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नान घोटाला : 'सीएम सर व सीएम मैडम' पर गरमाया सदन

सोनम शर्मा  | 02 Dec , 2019 09:36 PM
नान घोटाला : 'सीएम सर व सीएम मैडम' पर गरमाया सदन

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सोमवार को नान घोटाला एक बार फिर बहस का मुद्दा रहा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि नान की जब्त डायरी में सीएम सर व सीएम मैडम लिखा था, इसलिए एसआईटी बिठानी पड़ी। दरअसल प्रश्नकाल में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पूछा था कि नान प्रकरण की हाईकोर्ट में दायर याचिका  में शासन व्दारा किन-किन वकीलों को नियुक्ति की गई थी और क्या इसके लिए शासन व्दारा शासकीय विमान का उपयोग किया गया? यदि किया गया तो उस पर कितना खर्च आया? उन वकीलों ने कब-कब न्यायालय में जिरह की? डॉ. रमन सिंह ने वकीलों को दी जाने वाली फीस और अन्य भुगतान की पूरी जानकारी मांगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि इस प्रकरण में शासन की ओर से निजी वकील हरीश एल साल्वे (नई दिल्ली), रविन्द्र श्रीवास्तव (नई दिल्ली), अपूर्व कुरूप (नई दिल्ली), दयन कृष्णन (नई दिल्ली) और पी. चिदंबरम (नई दिल्ली) को नियुक्त किया गया था। पी. चिदंबरम के लिए शासकीय विमान का उपयोग किया गया, जिस पर 5 लाख 10 हजार रुपए खर्च हुए। हरीश एल साल्वे, रविन्द्र श्रीवास्तव, अपूर्व कुरूप, दयन कृष्णन तथा पी. चिदंबरम ने अलग-अलग समय में न्यायालय में जिरह किया। साल्वे, श्रीवास्तव एवं कुरूप को फीस, कान्फ्रेंसिंग एवं अन्य खर्च के लिए 18 लाख 57 हजार 876 रुपए, कृष्णन को अपिरियेंस, सेटलिंग, स्टेटस रिपोर्ट, रिप्लाई एवं कांफ्रेंस के लिए 81 लाख तथा चिदंबरम को सुनवाई एवं कांफ्रेंस के लिए 60 लाख 3 हजार 776 रुपए का भुगतान किया गया। इस पर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज तक हरीश एल साल्वे आया नहीं। रविन्द्र श्रीवास्तव कोर्ट में खड़ा नहीं हुआ। डॉ. रमन सिंह ने आरोप लगाया कि विधानसभा में गलत जानकारी दी जा रही है।

मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। सीएम भूपेश बघेल ने प्रतिवाद करते हुए  आक्रामक ढंग से कहा कि यहां क्रमवार तारीखों का हवाला दिया जा चुका है और भुगतान की भी स्पष्ट जानकारी दे दी गई है। रमन सिंह के यह कहने पर कि शांति से जवाब दें, कांग्रेस विधायक शोर मचाने लगे। शिवरतन शर्मा ने विरोध जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जवाब देने के बजाय उत्तेजित हो रहे हैं। भूपेश बघेल ने कहा कि नान घोटाले में पिछली सरकार के समय करोड़ों लुटाया जा चुका है। पिछले 15 वर्षों में जो करोड़ों लुटाया गया इसका जवाब कौन देगा? नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि सवाल किया गया है तो उसका जवाब भी समुचित तरीके से आना चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वही नान घोटाला है जिसकी जांच रोकने पीआईएल लगाई जाती है। कौशिक ने कहा कि हां, मैंने पीआईएल लगाई है। यह मेरा अधिकार है। आप लोगों की नीयत ठीक नहीं थी इसलिए ऐसा करना पड़ा। कौशिक के इस कथन पर सत्ता पक्ष के अधिकांश विधायक  शोर मचाने लगे। कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि नान घोटाले में ये सीएम सर व सीएम मैडम कौन थे इसका भी खुलासा हो जाना चाहिए। मोहन मरकाम ने कहा कि ये 36 हजार करोड़ का घोटाला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि नान की जब्त डायरी के पन्नों में गिरीश शर्मा, ध्रुव, सीएम सर व सीएम मैडम लिखा था इसलिए जांच के लिए हमें एसआईटी बैठानी पड़ी।  

 

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