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पत्रकारों ने अपने विचारों और लेखनी से समाज को दी रचनात्मक दिशा : भूपेश बघेल

हर्षित शर्मा  | 14 Aug , 2020 03:25 PM
पत्रकारों ने अपने विचारों और लेखनी से समाज को दी रचनात्मक दिशा : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वरिष्ठ पत्रकार ईवी मुरली को 20वें वसुंधरा सम्मान से सम्मानित किया। स्वर्गीय देवी प्रसाद चौबे की स्मृति में स्थापित यह सम्मान विगत 20 वर्षों से लोकजागरण के लिए दिया जा रहा है। वसुंधरा सम्मान समारोह का आयोजन स्वर्गीय देवी प्रसाद चौबे की पुण्यतिथि के अवसर पर किया जाता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि स्वर्गीय चौबे सही मायने में ठेठ छत्तीसगढ़िया थे। सहज, सरल और मिलनसार स्वर्गीय चौबे ने हमेशा किसानों, मजदूरों और गरीबों के हित की लड़ाई लड़ी। उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए हर वर्ष पत्रकारों को वसुंधरा सम्मान प्रदान किया जाता है। उन्होंने न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र में ही कार्य किए अपितु दुर्ग जिले की राजनीति को भी प्रभावित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों ने देश और समाज के लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। अपने विचारों और अपनी लेखनी से उन्होंने समाज को रचनात्मक दिशा देने का काम किया है। ऐसे पत्रकारों का नाम देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता है। बहुत से लोग खबरों के लिए अखबारों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का सहारा लेते हैं, लेकिन हमारी वर्तमान पीढ़ी मोबाइल पर सोशल मीडिया को देखकर अपनी मानसिकता बनाती है। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए अनेक नियामक कानून हैं, लेकिन सोशल मीडिया के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। सोशल मीडिया के लिए न किसी प्रशिक्षण की जरूरत है और न किसी मर्यादा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों की नकारात्मक टिप्पणियां लोगों को हतोत्साहित करती हैं, इसीलिए अनेक अच्छे विचारक और संवेदनशील लोग ट्वीटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म को छोड़ रहे हैं। सोशल मीडिया से वर्तमान पीढ़ी दिग्भ्रमित हो रही है, इससे कैसे बचा जा सकता है, इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़खानी नहीं होनी चाहिए। यदि कोई इतिहास बनाता है, तो यह अच्छी बात है, लेकिन इतिहास बदलने की कोशिश दुर्भाग्य जनक है।

वसुंधरा सम्मान निर्णायक समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैयर ने कहा कि स्वर्गीय देवी प्रसाद चौबे ने उस भारतीय परम्परा का निर्वाह किया जिसमें राजनीति और पत्रकारिता एक साथ चला करते थे। वसुंधरा सम्मान से सम्मानित ई.वी. मुरली ने कहा कि महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह आंदोलन का जैसा व्यापक प्रभाव देश के स्वतंत्रता संग्राम में रहा, वैसे ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रारंभ की गई गोधन न्याय योजना के भी दूरगामी सकारात्मक प्रभाव पड़ेंगे। गोधन न्याय योजना ग्रामीण स्वावलम्बन की एक बड़ी योजना सिद्ध होगी। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, मंत्री गुरू रूद्र कुमार, विधायक मोहन मरकाम, स्वर्गीय देवीप्रसाद चौबे के पुत्र प्रदीप चौबे, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैयर सहित अन्य उपस्थित थे। संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन और श्री चतुर्भुज मेमोरियल फाउन्डेशन के सहयोग से लोकजागरण की पत्रिका वसुंधरा द्वारा इस समारोह का आयोजन किया गया।

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