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 छग राज्य के स्वपनदृष्टाओं का पूर्व मंत्री ने किया अपमान : नीलम चंद्राकर

वैभव चौधरी  | 26 Mar , 2020 09:16 PM
 छग राज्य के स्वपनदृष्टाओं का पूर्व मंत्री ने किया अपमान : नीलम चंद्राकर

धमतरी। विश्वविद्यालय का नाम बदलने का पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर द्वारा विरोध करने पर कुरुद के युवा नेता नीलम चंद्राकर ने उन्हें आड़े हाथों लिया है। नीलम चंद्राकर ने कहा कि स्व. चंदूलाल चंद्राकर व वासुदेव चंद्राकर पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्न दृष्टा थे, उनके द्वारा अथक प्रयास किए जाने का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राज्य की सौगात मिली। इन दोनों महान नेताओं के नाम पर विश्वविद्यालय का नाम रखने का जो फैसला मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के द्वारा लिया गया यह ऐतिहासिक फैसला है। सामाजिक व्यक्ति होने के बावजूद इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करने की बजाय पूर्व मंत्री व कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने विरोध किया। चंदूलाल चंद्राकर व वासुदेव चंद्राकर न सिर्फ समाज के लिए समर्पित होकर कार्य करते थे बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण व विकास में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे महान विभूतियों के नाम पर विश्विद्यालय के नामकरण का विरोध कर अजय चंद्राकर ने यह दर्शा दिया कि उनके लिए न समाज महत्व रखता है, न ही लोगों की जनभावना उनके लिए महत्व रखती है, बल्कि सिर्फ घटिया राजनीति करना ही महत्व रखता है। इसलिए उन्होंने विश्वविद्यालय नामकरण का विरोध कर दोनों महान विभूतियों का अपमान किया है। नीलम चन्द्राकर ने बताया कि कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय का नाम चंदूलाल चंद्राकर तथा कामधेनु विश्वविद्यालय का नाम वासुदेव चंद्राकर के नाम पर करने का सरकार ने निर्णय लिया है। इन दोनों नेताओं की बड़ी शख्सियत के नाम पर विश्वविद्यालय का नाम  रखकर शासन ने उन्हें सम्मान दिया है जो घटिया राजनीति करने वाले समाज के ही व्यक्ति को नागवार गुजर रहा है। 

 

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