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प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत निर्मित हुए मकानों का पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण

भोपाल। 23 जून 2018 को आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री मा.नरेन्द्र मोदी जी के कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने आज बुरहानपुर प्रवास के दौरान की। श्रीमती चिटनिस ने प्रगतिनगर स्थित प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत निर्मित हुए मकानों का अवलोकन भी किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 23 जून को इन भवनों के ई-लोकार्पण के साथ ही इन सभी मकानों में हितग्राहियों का गृहप्रवेश होगा। 3 हजार मकानों का एक साथ लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंदौर से करेंगे।

इस दौरान मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस भी उपस्थित रहेंगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहली बार ऐसा मौका आया कि शहर में एक साथ 3 हजार मकानों का सामूहिक गृह प्रवेश मनाया जाएगा। 23 जून को हिंदू, मुस्लिम सहित सभी धर्मों के हितग्राही अपने-अपने रीति-रिवाज से अपने सपनों के आशियानों में प्रवेश करेंगे। शिकारपुरा थाना के पास स्थित रेवा गुर्जर भवन में पीएम आवास के ई-लोकार्पण समारोह का होगा। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का से लाइव प्रसारण दिखाया जाएगा।

भारत के विभिन्न क्षेत्र के हितग्राहियों से प्रधानमंत्री सीधा संवाद करेंगे। इसके लिए बुरहानपुर से 20 हितग्राहियों के नाम भेजे हैं। उसमें से चयनित लोगों का समारोह के दिन सीधा संवाद कराया जाएगा। घर-घर जाकर जनप्रतिनिधि 3 हजार मकानों में गृह प्रवेश कराएंगे। जनप्रतिनिधियों को निमंत्रण भेजेंगे। उनके हाथों अपने-अपने क्षेत्र के मकानों का गृह प्रवेश करवाएंगे। तोरण, फूलमालाओं से घर-घर को सजाएंगे। घर-आंगन में रांगोली सजाकर एक उत्सव के रूप में मनाएंगे। ऐसा उत्सव शहर में पहली बार मनाया जाएगा।

मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने अवलोकन के दौरान हितग्राहियों से मुलाकात कर उनसे चर्चा भी की। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि मान. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मान. मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह जी चौहान द्वारा हर भारतवासी के सर पर अपनी छत हो इस संकल्प की पूर्ति के लिए ‘‘सबके लिए आवास कार्यक्रम’’ बनाया गया है। उन्होंने कहा कि खुद का आशियाना मिलने पर लोगों में खुशी की लहर है।

खेल-खेल में दोस्तों ने किया ऐसा कांड,आठ महीने तक चला सिलसिला,गर्भवती हुई लड़की

भोपाल। खेल- खेल में ही एक 15 साल की लड़की के साथ कुछ ऐसा हो गया जिसके बारे में कोई सोच भी नही सकता था। उसके ही दोस्तों ने उसके साथ गलत काम किया। 15 साल की लड़की अपने ही दोस्तों के साथ थी लेकिन उसे ये नहीं पता था कि उसके ही दोस्त मिलकर उसका शारीरिक शोषण कर रहे है।

इस बात का खुलासा तब हुआ जब बच्ची के पेट में दर्द होने पर घर वाले उसे लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे। परिजनों को पहले तो डाक्टर की बात पर यकीन ही नहीं हुआ लेकिन फिर बेटी ने जो कहानी बताई, उसे सुनकर होश उड़ गए। यह पूरा मामला मध्यप्रदेश के सिवनी से सामने आया हैं।

4 माह की गर्भवती थी लड़की-

बताया जा रहा है कि लड़की अपने दोस्तों के साथ खेलने जाती थी इसी दौरान खेल-खेल में उसके ही दोस्तों ने उसके साथ गलत काम किया परिजनों के डर के कारण लड़की ने घर में किसी को कुछ भी नहीं बताया। पूरी घटना की जानकारी तब हुई जब लड़की के पेट में तेज दर्द हुआ। दर्द होने पर परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि लड़की 4 माह की गर्भवती थी। घर वालों ने ही इस बात की जानकारी दी है कि गलत काम करने वाले उसके दोस्त है। वो भी लड़की के हम उम्र साथी हैं। अस्पताल में खुलासा होने के बाद परिजनों ने लड़को से बात करनी चाही लेकिन ऐसा हो न सका।

दर्ज हुआ मामला-

पूरी बात का खुलासा होने के बाद लड़की के घर वालों ने पीड़त नाबालिक के साथ पहुंचकर थाने में मामला दर्ज कराया। शिकायत करने के बाद दोनों हमउम्र लड़को का खिलाफ 376 डी पर प्रकरण दर्ज किया गया है। रिपोर्ट गर्ज होने के बाद थाना प्रभारी अजय तिवारी ने बताया कि नाबालिग की शिकायत पर गांव के ही दो नाबालिगों पर मामला दर्ज किया गया है।

घटना का खुलासा होने के बाद से दोनों लड़के फरार हैं। पुलिस दोनों लड़को की लगातार तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों लड़के नाबालिग है, दोनों के पकड़ में आने के बाद दोनों के सुधार गृह में रखा जाएगा।

गृह विभाग ने जारी किया फरमान, मंत्री जल्दी खाली करें बंगले

भोपाल। मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगलों पर मचे घमासान के बीच एक और खुलासा हुआ है। मध्य प्रदेश के दो मंत्रियों को दो-दो बंगले आवंटित हैं। दोनों मंत्रियों को गृह विभाग द्वारा नोटिस भेजा गया है। दोनों मंत्रियों के सरकारी बंगले निरस्त कर दिए गए हैं, दरअसल, 2 मंत्रियों को दो-दो बंगले आवंटित किए गए थे। जिसमे नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह और पर्यटन विभाग मंत्री सुरेंद्र पटवा के पास दो-दो बंगले थे। और दोनों को एक-एक बंगले खाली करने के आदेश दे दिए गए हैं।

इन मंत्रियों के पास दो-दो बंगले किस आधार पर दिए गए और क्यों दिए गए अभी तक इस बात की जानकारी सरकार द्वारा नहीं दी गई है, लेकिन दोनों मंत्रियों के एक-एक बंगले निरस्त कर दिए गए हैं। बता दें कि मध्य प्रदेश में इस समय पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले को लेकर भी घमासान मचा हुआ है. दरअसल, मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी बंगले एक महीने में खाली कराए जाएं. मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता और जस्टिस विजय शुक्ला की बेंच ने उस नियम को असंवैधानिक बताया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी आजीवन सरकारी आवास और सुविधाएं देने का प्रावधान था।

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, कहा- ई-टेंडरिंग घोटाले की हो निष्पक्ष जांच

भोपाल। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांग की है कि वे ई-टेंडरिंग घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए सख्त कदम उठाएं क्योंकि शिवराज सरकार इस घोटाले का सच छुपाने की साजिश में लग गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहां आपकी मंशा के विपरित डिजिटल इंडिया को इस घोटाले से आघात पहुंचाया है वहीं आपकी नीति के उलट पूरे प्रदेश में ‘‘खाऊंगा और खाने दूंगा‘‘ का वातावरण बनाया गया है।

नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि आपने पूरे देश के लोगों से डिजिटल इंडिया बनाने में सहयोग देने की पहल की, लेकिन मध्यप्रदेश में ई-टेंडरिंग घोटाला कर इसे बदनाम किया गया है। इससे आपकी इस योजना को गहरा धक्का लगा हैं। श्री सिंह ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र बताया कि- ई-टेंडरिंग  घोटाले का खुलासा स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 1000 करोड़ रूपए के तीन टेंडरों में की गई टेम्परिंग से हुआ है। तीन टेंडरों में से दो टेंडर वह भी शामिल हैं जिसका शिलान्यास आप 23 जून को राजगढ़ जिले में करने वाले हैं। इस टेम्परिंग के खुलासे से 2014 से अब तक हुए तीन लाख करोड़ के टेंडर संदेह के घेरे में है। यहीं नहीं प्रदेश के पांच निर्माण विभाग लोक निर्माण, महिला बाल विकास, पी.एच.ई., एन.बी.डी.ए. और पी.आई.यू. में भी ई-टेंडरिंग व्यवस्था में बड़ा घोटाला हुआ हैं।

सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में ई-टेंडरिंग घोटाले से आपके डिजिटल इंडिया को गहरा धक्का लगा है। लोगों का सूचना प्रौद्योगिकी पर से विश्वास उठ गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने घोटाले का पता चलते ही इसे दबाने के प्रयास शुरू कर दिए। दिलचस्प यह हैं कि EOW (Economic Offences Wing) जिसे यह जांच सौंपी उसमें सायबर एक्सपर्ट ही नहीं है। इसके अलावा EOW को सरकार ने पंगु बनाकर रखा है। इसमें जो पोस्टिंग है वह इस बात का परिचायक है कि मनमाने तरीके से आर्थिक अपराध के मामलों की जांच होगी।

सिंह ने कहा कि इस ब्यूरों में पिछले 6 साल जो प्रभारी एस.पी. है शशिकांत शुक्ला वे मंत्री नरोत्तम मिश्रा के रिश्तेदार हैं। इसी तरह ए.आई.जी. धनंजय शाह है वे मंत्री विजय शाह के रिश्तेदार हैं। एक और पुलिस अधिकारी राजेन्द्र वर्मा ई.ओ.डब्ल्यू. में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री मन्नुलाल कोरी के रिश्तेदार हैं। जब सारे मंत्रियों, नेताओं के रिश्तेदार होंगे तो कोई भी जांच कैसे निष्पक्ष होगी।

सिंह ने पत्र में मोदी जी को याद दिलाया कि अपने देश की जनता से वायदा किया था न खाऊंगा न खाने दूंगा, लेकिन मध्यप्रदेश में आपकी भावना के विपरित ‘‘खाऊंगा और खाने दूंगा‘‘ की नीति पर अमल हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री से मांग की कि वे मध्यप्रदेश में हो रहे व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाए और ई-टेंडरिंग घोटाले की जांच निष्पक्षता से करवाएं ताकि डिजिटल इंडिया पर लोगों का भरोसा कायम रहें। जो आपका उद्देश्य भी हैं।

 राज्यमंत्री ललिता यादव ने दी 30 लाख के विकास कार्यों की सौगात

भोपाल। प्रदेश की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री ललिता यादव ने छतरपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत परापट्टी के ग्राम आमखेरा के ग्रामीणों को करीब 30 लाख रुपए के विकासकार्यों की सौगात दी। उन्होंने भूमिपूजन और लोकार्पण करने के साथ ही दो हैण्डपंप लगाने तथा हनुमान मंदिर की बाउण्ड्री वाल बनवाने की घोषणा की। इस अवसर पर छतरपुर जनपद अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह यादव सहित भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। राज्यमंत्री  ललिता यादव आमखेरा पहुंचीं जहां

उन्होंने विकास की सौगात देते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने हर वर्ग के लोगों के कल्याण की चिंता करते हुए योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने खासतौर से गरीबों, मजदूरों, किसानों और महिलाओं के लिए अनेक योजनाएं बनाकर उन्हें लाभान्वित किया है। ललिता यादव ने कहा कि कांग्रेस के समय किसानों को मुआवजे के रूप में चंद रुपए मिलते थे लेकिन आज करोड़ों रुपए का मुआवजा दिया जा रहा है। इतना ही नहीं गेहूं की खरीदी पर उन्हें बोनस भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए सिंचाई की बड़ी-बड़ी परियोजनाएं स्वीकृत की हैं।

पिछले 15 साल में सिंचाई का रकवा 6 गुना से ज्यादा बढ़ गया है। राज्यमंत्री ललिता यादव ने मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना का खासतौर पर उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना का लाभ हर वर्ग के लोगों को मिलेगा। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं तथा उनकी मांग पर आमखेरा में पेयजल संकट देखते हुए विधायक निधि से दो हैण्डपंप लगवाने और हनुमान मंदिर की बाउण्ड्रीवाल बनवाने की घोषणा की।

दो हिस्सों में तैयार होगा भाजपा का घोषणा पत्र, दृष्टि पत्र समिति की बैठक में फैसला  

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी कार्यालय मे आज चुनाव प्रबंध समिति के संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर और प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व मे हुई दृष्टि पत्र समिति की बैठक मे नेताओं ने घोषणा पत्र को लेकर अपने अपने सुझाव दिए। बैठक मे सुझाव दिया गया कि घोषणा पत्र दो हिस्सों मे तैयार किया जाए।

इसके पहले हिस्से मे सरकार के कामो और मुख्यमंत्री की योजनाओं के क्रियान्वयन का जिक्र होगा, तो दूसरे हिस्से मे 2023 तक का विजन पार्टी के सामने पेश करेगी जिसमे दिग्विजय सिहं के शासनकाल मे प्रदेश की हालत पर फोकस किया जाएगा बैठक मे सासंद प्रहलाद पटेल सासंद गणेश सिंह सहित सभी लोग मौजूद रहे।

मंदसौर गोलीकांड पर जैन आयोग की रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक करे प्रदेश सरकार: आप 

भोपाल। आम आदमी पार्टी ने बुधवार को बोर्ड आॅफिस चौराहे पर प्रदर्शन कर भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोला। मंदसौर हिंसा पर जैन आयोग की रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक करने की मांग करते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा कि शिवराज सरकार अपने अधिकारियों को बचाने का काम कर रही है और किसानों के साथ धोखा कर रही है। इससे पहले 1998 में मुलताई गोलीकांड की रिपोर्ट में भी अफसरों को क्लीन चिट दे दी गई थी। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही किसानों के साथ धोखा करती आई हैं। प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकतार्ओं ने मुलताई और मंदसौर के किसानों पर बंदूक से गोली चलाते हुए दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह के मुखौटे लगाते हुए प्रदर्शन किया।

 प्रदर्शन के दौरान कार्यकतार्ओं को संबोधित करते हुए के भोपाल लोकसभा प्रभारी नरेश ठाकुर ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट कहती है कि गोली चलाने में नियमों का पालन नहीं हुआ, पहले पांव में गोली चलानी थी, लेकिन सीधी दागी गई। इस दौरान पुलिस-प्रशासन में सामंजस्य नहीं था। सीएसपी को गोली चलाने की सूचना नहीं दी गई। जिला प्रशासन ने किसानों की मांगें जानने की कोशिश ही नहीं की। इतना ही नहीं अप्रशिक्षित बल ने आंसू गैस के गोले चलाए, जो असफल रहे। सूचना सीएसपी को दी होती तो दोबारा गोली चलाने की नौबत ही न आती। इस गोलीकांड के दौरान सूचना तंत्र फेल हुआ।

 उन्होंने कहा कि इन बिंदुओं के आधार पर सीधे-सीधे इसके लिए प्रशासन की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए थी, लेकिन आयोग ने प्रशासन और पुलिस को क्लीन चिट दी है तो यह बेहद चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि इसी तरह 1998 में मुलताई में कांग्रेस सरकार ने किसानों पर गोली चलाई थी और इसमें 24 किसानों की मौत हुई थी। तब भी कोई अधिकारी दोषी नहीं पाया गया और किसान व किसान नेताओं को आजीवन कारावास मिला। ये दोनों मामले साफ बताते हैं कि कांग्रेस और भाजपा किसानों के प्रति कैसा रवैया रखती हैं। दोनों पार्टियों के लिए किसानों की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है और वे महज अपने चुनावी फायदे के लिए किसानों से हमदर्दी का ढोंग करती हैं। 

 

फिर सुर्खियों में आए कंप्यूटर बाबा, कहा-भय्यू महाराज नहीं थे संत

भोपाल। नर्मदा यात्रा के दौरान हुए घोटाले को लेकर यात्रा निकालने जा रहे हैं बाबाओं को मध्य प्रदेश सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा देकर चुप बैठा दिया है मगर अब वह अपनी बयानबाजी से  सुर्खियों में छाए हुए हैं। हाल ही में कुछ दिनों पहले राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त करने वाले कंप्यूटर बाबा ने गाड़ी और आवास की मांग की थी और नहीं मिलने पर वह एक छत के ऊपर ही धनीरामय बैठ गए थे। अब एक बार फिर बाबा अपने बड़े बयान से सुर्खियों में है। उन्होंने एक बड़ा बयान दिया है और कहा है भय्यू जी महाराज संत नही थे वो तो एक समाजसेवक थे।

हालांकि राधे राधे बाबा के साथ कंप्यूटर बाबा भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए भैय्यू जी महाराज के सुखलिया स्थित सूर्योदय आश्रम पहुंचे थे लेकिन उनके ताजा बयान ने खलबली मचा दी है। मीडिया को दिए गए बयान में उन्होंने साफ किया कि भय्यू जी महाराज कभी भी संत नही थे। भय्यू जी महाराज की मौत के बाद आये इस बयान ने ना सिर्फ सन्त समाज बल्कि आम लोगो और भय्यू जी महाराज के अनुयायियों को बड़ा झटका दिया है।

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