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भाजपा के भात पर बात और खेत सत्याग्रह को किसानों ने दिखाया ठेंगा : कांग्रेस

राहुल चौबे  | 22 Nov , 2020 08:56 PM
भाजपा के भात पर बात और खेत सत्याग्रह को किसानों ने दिखाया ठेंगा : कांग्रेस

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के किसान हितैषी कार्यों से छत्तीसगढ़ के किसान खुशहाल हुए हैं। किसानों के कर्ज माफी का लाभ, 20 लाख किसान परिवार को मिला बिजली बिल हाफ, धान की कीमत 2500 रुपए क्विंटल एवं राजीव गांधी न्याय योजना के जरिये मक्का और गन्ना उत्पादक किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रुपए राशि मिलने से छत्तीसगढ़ खुशहाल हुआ है। भाजपा निरन्तर किसान विरोधी कृत्यों में लगी हुई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के छवि खराब करने भाजपा षड्यंत्र प्रपंच  झूठे एवं मनगढ़ंत आरोप लगाकर किसानों को बरगलाने का प्रयास कर रही है। भाजपा द्वारा किसानों को बरगलाने चलाएंगे भात पर बात और वर्तमान में खेत सत्याग्रह को किसानों ने ठेंगा दिखा दिया। भाजपा के राजनीतिक नौटंकी को किसानों का समर्थन नहीं मिला। छत्तीसगढ़ के किसान भली-भांति समझ गए हैं यह वही भाजपा है जो 15 साल तक राज्य में सत्ता में रही लेकिन धान को रखने के लिए चबूतरा और गोदाम का निर्माण नहीं कर पाई।

वादे के अनुसार किसानों को 2100 रुपए धान की कीमत और 300 रुपए क्विंटल बोनस पांच साल तक नहीं दिया।धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद रमन भाजपा का 15 साल का शासन काल धान के कटोरा, अन्नदाता और अन्न के लिए आपदा से कम नहीं था। उस दौरान किसानों के ऊपर बेइंतिहा अत्याचार हुए खेत के लिए पानी मंगने वालों पर लाठी बरसाई गई, किसानों का शोषण किया गया।धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि रमन भाजपा यदि किसानों से किए वादे को पूरा करते तो छत्तीसगढ़ के 20 लाख किसान कर्ज से दबे हुए नही होते। 15 हजार किसानों की आत्महत्या की घटनाएं नहीं होती। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार किसानों को धान की कीमत 2500 रुपए क्विंटल दे रही है। 21 लाख से अधिक किसानों से धान की खरीदी की जाएगी। ऐसे में किसान विरोधी भाजपा और भाजपा के नेता मोदी सरकार के तीन किसान विरोधी काले कानून से जनता का ध्यान हटाने के लिए छत्तीसगढ़ में किसानों के धान खरीदी के नाम से राजनीति कर रहे हैं  किसानों के शुभचिंतक होने का ढोंग कर रहे हैं। भाजपा के किसान विरोधी चरित्र से छत्तीसगढ़ी नहीं पूरे देश भर के किसान वाकिफ हो चुके हैं।

 

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