GLIBS

कटघोरा नगरीय निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए आ रहे कई नाम समाने

बीएन यादव  | 01 Oct , 2019 11:19 AM
कटघोरा नगरीय निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए आ रहे कई नाम समाने

कोरबा। कटघोरा नगरीय निकाय चुनाव 2019 में अध्यक्ष पद के लिए सामान्य सीट हो जाने से चुनाव में दावेदारी कर रहे उम्मीदवारों के चेहरों पर खुशी की लहर दिखाई दी है। कई सालों से चुनाव लड़ने की मंशा को लेकर निराश बैठे पार्टी के कार्यकर्ताओं को आखिरकार चुनावी रूप रेखा में मशगूल होते देखा जा रहा है। इस बार अध्यक्ष चुनाव में यह भी सुगबुगाहट सुनाई पड़ रही है कि पार्टियों में बगावत कर युकां नेता भी पार्टी से टिकट की मांग कर सकते हैं। इसमें पार्टियों के बड़े नेताओं के साथ युकां नेता बगावत कर चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने का मन बना लिये है। बता दें कि इस बात से किनारा नहीं किया जा सकता जो की एक कटु सत्य है, चाहे विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा हर बार कटघोरा का दुर्भाग्य रहा है कि आज तक न तो  यहाँ बुनियादी सुविधाएं मिल पाई और न ही एक अच्छा नेता। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की घोषणा पत्र में कहा गया था कि कटघोरा को जिला बनाएंगे लेकिन वो सिर्फ घोषणा ही रह गई। हर बार चुनाव में बड़े बड़े वादों के साथ जनता को सपने दिखाए जाते हैं और हर बार कटघोरावासी पांच साल तक अपने आपको कोसते रहते है। लेकिन इस बार नगरीय निकाय चुनाव में युका नेताओं ने ताल ठोकीं है, बगावत ही सही लेकिन कटघोरा की जनता का दुःख व कटघोरा की बदहाल स्थिति को युका नेता भलीभांति समझ सकते हैं। ऐसा नहीं है कि पार्टियों के बड़े नेता अंजान है लेकिन अब ये तो पार्टी के ऊपर निर्भर करता है कि आखिरकार वो किसको टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारने की मंशा बना रही है ये तो आने वाला समय ही बताएगा।

भाजपा में क्या चल रहा है

अगर भाजपा की बात की जाए तो हमेशा एक नाम जुबा पर आ जाता है वार्ड क्र 4 के पार्षद पवन अग्रवाल लोगों की सेवा कार्य में व्यस्त रह कर जनहित के कार्यो में अपना योगदान दे रहे हैं। इस बार भाजपा से भी कई दावेदारों के नाम आ रहे हैं, जिनमे वर्तमान नपा अध्यक्ष ललिता डिक्सेना का भी नाम सुनने को मिल रहा है। कटघोरावासियों की बात करे तो उन्होंने बताया कि इनके कार्यकाल से कटघोरावासी बेहद नाखुश दिखाई दिए अगर इनको टिकट मिलती है तो पार्टी को बड़ा  नुकसान हो सकता है। इसी कड़ी में कटघोरा के व्यवसायी दिनेश गर्ग, जो कि हमेशा लोगो से जुड़े हुए हैं। अपना पूरा जीवन पार्टी को समर्पित कर देने वाले मो.हनीफ जमीन से जुड़ कर पार्टी के लिए लगातार कार्यरत रहे हैं।

कांगेस की बात करे तो

इसी कड़ी में अगर कांग्रेस की बात करे तो कांग्रेस से बड़ी संख्या में बगावत हो सकती है। जब भी चुनाव में कांग्रेस की बात होती है तो कटघोरा से रतन मित्तल जोकि पूर्व में नपा अध्यक्ष रह चुके हैं और कटघोरा का विकास करने में बहुत बड़ा योगदान रहा था। अगर इनको कांग्रेस से टिकट मिलती है तो निश्चित रूप से जीत के आसार बन सकते हैं। जब राजनीति की बात आती है तो डॉ शेख इश्तियाक का नाम किसी से छुपा नही है लेकिन पार्टी में बगावत की वजह से हर बार चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इन सबके बीच अशरफ मेमन ने भी चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर की है यह एक ऐसा नाम है जो नगरवासियों के हितों के लिए हमेशा आगे रहते हैं।लालबाबू ठाकुर ने भी चुनाव में उतरने की तैयारी की है। राजीव लखनपाल का नाम भी सुनने की मिल रहा है। इनके बीच युकां नेता राज जायसवाल का नाम भी लोगों की जुबा पर है। इतना ही नहीं कांग्रेस से महिला के रूप में भावना जायसवाल ने भी टिकिट की मांग की है। लेकिन जनता तो जनार्दन है अब पार्टी किसको अपना उम्मीदवार बना कर मैदान में उतारती है ये तो समय ही बताएगा।
कटघोरा नगरीय निकाय चुनाव में बगावत का बिगुल बज चुका है,तनातनी का माहौल है। पार्टियों में बगावत को लेकर मनमुटाव की स्थिति देखी जा रही है।

 

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.