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सरकार विध्वंस की राजनीति को छोड़ कर विकास की राजनीति की ओर आगे बढ़े : राजेश मूणत 

रविशंकर शर्मा  | 14 Aug , 2019 05:25 PM
सरकार विध्वंस की राजनीति को छोड़ कर विकास की राजनीति की ओर आगे बढ़े : राजेश मूणत 

रायपुर। भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने बुधवार को भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में हुई प्रेसवार्ता में कहा कि भूपेश सरकार विध्वंस की राजनीति को छोड़कर विकास की राजनीति की ओर आगे बढ़े, सिर्फ गड़े मुर्दे उखाड़कर राजनीति की जा रही है। सारे के सारे विकास कार्य बंद पड़े हैं, हमने केवल-केवल विकास की राजनीति की है और हमेशा करते हैं। 
पूर्वमंत्री राजेश मूणत ने भूपेश कैबिनेट के फैसले पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि सरकार कैसे एक अच्छे अफसर को बलि का बकरा बना सकती है, जिस अफसर पर पिछले 15 सालों में एक उंगली तक नहीं उठी, उस पर कार्यवाही करना समझ से परे है। मंगलवार को भूपेश कैबिनेट की बैठक में एनआरडीए के पूर्व सीईओ एसएस बजाज को सस्पेंड कर सरकार क्या साबित करना चाहती है। उन पर आरोप है कि नया रायपुर में यूपीए चेयरमैन सोनिया गांधी ने जिस जगह पर शिलान्यास किया था, उस जमीन को एनआरडीए के अफसरों ने बेच दिया। अधिकारियों द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नियमों को ताक में रखकर नया रायपुर की जमीनों का आवंटन किया गया है। 
पूर्व मंत्री मूणत ने कहा कि सरकार बताए कि कैसे एक अधिकारी दोषी हो सकता है? टाडा बना हुआ है। अधिकारी केवल सिफारिश कर सकते हैं, निर्णय तो सरकार लेती है। उन्होंने कहा कि 2004 से डॉ. रमन की सरकार बनने के बाद अटल नगर का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। कंसल्टेंसी नियुक्त होने के बाद मास्टर प्लान बना, इसके बाद विकास की गति बढ़ना शुरू हुई। इसके बाद राज्य सराकर ने निर्णय लिया क्या बनना है। वहीं विगत 9 माह से सरकार बनने के बाद  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नया रायपुर जा रहे हैं लेकिन कभी सुध नहीं ली, कुछ नहीं हुआ। अब एकाएक एक अफसर पर आरोप लगाना समझ से बाहर है। उन्होंने कहा कि वह शिलालेख आज भी उसी जगह है, जहां कांग्रेस ने रखा था। अब भूपेश सरकार अफसर को घेरे में लेकर केवल सोनिया गांधी के समक्ष अपनी वाह वाही लूटने ये प्रयास किया जा रहा है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सीएम हाउस कितने क्षेत्र में बनना है वो सरकार का निर्णय है यदि सरकार कम क्षेत्र में बनाना चाहती है तो बनाए। इसको लेकर एक कन्सल्टेंसी होती है क्या होना है उन जगहों पर किस चीजों की जरूरत है। वहीं एक्सप्रेस वे के मामले में स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने के निर्णय पर उन्होंने कहा कि पूरी ठिकरा भाजपा के सिर फोड़ा जा रहा है। हम भी चाहते हैं बेशक दोषियों के खिलाफ कार्यवाही हो। एक्सप्रेस वे का तो निर्माण कार्य चल रहा है आज तक पूर्ण नहीं है, जब तक निर्माण का सर्टिफिकेट नहीं मिल जाता वो निमार्णाधीन है। सरकार को ध्यान रखना चाहिए था कि पहले पूर्ण रूप से जांच की जाती। हम भी एक्सप्रेस वे की स्वतंत्र एजेंसी से जांच किए जाने का स्वागत करते हैं। 
झीरमघाटी मामले में पूर्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब हमारी सरकार के समय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थे तो वे कहते थे कि झीरमकांड को लेकर उनके पास दस्तावेज हैं, भाजपा ने स्पष्ट कहा था कि यदि दस्तावेज हैं तो प्रस्तुत करें लेकिन वे नहीं कर पाए, सिर्फ बोलते रहे। अब सरकार बनने के 9 माह बाद ऐसी क्या स्थिति आ गई कि कांग्रेस को फिर वही बात दुबारा कहनी पड़ रही है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले ऐसे ही कह रहे थे। झीरम घटना को लेकर जस्टिस प्रशांत मिश्रा आयोग की जांच में 8 बिन्दु जोड़े जाने हम भी स्वागत करते हैं, हम भी चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।

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