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राष्ट्रीय सतनामी परिचय सम्मेलन में प्रतिभागियों ने मंच पर बेबाकी से दिया परिचय, किया अपनी पसंद का उल्लेख

राहुल चौबे  | 28 Feb , 2021 07:42 PM
राष्ट्रीय सतनामी परिचय सम्मेलन में प्रतिभागियों ने मंच पर बेबाकी से दिया परिचय, किया अपनी पसंद का उल्लेख

रायपुर। गुरू घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर से रविवार को राष्ट्र स्तरीय सतनामी युवक-युवती परिचय सम्मेलन शहीद स्मारक भवन में हुआ। इसमें प्रदेश सहित देश के कई राज्यों से बड़ी संख्या में समाज के नवयुगल प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। युवाओं ने अपने लिए मनचाहा जीवन साथी पसंद किया तो वही परिजनों की निगाहें भी दिनभर दामाद-बहू की तलाश में टिकी रही। सम्मेलन में विधवा, विधुर, व तलाकशुदा महिला/पुरूषों ने भी पुर्नविवाह के लिये अपना पंजीयन करवाकर समाज से सहयोग मांगा। कार्यक्रम में मास्क व सैनेटाइज के बाद ही क्रमवार प्रवेश दिया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष केपी खाण्डे, प्रवक्ता चेतन चंदेल एवं मीडिया प्रभारी सुखनंदन बंजारे ने बताया कि प्रतिभागियों ने मंच पर बेबाकी से परिचय देते हुए अपनी पसंद का उल्लेख किया। सम्मेलन में कुल 1021 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया,जिनमें काऊसलिंग के बाद 250 से भी अधिक युवाओं व उनके परिजनों के बीच रिश्तों की बातचीत शुरू  हुई।

सम्मेलन में उपस्थित मुख्यअतिथि नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डाॅ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि आज के समय में शासकीय नौकरी सीमित है ऐसे में समाज को व्यापार एवं स्वरोजगार की दिशा में आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे समाज को अब देने वाला समाज बनना होगा। इस मौके पर उन्होंने अपनी शादी की रोचक कहानियाँ भी बताई, जिससे पूरा मंच ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम को संस्कृति एवं खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, विधायक सत्यनारायण शर्मा, महापौर एजाज ढ़ेबर ने संबोधित करते हुए ऐसे आयोजनों की सराहना की। उन्होंने एक स्वर में कहा कि हमारी सरकार बाबा गुरू घासीदास के बताये मार्गों पर चल रही है।


कार्यक्रम स्थल पर राजश्री सद्भावना समिति की ओर से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया था। इसमें 25 सदस्यीय अलग-अलग विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सभी की स्वास्थ्य संबंधी जांच पड़ताल कर निदान के लिए परामर्श दिया। शिविर का 4 हजार से भी अधिक लोगों ने लाभ उठाया। आयोजन में अध्यक्ष केपी. खण्डे, संरक्षक शकुन डहरिया,डाॅ.जेआर सोनी, डीएस पात्रे, सुंदरलाल जोगी, चेतन चंदेल, डीडी भारती, अलखराम चतुर्वेदानी, कृपाराम चतुर्वेदी, लाल पुरेना, आरके पाटले, प्रकाश बांधे, अंजोर दास बंजारे, उतित भारद्वाज, कृष्णा बरमाल, घासीदास कोसले, टिकेन्द्र बघेल, मनीष कोसरिया, नन्दू मारकंडे, डाॅ.अमित भारद्वाज, सनत गिलहरे, चंपादेवी गेंदले, गिरिजा पाटले, धनेश्वरी डांडे, अमरौतिन भतपहरी, शशिबाला सोनकंवरे, अनिता भतपहरी, इंदु डहरिया, याचना भतपहरी, पुष्पा पाटले, सुनीता देशलहरे, उषा चतुर्वेदानी, सरस्वती राघव, अनुसुईया राय, रोशनी कोसले, सुनंदा बघेल सहित हजारों लोग उपस्थित थे।

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