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युवाओं का हब फेसबुक बन गया बूढ़ों का ठिकाना

ग्लिब्स टीम  | 03 Nov , 2021 11:55 AM
युवाओं का हब फेसबुक बन गया बूढ़ों का ठिकाना

नई दिल्ली। फेसबुक अब जवानों का नहीं बल्कि बूढ़ों का ठिकाना बन गया है। दरअसल किसी जमाने में फेसबुक युवाओं का हब हुआ करता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। बल्कि अब यह सोशल मीडिया प्लेटफार्म वृद्धों का हब बन गया है। यह बदलाव बीते 10 सालों में आया है। फेसबुक की तमाम कोशिशों के बावजूद युवा इससे जुड़ नहीं पा रहे हैं। किसी जमाने में 'माय स्पेस' दुनिया की टॉप सोशल मीडिया साईट हुआ करती थी। लेकिन 2009 में फेसबुक ने उसे खत्म कर दिया था। टिकटॉक और स्नैपचैट अब वैसी ही कड़ी टक्कर फेसबुक को दे रहे हैं। प्यू रिसर्च सर्वे के अनुसार, 2012 में अमेरिका के 94 फीसदी किशोरों के फेसबुक एकाउंट हुआ करता था। 10 साल बाद अब ये संख्या मात्र 27 फीसदी रह गई है। 10 हजार टीनेजर्स के सर्वे में यह बात निकल कर आई है।

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