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नाॅनबजटेड कार्यो में होगा डीएमएफ का उपयोग : प्रभारी मंत्री टीएस सिंहदेव

अमर केशरवानी  | 11 Sep , 2019 04:40 PM
नाॅनबजटेड कार्यो में होगा डीएमएफ का उपयोग : प्रभारी मंत्री टीएस सिंहदेव

जांजगीर-चांपा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं जिले के प्रभारी टीएस सिंहदेव ने कहा कि डीएमएफ मद का उपयोग केवल नाॅनबजटेड कार्यो के लिए किया जायेगा। शासकीय योजनाओं के गेप की फिलिंग के लिए इस फंड का उपयोग किया जायेगा। जिला खनिज न्यास मद के सदस्यों से चर्चा कर प्राथमिकता के आधार पर कार्य स्वीकृत किये जाएंगे। बड़े एवं दीर्घकालीन कार्यो के लिए तीन अथवा पांच साल की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। प्रभारी मंत्री सिंहदेव ने उक्त बाते बुधवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जिला खनिज न्यास मद के शासी परिषद की बैठक में कही। शासी परिषद के सदस्यों द्वारा कुल 140 करोड़ रूपये के कार्यो का अनुमोदन किया गया।

बैठक में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डाॅ.चरणदास महंत, जांजगीर-चांपा विधायक नारायण प्रसाद चंदेल, जैजैपुर विधायक केशव चन्द्रा, चन्द्रपुर विधायक रामकुमार यादव, पामगढ़ विधायक इन्दु बंजारे, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदकिशोर हरबंश, नगर पालिका चांपा के अध्यक्ष राजेेश अग्रवाल, सक्ती नगर पालिका के अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक पारूल माथुर सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर जनकप्रसाद पाठक एवं जिला पंचायत के सीईओ तीर्थराज अग्रवाल ने डीएमएफ से संबंधित प्राप्त प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि डीएमएफ मद के लिए राज्य सरकार के नये निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जायेगा। न्यास द्वारा संपादित कार्यों की सोशल आडिट एवं महालेखाकार आडिट कराई जाएगी। जिले के 234 गांव खदानों से प्रत्यक्ष प्रभावित हैं एवं 648 गांवों को अप्रत्यक्ष प्रभावित गांव की श्रेणी में रखा गया है। कुल बजट का 50 प्रतिशत राशि प्रत्यक्ष प्रभावित गांवो में और 50 प्रतिशत राशि अप्रत्यक्ष प्रभावित गांवों में उपयोग किया जायेगा। विशेष परिस्थिति में शासी परिषद् के पूर्वानुमोदन से प्रत्यक्ष प्रभावित का 10 प्रतिशत राशि अप्रत्यक्ष क्षेत्र में व्यय किया जा सकेगा। प्रभारी मंत्री सिंहदेव ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार कुल बजट का 60 प्रतिशत उच्च प्राथमिकता क्षेत्र में एवं 40 प्रतिशत अन्य प्राथमिकता वाले कार्यों पर व्यय किया जाना है। प्रभारी मंत्री ने बड़ी संख्या में जिले के युवाओं का सेना में चयन होने पर प्रशंसा की। युवाओं के सेना में भर्ती के प्रति रूचि को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशिक्षण के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र प्रारंभ करने के लिए भी प्रस्ताव रखा गया।

कौशल विकास से प्रशिक्षित युवाओं को प्राथमिकता के साथ स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने एवं अन्य रोजगार में नियोजित करने के लिए डीएमएफ मद का उपयोग करने पर भी चर्चा की गई। जिले के असिंचित क्षेत्रों में सिचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नये पम्प कनेक्शन, काडा नाली निर्माण आदि के भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। इसके अलावा शासन की योजना से वंचित दिव्यांगों को प्राथमिकता के अनुसार कृत्रिम अंग उपलब्ध करवाने के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने कहा गया। खिलाड़ियों की रूचि के अनुसार जिला मुख्यालय में खेल अकादमी गठन करने पर भी चर्चा की गई।

 

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