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प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने किया नवीन कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र का शुभारंभ

ग्लिब्स टीम  | 14 Aug , 2019 03:42 PM
प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने किया नवीन कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र का शुभारंभ

महासमुन्द। प्रदेश के वाणिज्यिक कर (आबकारी) वाणिज्य एवं उद्योग तथा जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने महासमुंद में नवीन कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र का शुभारंभ किया। इस दौरान महासमुंद विधायक विनोद चंद्राकर, खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, कलेक्टर सुनील कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, अपर कलेक्टर शरीफ मोहम्मद खान, डीन एएल राठौर, डॉ.वर्मा, डॉ.तोमर, कृषि उप संचालक व्हीपी चौबे विशेष रूप से उपस्थित थे। नवीन कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र के शुभारंभ अवसर पर अपने संबोधन में प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महासमुंद जिला कृषि प्रधान जिला है, यहां के लोग प्राथमिकता के साथ कृषि कार्य संपादित करते है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में प्रदेश में किसानों के हित में कार्य किए जा रहे है। यहां कृषि महाविद्यालय खुलने से जिले के ऐसे छात्र जो कृषि विषय में विशेष अभिरूचि रखते है, उनको मौका मिलेगा। साथ ही यहां कृषि में होने वाले अनुसंधान कार्यों से किसानों को भी लाभ मिलेगा। 

उन्होंने जिला प्रशासन से कहा कि कृषि महाविद्यालय के लिए शीघ्र भूमि आवंटित कर अधिग्रहण के कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि इसके भवन के लिए भूमि पूजन आदि का कार्य किया जा सके। उन्होंने कहा कि यहां कृषि महाविद्यालय खुलने से लोगों को लाभ मिलेगा। प्रभारी मंत्री लखमा ने महाविद्यालय परिसर में उपस्थित अतिथियों के साथ पौधरोपण भी किया। विधायक विनोद चंद्राकर ने कहा कि जिले के लिए कृषि महाविद्यालय का शुभारंभ एक नया उपहार मिला है। इसके लिए भूमि अधिग्रहित कर नया भवन बनाने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि महाविद्यालय के लिए जो भी आवश्यकताएं है वे सभी उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा यहां कृषि महाविद्यालय का शुभारंभ हुआ हैं, इसका लाभ महासमुंद जिले के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा। इस अवसर पर कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने कहा कि महासमुंद कृषि के क्षेत्र में खास दौर पर धान की खेती में आगे है।

इस महाविद्यालय के शुभारंभ होने पर यहां के छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि कृषि महाविद्यालय की समस्याओं को दूर करते हुए इसकी आवश्यकताओं की पूर्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय के लिए लगभग 85 एकड़ भूमि आवंटन के लिए अंतिम चरण में कार्रवाई पहुंच चुकी है और यह कार्य शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। जमीन आबंटन होने के बाद शीघ्र ही कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय में 27 सीटें सुनिश्चित है, इसमें से 24 सीटे सामान्य एवं 3 सीटे आरक्षित है। महाविद्यालय के लिए काम आने वाले संसाधनों की कमी को सभी के सहयोग से दूर किया जाएगा। इस दौरान डीन एएल राठौर ने अतिथियों का स्वागत किया और महाविद्यालय के लिए शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यहां के छात्रों के लिए यह अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। यहां महाविद्यालय प्रारंभ होने से कृषि में रूचि रखने वाले युवाओं को मौका मिलेगा। आगामी 6 माह में महाविद्यालय के लिए और तेजी से कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर दाउलाल चंद्राकर, आलोक चंद्राकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के अलावा कृषि महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्र भी उपस्थित थे।

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