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बारिश में धान भीग रहा है, गोबर बह रहा है आख़िर सरकार क्या रही है : कौशिक

राहुल चौबे  | 11 Jun , 2021 09:18 PM
बारिश में धान भीग रहा है, गोबर बह रहा है आख़िर सरकार क्या रही है : कौशिक

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेश में चहुँओर बर्बादी और भ्रष्टाचार के लिए प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा है। एक तरफ किसानों से ख़रीदे गए धान का समय पर उठाव नहीं होने के कारण प्रदेशभर में करोड़ों रुपए मूल्य का धान बारिश में भीग रहा है तो दूसरी ओर दुर्ग में 1,153 क्विंटल गोबर बारिश के पानी में बह गया! हाईकोर्ट ने वन प्रबंधन सचिव व सर्किल ऑफ़िसर द्वारा बिना काम कराए 44 लाख रुपए आहरित करने पर ज़वाब मांगा है तो महासमुंद ज़िले में रेडी टू ईट योजना में मिड डे मील का चना अफ़सरों द्वारा खा जाने और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में 30 लाख रुपए के घोटाले के जाँच में प्रमाणित होने से प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाज़िमी है।


कौशिक ने सवाल किया कि आख़िर प्रदेश में ये सब क्या हो रहा है? प्रदेश सरकार न तो ख़रीदे गए धान की सुरक्षा कर रही है, न ही गोबर की। भाजपा लगातार इस तरह की ख़बरों के मद्देनज़र आशंका जता रही है कि प्रदेश सरकार की नाक के नीचे बड़े-बड़े घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है, धान और गोबर की ख़रीदी में करोड़ों रुपए बहाने के बाद अब कहीं धान को भीगा व सड़ा और गोबर को पानी में बहा बताकर भी इस तरह के घोटालों की साजिशें नहीं की जा रही हैं? कौशिक ने कहा कि अपनी नाकामियों का ठीकरा प्रदेश सरकार अब सहकारी समितियों और गोठान प्रबंधन समिति व ग्राम पंचायतों पर फोड़ने का काम कर रही है। लगातार आगाह करने के बाद भी अपने सत्ता-मद में चूर प्रदेश सरकार ने समय पर धान का उठाव नहीं कराया और समितियों के प्रांगण में खुला पड़ा धान बारिश के पानी में भीग रहा है। अभी कुछ महीनों पहले ही हुई बेमौसम बारिश में भी धान के भीगने के बावज़ूद प्रदेश सरकार ने धान के उठाव में तत्परता दिखाना ज़रूरी नहीं समझा।

 

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