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First Invention : मोक्ष मशीन देश का प्रथम आविष्कार, प्रधानमंत्री बनाने वालों को करेंगे सम्मानित

आर पी सिंह  | 16 Sep , 2018 01:50 PM
First Invention : मोक्ष मशीन देश का प्रथम आविष्कार, प्रधानमंत्री बनाने वालों को करेंगे सम्मानित

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं द्वारा आविष्कृत मोक्ष मशीन को प्रथम आविष्कार माना गया है। चिता की राख को परिष्कृत कर खाद बना देने वाली इस मशीन की खोज करने वाले वैज्ञानिकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 सितंबर को सम्मानित करेंगे। इनका सम्मान कार्यक्रम दिल्ली के विज्ञान भवन में होगा।

सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मोक्ष मशीन को देश के इस वर्ष का नंबर वन आविष्कार के रूप में शामिल किया है। मंत्रालय द्वारा जारी रेटिंग में मोक्षा को टॉप पर रखा गया है।  गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के तीनों बाल वैज्ञानिक व अटल टिंकरिंग लैब के इंचार्ज डॉ.धनंजय पांडेय ने मिलकर इसको बनाया है।

25 तक दिल्ली पहुंचने का फरमान:

शनिवार को सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. कपिल आर्या ने ईमेल के जरिए गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल स्थित अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल)इंचार्ज डॉ.पांडेय को इसकी जानकारी दी है। साथ ही तीनों बाल वैज्ञानिकों के साथ 25 सितंबर तक दिल्ली स्थित नीति आयोग पहुंचने व आयोग के अधिकारियों को रिपोर्टिंग करने कहा गया है। 26 सितंबर को सुबह 10.30 बजे तक तीनों बाल वैज्ञानिकों के साथ विज्ञान भवन पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

कब होगा सम्मान:

विज्ञान भवन में सुबह 11 बजे से कार्यक्रम प्रारंभ हो जाएगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व नीति आयोग के अधिकारियों के अलावा सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक व आला अफसर मौजूद रहेंगे। इसी कार्यक्रम में मोक्षा मशीन का आविष्कार करने वाले गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल बिलासपुर के तीन बाल वैज्ञानिकों यमन कुमार,स्वासतिक प्रजापति व गौरव महतो तथा एटीएल इंचार्ज डॉ.पांडेय को प्रधानमंत्री मोदी सम्मानित करेंगे ।

जहां लगाया वहीं टॉप रहा मोक्ष:

देश और दुनिया में अपने आविष्कार से तहलका मचाने वाले मोक्ष मशीन का सफर भी कम रोचक नहीं है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से दुबई में आयोजित इंटरनेशनल रोबोटिक चैम्पियनशिप में मोक्ष हमेशा टॉप पर रहा है। एक बार जब इसने अपनी सफलता का सफर शुरू किया तो पीछे मुड़कर नहीं देखा है। नीति आयोग के बैनर तले कोलकाता,गोवा व दिल्ली में आयोजित चैम्पियनशिप में भी टॉप किया।

चिता की राख से बनाती है खाद:

गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के तीन बाल वैज्ञानिकों ने चिता की राख को परिष्कृत करने के लिए मोक्ष मशीन बनाई है। एक बार यह मशीन चिता की 8 से 10 किलो राख को परिष्कृत करती है। परिष्कृत करने के बाद वह इसे जैविक खाद के रूप में तब्दील कर देता है। जैविक खाद का परीक्षण करके देखा भी गया है। यह रासायनिक खाद से तीन गुना ज्यादा प्रभावी है।

क्या कहते हैं प्राचार्य:

सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. कपिल आर्या का ईमेल आया है। इसमें मंत्रालय ने मोक्ष को देश का नंबर वन आविष्कार में शामिल करते हुए टॉप रेटिंग जारी की है। 26 सितंबर को मोक्षा बनाने वाले तीनों बाल वैज्ञानिकों व एटीएल इंचार्ज को प्रधानमंत्री सम्मानित करेंगे। यह हमारे स्कूल और प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

- डॉ. राघवेंद्र गौराहा-प्राचार्य, गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, बिलासपुर

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