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राहुल गांधी से चर्चा में बोले राजीव बजाज- लॉक डाउन से चौपट हुई अर्थव्यवस्था

ग्लिब्स टीम  | 04 Jun , 2020 12:07 PM
राहुल गांधी से चर्चा में बोले राजीव बजाज- लॉक डाउन से चौपट हुई अर्थव्यवस्था

नई दिल्ली। कोरोना वायरस संकट के बीच देश की अर्थव्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला कर रहा है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आए दिन किसी न किसी एक्सपर्ट से अर्थव्यवस्था मुद्दे पर बात कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने गुरुवार को बजाज ऑटो के प्रबंध संचालक राजीव बजाज से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। लॉक डाउन के आर्थिक प्रभाव को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश के नामी उद्योगपति राजीव बजाज के साथ वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की। इस दौरान राजीव बजाज ने कहा कि लॉक डाउन से अर्थव्यवस्था को बहुत गहरी चोट पहुंची है और लोगों में इसको लेकर काफी डर बना हुआ है।

राजीव बजाज ने कहा कि दुनिया के कई देशों में मेरे रिश्तेदार और दोस्त हैं और वहां भी लॉक डाउन हुआ लेकिन ऐसा कहीं नहीं था। वह बाहर घूमने जा सकते थे। सामाजिक और भावनात्मक पहलुओं के संदर्भ में वे लोग बेहतर परिस्थिति में थे। राहुल गांधी ने ऑटो के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बजाज से बात की। राहुल ने सबसे पहले बजाज से उनके इलाके में कोरोना की स्थिति पूछी। बजाज ने जवाब दिया- ये नया माहौल है, हम इसमें ढलने की कोशिश कर रहे हैं। बजाज ने कहा कि यह काफी अजीब है। मुझे नहीं लगता कि किसी ने कल्पना की थी कि दुनिया को इस तरह से बंद कर दिया जाएगा। मुझे नहीं लगता कि विश्व युद्ध के दौरान भी दुनिया बंद थी। तब भी चीजें खुली थीं। यह एक अनोखी और विनाशकारी घटना है।

राहुल गांधी ने पूछा कि किसी ने नहीं सोचा था कि पूरी दुनिया में लॉक डाउन हो जाएगा, ऐसा विश्व युद्ध के समय पर भी नहीं हुआ था जिसके जवाब में राजीव बजाज ने कहा कि भारत में एक तरह का ड्रैकियन लॉक डाउन है। ऐसा कहीं पर भी नहीं हुआ। हमारे यहां की तुलना में कई देशों में बाहर निकलने की अनुमति थी। कोरोना को लेकर बजाज ने कहा कि मुझे लगता है कि अपने यहां फैक्ट और सच्चाई के मामले में कमी रह गई है, लोगों को लगता है कि ये बीमारी एक कैंसर जैसी है। अब जरूरत है कि लोगों की सोच को बदला जाए और जीवन को आम पटरी पर लाया जा सके। लेकिन इसमें एक लंबा वक्त लग सकता है। हम इसके बीच में फंस गए हैं और हमें जापान और स्वीडन की तरह नीति अपनानी चाहिए थी। वहां पर नियमों का पालन हो रहा है, लेकिन लोगों के लिए जीवन को मुश्किल नहीं बनाया जा रहा है।

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