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यह पहला मौका नहीं, जब मोदी सरकार ने बर्दाश्त न होने वाला झूठ बोला है : शैलेश नितिन त्रिवेदी

रविशंकर शर्मा  | 16 Sep , 2020 12:25 PM
यह पहला मौका नहीं, जब मोदी सरकार ने बर्दाश्त न होने वाला झूठ बोला है : शैलेश नितिन त्रिवेदी

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने केन्द्र की मोदी सरकार को घेरा है। त्रिवेदी ने कहा है कि, केंद्र सरकार का बयान स्वीकार्य नहीं है कि, लॉक डाउन के दौरान घर लौटते गरीब मजदूरों की मौतों का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस गैरजिम्मेदाराना रवैये के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। त्रिवेदी ने कहा है कि, जिस समय मजदूर पैदल घर लौटने को मजबूर हुए, उस समय देश में आपदा प्रबंधन कानून लागू था। केंद्र सरकार हर फैसले खुद ले रही थी। करोड़ों लोगों का रोजगार छिन गया और आज सरकार कह रही है कि, उसके पास कोई जानकारी नहीं है। यह पहला मौका नहीं है, जब नरेंद्र मोदी की सरकार ने ऐसा बर्दाश्त न होने वाला झूठ बोला है।

इससे पहले नोटबंदी में भी सरकार ने देश के करोड़ों लोगों को बैंकों के सामने कतार में खड़ा कर दिया और सैकड़ों लोगों की जानें गईं। प्रधानमंत्री ने कहा था कि, 50 दिन में सब कुछ ठीक न हुआ तो फांसी चढ़ा देना। न कालाधन आया, न आतंकवाद और न नक्सलवाद खत्म हुआ। लाखों व्यापारियों का कारोबार मंदी की चपेट में जरूर चला गया। त्रिवेदी ने कहा है कि, दूसरी आजादी की तरह जश्न मनाकर जीएसटी लागू किया गया, लेकिन आज पता चल रहा है कि दुनिया का सबसे जटिल और निरर्थक जीएसटी लागू करके प्रधानमंत्री ने देश के मंझोले और छोटे उद्योग और कारोबार की कमर तोड़ कर रख दी है। यही वजह है कि, कोरोना के बाद देश की अर्थव्यवस्था 40 प्रतिशत तक सिकुड़ गई है। ऐसा लगने लगा है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अच्छे दिन का वादा करके देशवासियों को सबसे बुरे दिन दिखा रहे हैं।

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