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सम्मानित हुआ एवरेस्ट फतह करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला युवक 'राहुल '

सम्मानित हुआ एवरेस्ट फतह करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला युवक 'राहुल '

रायपुर । 14 मई को माउन्ड एवेरस्ट फतह करने वाले पहले छत्तिसगढ़िया  राहुल गुप्ता को खेल विभाग ने सम्मानित किया । सम्मान समारोह का कार्यक्रम नई कॉफी हाउस में हुआ । चेहरे पर लगी चोट को राहुल ने बताया कि हमारे छत्तीसगढ़ में इसको शगुन कहते हैं। राहुल की हालत उस वक्त बेहद खराब हो गई थी जब वो एवरेस्ट पर पहुंचा। वहां से नीचे उतरते वक्त उसको चौपर से रेस्क्यू करना पड़ा था।

पूरे साल में सिर्फ एक बार मिलता है मौका :

पूरे साल में केवल एक बार ही ऐसा वातारण आता है, जब एवरेस्ट पर चढ़ाई की जा सके । गुप्ता ने 6 अप्रैल से शुरू की थी चढ़ाई की थी। छग. सरकार और खेल विभाग ने उनको सपोर्ट किया । राहुल ने कहा कि मैंने कल्पना भी नहीं की थी कि मेरा स्वगत ऐसे किया जाएगा ।

कैसे-कैसे वक्त आए इस दौरान :

पांच सालों की मेहनत है। इन सालों में अच्छा और बुरा वक्त दोनों दिन देखे हैं। बहुत कुछ सीखने को मिला, मैंने हार कभी नहीं मानी। इस दौरान मैंने केवल एक चीज सीखी की धैर्य से सब कुछ हासिल कर सकते हैं। अपनी साथ पूरी टीम की जिम्मेदारी थी। उस टीम में 50 साल के उम्र तक के लोग थे फिर भी मुझे मौका दिया गया मैं खुश हूँ । मैंने नौ दिन का सफर 4 दिन में पूरा किया । मैंने दो बार कोशिश की, नाकाम रहा लेकिन मैं हार नहीं मानूंगा यह सोच के ही चढ़ा था । मेरा नेक्स्ट टॉरगेट है कि यहाँ के लोगों को इसके लिए लोगों जागरूक करूंगा । इसके लिए 45 हजार से 1 लाख तक का खर्च आता है। अपने चेहरे पर लगी चोट के बारे में राहुल कहते हैं कि हमारी भाषा में इसे शगुन कहते हैं ।

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