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किसान मूल्य अध्यादेश को राज्य में लागू करने की मांग का कांग्रेस ने किया विरोध

रविशंकर शर्मा  | 25 Jun , 2020 04:57 PM
किसान मूल्य अध्यादेश को राज्य में लागू करने की मांग का कांग्रेस ने किया विरोध

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने किसानों के लिए केंद्र की ओर से लाए गए किसान मूल्य अध्यादेश को राज्य में लागू करने मांग की थी। इस मांग का कांग्रेस ने विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि मोदी को खुश करने रमन किसान विरोधी अध्यादेश लागू करने की मांग कर रहे हैं। इस अध्यादेश को लागू करने की मांग की अकुलाहट से एक बार फिर से भाजपा और रमन सिंह का किसान विरोधी चेहरा सामने आया है। केंद्र सरकार का अध्यादेश किसान मूल्य आश्वासन और खेत पर समझौता सेवाएं अध्यादेश मूलत: किसान विरोधी है। यह अध्यादेश बिचौलियों और मुनाफाखोरों को प्रोत्साहन देने वाला है। इस अध्यादेश से मंडी व्यवस्था नष्ट  हो जाएगी। शुक्ला ने कहा है कि मंडी में किसानों को उनके उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने को सुनिश्चित करने का प्रावधान है। मंडी में पंजीकृत व्यापारी ही किसानों से उनकी उपज खरीद सकते हैं। नए अध्यादेश में कोई भी पेनकार्डधारी व्यक्ति किसान से खरीदी कर सकता है। इस  अध्यादेश के बाद किसान को उसके उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए कोई भी प्रावधान नहीं है।

इस परिस्थिति में किसान शोषण का शिकार होंगे। यह किसानों को बाजार के जोखिम के अधीन सौपने की साजिश है। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला आरोप लगाया है कि इस अध्यादेश के साथ ही लाया गया दूसरा अध्यादेश तो छोटे मंझोले किसानों को बर्बाद कर बड़े कॉरपेट सेक्टर को खेत ठेके में सौंपने का षड्यंत्र है। नए कानून में कंपनिया किसानों से उनके खेत ठेके पर लेकर खेती कर सकेंगी। किसानों से ठेके पर खेत लेने वाली कंपनिया किसानों को बराबर का पार्टनर रखेगी। उनको मुनाफे का बराबर हिस्सा देगी। इस भागीदारी पर अध्यादेश मौन है। इस कानून के माध्यम से किसानों को उनकी ही जमीनों पर मजदूर बनाने की तैयारी की जा रही है। भाजपा और मोदी ने वायदा तो 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने का किया था, लेकिन हकीकत में किसानों को उनके खेती किसानी से बेदखल करने के लिए कानून बना रहे हैं।

 

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