है। अब मेरे पास सलेम से सामाजिक तौर पर शादी करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। अगर मुझे इसकी इजाजत नहीं दी गई तो मैं आत्महत्या कर लूंगी। कौसर ने सलेम संग ट्रेन में निकाह को रजिस्टर्ड करने की इजाजत मांगी थी। दोनों के इस्लामिक रीति-रिवाजों में निकाह की बात उसके परिजन भी कह चुके हैं।

दिग्विजय ने पीएम को लिखा पत्र, कहा- मनरेगा मजदूरों का 450 करोड़ रुपए बकाया, जल्द कीजिए भुगतान

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मनरेगा के मजदूरों की मजदूरी का भुगतान नहीं करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।  उन्होंने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने मनरेगा कार्यों की राशि करीब 450 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा मैं विगत 6 महीनों से पैदल नर्मदा परिक्रमा पर था जो 9 अप्रैल 2018 को पूर्ण की है। इस दौरान मध्यप्रदेश के अंचलों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जिलों के लोगों से मिलना हुआ। मुझे यह जानकर बहुत पीड़ा हुई कि प्रदेश के सुदूर की राशि अभी तक नहीं मिली है। सरकार जल्द ही इस बकाया राशि का भुगतान करें। 

किन क्षेत्रों में कितना भुगतान बकाया

दिग्विजय सिंह ने पत्र में लिखा है कि मेरी नर्मदा यात्रा के दौरान परिक्रमावासियों के साथ निमाड़, मालवा और महाकोशल अंचल के लोगों से  मुलाकात हुई। उनमें अनूपपुर में 6 करोड़, डिंडोरी में 10 करोड़, शहडोल में 6 करोड़,उमरिया में 7 करोड़,मंडला में 13 करोड़, सिवनी में 12 करोड़, बालाघाट में 23 करोड़, खरगोन में 12 करोड़, खंडवा में 9 करोड़, धार में 18 करोड़, अलीराजपुर में 12 करोड़ और झाबुआ में 10 करोड़ रुपए का मजदूरी और सामग्री का भुगतान शेष है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार मनरेगा मजदूरों के प्रति संवेदनशून्य हो गए हैं। मनरेगा के प्रति मजदूरों का विश्वास कम हो रहा है। गरीब मजदूर पालयन करने विवश हो गए हैं। भोले-भाले जनजाति भाईयों को छला और ठगा जा रहा है। 

नकद भुगतान करे सरकार

दिग्विजय सिंह ने कहा मनेरगा मजदूर दूरस्थ गांवों के होते हैं। अधिकांश के पास बैंक खाते भी नहीं होते। बैंक खाते होते भी है तो उन्हें गांव से काफी दूर जाकर बैंक से पैसा निकालना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए सरकार मनरेगा की मजदूरी नकद भुगतान की व्यवस्था करे। मध्यपदेश में मनरेगा अंतर्गत काम करने वाले परिवारों में अधिकांश अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के हैं। जिनके पास आज भी आजीविका का एकमात्र जरिया मनरेगा के तहत मिलने वाला रोजगार ही है। 

तीन देशों की यात्रा पूरी कर वापस लौटे प्रधानमंत्री मोदी, सुषमा ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत 

 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की चार दिवसीय यात्रा पूरी कर आज सुबह भारत लौट आए। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एयरपोर्ट पर स्वागत किया।  प्रधानमंत्री द्वारा स्वीडन, ब्रिटेन और जर्मनी के इस दौरे में भारत और तीन देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर साझेदारी मजबूत करने को लेकर बातचीत व समझौते हुए। इससे पहले प्रधानमंत्री शुक्रवार को तीन देशों की यात्रा के आखिरी चरण में जर्मनी पहुंचे। इस संक्षिप्त यात्रा के दौरान उन्होंने जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर बातचीत की। एयरपोर्ट पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उनका स्वागत किया। इस दौरान दोनों में काफी देर तक बातचीत होती रही।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट करके बताया कि जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल ने गर्मजोशी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और जर्मनी के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर वार्ता की। उच्च स्तरीय वार्ता का नियमित प्रवाह बनाए रखने के लिए वह एंजेला मार्केल से मिले। उन्होंने कहा कि यह यात्रा बताती है कि भारत की जर्मनी के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने की साझा इच्छा है।

फेसबुक का इंटरनेशनल हेडक्वाटर कैलिफार्निया में होगा शिफ्ट, 70 फीसदी यूजर्स होंगे प्रभावित 

 

नई दिल्ली। फेसबुक ने 1.5 बिलियन यूजर्स को यूरोपियन प्राइवेसी के कानून से बाहर कर दिया है। यूएस और कनाडा के बाहर के फेसबुक यूजर्स कंपनी के आयरलैंड आॅपरेशन के नियम और शर्तों के अनुसार बंधे हैं। हालांकि फेसबुक अब यूएस, यूरोपियन यूनियन और कनाडा के बाहर के यूजर्स के लिए अपने इंटरनेशनल हेडक्वार्टर को आयरलैंड से कैलिफोर्निया शिफ्ट कर रहा है। इससे बाकी सभी यूजर्स यूरोपियन रेग्युलेशंस से निकलकर यूएस कानून के अंदर आ जाएंगे। मार्क जुकरबर्ग ने अब तक ब्लॉग पोस्ट्स और मीडिया से जीडीपीयू (जनरल डाटा प्रोटेक्शन रेग्युलेशन) की तरह ही प्राइवेसी नियम लाने की बात कही थी। अब ऐसा लगता है की कंपनी कुछ परमिशन स्क्रीन जोड़ने से ज्यादा कुछ नहीं कर रही है।

1.5 बिलियन फेसबुक यूजर्स होंगे प्रभावित
फेसबुक ने अपने इंटरनेशनल यूजर्स के लिए अपने नियम और शर्तों में बदलाव करने की योजना बनाई है। अधिकार क्षेत्र जनरल डाटा प्रोटेक्शन रेग्युलेशन के लॉन्च से पहले आयरलैंड से यूएस शिफ्ट हो जाएगा। इससे लगभग 1.5 बिलियन यूजर्स यूएस कानून के अंतर्गत आ जाएंगे। फेसबुक के ऐसे करने से बड़ी संख्या में देयता कम हो जाएगी। यूरोपियन डाटा सुरक्षा के कानून सख्त हैं और इससे बाहर निकलने पर फेसबुक को बिलियन डॉलर्स का फायदा होगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इससे एशिया, अफ्रीका, आॅस्ट्रेलिया और लैटिन अमेरिका के 70 प्रतिशत फेसबुक यूजर्स यानि लगभग 1.52 बिलियन यूजर्स प्रभावित होंगे।
 

हर क्षेत्र में प्राइवेसी पॉलिसी एक जैसी 
फेसबुक की ओर से जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि सिर्फ लोकेशन में बदलाव किया जा रहा है और इसके कानून में कोई भी बदलाव नहीं होगा। कंपनी ने दावा किया है की हर क्षेत्र में उनकी प्राइवेसी पॉलिसी एक जैसी ही रहेगी। इस लिहाज से यह कहा जा सकता है कि अभी यूजर्स की प्राइवेसी सिक्योरिटी के संबंध में कोई भी फैसला स्पष्ट तौर पर सामने नहीं आया है।

फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया को लिखकर देना होगा कि वे भारत के चुनाव को प्रभावित नहीं करेंगे 

नई दिल्ली। लंदन की कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा फेसबुक यूजर्स का पर्सनल डाटा चोरी कर अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने के बाद अब भारत भी अलर्ट हो गया है। संसदीय समिति ने सूचना एवं प्रसारण (आईटी) मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह फेसबुक समेत तमाम सोशल नेटवर्किंग साइटों से लिखित में आश्वासन लें कि वो भारतीय चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगी। 
बता दें कि डेटा लीक को लेकर पिछले दिनों फेसबुक माफी मांग चुकी है। आरोप है कि चुनावों की रणनीति तैयार करने वाली लंदन की कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने 5 करोड़ फेसबुक यूजर्स का पर्सनल डाटा चोरी किया था। 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प के समर्थन में इसका गलत इस्तेमाल हुआ।
 

फेसबुक से हुए लिखित संवाद और उनके जवाब पेश के निर्देश 
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की अगुआई वाली संसदीय स्थाई समिति ने इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के अधिकारियों को फेसबुक से हुए सभी लिखित संवाद और उनके जवाब पेश करने का निर्देश भी दिया है। समिति के सदस्य ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि इन सोशल साइटों द्वारा उनके प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग न होने देने के लिए उठाए कदमों की जानकारी भी लिखित में मांगी गई। वहीं, समिति की बैठक के बाद अनुराग ठाकुर ने ट्वीट कर आॅनलाइन सिक्योरिटी और प्राइवेसी के मामले में लोगों से सवाल और सुझाव मांगे हैं।
 

क्या है फेसबुक डेटा लीक 
कैम्ब्रिज एनालिटिका पर 5 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा चुराकर अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में इसका गलत इस्तेमाल करने का आरोप है। गार्डियन और न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट्स में खुलासा किया था कि ट्रम्प कैंपेन से जुड़ी ब्रिटिश फर्म एनालिटिका ने 2014 में फेसबुक यूजर्स का डेटा गलत तरीके से हासिल किया था। फेसबुक को इस बारे में जानकारी थी,लेकिन उसने यूजर्स को अलर्ट नहीं किया। फेसबुक ने एनालिटिका को अपने प्लेटफार्म से सस्पेंड कर दिया था और ये भरोसा भी दिलाया था कि फर्म ने डेटा डिलीट कर दिया है। लेकिन, ऐसा हुआ नहीं।

क्या है एनालिटिका का भारत से संंबंध 
भाजपा ने आरोप लगाया है कि 2019 का चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस एनालिटिका की सेवाएं ले रही है। भाजपा ने ये भी आशंका जताई कि राहुल के ट्विटर पर फालोअर्स बढ़ने के पीछे भी कहीं एनालिटिका का ही हाथ तो नहीं। ये भी सवाल उठाया कि कांग्रेस अध्यक्ष की फेसबुक प्रोफाइलिंग का एनालिटिका से क्या लेना-देना है। कांग्रेस ने इससे साफ इनकार करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने एनालिटिका की सेवाएं कभी ली हैं। कांग्रेस ने उल्टा आरोप लगाया है कि भाजपा ने 2014 में इस कंपनी की सेवाएं ली थीं। इसके अलावा पार्टी ने कहा कि 2010 में जद-यू और भाजपा ने इस फर्म की सेवाएं लीं। ये भी कहा- एनालिटिका की भारतीय साझेदार ओवलेन बिजनेस इंटेलीजेंस कंपनी भाजपा के सहयोगी जदयू सांसद केसी त्यागी का बेटा चलाता है।

 

कांग्रेस समेत 7 राजनीतिक दलों ने सीजेआई दीपक मिश्रा के खिलाफ लाया महाभियोग प्रस्ताव 

नई दिल्ली। कांग्रेस समेत 7 राजनीतिक दलों ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू को सौंपा। इसके पहले विपक्षी पार्टियों की कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद की अगुवाई में बैठक हुई। बैठक के बाद  71 सांसदों के हस्ताक्षरों के साथ महाभियोग प्रस्ताव सौंपने उपराष्ट्रपति वेकैया नायडू के पास पहुंचे। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि ये प्रस्ताव 5 बिंदुओं के आधार पर पेश किया गया है। 

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हम लोग ये प्रस्ताव एक हफ्ते पहले ही पेश करना चाहते थे, लेकिन उपराष्ट्रपति के पास समय नहीं था। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि संविधान के तहत अगर कोई जज दुर्व्यवहार करता है तो संसद का अधिकार है कि उसकी जांच होनी चाहिए। सिब्बल ने कहा कि हमने अपनी चिट्ठी में लिखा है काश हमें ये दिन नहीं देखना पड़ता। सिब्बल ने कहा कि जब से दीपक मिश्रा चीफ जस्टिस बने हैं तभी से कुछ ऐसे फैसले लिए गए हैं जो कि सही नहीं हैं। 

इन 6 न्यायमूर्तियों पर भी आ चुका है महाभियोग
सिब्बल ने कहा कि हमारे पास महाभियोग लाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था। सिब्बल बोले कि हमें उम्मीद थी कि जजों की जो नाराजगी है, उन सभी को भी ध्यान में रखा जाएगा और कुछ बदलाव आएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 

इस आधार पर लाया गया महाभियोग प्रस्ताव 
1. मुख्य न्यायाधीश के पद के अनुरुप आचरण ना होना, प्रसाद ऐजुकेशन ट्रस्ट में फायदा उठाने का आरोप। इसमें मुख्य न्यायाधीश का नाम आने के बाद सघन जांच की जरूरत।
2. प्रसाद ऐजुकेशन ट्रस्ट का सामना जब सीजेआई के सामने आया तो उन्होंने  न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया को किनारे किया।
3. बैक डेटिंग का आरोप।
4. जमीन का अधिग्रहण करना, फर्जी एफिडेविट लगाना और सुप्रीम कोर्ट जज बनने के बाद 2013 में जमीन को सरेंडर करना।
5. कई संवेदनशील मामलों को चुनिंदा बेंच को देना।

भाषण दे रहे सीएम को आया पीएम का फोन, भाषण छोड़ करनी पड़ी बात 

सिंगरौली। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सिंगरौली में एक सभा को संबोधित कर रहे थे, तभी उन्हें लंदन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आ गया। लिहाजा सीएम शिवराज को बीच में भाषण रोककर प्रधानमंत्री से बात करनी पड़ी। मजेदार बात यह रही कि पीएम से बात कर जब सीएम शिवराज लौटे तो उनके भाषण के मुद्दे बदल गए। मोदी से बात करने के पहले जहां वे तेंदूपत्ता, मजदूर और स्थानीय विषयों पर बोल रहे थे। वहीं मोदी से  बात कर वापस लौटने के बाद वे अचानक जस्टिस लोहिया पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोलने लगे। शिवराज सिंह ने हालिया राष्ट्रीय घटनाक्रम और उसका विरोध कर रहे कांग्रेसियों पर निशाना साधने लगे।

फ्रांस को पीछे छोड़ भारत बना दुनिया का छठवां सबसे बड़ा इकोनॉमी 

नई दिल्ली। फ्रांस को पीछे छोड़ भारत अब दुनिया का छठवां सबसे बड़ा इकोनॉमी बन गया है। यह खुलासा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से जारी रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था 2.6 खरब डॉलर (करीब 170 लाख करोड़ रुपए) की हो गई है।  आईएमएफ अनुसार पहले छठे स्थान पर फ्रांस था, लेकिन अब भारत ने उसका स्थान प्राप्त कर लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन की अर्थव्यवस्था भारत की इकोनॉमी से आगे है। टॉप 5 इकोनॉमी में यूनाइटेड स्टेट्स, चीन, जापान, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम शामिल है। 

आईएमएफ के अप्रैल, 2018 के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक के मुताबिक 2017 में भारत की जीडीपी तकरीबन 170 लाख करोड़ रुपए की हो गई है। यह करीब 162 लाख करोड़ के उस आंकड़े से काफी ज्यादा है, जो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को अन्य से अलग करता है। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस पर खुशी जताते हुए कहा है कि यह देश के लिए  बड़ी उपलब्धि है। बता दें कि इससे पहले विश्व बैंक और आईएमएफ अपनी रिपोर्ट में कह चुके हैं कि भारत अब नोटबंदी और जीएसटी के असर से उभर चुका है।

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