GLIBS

नई शिक्षा नीति से भावी पीढ़ी को अपने रंग में रंगने की तैयारी में मोदी सरकार : सुरेन्द्र वर्मा

रविशंकर शर्मा  | 01 Aug , 2020 07:50 PM
नई शिक्षा नीति से भावी पीढ़ी को अपने रंग में रंगने की तैयारी में मोदी सरकार : सुरेन्द्र वर्मा

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि,शिक्षा के संदर्भ में कानून बनाने का अधिकार केंद्र और राज्य दोनों को है। सत्ता के अहंकार में चूर मोदी सरकार पूरी तरह से अधिनायक वादी रवैया दिखाने लगी है। नई शिक्षा नीति के नाम पर शिक्षा के बाजारीकरण, निजीकरण और पूंजीवादी व्यवस्था थोपने पर आमादा है। जिस शिक्षा नीति पर विगत 5 वर्षों से चर्चा चल रही थी। पूरे देश भर से लाखों सलाह, सुझाव और आपत्तियां दर्ज की गई थी, उनकी अनदेखी कर, राज्य सरकारों की सहमति के बिना, केंद्र की ओर से मनमानी थोपी जा रही है। शिक्षा सरकार का दायित्व और जनता का अधिकार है’ समाज का हर व्यक्ति, हर परिवार इससे सीधे तौर पर प्रभावित होगा।

देश की बुनियाद तभी मजबूत होगी जब प्राइमरी और मिडिल शिक्षा के साथ-साथ उच्च शिक्षा के द्वार भी गरीब और आमजन के पहुंच के अंदर हो, पर मोदी सरकार शायद यह सोचती है कि, देश का युवा पढ़ लिख जाएगा तो सवाल पूछेगा, और जवाबदेही से मोदी सरकार को नफरत है।नई शिक्षा नीति की "लर्निंग बाय डूइंग" कोई नई बात नहीं है ’ 2009 में केंद्र की यूपीए सरकार में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में शिक्षा का अधिकार अधिनियम में इन बातों का प्रावधान पहले ही कर दिया गया था ’ "बस्ते का बोझ कम करना" यह भी पुरानी बात है,कोई क्रांतिकारी कदम नहीं कहा जा सकता। यशपाल समिति की रिपोर्ट (1993) पर यह भी पहले ही लागू है।

 

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.