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लोकतंत्र में विपक्ष का सशक्त होना जरूरी, विपक्षी दल नंबर की चिंता छोड़ दें : पीएम मोदी

लोकतंत्र में विपक्ष का सशक्त होना जरूरी, विपक्षी दल नंबर की चिंता छोड़ दें : पीएम मोदी

 

नई दिल्ली। 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में सोमवार को सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी में शपथ ली। प्रोटेम स्पीकर वीरेंद्र कुमार मंगलवार को भी नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाएंगे। इससे पहले मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का सशक्त होना जरूरी है। उनका हर शब्द मूल्यवान है, वे लोकसभा में अपने नंबरों की चिंता छोड़ दें। उम्मीद है कि सभी दल सदन में उत्तम चर्चा करेंगे। इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वीरेंद्र कुमार को प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ दिलाई। कुमार मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ से सांसद हैं।

अब 19 जून को लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा। 20 जून को राष्ट्रपति लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। इसी दिन राज्यसभा के सत्र की शुरूआत होगी। संसद का यह सत्र 26 जुलाई तक चलेगा। 5 जुलाई को पहली बार महिला वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी।

हमारे लिए विपक्ष की हर भावना मूल्यवान : मोदी

मोदी ने कहा, ''इस चुनाव में पहले की तुलना में अधिक मात्रा में महिलाओं का वोट करना खास रहा। कई दशकों के बाद एक सरकार को दोबारा पूर्ण बहुमत के साथ और पहले से अधिक सीटों के साथ जनता ने सेवा करने का अवसर दिया। जब पांच वर्ष का हमारा अनुभव है। जब सदन चला है, तंदरुस्त वातावरण में चला है तब देशहित के निर्णय भी अच्छे हुए हैं। आशा करता हूं कि सभी दल उत्तम प्रकार की चर्चा, जनहित के फैसले और जनआकांक्षाओं की पूर्ति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं इसका विश्वास।''

''लोकतंत्र में विपक्ष का सशक्त होना अनिवार्य शर्त है। प्रतिपक्ष के लोग नंबर की चिंता छोड़ दें। देश की जनता ने उन्हें जो नंबर दिया दिया। लेकिन हमारे लिए उनकी हर भावना मूल्यवान है। जब सदन में हम उस चेयर पर एमपी के रूप में बैठते हैं तो पक्ष विपक्ष से ज्यादा निष्पक्ष का ज्यादा महत्व होता है। मैं उम्मीद करता हूं कि पक्ष विपक्ष से ज्यादा निष्पक्ष होकर हम इस सदन की गरिमा उठाने का प्रयास करेंगे।''