GLIBS

जन आक्रोश नहीं,भाजपा की स्वहित से जुड़ी रैली पूरी तरह फ्लॉप : विकास उपाध्याय

रविशंकर शर्मा  | 20 Oct , 2020 10:28 PM
जन आक्रोश नहीं,भाजपा की स्वहित से जुड़ी रैली पूरी तरह फ्लॉप : विकास उपाध्याय

रायपुर। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने भाजपा की रैली को जन आक्रोश नहीं बल्कि स्वहित से जुड़ी रैली बताया है। उन्होंने  कहा है कि भाजपा जिन मुद्दों को लेकर रैली कर नौटंकी कर रही है, ये सारे मुद्दे उनके खुद के सरकार की है। इसे कांग्रेस की सरकार कार्रवाई पर उतारू है तो भाजपा के नेताओं को पीड़ा होने लगी है। यही वजह है कि अब तक भाजपा के लोग अपने घरों में दुबक कर बैठे हुए थे। चाहे कोरोना काल के लॉक-डाउन का समय हो या फिर गरीबों के खान-पान की व्यवस्था हो। विकास उपाध्याय ने कहा है कि भाजपा बेवजहों के मुद्दों को जनता से जुड़ा बताकर छत्तीसगढ़ की जनता को गुमराह कर रही है। आम जन से जुड़ा मुद्दा तो ये है कि प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई कौन कर रहा है। बगैर दबाव के छापेमारी की कार्रवाई किसके कहने पर हो रही है। उन्होंने कहा पूरी जनता यह भलीभाँति समझ रही है कि नशे के धंधे को किस सरकार का संरक्षण था। विकास उपाध्याय ने तंज कसते हुए कहा है कि भाजपा के नुक्कड़ सभा में उपस्थित भाजपा नेताओं को बताना चाहिए कि उन्होंने नशे के कारोबार को अपने शासन काल में बंद कराने कितनी छापेमारी की कार्रवाई की। भाजपा ऐसा करने मजबूर भी थी क्योंकि उन्हीं के नेताओं का पूरे नशा के कारोबार को संरक्षण था। विकास उपाध्याय ने कहा है कि पाटन क्षेत्र में भाजपा सांसद की ओर से स्वरचित दारू भट्ठी का प्रसंग लाकर जो पूरे अपने नेताओं को बुलाकर नौटंकी की गई, उससे साफ जाहिर है कि भाजपाईयों में लूटने की आदत अब तक नहीं गई। जो 15 साल तक लूटते रहे अब शराब को लूटने में भी शर्म महसूस नहीं कर रहे हैं। 
विकास उपाध्याय ने कहा है कि गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू की ओर से पुलिस प्रशासन को कड़ाई करने से भाजपाइयों की नींद उड़ी हुई है। अपराधिक प्रकरणों में लिप्त भाजपा के कार्यकर्ताओं को थाने से छुड़ाने भ्रष्ट भाजपा नेताओं की हालत पस्त है तो ये नेता हमारी पुलिस को रिश्वत देने की भी कोशिश कर रहे हैं पर बात नहीं बन रही है न ही उनकी सूनी जा रही है। यही वजह है कि गृह मंत्री को निशाना बनाया जा रहा है। प्रदेश की जनता सबकुछ देख रही है। भाजपाइयों को अब भी सचेत हो जाना चाहिए। उन्हें तो ये बताना चाहिए कि केन्द्र में बैठी उनकी सरकार राज्य के लिए क्या कर रही है। उनके पास कृषि बिल को लेकर कोई जवाब नहीं, उनके पास राज्य के हिस्से का करोड़ों रुपया केन्द्र से नहीं मिल रही है का कोई जवाब नहीं। ऐसे में स्वहित से जुड़े स्वार्थ को प्रतिपूर्ति करने रैली करना कहां तक उचित है।

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.