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इस प्रकार मिल रहा शिक्षाकर्मियों को शिविर में संविलियन होने का आदेश

अम्बिकापुर। संविलियन शिविर में पहुंचने वाले शिक्षाकर्मियों के संविलियन की प्रक्रिया को ऑनलाइन पूरी कर उन्हें अधिकारियों द्वारा एक पर्ची प्रदान की जा रही है जिसमें  आदेश क्रमांक और दिनांक के साथ संविलियन का पूरा विवरण है ।  आदेश पत्र में शिक्षक का कोड, शिक्षक का नाम, आदेश का प्रकार, वर्तमान पदस्थ शाला, विषय, वर्तमान वेतनमान, नवीनतम वेतनमान और नवीनतम पदस्थ शाला का जिक्र है। साथ ही आदेश में मुख्य कार्यपालन अधिकारी का बकायदा सील और साइन है साथ ही यह ऊपर अंकित है की समायोजन शिक्षा विभाग में हुआ है । शिक्षाकर्मियों के चेहरे इस आदेश को पाकर खिल जा रहे हैं क्योंकि इस आदेश से यह तय हो गया कि अब उनका संविलियन स्कूल शिक्षा विभाग में हो चुका है और वे राज्य सरकार के कर्मचारी हैं, जिसका सीधा सा मतलब है कि वह स्वाभाविक रूप से उन सभी सुविधाओं के हकदार हो गए जो राज्य सरकार के कर्मचारियों को मिलता है और इसके लिए बकायदा वह दावा ठोक सकते हैं।

इस अंदाज में दी कलेक्टर ओपी चौधरी ने संविलियन पाने वाले शिक्षाकर्मियों को बधाई, पढ़े पूरी खबर

रायपुर। शिक्षाकर्मियों के बीच अपनी अलग पहचान रखने वाले रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी ने शिक्षाकर्मियों को संविलियन की बधाई दी है । रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी का शिक्षाकर्मियों के बीच एक अलग ही ओहदा है और पूरे प्रदेश के शिक्षाकर्मी उन्हें अपना हितैषी मानते हैं। यहां तक की जब 15 दिवसीय आंदोलन को बातचीत के जरिए खत्म कराने का मौका आया तो भी सरकार ने ओपी चौधरी को ही इसकी जिम्मेदारी दी थी और उन्होंने सफलतापूर्वक इस काम को अंजाम भी दिया इसके बाद जब बर्खास्त शिक्षाकर्मियों की बहाली में जिला स्तर पर दिक्कतें आ रही थी तो भी शिक्षाकर्मियों ने रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी को ही अवगत कराया और उन्होंने इस पर भी अपनी तरफ से आगे बढ़कर पहल की । शिक्षाकर्मियों के द्वारा आयोजित किए जाने वाले कई प्रकार के कार्यक्रम में भी ओपी चौधरी अपनी उपस्थिति देकर शिक्षकों और बच्चों को प्रोत्साहित करते रहते हैं और अब संविलियन शिविर में पहुंचकर ना केवल कलेक्टर ओपी चौधरी ने संविलियन की प्रक्रिया का जायजा लिया बल्कि फेसबुक पर पोस्ट डालकर भी शिक्षाकर्मियों को बधाई देते हुए उन्हें उनकी जिम्मेदारी का एहसास दिलाते हुए बेहतर छत्तीसगढ़ निर्माण की अपील की है । उन्होंने लिखा है कि

" शिक्षाकर्मी संविलियन:  मुझे गर्व है कि मैं एक शिक्षक का बेटा हूं क्योंकि एक शिक्षक अपने बच्चे को सर्वश्रेष्ठ संस्कार दे सकता है ।  हालांकि मैंने अपने पिता को 8 वर्ष की उम्र में खो दिया था फिर भी मैं आज जो भी हूं, पिता द्वारा प्रदत संस्कारों के बदौलत ही हूं। मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार आज शिक्षाकर्मियों का संविलियन हुआ देख कर बड़ी खुशी हुई। शिक्षक ही समाज और राष्ट्र का असली निर्माता है। अब शिक्षकों की भी जिम्मेदारी है कि बच्चों और युवाओं का भविष्य निर्माण करके बेहतर छत्तीसगढ़ का निर्माण करें। "

शिक्षाकर्मी नेताओं ने कहा - पूरी जिम्मेदारी से करेंगे कर्तव्य का निर्वहन

रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी के इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश संचालक संजय शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी विवेक दुबे और प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी ने कहा कि निश्चित तौर पर समय-समय पर रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी जी का शिक्षाकर्मियों को सहयोग मिलता रहा है और इसकी आगे भी अपेक्षा है ,  हम उनके सहृदयता के कायल हैं और उनके इस पोस्ट के लिए धन्यवाद अदा करते है । हम अपनी जिम्मेदारी को अब तक ईमानदारी से निभाते आए है और आगे भी यह प्रयास जारी रहेगा जो परिणाम के रूप में स्पष्ट परिलक्षित होगा, साथ ही हम चाहेंगे जो विसंगतियां संविलियन में रह गई है उसे जल्द से जल्द दूर किया जाए ताकि प्रदेश के सभी शिक्षाकर्मियों को इसका लाभ मिल सके और किसी प्रकार का कोई अंतर न रहे क्योंकि प्रदेश के सभी शिक्षाकर्मियों का प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में अमूल्य योगदान है ।

छत्तीसगढ़ की रहने वाली है देशी रिहाना यानी रेने कुजूर

जशपुर। रेने कुजूर यानी इंटरनेशनल पॉप सिंगर रिहाना कि वह हमशक्ल जिसने आजकल मॉडलिंग की दुनिया में धूम मचा रखी है और जिसे देखने वाले उसे देखते ही पॉप सिंगर रिहाना समझकर उसके पास फोटो खिंचाने और ऑटोग्राफ लेने पहुंच जाते हैं उसका सीधा संबंध छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से हैं । जी हां, जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक के पीरई ग्राम पंचायत से ताल्लुक रखने वाली रेने कुजूर आज मॉडलिंग की दुनिया का एक जाना माना नाम है और खास तौर पर इंटरनेशनल पॉप सिंगर रिहाना की हमशक्ल के तौर पर तो उसकी चारों तरफ धूम है । 23 वर्षीय रेने कुजूर फिलहाल दिल्ली में रहती है लेकिन उसके माता पिता अभी भी बगीचा ब्लॉक में ही रहते हैं । बहुत ही साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली रेने कुजूर कि पढ़ाई लिखाई दिल्ली में ही हुई है और उनके पिता वहां सरकारी नौकरी में थे लेकिन नौकरी से रिटायरमेंट के बाद वह फिर से जशपुर जिले में आ गए हैं दरअसल रेने के पिता को कैंसर है और वह अपने अंतिम दिन अपने गांव में ही गुजारना चाहते थे। अब जब उन्हें पता चल रहा है कि उनकी बेटी काफी मशहूर हो चुकी है तो रेने के परिवार की भी खुशी का ठिकाना नहीं है ।

शोहरत पाने से पहले करना पड़ा है कड़ा संघर्ष

दिल्ली में रहते हुए रेने कुजूर को भी काफी स्ट्रगल करना पड़ा और बहुत कम उम्र में ही ही उसने काम करना सीख लिया था ,  रेस्तरां और रिटेल कंपनी में सेल्स का काम करने वाली रेने ने वह दिन भी देखें है जब कंपनी ने उसे बिना कोई वजह बताए काम से बाहर निकाल दिया और 1 साल तक उसे कुछ काम ही नहीं मिला। उसके बाद उसने मॉडलिंग करने की ठानी लेकिन पोर्टफोलियो लेकर घूमने के बावजूद छह माह तक उसे कोई काम ही नहीं मिला। 1 दिन में 10-10 ऑडिशन देने वाली रेने के हौसले ने भी उस समय जवाब देना शुरु कर दिया था जब उसके काले रंग के चलते उसे लगातार रिजेक्ट किया जाने लगा लेकिन वक्त ने करवट बदला और उसी काले रंग ने आज रेने को शोहरत की उस बुलंदी पर पहुंचा दिया है जहां पर पहुंचना बहुत से लोगों के लिए केवल ख्वाब होता है। देसी रिहाना के नाम से जाने जाने वाली रेने कुजूर अब किसी परिचय का मोहताज नहीं और सोशल मीडिया के इस युग में अब उसकी प्रसिद्धि और तेजी से फैलती जा रही हैं ।

आखिर कौन है रिहाना, जिसकी हमशक्ल है रेने

इंटरनेशनल पॉप सिंगर रिहाना अपनी जादुई आवाज और आकर्षक लुक के चलते पूरे विश्व में प्रसिद्ध है और पूरे विश्व में उनके असंख्य प्रशंसक हैं ।

रिहाना ने अपने चार-वर्षीय कॅरिअर की अवधि में दुनिया भर में 12 मिलियन  से भी अधिक रिकॉर्ड और 29 मिलियन एकल/डिजिटल डाउनलोड की बिक्री की है और उसे कई पुरस्कार भी मिले हैं जिसमें वर्ल्ड्स बेस्ट-सेलिंग पॉप फिमेल आर्टिस्ट (दुनिया की सबसे अच्छी बेचने वाली पॉप महिला कलाकार) और फिमेल एंटरटेनर ऑफ़ द इयर (वर्ष की महिला मनोरंजीका) के लिए 2007 वर्ल्ड म्यूज़िक अवार्ड (2007 का विश्व संगीत पुरस्कार) के साथ-साथ फेवरिट सॉल/R&B फिमेल आर्टिस्ट और फेवरिट पॉप/रॉक फिमेल आर्टिस्ट  के लिए 2008 अमेरिकन म्यूज़िक अवार्ड (2008 का अमरीकी संगीत पुरस्कार) भी शामिल हैं।

16 से 18 जुलाई तक दैनिक वेतनभौगी कर्मचारी एक सूत्रीय मांगों को लेकर करेगे प्रदर्शन

सुकमा। जिले के नगरीय निकाय क्षेत्र के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी 16 जूलाई से तीन दिवासीय हड़ताल में जाने की तैयारी कर चूके है। हडताल में जाने से शहर में पेयजल सहित कई सुविधाऐं ठप्प पड़ने वाली है। 

जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम में सुकमा नगर पलिका परिषद् के दैनिक वेतनभौगी कर्मचारी ने बैठकर तीन दिवसीय हड़ताल में जाने के संबंध में चर्चा किया गया। पूरे संभाग के नगर निकाय के दैनिक वेतन भौगी कर्मचारी हड़ताल में जाने की तैयारी कर चूके है। जिला अध्यक्ष महादेव नाग बताया कि नगरीय निकाय के कर्मचारी लम्बे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन-प्रशासन को अवगत कराते आ रहे है। लेकिन अब तक हमारी मांगों को लेकर इन कोई ठोस पहल नहीं हुआ है। इसलिए मजबूर पूरे संभाग के नगरी निकाय के कर्मचारी हड़ताल में जाने की तैयारी कर चूके है। बैठक में अमर सिंह यादव, हेमंत टंडन, झाडूराम, रामअवतार देवागन, देवंती यादव, कमल सिंह, रामू मांझी सहित नपा के अन्य दैनिक वेतन भौगी कर्मचारी मौजूद थे। 

बंद रहेंगी पेयजल सप्लाई 

नपा के दैनिक वेतनभौगी कर्मचारियों के हडताल मंे चले जाने से नगरीय क्षेत्रियों में तीन दिनों तक पेयजल सहित दूसरे काम-काज पूरी तरह से बंद रहेगा। सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्था पानी सप्लाई बंद रहने की बात कही जा रही है। पेयजल सप्लाई बंद होने से नगरीय क्षेत्र के लोगों को पेयजल की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

जशपुर थाना प्रभारी पर लगा गुपचुप व्यवसायी से मारपीट का आरोप

जशपुर। कई बार विवादों में घिर चुकी जशपुर पुलिस पर एक बार फिर कमजोर तबके पर जोर आजमाइश का आरोप लगा है । इस बार रणजीता स्टेडियम के सामने गुपचुप का ठेला लगाकर व्यवसाय करने वाले बाल्मीकि साहू ने पुलिस अधीक्षक के पास आवेदन सौंपकर शिकायत की है की 12 जुलाई की शाम लगभग 8:00 बजे जशपुर थाना प्रभारी योगेंद्र साहू उनके ठेले के पास पहुंचे।

उन्हें गंदी गंदी गालियां देने लगे और जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो गाड़ी से उतरकर दो-तीन झापड़ भी जड़ दिए जिसके बाद वहां उपस्थित लोगों ने बीच बचाव किया तो थाना प्रभारी वहां से चले गए इसके बाद कल 13 जुलाई को भी दो व्यक्ति उनके ठेले पर पहुंचे और उसे एएसआई साहब से मिलने को कहा इसके बाद आज बाल्मीकि साहू ने एसपी से इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज करते हुए कार्यवाही करने का निवेदन किया है साथ ही मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष टी एस सिंहदेव समेत पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक को भी शिकायती पत्र लिखा है ।

 

जोगी पर बात करने पर कांग्रेस में रोक...प्रवक्ताओं पर बड़े नेताओं की सख्ती

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चुनाव के पहले सियासी पारा चढ़ने लगा है और यही वजह है कि हर पार्टियां मुद्दों पर संभलकर बोलने की कोशिश करती नजर आ रही हैं। कांग्रेस  का हाल तो ये है कि वहां जोगी कांग्रेस पर बात करने से अपने प्रवक्ताओं पर ही रोक लगा दी गई है। बड़े नेताओं की इस सख्ती के बाद प्रवक्ताओं की सूची में शामिल नेताओं में अपने ही बड़े नेताओं को लेकर चिंता और सवाल दोनों उठ रहे हैं। प्रदेश में अब जनता कांग्रेस  और तेजी से सक्रिय हो रही है और खुद पार्टी सुप्रिमो अजीत जोगी अपनी 45 दिन की राजनीतिक यात्रा करने की तैयारी में है। ऐसे में सबसे ज्यादा चिंता कांग्रेस की बड़ती नजर आ रही है।

सूत्रों का कहना है कि अजीत जोगी के मामले पर प्रवक्ताओं को बोलने से इसलिए भी रोका जा रहा है कि संभावना है कि चुनाव के पहले कांगे्रस और जोगी कांगे्रस के बीच एक होने का कोई रास्ता निकल जाए। फिलहाल प्रवक्ताओं पर की गई इस सख्ती के बाद सवालों के घेरे में संगठन के ही कुछ चुनिंदा लोग हैं जो पहले भी सागौन बंगले के करीब रहे हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि इस दौहरी राजनीति को लेकर कुछ प्रवक्ताओं की नाराजगी भी है जिसके बाद वो अपनी बात दिल्ली तक दबे पांव पहुंचाने की कोशिश में लगे हैं। 

Exclusive:राहुल गांधी ले रहे छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश प्रभारियों की बैठक, बसपा के गठबंधन पर भी चर्चा

नईदिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दिल्ली आवास 12 तुगलक लेन में मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक चल रही है। राजस्थान की तरफ से प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट शामिल है ,बैठक सुबह 10:00 बजे से शुरू हो चुकी है। वहीं छत्तीसगढ़ के प्रभारी पीएल पुनिया भी बैठक में मौजूद हैं।

जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां के लिए प्रचार कमेटी का गठन, विधायकों के टिकट के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन, बसपा के साथ गठबंधन पर चर्चा, बूथ लेवल स्तर तक कांग्रेस के संगठन, विधानसभा चुनाव में उठाने वाले राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

 

 

संविलियन के पूर्व आए विसंगतियों से शिक्षाकर्मियों को मिली राहत

रायपुर । संविलियन की कार्यवाही के बीच निर्देशों के जाल में फंसे शिक्षाकर्मियों को स्कूल शिक्षा सचिव गौरव द्विवेदी ने बड़ी राहत दी है और जिन भी मुद्दों को लेकर संशय की स्थिति थी उसमें संघ के निवेदन पर स्कूल शिक्षा सचिव ने कल संविलियन के लिए लगने वाले शिविर से कुछ घंटे पहले बहुत ही क्लियर आदेश जारी कर दिया है ।
 आज जारी किए गए आदेश के तहत निम्न बिंदुओं पर शिक्षाकर्मियों को स्पष्ट लाभ मिलना है । 

1. निम्न से उच्च पद वाले वे तमाम शिक्षाकर्मी  जिन्हें या तो अनुमति मिल गई थी या फिर जिन्होंने आवेदन जमा किया था किंतु एनओसी जारी नहीं हो पाया था उनका एनओसी जारी मानते हुए उन्हें संविलियन का लाभ दिया जाएगा और निम्न पद पर कार्यभार ग्रहण दिनांक से उनके संविलियन की गणना होगी । 

2. अप्रशिक्षित  शिक्षाकर्मियों को भी संविलियन का लाभ दिया जाएगा हालांकि उनके वेतन वृद्धि का मामला जो न्यायालय में लंबित है उसके आधार पर प्रदान किया जाएगा ।

3. शिक्षाकर्मियों को 1 जुलाई को इंक्रीमेंट मिलना था इसके संबंध में भी आदेश कर दिया गया है की  इस माह के वेतन में भले ही वेतन वृद्धि न जुड़े लेकिन आगामी माह जो वेतन मिलना है यानी अगस्त पेड सितंबर उसमें छठवें वेतनमान में एक इंक्रीमेंट जोड़कर सातवें वेतनमान का निर्धारण किया जाएगा जिससे शिक्षाकर्मियों को जो आर्थिक नुकसान होने वाला था वह उन्हें नहीं होगा।

4 . व्याख्याता का पद राजपत्रित होता है इस संबंध में भी स्कूल शिक्षा सचिव ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि राजपत्र में प्रकाशन की कार्यवाही के बाद ही ऐसा हो सकता है इसलिए राजपत्र प्रकाशन के बाद इस विषय में कार्यवाही होगी  । 

5. लंबित सीपीएस की राशि भी 30 सितंबर के पूर्व शिक्षक संवर्ग के खाते में पहुंच जाएगी और उसके बाद आगे की प्रक्रिया स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा संपन्न की जाएगी ।

इसके अतिरिक्त अन्य चार मुद्दों पर जिसमें विभागीय जांच और वरिष्ठता निर्धारण जैसे विषय हैं उसका निर्धारण भी शिक्षा विभाग द्वारा भविष्य में किया जाएगा जैसे क्लियर आदेश जारी कर दिए गए हैं ।

 छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ के पदाधिकारी लगातार इसके लिए अधिकारियों से संपर्क में थे और आज जब इस विषय में आदेश जारी हुआ है तो उन्होंने इसे लेकर खुशी जाहिर की है और स्कूल शिक्षा सचिव को इस प्रकार के स्पष्ट निर्देश के लिए आभार व्यक्त किया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा का कहना है कि हजारों शिक्षाकर्मी इस विषय को लेकर परेशान थे और संविलियन के दायरे में आने के बावजूद उनकी उलझनें बढ़ गई थी क्योंकि इस पर फैसला स्कूल शिक्षा सचिव को लेना था इसलिए लगातार हमने उनसे इस विषय में निर्णय लेने की अपील की थी और आज जिस प्रकार से उन्होंने स्पष्ट आदेश जारी किया है उससे निश्चित तौर पर नियमों के चलते जिन शिक्षाकर्मियों के मन में प्रश्न चिन्ह था या जहां अधिकारी नकरात्मक आदेश जारी कर शिक्षाकर्मियों को परेशान कर रहे थे  उन्हें राहत मिली है ।

कुमेकेला की प्राथमिक शाला बनी आकर्षण का केन्द्र, 45 प्रतिशत बढ़ा बच्चों का प्रवेश

जशपुर। जिले के पत्थलगांव विकासखंड के प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम पंचायत कुमेकेला की प्राथमिक शाला का भवन इन दिनों बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है स्कूल की साज-सज्जा देखकर ऐसा लगता है मानो यह कोई प्राइवेट स्कूल की बिल्डिंग हो।  इस शाला में पहुंचकर जैसे ही आप किसी कक्षा में जाते हैं,पहली नजर पड़ती है, दीवारों पर बने आकर्षक, रंगीन चित्रों पर। पर, ये चित्र ऐसे ही कक्षाओं की दीवारों पर नहीं बनाए गए हैं, बल्कि  ये तो कुछ  विशेष ही हैं।  इन चित्रों का चयन कक्षा के लिए सरकार द्वारा तय किये गए न्यूनतम अधिगम स्तर या एमएलएल और किताबों को ध्यान में रखकर किया गया है। जैसे अंग्रेजी विषय के लिए कक्षा पांचवीं के एमएलएल विलोम शब्द और कक्षा तीसरी के बहुवचन, कक्षा पहली के गणित विषय के एमएलएल गोल, चौकोर, त्रिकोण आकृतियों की पहचान और सप्ताह के नाम इत्यादि के लिए बनाए गए चित्र तो बेहद आकर्षक बने हैं। 

इतना ही नहीं, इस शाला में स्वच्छता की आदतें विकसित करने के लिए  हाथ धुलाई केंद्र, प्रत्येक बच्चे के लिए डेस्क बेंच, मध्याह्न भोजन के लिए बर्तन, फर्श की मरम्मत, विद्युतीकरण कर प्रत्येक कक्षा में बल्ब एवं पंखे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गयी हैं।

45 प्रतिशत तक बढ़ा एडमिशन

कुमेकेला की यह आदर्श शाला गांव के बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। अब पालक भी अपने बच्चे को यहीं पढ़ाना चाहते हैं। इसी का परिणाम है कि इस साल शाला में 94 बच्चों ने एडमिशन ले लिया है जो पिछले साल से लगभग 45 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल केवल 65 बच्चे ही थे। 

क्या है एमएलएल

सरकार ने हर कक्षा के विद्यार्थियों के लिए विषयवार न्यूनतम अधिगम स्तर (एमएलएल) तय कर रखा है। कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे कम से कम इतना सीखने के बाद ही अगली कक्षा में जाते हैं।
 कुमेकेला प्राथमिक शाला में पढ़ाई को और अधिक रुचिकर बनाने, बच्चों के सीखने और उनमें बेहतर समझ विकसित करने के लिए स्मार्ट क्लास भी प्रारम्भ करने की योजना है । 

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