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आदिवासियों के संयुक्त आंदोलन के सामने सरकार को झुकना पड़ा, बस्तर बिकने और बरबाद होने से बचा: अमित जोगी

अखिलेश तिवारी  | 11 Jun , 2019 05:48 PM
आदिवासियों के संयुक्त आंदोलन के सामने सरकार को झुकना पड़ा, बस्तर बिकने और बरबाद होने से बचा: अमित जोगी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को अपनी सरकार के पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में 12 फरवरी को नंदराज पर्वत/ एनसीएल की बैलाडीला स्थित लौह अयस्क डिपॉज़िट 13 में खनन करने की अदानी एंटर्प्रायज़ेज़ लिमिटेड को उनकी सरकार द्वारा प्रदान  ‘कन्सेंट टू इस्टैब्लिश प्रमाणपत्र’ के क्रियान्वयन पर रोक लगाकर फ़िलहाल तो बस्तर को बिकने और बरबाद होने से बचा दिया है। इसका पूरा श्रेय बस्तर के लोगों को जाता है, जो लगातार पिछले चार दिनों से अपने अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे थे। उनके इस आंदोलन में छत्तीसगढ़ के एकमात्र मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय दल जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के सुप्रीमो अजीत जोगी ने पूरा साथ दिया। अमित जोगी ने कहा कि जब तक नंदराज पर्वत पर खनन करने की प्रक्रिया को स्थायी रूप से ख़ारिज कर ताला नहीं लगा दिया जाता तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

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