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Assembly elections : राजस्थान और तेलंगाना में मतदान खत्म, 5 राज्यों में चुनाव खत्म, अब 11 को सभी जगह होगी मतगणना

राजू यदु  | 07 Dec , 2018 05:23 PM
Assembly elections : राजस्थान और तेलंगाना में मतदान खत्म, 5 राज्यों में चुनाव खत्म, अब 11 को सभी जगह होगी मतगणना

राजस्थान। राजस्थान और तेलंगाना में मतदान खत्म हो गया है। बूथ में जितने मतदाता है अब वहीं मतदान कर सकेंगे। संभव शाम 6 से 7 बजे तक मतदान की प्रक्रिया चल सकती है। बताया जा रहा है कि शाम 4 बजे तक 72 फीसदी मतदान होने की खबर है। राजस्थान और तेलंगाना में चुनाव के साथ अब देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव समाप्त हो चुका है। बता दें कि इससे पहले छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, मिजोरम में चुनाव हो चुका है। अब इन सभी राज्यों में 11 दिसंबर को एक साथ मतगणना होगी। 

बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, बीजेपी के रमन सिंह लगातार 3 बार से यहां मुख्यमंत्री हैं। 2013 के चुनाव में बीजेपी को 49 सीटें मिली थीं, वहीं प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को 41 सीटों से संतोष करना पड़ा था। कांग्रेस इस बार आश्वस्त है कि एंटी इन्कंबेंसी की वजह से उसे सत्ता मिलेगी। दूसरी ओर, बीजेपी रमन सिंह के नाम पर ही दांव खेल रही है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी बसपा से गठबंधन कर दोनों का खेल बिगाड़ने में लगी है। नक्सलियों की वजह से यहां मतदान 2 चरणों- 12 नवंबर और 20 नवंबर को हुआ था। यहां भी मतगणना 11 दिसंबर को होगी।

वहीं मध्य प्रदेश में विधानसभा की 230 सीटें हैं। 2013 में हुए चुनाव में यहां बीजेपी को 168 सीटें मिली थीं और शिवराज सिंह चौहान तीसरी बार मुख्यमंत्री बने  थे। कांग्रेस को 58 सीटों से संतोष करना पड़ा था. इस बार कांग्रेस ने पूरा दम लगाया है। यहां कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम का दावेदार बताया जा रहा है, वहीं बीजेपी जीत के प्रति आश्वस्त है और शिवराज को ही सीएम के चेहरे के तौर पर पेश किया है। 2018 के चुनाव के लिए 28 नवंबर को वोट डाले गए थे। 

राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं, लेकिन चुनाव 199 सीटों के लिए हुए हैं। बता दें कि 2013 के चुनाव में बीजेपी को 163 सीटें मिलीं थीं और वसुंधरा राजे सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाया गया था। यहां अशोक गहलोत के नेतृत्व में चल रही कांग्रेस की सरकार को बुरी तरह हार का मुंह देखना पड़ा था और कांग्रेस को केवल 21 सीटें मिली थीं। इस बार राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस ने जमीन पर संघर्ष किया है और पार्टी यह दावा कर रही है कि सत्ता परिवर्तन होगा, सचिन पायलट को सीएम पद का दावेदार माना जा रहा है। यहां 7 दिसंबर को वोट डाले गए। 

2014 के चुनाव के दौरान आंध्र प्रदेश और तेलंगाना एक ही राज्य थे। राज्य का बंटवारा होने के बाद तेलंगाना के हिस्से में 119 सीटें आई। इनमें तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को 90 सीटें और कांग्रेस के हिस्से में 13 सीटें आईं. टीआरएस के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव को सीएम बनाया गया। यहां कांग्रेस और टीआरएस में लड़ाई है।

राज्य बनाने का श्रेय दोनों पार्टियां लेना चाहती हैं। इसे देखते हुए कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने केवल तेलंगाना में ही सभा भी की। कांग्रेस को लगता है कि केंद्र में यूपीए सरकार के दौरान उसने राज्य का निर्माण किया। चंद्रशेखर राव पहले तो कांग्रेस को श्रेय देते रहे, लेकिन बाद में उन्होंने इसका सारा श्रेय अपने नाम कर लिया. समय से पहले ही चंद्रशेखर राव ने विधानसभा भंग करने की सिफारिश भी कर दी. तेलंगाना में 7 दिसंबर को वोटिंग हुई। 

मिजोरम में विधानसभा की 40 सीटें हैं। 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 34 सीटों पर जीत दर्ज की थी। मिजो नेशनल फ्रंट के खाते में 5 और मिजो पीपुल्स पार्टी के खाते में 1 सीट आई थी। कांग्रेस के ललथनहवला को मुख्यमंत्री बनाया गया था। बीजेपी ने पूर्वोत्तर राज्यों में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए 2018 के चुनाव में पूरा जोर लगाया है। मिजोरम जैसे छोटे राज्य में भी प्रचार करने के लिए पीएम मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत पार्टी के बड़े नेता पहुंचे। मिजोरम में 28 नवंबर को वोट डाले गए, 11 दिसंबर को ही यहां के परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।