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दिल्ली की सड़कों पर उतर आए थे दो भारत, एक में कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति नजर आई तो दूसरे में हिंसा उपद्रव व अधिकार

यामिनी दुबे  | 26 Jan , 2021 09:04 PM
दिल्ली की सड़कों पर उतर आए थे दो भारत, एक में कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति नजर आई तो दूसरे में हिंसा उपद्रव व अधिकार

दिल्ली/रायपुर। दिल्ली के लिए आज का दिन यादगार भी रहेगा और दिल्ली के इतिहास पर कलंक के रूप में भी जाना जाएगा। गणतंत्र दिवस पर एक और राजपथ पर पूरा भारत उतर आया था। वह भारत अपनी प्रगति की कहानी कह रहा था। वह भारत अपनी राष्ट्रभक्ति और कर्तव्य के किस्से बयां कर रहा था। वह भारत अपने राज्यों की उपलब्धियों का बयान कर रहा था। वह भारत जो बहादुरी और शौर्य का गर्व से परचम लहरा रहा था। वह भारत जिस पर सारी दुनिया गर्व कर रही थी। वह भारत जिसको देखकर दुश्मन के हौसले पस्त हो जाते हैं। वह भारत जिसकी धमक से दुश्मनों की रूह कांप जाती हैं और यह एक भारत उतरा था दिल्ली में तो दूसरी ओर एक और भारत उतरा था सड़को पर। जहां था सिर्फ उपद्रव हंगामा और हिंसा। राष्ट्रभक्ति का कहीं अता पता नहीं था। राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान करते हुए लोग नजर आए। जहां स्वार्थ सर्वोपरि था। जहां छुपा हुआ राजनीतिक मुद्दा नजर आया। जहां अराजकता थी। जहां राष्ट्रीय सम्मान तिरंगे को नीचा दिखाने की साजिश भी नजर आई। जहां नजर आया सिर्फ और सिर्फ सरकार के खिलाफ एक साजिश के तहत हंगामा करते लोग। दो दो भारत उतरे थे आज दिल्ली की सड़कों पर। दोनों ही इतिहास में दर्ज हो गए है। एक गौरव के लिए दूसरा कलंक के लिए।

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