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मुख्यमंत्री थे तब किसानों के दु:ख से रमन सिंह की आंखों से आंसू निकलते नहीं देखा : शुक्ला

रविशंकर शर्मा  | 07 Feb , 2020 10:09 PM
मुख्यमंत्री थे तब किसानों के दु:ख से रमन सिंह की आंखों से आंसू निकलते नहीं देखा : शुक्ला

रायपुर। धान खरीदी पर भाजपा के बयानों पर कांग्रेस ने कड़ी टिप्पणी की है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि डॉ. रमन सिंह 15 साल तक मुख्यमंत्री थे, तब किसानों के बिगड़ते आर्थिक हालात, खराब होती फसल और कर्ज में दबे किसानों की आत्महत्या की घटना के बाद कभी उनके आंखों से आंसू नहीं छलका था। बल्कि किसानों के दुख दर्द को बढ़ाने का काम भाजपा ने था। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि उस समय कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रहते वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के दर्द को उनकी बेबसी को उनके लाचारी को नजदीक से देखा है और महसूस किया। लगातार सड़क लेकर सदन तक पूर्व की रमन सरकार के किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ किसानों की हक अधिकार की लड़ाई लड़े हैं। इसका ही परिणाम है कि रमन सरकार को छत्तीसगढ़ की जनता ने सत्ता से बेदखल कर दिया। 

शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है, जागरूक है इसका ही परिणाम है कि शपथ ग्रहण के तत्काल बाद किसानों का कर्ज माफी की घोषणा होती है और धान का 2500 रुपए दाम दिया जाता है। शुक्ला ने आरोप लगाया है कि दूसरी बार 2500 रुपए देने में अड़ंगा लगाने वाले केंद्र की मोदी सरकार के साथ खड़े पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह किस मुंह से खुद को किसानों का शुभचिंतक बताकर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और भाजपा नेताओं के किसानों के प्रति आंखों से हमदर्दी के आंसू नहीं निकल रहे हैं बल्कि यह घड़ियाली आंसू है, जिसमें भाजपा का राजनीतिक स्वार्थ छिपा हुआ है। जैसे भाजपा के केंद्र के नेता देशभर के किसानों को ठगने के लिए मीठी-मीठी बातें करते हैं। वैसे ही भाजपा के छत्तीसगढ़ के नेता भी किसानों के हम दर्द होने का स्वांग रच रहे हैं। छत्तीसगढ़ की जनता भाजपा के चर्चित चेहरे को पहचान चुकी है, जिसका ही परिणाम है कि नगरी निकाय चुनाव त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है। भाजपा किसान हितैषी होने का लाख दावे कर ले, वह किसान विरोधी थी है और रहेगी।

 

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