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'आप' के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा- फांसी हो जाए लेकिन साथ में रखूंगा फरसा  

ग्लिब्स टीम  | 14 Oct , 2019 10:57 PM
'आप' के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा- फांसी हो जाए लेकिन साथ में रखूंगा फरसा  

चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने फरसा रखकर चुनाव आयोग के नोटिस पर उल्टा सवाल खड़ा कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि ये फरसा मैंने आत्मरक्षा के लिए अपने साथ रखा हुआ है। आयोग चाहे फांसी लगा दे, फरसा साथ ही रखूंगा। क्या कानून व संविधान की पालना चुनाव के दौरान अलग-अलग होती है? भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को जब लाठी भेंट की गई, मुख्यमंत्री को जब गदा भेंट की गई व अन्य भाजपा नेताओं को गदा, फरसे, तलवार भेंट करने पर आयोग ने संज्ञान क्यों नहीं लिया? आयोग को मेरा फरसा ही क्यों दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि मेरा मकसद लोगों को ये दिखाना है कि प्रदेश के मुखिया सत्ता के नशे में हैं। मेरा फरसा रखने का मतलब सिर्फ  दिखाने के लिए है लोगों की गर्दन काटने के लिए नहीं। ये लोगों को बचाने के लिए है। ये फरसा एक जगह नहीं, बल्कि हर जगह मैं साथ रखता हूं। फरसा एक धार्मिक चिन्ह है।
चुनाव आयोग के लिए अगर फरसा शस्त्र है तो गदा भी तो शस्त्र है, भीम ने दुर्योधन को गदा से ही मारा था। जिस तरह भीम अपने साथ गदा रखते थे वैसे ही भगवान परशुराम भी अपने साथ फरसा रखते थे, जो किसी की गर्दन काटने के लिए नहीं, बल्कि पापियों से बचने के लिए होता था। उन्होंने कहा कि फरसा किसी भी रिकॉर्ड में हथियार के रूप में दर्ज नहीं है। आयोग भाजपा नेताओं पर भी कार्रवाई की हिम्मत करके दिखाए।  

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