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विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने समझाया HEIGHT का असली अर्थ

विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने समझाया HEIGHT का असली अर्थ

रायपुर। हंगामेदार सत्र के बाद सदन थोड़ा शांत हुआ है। आज यानि मंगलवार को विधानसभा में बजट पर सामान्य चर्चा शुरू हुई। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आज सदन में राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री ने कल अपने बजट में जिस ऊंचाई HEIGHT का उल्लेख किया है वह उनके सलाहकारों और अधिकारियों के द्वारा उनको भ्रम में रखने वाली ऊंचाई है, जबकि राज्य की जनता के इस ऊंचाई HEIGHT का असली अर्थ है। उन्होंने कहा कि H – Hollow यह पूरी तरह खोखला बजट है, जनता के कल्याण, राज्य के आर्थिक विकास के बारे में मौन है। E – Exclusionary प्रदेश के बड़े वर्ग को यह बजट छोटा नहीं है, गरीब, युवा, बेरोजगार, महिला, अनुसूची जाति और जनजाति वर्ग बजट प्रावधान से अछूता है। I – Imperfect बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने केवल पिछले साल के बजट में आंकड़े बदलकर पेश कर दिया है, सरकार की नीति और कार्ययोजना का अभाव इस बजट में दिखाई दे रहा है, इस बजट में शरीर को सुंदर दिखाया गया है। लेकिन मन और आत्मा नदारद है। G – Governance Guilt यह बजट सरकार के प्रशासनिक व्यय के बढ़ते भार का पोल खोलता है,  

जो वित्तीय अनुशासन प्रदेश के पहले वित्तमंत्री स्व रामचंद्र सिंहदेव ने बनाया था। उनकी पार्टी की सरकार उसे भंग कर रही है। प्रशासन पर खर्च बढ़ाने के बाद भी प्रदेश की जनता सुशासन को तरस रही है, कानून व्यवस्था पूरे प्रदेश में ध्वस्त हो चुकी है। जनता के जान माला की रक्षा करने में सरकार विफल है। हत्या, लूट, बलात्कार, अपहरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऊपर से कार्यालयों में काम नहीं हो रहा, भ्रष्टाचार से आम जनता परेशान हो गई है। H – Horror प्रस्तुत बजट के आंकड़े अब डराने लगे हैं, राजकोषीय स्थिति सरकार के बेकाबू होते दिख रही है, ऐसे में जल्दी वह स्थिति आएगी जब सरकार के पास अपने कर्मचारियों, अधिकारियों को वेतन देने के पैसे नहीं रहेंगे, जनकल्याण और विकास की योजनाओं पर इसका असर पड़ने लगा है। T – Terrible, very Unpleasant- यह बजट किसी वर्ग को संतुष्ट करने वाला नहीं है। किसानों को चुनावी घोषणा पत्र के वायदों का लाभ नहीं मिल रहा, बेरोजगारों युवाओं से धोखा कर रही सरकार, शराब बंदी के वायदे को भूलकर शराब की आमदनी से सरकार चल रही है।

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