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कोरोनिल इतनी प्रभावकारी है तो टीकाकरण पर क्यों खर्च किए जा रहे 35 हजार करोड़ रुपए : विकास उपाध्याय 

रविशंकर शर्मा  | 23 Feb , 2021 10:17 PM
कोरोनिल इतनी प्रभावकारी है तो टीकाकरण पर क्यों खर्च किए जा रहे 35 हजार करोड़ रुपए : विकास उपाध्याय 

रायपुर। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय ने बाबा रामदेव की कंपनी पर कोरोना के बचाव के लिए कोरोनिल को दो-दो केन्द्रीय मंत्रियों की उपस्थिति में लॉन्च कर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है। न ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे किसी तरह की मंजूरी दी है और न ही कोरोना के लिए इसे इस्तमाल करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि अगर कोरोनिल कोरोना से बचाव में इतनी प्रभावशाली है, तो मोदी सरकार टीकाकरण पर 35 हजार करोड़ रुपए क्यों खर्च कर रही है? उन्होंने कहा है कि केन्द्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन स्वयं एक आधुनिक मेडिसीन डॉक्टर हैं। नियम यह कहता है कि कोई भी डॉक्टर किसी दवा को प्रमोट नहीं कर सकता।  केन्द्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की ओर से कोरोनिल दवा को प्रमोट किया जाना मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के कोड ऑफ कंडक्ट का सीधा-सीधा उल्लंघन है।

बाबा रामदेव इस दवा के पक्ष में जिस तरह से 154 देशों में मान्यता मिलने की बात कह कर विश्व स्वास्थ्य संगठन का हवाला दिया था वह पूरी तरह से निराधार व झूठ साबित हुआ। इसके बावजूद भारत सरकार की ओर से 48 घंटे बाद भी किसी तरह का बाबा रामदेव के खिलाफ एक्शन न लिया जाना कई संदेहों को जन्म देता है। जबकि डब्ल्यूएचओ के साउथ-ईस्ट एशिया के आधिकारीक ट्विटर हैंडल पर लिखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 के इलाज के लिए किसी भी पारंपरिक दवा के प्रभाव की समीक्षा नहीं की है। न ही किसी दवा को प्रमाणित किया है।  इस तरह से डब्ल्यूएचओ ने स्वयं इस दावे का खंडन कर स्पष्ट कर दिया है कि कोरानिल को लेकर उसने कोई मान्यता नहीं दी है।

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