GLIBS

विकास उपाध्याय ने केन्द्रीय चुनाव आयोग से की मुफ्त वैक्सिन मामले की शिकायत,भाजपा पर प्रतिबंध लगाने की मांग

रविशंकर शर्मा  | 23 Oct , 2020 10:55 PM
विकास उपाध्याय ने केन्द्रीय चुनाव आयोग से की मुफ्त वैक्सिन मामले की शिकायत,भाजपा पर प्रतिबंध लगाने की मांग

रायपुर। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने बिहार के विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से मुफ्त में कोरोना वैक्सिन बांटे जाने को गंभीरता से लिया है। उन्होंने चुनाव आचार सहिंता का खुला उल्लंघन मानते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग से अपने वकील के माध्यम से शुक्रवार को शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि  चुनाव आयोग की तरफ से चुनाव के दौरान जारी घोषणा पत्र के लिए जो नियम बनाए गए हैं, जिसे चुनाव आचार संहिता का ही हिस्सा माना गया है। मुफ्त में किसी चीज को बांटना इसका खुला उल्लंघन है। भाजपा ऐसा कर चुनाव आचार सहिंता का उल्लंघन कर रही है। चुनाव आयोग को बिहार विधानसभा चुनाव से भाजपा को चुनाव में हिस्सा लेने प्रतिबंध लगाना चाहिए।विकास उपाध्याय ने अपने शिकायत में इस बात का उल्लेख किया है कि चुनाव आयोग आचार संहिता के सूची की धारा 8 में लिखा है, "कानून स्पष्ट है कि चुनाव घोषणा पत्र में वादों को रिप्रजेंटेशन एक्ट की धारा 123 के अंतर्गत 'भ्रष्ट व्यवहार' के तौर पर नहीं माना जा सकता, लेकिन इस बात को वास्तव में खारिज भी नहीं किया जा सकता कि मुफ़्त में चीजे बाँटने की परंपरा से लोग चुनाव में प्रभावित होते हैं। ऐसी स्थिति में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर प्रश्नचिन्ह है। ऐसे में  फ्री कोरोना वैक्सीन को चुनावी वादे में घोषणा करना इसका उल्लंघन है। इसे लेकर चुनाव आयोग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
विकास उपाध्याय ने कहा है कि लोगों को कोरोना का डर दिखा कर वोट मांगने की कोशिश हो रही है। अभी वैक्सीन का पता नहीं, कब आएगी, कितने डोज लगेंगे, तो पहले से इन बातों को चुनावी वादे में कैसे शामिल किया जा सकता है? यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन तो है ही बल्कि जनता के साथ धोखा भी है। अगर चुनाव के मौसम में कोई पार्टी कहे कि तुम मुझे वोट दो, मैं तुम्हें तुम्हारा अधिकार (वैक्सीन) मुफ़्त में दूंगा, तो इसका मतलब ये हुआ कि आपके अधिकार आपके पास नहीं है और उसकी कीमत आपका वोट है। विकास उपाध्याय ने कहा है कि भारत में जितने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, वो निशुल्क है।  सरकार के माध्यम से ये मुहैय्या हो रही है। उन्होंने महामारी के संदर्भ में कहा है कि इसमें और तेजी लाने की जरुरत है। इस तरह के टीकाकरण के मामलों में केंद्र सरकार निर्णय लेती है। निर्णय लेने में उनकी मदद स्वास्थ्य मंत्रालय की टीकाकरण पर बनी तकनीकी समिति करती है। कोरोना टीकाकरण अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चलाया जाएगा। ये मोदी सरकार को मंजूर नहीं है। तभी बिहार में अपने चुनावी घोषणा पत्र में की है। जबकि केंद्र सरकार इस टीकाकरण अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर करने की घोषणा करती तो उसका स्वागत होता।

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.